Sansar डेली करंट अफेयर्स, 17 August 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 17 August 2019


GS Paper 1 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.

Topic : Maharshi Badrayan Vyas Samman Awards

संदर्भ

2019 के महर्षि बादरायण व्यास सम्मान और राष्ट्रपति सम्मान पत्र वितरित किये गये.

महर्षि बादरायण व्यास सम्मान क्या है?

महर्षि बादरायण व्यास सम्मान क्या है?

  • वर्ष 2002 में आरम्भ किया गया यह पुरस्कार30 से 45 वर्ष की आयु वाले विद्वानों को शास्त्रीय भाषाओं में उल्लेखनीय योगदान करने के लिए जाता है.
  • इसमें एक सम्मान पत्र, एक स्मारिका और एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है.
  • जिन शास्त्रीय भाषाओं में यह पुरस्कार दिया जाता है, वे हैं – संस्कृत, फारसी, अरबी, पालि, प्राकृत और शास्त्रीय उड़िया, शास्त्रीय कन्नड़, शास्त्रीय तेलुगु एवं शास्त्रीय मलयालम.

महर्षि बादरायण कौन थे?

बादरायण वेदान्त के न्याय-प्रस्थान के प्रवर्तक ग्रन्थ ब्रह्मसूत्र के रचयिता थे. जितने ब्रह्मसूत्र उपलब्ध हैं, उनका रचयिता एक ही व्यक्ति था और वे बादरायण थे. वाचस्पतिमिश्र के समय से बादरायण को ‘व्यास’ भी कहा जाने लगा था, किन्तु ब्रह्मसूत्रकार बादरायण वेदव्यास या महाभारत के रचयिता ‘कृष्ण द्वैपायन’ से भिन्न व्यक्ति थे. भारतीय दर्शन में ब्रह्मसूत्र का महत्त्व अनेकविध है. सबसे पहले उसका महत्त्व इस बात में है कि उसने उपनिषदों को एक दर्शन का रूप प्रदान किया. वह वेदान्त का संस्थापक बन गया. ब्रह्मसूत्रों का अध्ययन करने से पता चलता है कि बादरायण प्रत्यक्ष, अनुमान, उपमान तथा शब्द या श्रुति को प्रमाण मानते थे.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : SPECIAL PURPOSE TRUST FUND

संदर्भ

रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर सिस्टम के लिए गठित संयुक्त राष्ट्र विशेष उद्देश्य न्यास कोष (Special Purpose Trust Fund – SPTF) को भारत ने 1 मिलियन डॉलर का अंशदान किया है.

SPTF क्या है?

  • यह एक विशेष कोष है जो संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के अन्दर कार्यशील है.
  • इसकी स्थापना इसलिए की गई है कि नए रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर सिस्टम को मिलने वाले सभी अंशदानों और वित्तीय लेन-देनों को पारदर्शी एवं कारगर ढंग से प्राप्त किया जाए एवं समेकित किया जाए और प्रबंधित किया जाए एवं साथ ही उसका हिसाब रखा जाए.

SPTF को अंशदान कहाँ से आते हैं?

  • सदस्य देशों से उनकी स्वेच्छानुसार
  • संयुक्त राष्ट्र विकास प्रणाली के सदस्य प्रतिष्ठानों से
  • संयुक्त राष्ट्र की विकास से जुड़ी हुई गतिविधियों के लिए काम करने वाली एजेंसी, कार्यक्रम अथवा परियोजना पर लगाये गये 1% लेवी से.

रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर सिस्टम क्या है?

रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर सिस्टम के अन्दर संयुक्त राष्ट्र के वे सभी संगठन आते हैं जो विकास के क्षेत्र में कार्य करते हैं. यह सिस्टम संयुक्त राष्ट्र की अलग-अलग एजेंसियों को एक जगह लाते हुए देशों के स्तर पर संचालनात्मक गतिविधियों की कुशलता और सक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बनाया गया है.

यह सिस्टम 129 देशों में संयुक्त राष्ट्र के दलों का काम देखता है और इन्हें महासचिव के द्वारा विकास कार्यों के अनुश्रवण के लिए प्रेषित प्रतिनिधि की मान्यता मिलती है.


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Report of the Competition Law Review Committee submitted

संदर्भ

पिछले दिनों भारत सरकार के वित्त एवं निगम मामलों के मंत्री के समक्ष प्रतिस्पर्धा विधि समीक्षा समिति का प्रतिवेदन प्रस्तुत हुआ.

पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने वर्तमान प्रतिस्पर्धा कानून के ढाँचे की समीक्षा करने और उसे सुदृढ़ करने के लिए अनुशंसा करने हेतु एक प्रतिस्पर्धा विधि समीक्षा समिति (Competition Law Review Committee) का पहली अक्टूबर, 2018 को गठन किया था.

