Sansar डेली करंट अफेयर्स, 17 December 2018

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Print Friendly, PDF & Email


Sansar Daily Current Affairs, 17 December 2018


GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Flight and Maritime Connectivity Rules, 2018

संदर्भ

भारत सरकार ने हाल ही में विमान एवं सामुद्रिक सम्पर्क सुविधा नियम, 2018 (Flight and Maritime Connectivity Rules, 2018) की अधिसूचना निर्गत की है जिसमें भारतीय भूभाग के भीतर विमान एवं समुद्री जहाज की यात्रा के समय फोन कॉल और इन्टरनेट के उपयोग की अनुमति दी गई है.

मार्गनिर्देश

सम्पर्क सुविधा कौन देगा? विमान यात्रा और समुद्र यात्रा की अवधि में सम्पर्क सुविधा भारत के एक वैध टेलिकॉम लाइसेंस धारक द्वारा उन घरेलू एवं विदेशी उपग्रहों के माध्यम से दिया जायेगा जिन्हें इस विषय में अंतरिक्ष विभाग की अनुमति प्राप्त होगी.

सम्पर्क सुविधा उपलब्ध कराने के लिए  किसी उपग्रह प्रणाली के उपयोग के समय टेलीग्राफ संवाद भारत में स्थित उपग्रह के धरातलीय गेटवे स्टेशन के माध्यम से गुजारा जाएगा और यह धरातलीय गेटवे स्टेशन राष्ट्रीय लम्बी दूरी (national long distance) अथवा पहुँच सेवा अथवा ISP लाइसेंसिंग नेटवर्क से जुड़ा होगा जिससे सम्पर्क की सेवा आगे बढ़ाई जा सके.

वायुयान एवं समुद्री जहाज सम्पर्क सेवा वायुयान के भारतीय वायु अन्तरिक्ष में न्यूनतम 3,000 मीटर की ऊँचाई पर पहुँचने के पश्चात् सक्रिय की जायेगी जिससे धरती पर उपलब्ध मोबाइल नेटवर्क को इससे विघ्न न पड़े.

वायुयान एवं समुद्री जहाज सम्पर्क सेवा के लाइसेंस 10 वर्षों के लिए एक रूपया वार्षिक शुल्क पर दिया जाएगा तथा अनुमति पाने वालेसेवा प्रदाता को लाइसेंस शुल्क एवं उपार्जित राजस्व के अनुसार स्पेक्ट्रम प्रभार का भुगतान करना होगा.


GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Australia Recognizes West Jerusalem as Capital of Israel

 

Australia-Recognizes-West-Jerusalem-as-Capital-of-Israel

संदर्भ

ऑस्ट्रेलिया ने पश्चिमी जेरुसलम को इजराइल के राजधानी के रूप में मान्यता दे दी है. इस प्रकार ऑस्ट्रेलिया उन कुछ देशों में से एक देश हो गया है जिन्होंने पश्चिमी जेरुसलम को इजराइल की राजधानी मान ली है.

पृष्ठभूमि

  • इजराइल और फिलिस्तीन दोनों का यह दावा है कि जेरुसलम उन्हीं की राजधानी है. यह एक पुराना विवाद है जिसका अभी तक समाधान नहीं हो सका है.
  • दिसम्बर 2017 को अमेरिका ने जेरुसलम को इजराइल की राजधानी के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी. परन्तु संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) एक संकल्प पत्र पारित कर के अमेरिका के इस घोषणा को निरस्त कर दिया था. इस संकल्प पत्र को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 127 – 9 के बहुमत से पारित किया था.
  • इसको समर्थन देने वालों में भारत भी एक था, इस संकल्प पत्र में अमेरिका से यह अनुरोध किया गया कि वह जेरुसलम को इजराइल की राजधानी घोषित करने के अपने निर्णय को वापस ले ले.

GS Paper 3 Source: Times of India

toi

Topic : High Resolution Imaging Science Experiment (HiRISE)

संदर्भ

NASA के मंगल ग्रह का टोह लेने के लिए प्रक्षेपित अभियान (Mars Reconnaissance Orbiter – MRO) में लगे हुए उच्च स्पष्टता वाले कैमरे – High Resolution Imaging Science Experiment – HiRISE) – ने हाल ही में मंगल ग्रह में उतरने वाले InSight अन्तरिक्ष यान के कुछ चित्र खींच कर धरती पर भेजे हैं.

HiRISE क्या है?

