Sansar डेली करंट अफेयर्स, 19 November 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 19 November 2019


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : Social Awareness and Action to Neutralise Pneumonia Successfully (SAANS)

संदर्भ

गुजरात सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक अभियान चलाया है जिसका नाम “SAANS” है. SAANS का पूरा नाम है – “निमोनिया को सफलतापूर्वक समाप्त करने के लिए सामाजिक जागृति और कार्रवाई”/Social Awareness and Action to Neutralize pneumonia Successfully”

उद्देश्य

  • निमोनिया से होने वाली बाल मृत्यु को घटाना. ज्ञातव्य है कि प्रतिवर्ष पाँच वर्ष से नीचे के बच्चों में 15% मृत्यु निमोनिया से होती है.
  • जनसाधारण को अपने बच्चों को निमोनिया से बचाने की प्रेरणा देना और इस रोग के प्राथमितापूर्वक उपचार के लिए स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य हितधारकों को प्रशिक्षित करना.

SAANS कार्यक्रम के मुख्य तत्त्व

  • निमोनिया से ग्रस्त बच्चे को सबसे पहले आशाकर्मी एमोक्सीसिलिन नामक एंटी-बायोटिक की एक रेफेरल-पूर्व खुराक देंगी. विदित हो कि एक्रेडिटेड सोशल हेल्थ एक्टिविस्ट कर्मियों को आशाकर्मी कहा जाता है.
  • बच्चे के रक्त में ऑक्सीजन के स्तर में कमी को जानने के लिए स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्र प्लस ओक्सीमीटर का प्रयोग कर ऑक्सीजन संपृक्ती (oxygen saturation) की जानकारी लेंगे और यदि आवश्यकता हुई तो ऑक्सीजन सिलिंडर लगाकर बच्चे का उपचार करेंगे.
  • स्तनपान, वय के अनुसार उचित पूरक आहार, टीकाकरण आदि जैसे निमोनिया की रोकथाम के कारगर उपायों के विषय में जन साधारण में एक जागृति अभियान चलाया जाएगा.

GS Paper 2 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : India and its neighbourhood- relations.

Topic : India’s free trade agreements with ASEAN

संदर्भ

आसियान के साथ भारत ने जो मुक्त व्यापार समझौते किये हैं उनके विषय में विश्लेषण कर एक प्रतिवेदन प्रकाशित हुआ है. यह प्रतिवेदन वाणिज्य एवं उद्योग के PHD चैम्बर ने तैयार किया है.

मुख्य निष्कर्ष

  • आसियान के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते से भारत को कुल मिलकर घाटा ही हुआ.
  • जब से ये समझौते हुए हैं भारत का व्यापार घाटा बढ़ता ही चला गया.
  • आसियान देशों को भारत ने जितना निर्यात किया उससे थोड़ा ही कम निर्यात उन देशों को हुआ जिनके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं था.
  • दूसरी ओर, आसियान देशों के साथ भारत का आयात बहुत अधिक बढ़ गया जिसके कारण व्यापार घाटा हुआ.

आसियान क्या है?

  • ASEAN का full-form है – Association of Southeast Asian Nations.
  • ASEAN का headquarters जकार्ता, Indonesia में है.
  • इसकी स्थापना 8 अगस्त, 1967 को थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में हुई थी.
  • इसका Motto है – “One Vision, One Identity, One Community” अर्थात् एक सोच, एक पहचान, एक समुदाय.
  • आसियान में 10 सदस्य देश (ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड और वियतनाम) हैं और 2 पर्यवेक्षक देश हैं (Papua New Guinea और East Timor).
  • ASEAN देशों की साझी आबादी 64 करोड़ से अधिक है जो कि यूरोपियन यूनियन से भी ज्यादा है.
  • अगर ASEAN को एक देश मान लें तो यह दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है.
  • इसकी GDP 28 हजार करोड़ डॉलर से अधिक है.
  • आसियान के chairman Lee Hsien Loong हैं जो ब्रूनेई से हैं.
  • आसियान में महासचिव का पद सबसे बड़ा है.पारित प्रस्तावों को लागू करने का काम महासचिव ही करता है. इसका कार्यकाल 5 साल का होता है.
  • क्षेत्रीय सम्बन्ध को मजबूत बनाने के लिए 1997 में ASEAN +3 का गठन किया गया था जिसमें जापान, दक्षिण कोरिया और चीन को शामिल किया गया.
  • बाद में भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैण्ड को भी इसमें शामिल किया गया. फिर इसका नाम बदलकर ASEAN +6 कर दिया गया.
  • 2006 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने आसियान को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया.
  • आसियान की बढ़ती महत्ता को देखते हुए अब कई देश इसके साथ करार करना चाहते हैं.

