Sansar डेली करंट अफेयर्स, 20 April 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 20 April 2020


GS Paper 1 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.

Topic : National List of Intangible Cultural Heritage (ICH) of India

संदर्भ

केंद्रीय संस्कृ्ति मंत्रालय ने हाल ही में अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (Intangible Cultural Heritage – ICH) की राष्ट्रीय सूची जारी की. विदित हो कि इस सूची का लक्ष्य भारत के विविध राज्यों की अमू‍र्त सांस्कृतिक विरासत परम्पराओं के बारे में जागरूकता फैलाना है.

अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत का संरक्षण करने संबंधी यूनेस्‍को के 2003 अभिसमय का अनुसरण करते हुए इस सूची को मोटे तौर पर पांच क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिनमें अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत अभिव्‍यक्‍त होती है:-

  • अमूर्त सांस्‍कृतिक विरासत के वाहक के तौर पर भाषा सहित मौखिक परंपराएं और अभिव्यक्तियां;
  • प्रदर्शन कलाएं;
  • सामाजिक प्रथाएं, रीति-रिवाज और उत्सव घटनाक्रम;
  • प्रकृति और विश्व‍ से संबंधित ज्ञान तथा प्रथाएं;
  • पारंपरिक शिल्पकारिता

UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची

  • यह एक प्रतिष्ठित सूची है जिसमें अमूर्त धरोहरें शामिल होती हैं और जो सांस्कृतिक विरासत की विविधता को दिखलाती है एवं इसके महत्त्व के बारे में जागरूकता पैदा करती है.
  • उल्लेखनीय है कि यह पहल संस्कृति मंत्रालय के विज़न 2024 (Vision 2024) का एक हिस्सा भी है.
  • यह सूची 2008 में पहली बार बनी थी जब अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षा संधि लागू हुई थी.
  • इस सूची के दो भाग हैं – i) अमूर्त मानव सांस्कृतिक धरोहर की सूची जो किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है ii) ऐसी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर जिनको तुरंत सुरक्षित करने की आवश्यकता है.
  • अब तक इस राष्ट्रीय सूची में 100 से अधिक अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) परंपराओं और तत्त्वों को शामिल किया गया है, इसमें भारत की 13 अमूर्त सांस्कृतिक विरासतें भी शामिल हैं जिन्हें यूनेस्को (UNESCO) ने मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप मान्यता दी है.

भारत की भी कुछ अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरें इस सूची में देखी जा सकती हैंजैसे – 

  1. वैदिक मन्त्रोच्चार परम्परा.
  2. रामलीला
  3. कुटियाट्टम, संस्कृत नाटक
  4. गढ़वाल का रामन धार्मिक उत्सव एवं पारम्परिक नाटक
  5. केरल का मुडीयेट्टु नामक पारम्परिक नाटक और नृत्य नाटिका
  6. राजस्थान का कालबेलिया लोक नाटक एवं नृत्य
  7. ओडिशा का छऊ नृत्य
  8. लद्दाख का बौद्ध मन्त्रोच्चार
  9. मणिपुर का संकीर्तन नामक परम्परागत गायन, ढोलवादन एवं नृत्य.
  10. पंजाब के जंडियाला गुरु के ठठेरों द्वारा पारम्परिक पीतल और ताम्बे के बर्तन बनाने की कला
  11. योग
  12. नवरोज़
  13. कुम्भ मेला

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions aimed at development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Government amends the extant FDI policy

संदर्भ

सरकार ने कोविड-19 महामारी के बीच अनुकूल मौका देखते हुए घरेलू कंपनियों के अधिग्रहण की किसी भी प्रयास पर रोक लगाने के लिए भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से आने वाले विदेशी निवेश के लिये सरकारी स्वीकृति को अनिवार्य बना दिया. इस कदम से चीन सहित विभिन्न भारतीय पड़ोसी देशों से आने वाले प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में अवरोध उत्पन्न होगा. 

विदित हो कि भारत के साथ जमीनी सीमाएं साझा करने वाले देशों में चीन, बांग्लादेश, पाकिस्तान, भूटान, नेपाल, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं.