  • मंगल ग्रह की परिक्रमा करने वाले टोही अन्तरिक्षयान (MRO) में अधिष्ठापित कैमरे को HiRise नाम दिया गया है.
  • इसका काम मंगल ग्रह की सतह के सैंकड़ों छायाचित्र खींचना है. अत्यंत स्पष्टता से छायाचित्र लेने में सक्षम HiRise जो चित्र भेजेगा वह अभूतपूर्व विवरण से युक्त होगा.
  • यह कैमरा मानव की आँख के समान दृश्य वेव लेंथों पर काम करता है, किन्तु इसमें एक दूरबीन वाला लैंस है जिसके चलते इसके द्वारा खींचे गये छायाचित्र इतने स्पष्ट होंगे जितने कि ग्रहों के अन्वेषण के लिए भेजे गये पहले के अभियानों में कभी नहीं रहे.
  • HiRise प्राय: इन्फ्रारेड वेवलेंथों पर भी निरीक्षण करने में सक्षम है जिस कारण यह मंगल ग्रह पर मिलने वाले खनिजों के विषय में भी जानकारी जुटा सकता है.
  • HiRise के द्वारा प्रेषित उच्च-स्पष्ट वाले छायाचित्रों से मंगल ग्रह की सतह में जमे पदार्थों के अतिरिक्त नालियों, नहरों और अन्य वैज्ञानिक जानकारी के लिए उपयुक्त वस्तुओं की सूचना उपलब्ध होगी. साथ ही भविष्य में इस ग्रह पर उतरने के लिए संभावित स्थलों से भी अवगत हुआ जा सकेगा.

GS Paper 3 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : India, Nepal, Bhutan plan joint task force to protect wildlife

संदर्भ

अपनी राजनैतिक सीमाओं के दोनों ओर वन्यजीवों की मुक्त रूप से आवाजाही होने दने के लिए तथा नेपाल, भारत और भूटान की सीमाओं के बीच स्थित कंचनजंघा परिदृश्य में वन्यजीवों की तस्करी को रोकने के लिए भारत, नेपाल आर भूटान की सरकारें एक संयुक्त कार्यदल गठित करने के लिए तत्परता से विचार कर रही हैं.

पृष्ठभूमि

संयुक्त कार्यदल गठित करने का विचार इन देशों के वन अधिकारियों एवं गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा उपर्युक्त परिदृश्य की कुछ भागों की यात्रा करने एवं दिसम्बर 2018 के आरम्भ में उनके द्वारा उत्तरी-पश्चिमी बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित बैठक के उपरान्त आया है.

संयुक्त कार्यदल की आवश्यकता क्यों?

वन्यजीवों के मुक्त विचरण तथा उनकी तस्करी को रोकने के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक संयुक्त कार्यदल की स्थापना परम आवश्यक है.

अंतर्राष्ट्रीय समेकित पर्वत विकास केंद्र (International Centre for Integrated Mountain Development – ICIMOD) नामक क्षेत्रीय जानकारी विकास एवं ज्ञानकेंद्र के अनुसार 2000 से लेकर 2010 के बीच इस परिदृश्य में 1,118 वर्ग किलोमीटर नदी घासभूमि और वृक्ष भूमि नष्ट हो चुकी हैं. इस परिदृश्य का 74% आखेट एवं गोचर भूमि और 26% कृषि भूमि में बदल चुका है.

कंचनजंघा परिदृश्य में 70 लाख लोग रहते हैं. इसके अतिरिक्त यहाँ स्तनपायी पशुओं की 169 प्रजातियाँ और पक्षियों की 713 प्रजातियाँ निवास करती हैं. ICIMOD के द्वारा किये गये अध्ययन से पता चलता है कि 1986 से 2015 के बीच इस क्षेत्र में हाथियों ने 425 लोगों को मार दिया था और 1958 से 2013 के बीच 144 हाथी मारे गये थे.


GS Paper 3 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Information Fusion Centre (IFC) for the Indian Ocean Region (IOR)

संदर्भ

हिन्द महासागर क्षेत्र में सामुद्रिक सुरक्षा में सुधार लाने के लिए भारतीय नौसेना शीघ्र ही सूचना संकलन केंद्र (Information Fusion Centre – IFC) को संचालन में लाने जा रही है.

IFC क्या है?

  • यह सूचनाओं के संकलन का एक केंद्र होगा जहाँ हिन्द महासागर क्षेत्र से सम्बंधित सामुद्रिक सूचना इकट्ठी की जायेगी. यहाँ से इस महासागर में हो रही सामुद्रिक गतिविधियों की समग्र जानकारी उपलब्ध हो सकेगी.
  • समेकित सूचना संकलन केंद्र गुरुग्राम में स्थित नौसेना के सूचना प्रबंधन एवं विश्लेषण केंद्र में स्थापित है.
  • इस केंद्र से सभी तटीय रडार जुड़े हुए हैं जिनसे देश की लगभग 7,500 किमी. लम्बी समुद्र तट रेखा का प्रत्येक क्षण का चित्र निर्बाध रूप से प्राप्त हो सकता है.

हिन्द महासागर का महत्त्व क्यों?