समिति की मुख्य अनुशंसाएँ

  • एक ग्रीन चैनल खोला जाए जिसके माध्यम से विलय एवं अधिग्रहण के मामलों के लिए नियामक अनुमोदन तेजी से दिया जा सके. ऋण शोधन एवं दिवालियापन संहिता के अंतर्गत आने वाले प्रस्तावों के निपटारे के लिए भी अनुमोदन इसी “ग्रीन चैनल” से उपलब्ध कराया जाए.
  • प्रतिस्पर्धा अधिनियम के अधीन अपीलों की सुनवाई के लिए NCLAT में एक बेंच अलग से खोला जाए.
  • धुरी एवं तीली” (hub and spoke) समझौतों की पहचान के लिए स्पष्ट प्रावधान किये जाएँ.
  • प्रतिस्पर्धा विरोधी आचरण के मामलों के तीव्र निष्पादन के लिए सेटलमेंट एंड कमिटमेंट्स नामक एक अतिरिक्त प्रवर्तन तंत्र स्थापित किया जाए.
  • विलय सम्बन्धी अधिसूचनाओं के लिए निर्धारित थ्रेसहोल्ड विहित करने के लिए प्रावधान किये जाएँ.
  • भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) दंड आरोपित करने के विषय में दिशानिर्देश निर्गत करे. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के प्रशासन के ढाँचे को सुदृढ़ किया जाए.
  • महानिदेशक के कार्यालय को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के साथ अन्वेषण प्रभाग (Investigation Division) के नाम से विलय कर दिया जाए.
  • क्षेत्रीय स्तर पर भी भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के कार्यालय खोले जाएँ.

प्रतिस्पर्धा अधिनियम

  • 2002 का मूल प्रतिस्पर्धा अधिनियम और उसका 2007 में संशोधन अधिनियम प्रतिस्पर्धा विरोधी समझौतों का प्रतिषेध करता है, प्रतिष्ठानों द्वारा अपनी प्रबल स्थिति के दुरूपयोग पर रोक लगाता है तथा भारत के अंदर प्रतिस्पर्धा पर विपरीत प्रभाव डालने वाली गतिविधियों, यथा – अधिग्रहण, नियंत्रण हाथ में लेना आदि को नियंत्रित करता है.
  • हाल ही में भारत सरकार ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम की समीक्षा के लिए एक प्रतिस्पर्धा कानून समीक्षा समिति (Competition Law Review Committee) बनाई है जो यह देखेगी कि प्रतिस्पर्धा कानून आर्थिक मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप है अथवा नहीं.

CCI क्या है?

  • प्रतिस्पर्द्धा अधिनियम, 2002 के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की स्थापना मार्च, 2009 में हुई थी.
  • इसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है.
  • प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 (अधिनियम) की धारा 8 (1) के अनुसार आयोग में केवल एक अध्यक्ष होगा और सदस्यों की संख्या कम से कम दो होगी और अधिक से अधिक छह होगी.

कार्य

आयोग के निम्नलिखित कार्य हैं :-

  1. व्यापार से सम्बंधित प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव करने वाले कारकों को रोकना.
  2. बाजारों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना और बनाए रखना.
  3. उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना.
  4. व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.
  5. यह आयोग किसी वैधानिक प्राधिकरण के द्वारा भेजे गये प्रतिस्पर्धात्मक मामलों पर अपना परामर्श भी देता है.
  6. यह प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों के विषय में जन-जागरूकता सृजित करता है और प्रशिक्षण प्रदान करता है.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Security challenges and their management in border areas; linkages of organized crime with terrorism.

Topic : Jammu and Kashmir Public Safety Act (PSA)

संदर्भ

पिछले दिनों एक भूतपूर्व भारतीय प्रशासनिक के अधिकारी को नई दिल्ली हवाई अड्डे पर जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम (Public Safety Act – PSA) के अधीन बंदी बना लिया गया.

जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम क्या है?

  • जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम अप्रैल 8, 1978 से लागू है.
  • यह अधिनियम विशेषकर इसलिए पारित किया गया था कि इमारती लकड़ियों की तस्करी को रोका जा सके.
  • इस अधिनियम के अनुसार सरकार चाहे तो 16 वर्ष से ऊपर की आयु वाले किसी भी व्यक्ति को बिना मुक़दमे के दो वर्ष तक बंदी बना सकती है.
  • अधिनियम के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति राज्य की सुरक्षा के विरुद्ध कार्य कर रहा है तो उसे दो वर्ष तक प्रशासनिक बंदी के रूप से बंदी बनाया जा सकता है. साथ ही यदि कोई व्यक्ति विधि-व्यवस्था के लिए खतरा हो तो उसे एक वर्ष के लिए बंदी बनाया जा सकता है.
  • अधिनियम के अंतर्गत किसी को बंदी बनाने के लिए आदेश प्रमंडल आयुक्त अथवा जिला मजिस्ट्रेट द्वारा निर्गत किया जा सकता है.
  • अधिनियम के अनुभाग 22 के अनुसार बंदी बनाए गये व्यक्ति के विरुद्ध न्यायालय में कोई वाद नहीं चलाया जा सकता.
  • अधिनियम के अनुभाग 23 में सरकार को यह शक्ति दी गई है कि वह अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नियमावली बना सकती है.