आगे की राह

भारत को चाहिए कि वह विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान दे. तभी जाकर वह किसी मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठा सकेगा. किसी मुक्त व्यापार समझौते में शामिल होने के पहले भारत को कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों में पर्याप्त तैयारी कर लेनी चाहिए.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests

Topic : ADMM-Plus

संदर्भ

बैंकोक में ADMM-Plus बैठक चक रही है जिसमें आसियान देशों और आठ अन्य देशों के रक्षा मंत्री एकत्र होकर रक्षा सहयोग पर विचार विमर्श करेंगे.

ADMM-Plus क्या है?

  • ADMM-Plus का पूरा नाम है – ASEAN Defence Ministers’ Meeting Plus
  • ADMM-Plus की स्थापना के लिए सिंगापुर में 2007 में सम्पन्न ADMM की दूसरी बैठक में अवधारणा पत्र अंगीकृत किया गया था.
  • ADMM-Plus वह रक्षा मामलों से सम्बंधित मंच है जो क्षेत्रीय सुरक्षा से सम्बन्धित हैं. इसके माध्यम से आसियान देशों और उनके आठ संवाद भागीदारों के बीच सामरिक संवाद एवं व्यावहारिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाता है.
  • इसका पहला सम्मेलन 2010 में वियतनाम की राजधानी हनोई में हुआ था. उस सम्मलेन में रक्षा मंत्रियों ने आपस में व्यवहारिक सहयोग के लिए पाँच विषयों पर सहमति दी थी. ये विषय हैं – सामुद्रिक सुरक्षा, आतंकवाद निरोध, शान्ति बनाए रखने की कारर्वाइयाँ, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा सैन्य औषधियाँ.
  • 2013 में इस सूची में एक नया क्षेत्र भी जोड़ा गया जो है – मानवीयता पर आधारित खदान सुरक्षा.

उद्देश्य

  • यह देखते हुए भी कि अलग-अलग आसियान देशों की अपनी-अपनी क्षमता है, ADMM –Plus आसियान देशों को लाभ पहुँचाने और साझा सुरक्षा चुनौतियों से निबटने के लिए क्षमता वर्धन का काम करता है.
  • आसियान देशों के रक्षा स्थापनाओं के बीच पारस्परिक विश्वास और भरोसा बढ़ाने के लिए संवाद और पारदर्शिता पर बल देना.
  • क्षेत्र के समक्ष उपस्थित अंतर्देशीय सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रक्षा और सुरक्षा में सहयोग के माध्यम से क्षेत्रीय शान्ति और स्थिरता को बढ़ावा देना.
  • बाली समझौता 2 में वर्णित क्षेत्र में शान्ति, स्थिरता व लोकतंत्र और समृद्धि विषयक आसियान की आकांक्षा को देखते हुए आसियान सुरक्षा समुदाय को साकार करने में योगदान करना.
  • शांतिपूर्ण, सुरक्षित और समृद्ध आसियान बनाने तथा संवाद भागीदारों एवं अन्य मित्रों के साथ बाह्य सम्बन्धों की अग्रगामी रणनीतियाँ अंगीकृत करने के लिए Vientiane Action Programme का कार्यान्वयन करने में सहायता करना.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Germany’s Climate Protection Act

संदर्भ

जलवायु से सम्बंधित पहला कानून बनाते हुए जर्मनी की संसद ने जलवायु सुरक्षा अधिनियम पारित कर दिया है जिसका लक्ष्य 2030 तक जलवायवीय लक्ष्यों को प्राप्त करना है.