पृष्ठभूमि

DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) की ओर से निर्गत प्रतिवेदन के अनुसार, सरकार ने वर्तमान परिस्थितियों ( COVID-19 महामारी के कारण) में अवसरवादी अधिग्रहण (कंपनी को जबरन खरीदना) या भारतीय कंपनियों के अधिग्रहण पर अंकुश लगाने के लिए FDI नीति में परिवर्तन किया है.

क्या परिवर्तन किये गये हैं?

  • भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों के निकाय अब यहां केवल सरकार की स्वीकृति के बाद ही निवेश कर सकते हैं.
  • भारत में होने वाले किसी निवेश के लाभार्थी भी यदि इन देशों से होंगे या इन देशों के नागरिक होंगे, तो ऐसे निवेश के लिए भी सरकारी स्वीकृति लेने की आवश्यकता होगी.
  • पाकिस्तान के निवेशकों पर इस तरह की शर्त पहले से लागू है. पाकिस्तान का कोई नागरिक अथवा पाकिस्तान में बनी कोई भी कंपनी केवल सरकारी स्वीकृति के माध्यम से ही प्रतिबंधित क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं. रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा और कुछ अन्य क्षेत्रों में विदेशी निवेश प्रतिबंधित है.

प्रभाव

अब चीन समेत सभी पड़ोसी देशों को भारत में निवेश के लिए स्वीकृति लेनी होगी. कंपनियों के प्रबंधन नियंत्रण पर प्रभाव पड़ने वाले विदेशी निवेश के लिए स्वीकृति आवश्यक है. अगर सरकार की ओर से तय कर दिया जाता है कि किस क्षेत्र (sector) में एफडीआई की सीमा कितनी होगी, तो विदेश की कोई कंपनी सीधे भारत की किसी कंपनी या किसी सेक्टर में पैसे लगा सकती है.

विदित हो कि हाल ही में जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, स्पेन, इटली आदि देशों ने भी एफडीआई पर सख्ती करने का निर्णय लिया है. यह कदम विभिन्न देशों द्वारा कोरोना के कारण अवसरवादी निवेश रोकने के लिए उठाया गया है. 

FDI क्या है?

  • FDI का का पूरा नाम है – Foreign Direct Investment.
  • सरल शब्दों में कहें तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी विदेश की कोई कंपनी भारत की किसी कंपनी में सीधे पैसा लगा दे. जैसे वॉलमार्ट ने हाल ही में फ्लिपकार्ट में पैसा लगाया है तो यह एक सीधा विदेशी निवेश है. भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें विदेशी कंपनियां भारत में पैसा नहीं लगा सकती हैं.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Islamophobia and OIC

संदर्भ

इस्लामी सहयोग संगठन (OIC) ने भारत में मुसलमानों की स्तिथि पर चिंता जताते हुए भारत में अपने मुस्लिमों और उनके अधिकारों के खिलाफ तुरंत कदम उठाने को की बात कही थी. उसने कहा था कि भारत इस्लामोफोबिया (इस्लाम विरोधी घृणा) मामलों को रोके. इस विषय में पाकिस्तान के प्रधानमन्त्री ने भी भारत सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि वहाँ जानबूझ कर मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है.

इस्लामी सहयोग संगठन (OIC)  क्या है?

  • यह विश्व के सभी इस्लामी देशों का एक संगठन है.
  • संयुक्त राष्ट्र संघ के बाद यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है.
  • इस संगठन की स्थापना 1969 में हुई थी.
  • आज इसमें सदस्य देशों की संख्या 57 है.
  • इसका मुख्यालय जेद्दासऊदी अरब में है.
  • OIC का एक-एक प्रतिनिधिमंडल स्थाई रूप से संयुक्त राष्ट्र संघ और यूरोपियन यूनियन में प्रतिनियुक्त है.
  • इस संगठन का उद्देश्य इस्लामी विश्व की सामूहिक आवाज के रूप में काम करना तथा मुसलमानों के हितों की रक्षा करना है.
  • निर्गुट आन्दोलन (Non-Aligned Movement – NAM) के समान यह संगठन भी एक दन्तविहीन बाघ है जो सदस्य देशों के बीच होने वाले मसलों पर कुछ नहीं कर पाता.