  • यह महासागर वैश्विक व्यापार के चौराहे पर स्थित है. अतः यह उत्तरी अटलांटिक और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में स्थित बड़ी-बड़ी अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है. इसका महत्त्व इसलिए बढ़ जाता है कि आज की युग में वैश्विक जहाजरानी उभार पर है.
  • हिन्द महासागर प्राकृतिक संसाधनों में भी समृद्ध है. विश्व का 40% तटक्षेत्रीय तेल उत्पादन हिन्द महासागर की तलहटियों में ही होता है.
  • विश्व का 15% मत्स्य उद्योग हिन्द महासागर में ही होता है.
  • हिन्द महासागर की तलहटी तथा तटीय गाद में बहुत-सारे खनिज होते हैं, जैसे – निकल, कोबाल्ट, लोहा, मैंगनीज, तांबा, जस्ता, चाँदी, सोना, टाइटेनियम, ज़िरकोनियम, टिन आदि. इनके अतिरिक्त यहाँ बहुत-सारे दुर्लभ मृदा तत्त्व (Rare Earth Elements) भी विद्यमान हैं, यद्यपि इनको निकालना व्यवासायिक रूप से सदैव लाभप्रद नहीं होता है.

GS Paper 3 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Trans Regional Maritime Network (T-RMN)

संदर्भ

30 देशों के बहुपक्षीय पार-क्षेत्रीय समुद्री नेटवर्क (Trans Regional Maritime Network – T-RMN) समझौते भारत ने हस्ताक्षर कर दिए हैं. यह नेटवर्क इटली द्वारा चलाया जा रहा है. विदित हो कि 36 देशों के साथ भारत पहले ही व्हाईट शिपिंग समझौते कर चुका है.

पार-क्षेत्रीय समुद्री नेटवर्क क्या है?

  • यह नेटवर्क दूरस्थ समुद्र में चल रहे वाणिज्यिक जहाज़ों के यातायात के सम्बन्ध में सूचनाओं के आदान-प्रदान की सुविधा उपलब्ध कराता है. इन सूचनाओं के लिए 300 टन से अधिक भार के वाणिज्यिक जहाज़ों के ऊपर अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी संगठन के नियमानुसार लगी स्वचालित पहचान प्रणालियों (Automatic Identification System – AIS) का सहारा लिया जाता है.
  • स्वचालित सूचना प्रणालियों से ये जानकारियाँ प्राप्त होती हैं – नाम, MMSI नंबर, स्थिति, मार्ग, गति, पिछला बंदरगाह, गंतव्य आदि. यह सूचना विभिन्न AIS सेंसरों, जैसे – तटीय AIS शृंखलाओं एवं उपग्रह आधारित रिसीवरों से प्राप्त होती है.

महत्त्व

हिन्द महासागर में जहाज़ों का यातायात इतना विशाल है कि कोई एक देश इस पर सम्पूर्ण निगरानी नहीं रख सकता है. अतः इसके लिए बहुपक्षीय समझौते आवश्यक हो जाते हैं. पार-क्षेत्रीय समुद्री नेटवर्क (T-RMN) समझौते पर हस्ताक्षर करने से भारतीय नौसेना को हिन्द महासागर पर निगरानी रखने और देश की सामुद्रिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी. इस प्रकार का समझौता होने से भारत को तो लाभ होता ही है, अन्य देश भी आपसी सूचनाओं का समन्वय करने और आपस में उन्हें साझा करने की स्थिति में आ जाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप हिन्द महासागर में अवैध व्यापार अथवा संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण करना सरल हो जाता है.


Prelims Vishesh

PM inaugurated 175 Km of sewerage network in Prayagraj :-

  • गंगा नदी में प्रदूषण घटाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत प्रयागराज में निर्मित परियोजनाओं में से एक परियोजना – 175 किलोमीटर का दूषित जल प्रवाह नेटवर्क – का हाल ही में प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किया गया.
  • इस नेटवर्क के बनने से 7.8 करोड़ लीटर प्रदूषित जल प्रतिदिन गंगा न जाकर अन्यत्र उपचार संयंत्रों में ले जाया जाएगा जहाँ उसका उपचार किया जाएगा.

India’s first railway university :-

  • हाल ही में वडोदरा में राष्ट्रीय रेल एवं परिवहन संस्थान नामक भारत के पहले रेलवे विश्वविद्यालय का अनावरण हुआ.
  • विदित हो कि इसके पहले मात्र रूस एवं चीन में ही इस प्रकार के विश्वविद्यालय अब तक खुले हैं.

National Tiger Conservation Authority (NTCA) :-

हाल ही में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण ने देश में बाघों की मृत्यु के विषय में एक प्रतिवेदन निर्गत किया है जिसके अनुसार देश में दिसम्बर 15, 2018 तक 95 बाघों की मृत्यु हुई है जिनमें से 41 बाघ व्याघ्र अभयारण्यों के बाहर मारे गये हैं.

Campaign launched to save the Great Indian Bustard from extinction :-

  • भारत में ग्रेट इंडियन बस्टर्ड की संख्या पूरे विश्व में मात्र 150 बची है जोकि अब तक इसकी न्यूनतम संख्या है. अतः इस संकटग्रस्त जीव को बचाने के लिए वन्यजीव  संगठनों ने एक अभियान आरम्भ करने का विचार किया है.
  • बिजली के खम्बों से जाते हुए तारों के कारण इन पक्षियों को सबसे खतरा है. इस अभियान में इस तथ्य पर जनसाधारण का ध्यान खींचा जाएगा.

Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

Books to buy

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.