इस कानून को “निर्मम” (draconian) क्यों कहा जाता है?

जम्मू-कश्मीर जन सुरक्षा अधिनियम का प्रारम्भ से दुरूपयोग होता रहा है. अलग-अलग सरकारों ने अपने राजनैतिक प्रतिद्वंदियों के विरुद्ध इस कानून का बार-बार दुरूपयोग किया है. अगस्त, 2018 में इस कानून को और भी कठोर करते हुए यह व्यवस्था की गई कि राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति बंदी बनाया जा सकता है. बंदी बनाते समय अधिकारी चाहे तो अपनी कार्रवाई का कारण नहीं बता सकता है और कह सकता है कि ऐसा करना जनहित में नहीं है.

अधिनियम में बंदी बनाने के लिए जो आधार दिए गये हैं, वह अस्पष्ट हैं. इस कारण अधिकारियों की शक्ति बेलगाम हो जाती है. अधिनियम किसी बंदीकरण की न्यायिक समीक्षा का प्रावधान भी नहीं करता है. यदि उच्च न्यायालय किसी बंदी को छोड़ने का आदेश देता है तो सरकार उसे दुबारा बंदी बना कर के उसे कारावास में डाल देती है. इस अधिनियम का प्रयोग मानवाधिकार कर्मियों, पत्रकारों आदि के विरुद्ध होता रहा है.


GS Paper 3 Source: Down to Earth

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UPSC Syllabus : Conservation related issues.

Topic : Global assessment of forest biodiversity by WWF

संदर्भ

पिछले दिनों विश्वव्यापी प्रकृति कोष (Worldwide Fund for Nature – WWF) संस्था ने वन जैव विविधता से सम्बंधित वैश्विक आकलन को प्रकाशित किया है.

ज्ञातव्य है कि पहले वन के अन्दर आने वाले भूभाग के क्षेत्रफल का आकलन होता था परन्तु वनों की जैव विविधता के लिए अलग से कोई आकलन नहीं होता था.

जैव विविधता के आकलन के लिए लिविंग प्लेनेट इंडेक्स पद्धति के आधार पर एक वन विशेषज्ञ सूचकांक (Forest Specialist Index) का निर्माण किया गया है. ऊपर चर्चित आकलन इसी सूचकांक के आधार पर किया गया है. यह सूचकांक केवल जंगलों में रहने वाले वन्यजीवों का हिसाब रखता है.

आकलन के मुख्य निष्कर्ष

  • 1970 से आज तक वन्यजीवों की संख्या 53% घट गई है.
  • आकलन में वन में रहने वाले जिन 455 जीवों का हिसाब रखा गया है, उनकी संख्या में 1970 से लेकर 2014 के बीच औसत रूप से प्रतिवर्ष 7% की गिरावट देखी है.
  • यहाँ यह उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ इस अवधि में स्तनपायी जीवों, सरीसृपों और उभयचरों (विशेषतः उष्णकटिबंधीय वनों के) की संख्या में गिरावट लगातार होती रही, वहीं दूसरी ओर पक्षियों की संख्या (विशेषकर समशीतोष्ण वनों के) उस गति से नहीं घटी.

वन्यजीवों की संख्या घटने के कारक तत्त्व

  • वनों की कटाई (Deforestation)
  • पशुओं के निवास स्थलों में कमी (Habitat loss and habitat)
  • जंगल का शोषण (Exploitation)
  • जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

विश्वव्यापी प्रकृति कोष क्या होता है?

  • WWF का full-form है – World-Wide Fund for Nature यह एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संगठन है.
  • इसकी स्थापना 1961 में हुई थी.
  • इसका मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड में है.
  • लक्ष्य – वन संरक्षण एवं पर्यावरण पर मनुष्य के प्रभाव को कम करना.

Prelims Vishesh

Tamil Nadu Becomes Fifth Indian State to Declare a State Butterfly :-

  • तमिलनाडु अपना राज्य तितली घोषित करने वाला भारत का पाँचवाँ राज्य बन गया है.
  • जिस तितली को यह पदवी दी गई है उसका नाम तमिल योमन (Cirrochroa thais) है. तमिल भाषा में इसे तमिल मारवन अर्थात् तमिल योद्धा कहते हैं.
  • पश्चिमी घाटों में यह बहुतायत से मिलती है.
  • विदित हो कि तमिलनाडु के पहले ये चार राज्य अपनी-अपनी राज्य तितली घोषित कर चुके हैं – महाराष्ट्र (ब्लू मोर्मोन), उत्तराखंड (कॉमन पिकॉक), कर्नाटक (सदर्न बर्डविंग्स) और केरल (मालाबार बेंडेड पिकॉक).

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