OIC का भारत के लिए महत्त्व

  • भारत का यह दावा रहा है कि उसे भी इस संगठन का एक सदस्य बनाया जाए क्योंकि भारत में मुसलमानों की आबादी कई देशों की तुलना में अधिक है.
  • OIC के बहुत से देशों के साथ भारत के महत्त्वपूर्ण व्यापारिक रिश्ते हैं इस संगठन में भारत की सदैव रूचि रही है. पिछली बैठक में भारत को OIC की बैठक में एक सम्मानित अतिथि के रूप में आमंत्रित भी किया गया था.
  • परन्तु पिछले दिनों हुई बैठक में OIC भारत के हितों को दरकिनार करते हुए कश्मीर से भी एक प्रतिनिधि को आमंत्रित किया जिसका भारत की ओर से कठोर प्रतिरोध हुआ.

आगे की राह

यदि अन्य देशों से तुलना की जाए तो भारत भारतीय मुसलमानों के लिए यह देश स्वर्ग के जैसा है. भारत में मुसलमानों के अधिकार सुरक्षित हैं. भारत में किसी भी स्थिति में ‘अनेकता में एकता’ की ताकत भारत में कमजोर नहीं हो सकती है. कुछ लोग गलत खबरें और अफवाहें फैला कर भारत के अंदरूनी मामलों का दुष्प्रचार कर रहे हैं. हमें ऐसी ताकतों को हराना होगा.


GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Infrastructure- energy.

Topic : Draft Electricity Act (Amendment) Bill, 2020

संदर्भ

देश की अर्थव्यवस्था में निरंतर वृद्धि के लिए सस्ती कीमत पर बिजली आपूर्ति की आवश्यकता और बिजली क्षेत्र के उत्तरोत्तर विकास के मद्देनजर ऊर्जा मंत्रालय ने विद्युत अधिनियम (संशोधन) विधेयक-2020 के लिए मसौदा निर्गत किया है.

  • विद्युत अधिनियम, 2003 में संशोधन के लिए मसौदा प्रस्ताव जारी किया गया. मसौदे पर टिप्पणी अथवा सुझाव के लिए हितधारकों से 21 दिन के भीतर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं.
  • विद्युत अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के मसौदे में लागत, चिंतनशील शुल्क, अप्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, विद्युत संविदा प्रवर्तन प्राधिकरण की स्थापना, पर्याप्त भुगतान सुरक्षा तंत्र की स्थापना, अपीलीय न्यायाधिकरण की सुदृढता, राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा नीति, उर्जा क्षेत्र में सीमा पारीय व्यापार आदि व्यवस्था जैसे तथ्यों को सम्मिलित किया गया है.

विद्युत अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन

विद्युत वितरण कंपनियों (DISCOMs) की वैधता

  1. लागत आधारित दर (कॉस्ट रिफ्लेक्टिव टैरिफ): कुछ आयोगों की नियामकीय संपदाएं उपलब्ध कराने की प्रवृत्ति को दूर करने के लिए प्रावधान किया जा रहा है कि आयोग स्वयं इस प्रकार टैरिफ तय करेंगे जिनसे लागत का पता चलता है, जिससे DISCOMs अपनी लागत की वसूली करने में सक्षम हो जाएं.
  2. प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण: प्रस्ताव किया जाता है कि आयोगों द्वारा सब्सिडी को शामिल किए बिना टैरिफ तय किया जाए. सब्सिडी सरकार द्वारा सीधे ग्राहकों को उपलब्ध कराई जाएगी.

अनुबंधों की बाध्यता

  • विद्युत अनुबंध प्रवर्तन प्राधिकरण की स्थापनाउच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक केन्द्रीय प्रवर्तन प्राधिकरण की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है. इसके पास उत्पादक, वितरण या पारेषण कंपनियों के बीच बिजली की खरीद या बिक्री या पारेषण से संबंधित अनुबंधों को लागू कराने के लिए दीवानी अदालत के अधिकार होंगे.
  • बिजली की आपूर्ति कार्यक्रम के लिए पर्याप्त भुगतान सुरक्षा तंत्र की स्थापना: अनुबंधों के तहत बिजली की आपूर्ति की शिड्यूलिंग से पहले पर्याप्त भुगतान सुरक्षा तंत्र की निगरानी के लिए विद्युत् लोड को प्रेषित करने वाले  केंद्रों को सशक्त बनाने का प्रस्ताव किया गया है. 