जलवायु सुरक्षा अधिनियम के मुख्य तत्त्व

  • जलवायु परिवर्तन से निबटने के लिए अन्य उपायों के साथ-साथ परिवहन एवं प्रज्वलन क्षेत्रों पर कार्बन उत्सर्जन करने का दाम लिया जाएगा.
  • परिवहन, ऊर्जा एवं आवासीकरण जैसे अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए उत्सर्जन के लक्ष्य निर्धारित किये गये हैं.
  • 2021 से जो कम्पनियाँ डीजल, पेट्रोल, प्रज्वलन तेल और प्राकृतिक गैस बेचेंगी उनके द्वारा उत्सर्जित किये गये ग्रीन हाउस गैसों की मात्रा के अनुसार प्रदूषण अधिकार (pollution rights) लेना होगा.
  • इस सारी व्यवस्था को विनियमित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक उत्सर्जन वाणिज्य तन्त्र (emissions trading mechanism) स्थापित किया जाएगा.
  • उत्सर्जन पर दाम लगाने से जीवाश्म ईंधनों का प्रयोग करना नागरिकों के लिए महँगा हो जाएगा और इस प्रकार उनका प्रयोग घटेगा तथा जलवायु अनुकूल तकनीकों के आगमन का मार्ग प्रशस्त होगा.
  • विमानन कर को बढ़ा दिया जाएगा.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Water Quality Report

संदर्भ

केंद्र सरकार ने जल गुणवत्ता प्रतिवेदन (Water Quality Report) निर्गत कर दिया है. यह प्रतिवेदन 2024 तक स्वच्छ एवं निरापद पेयजल का प्रावधान करने हेतु आरम्भ किये गये जलजीवन अभियान के अनुरूप है.

पृष्ठभूमि

सभी को स्वच्छ एवं निरापद पेयजल मिले इसके लिए उपभोक्ता मामले विभाग ने निर्णय किया था कि वह भारतीय मानक ब्यूरो के माध्यम से यह अध्ययन करेगा कि देश में नलकों से आपूरित हो रहे पानी की गुणवत्ता क्या है. भारतीय मानक ब्यूरो को यह भी कहा गया कि वह नलके के पानी की गुणवत्ता के आधार पर राज्यों, स्मार्ट नगरों और यहाँ तक कि जिलों की रैंकिंग करे.

पानी की जाँच कैसे हुई?

पानी की जाँच के लिए प्राथमिक चरण में विभिन्न मानदंडों को आधार बनाया गया, जैसे – ओर्गेनोलेप्टिक एवं फिजिकल टेस्ट, रासायनिक टेस्ट, विषाक्त पदार्थ एवं जीवाणु टेस्ट.

दिल्ली और मुंबई का प्रदर्शन

  • दिल्ली में जमा किये गये अलग-अलग जगहों के पानी के नमूने भारतीय मानक पर खरे नहीं उतरे.
  • दूसरी ओर, मुंबई में जमा किये गये दसों नमूने मानदंडों के अनुरूप निकले.

आगे की राह

भारत सरकार चाहती है सभी घरों में अच्छी गुणवत्ता के पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए BIS मानकों को नलकों से दिए जाने वाले पानी के लिए अनिवार्य बना दिया जाए.


Prelims Vishesh

Za’ir-Al-Bahr (the Roar of the Sea) :-

  • भारत और कतर की नौसेनाओं के मध्य पाँच दिवसीय (द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास ज़ायर-अल-बह्र (Za’ir-Al-Bahr) का आयोजन किया जा रहा है.
  • इस अभ्यास को कतर की राजधानी दोहा में अंजाम दिया जा रहा है.
  • इस अभ्यास में भारतीय नौसेना का युद्धक जहाज़ आईएनएस त्रिकंड और गश्‍ती हवाई जहाज पी8-I हिस्सा लेंगे.
  • कतर की नौसेना में एंटी-शिप मिसाइल बरजान क्‍लास फास्‍ट अटैक क्राफ्ट और राफेल युद्धक विमान सम्मिलित हैं.

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