नियामकीय व्यवस्था को सुदृढ़ता प्रदान करना

  1. अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) को सुदृढ़ बनाना: अध्यक्ष के अतिरिक्त एपीटीईएल की क्षमता को बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे मामलों के त्वरित निस्तारण को आसान बनाने के लिए कई पीठ की स्थापना की जा सके. 
  2. कई चयन समितियों की व्यवस्था को खत्म करना: केंद्रीय व राज्य आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के चयन के लिए एक चयन समिति का प्रस्ताव किया गया है. साथ ही केंद्रीय और राज्य विद्युत विनियामक आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के लिए एक समान पात्रताओं का भी प्रस्ताव किया गया है.
  3. जुर्माना : विद्युत अधिनियम के प्रावधानों और आयोग के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के क्रम में ज्यादा जुर्माने की व्यवस्था के लिए विद्युत अधिनियम की धारा 142 और 146 में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है.

अक्षय और पनबिजली

  • राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा नीति: ऊर्जा के अक्षय स्रोतों से बिजली के उत्पादन के विकास और प्रोत्साहन के लिए एक नीति दस्तावेज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है. आयोगों द्वारा उर्जा के पनबिजली स्रोतों से बनी बिजली की न्यूनतम प्रतिशत खरीद का उल्लेख करने का भी प्रस्ताव किया गया है.
  • जुर्माना: अक्षय और/या ऊर्जा के पनबिजली स्रोतों से बनी बिजली खरीदने की बाध्यता पूरी नहीं करने वालों पर जुर्माना लगाए जाने का प्रस्ताव किया जा रहा है.

मिश्रित

  1. विद्युत में सीमा पार व्यापार: दूसरे देशों के साथ बिजली में व्यापार को सरल बनाने और विकसित करने के प्रावधान किए गए हैं.
  2. फ्रेंचाइजी और उप- वितरण लाइसेंसी : कई राज्य वितरण कंपनियों को एक खास क्षेत्र में विद्युत वितरण का काम फ्रेंचाइजी/ उप-वितरण लाइसेंसियों को दिया गया है. वितरण कंपनियों के लिए यह प्रस्ताव किया जाता है कि यदि वे चाहें तो उनकी ओर से किसी विशेष क्षेत्र में आपूर्ति के लिए फ्रेंचाइजी या उप-वितरण लाइसेंसियों को जोड़ सकती हैं. हालांकि यह डिस्कॉम के ऊपर होगा कि वे किसे लाइसेंसी चुनती हैं. इसलिए, वे ही उस आपूर्ति क्षेत्र में बिजली का गुणवत्तापूर्ण वितरण सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगी.

Prelims Vishesh

What are Primordial Black Holes (PBH)? :-

  • वैज्ञानिकों का कहना है कि हॉट बिग बैंग के समय कई प्रीमोर्डियल ब्लैक होल (PBH) बने थे.
  • ये ब्लैक होल ध्वस्त होते हुए विकिरणों के परिणाम थे.
  • ये ब्लैक होल 3,000 किलोमीटर के आकर के भी हो सकते हैं और एक अणु के नाभिक जितने छोटे भी हो सकते हैं.

What is a virosome? :-

  • विरोसम वे विषाणु होते हैं जो कणों के समान आवरणयुक्त होते हैं. ये आवरण लिपिड पर आधारित वाहक (lipid-based carriers) का काम करते हैं.
  • इनमें सक्रिय फ्यूज़न विषाणु-युक्त प्रोटीन के साथ-साथ प्राकृतिक विषाणु के प्रोटीन की प्राकृतिक झिल्ली होती है.
  • विरोसोम में nucleocapsid नहीं होता है और इनमें मूल विषाणु का आनुवंशिक पदार्थ भी नहीं होता है. इस कारण ये अपनी संख्या बढ़ा नहीं पाते हैं, परन्तु संक्रमण या रोग उत्पन्न कर सकते हैं.

What is wormivet? :-

  • वोर्मीवेट एक स्वदेशी वानस्पतिक औषधि है जिसका निर्माण भारतीय राष्ट्रीय नवाचार फाउंडेशन (National Innovation Foundation India – NIF) ने किया है.
  • इसका प्रयोग मवेशियों में होने वाले कीड़ों को दूर करने में किया जायेगा.
  • विदित हो की इस काम के लिए रसायनों का प्रयोग होता है.

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