Sansar डेली करंट अफेयर्स, 16 November 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 16 November 2020


GS Paper 2 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and flora, their structure, mandate.

Topic : World Meteorological Organization -WMO

संदर्भ

हाल ही में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization –WMO) के वार्षिक प्रतिवेदन में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के कारण वैश्विक स्तर पर कार्बन डाईआक्साइड(CO2) के वायुमंडलीय सांद्रता में निरंतर वृद्धि पर बहुत अल्प प्रभाव पड़ा है. उपर्युक्त संदर्भ विवरण डब्ल्यूएमओ के वार्षिक ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन में प्रकाशित किए गए हैं.

ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन (Annual greenhouse gas bulletin)

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के द्वारा वार्षिक ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन (WMO’s annual greenhouse gas bulletin) में प्रकाशित किया जाता हैं. यह बुलेटिन वायुमंडल में ग्लोबल वार्मिंग गैसों की सांद्रता (concentrations of global warming gases) पर प्रकाश डालता है. इस वर्ष प्रकाशित हुई इस बुलेटिन की मुख्य निष्कर्ष निम्नवत हैं —

  1. कोविड-19 महामारी के चलते इस वर्ष कार्बन उत्सर्जन (carbon emissions) में नाटकीय रूप से गिरावट देखने को मिली है, क्योंकि परिवहन और उद्योग में भारी कटौती हुई है. हालाँकि विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के वैज्ञानिकों का कहना है कि इससे वैश्विक स्तर पर कार्बन (या कार्बन डाईआक्साइड) के वायुमंडलीय सांद्रता में निरंतर वृद्धि पर बहुत कम प्रभाव पड़ा है.
  2. कार्बन डाईआक्साइड (CO2) का वायुमंडल में स्तर भाग-प्रति मिलियन (parts per million -ppm) में मापा जाता है. विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के अनुसार, 2019 में इसका वैश्विक औसत 410.5 पीपीएम था जोकि 2018 की तुलना में 2.6 पीपीएम अधिक है.
  3. यह 2017 से 2018 की वृद्धि की तुलना में अधिक था और पिछले दस साल में औसत से भी अधिक था.
  4. वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण अधिकाँश देशों ने अपने-अपने यहाँ लॉकडाउन लगाया था. अतः इस वर्ष के प्रारम्भ में कार्बन उत्सर्जन में लगभग 17% की कमी आयी थी.

विश्व ऋतु विज्ञान संगठन क्या है?

  • यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की एक विशेषज्ञ एजेंसी है.
  • यह संगठन 1873 में स्थापित अंतर्राष्ट्रीय ऋतु विज्ञान सन्गठन (International Meteorological Organization – IMO) की उत्तराधिकारी संस्था है.
  • यह संगठन दो प्रतिवेदन प्रकाशित करता है – ग्रीनहाउस गैस बुलेटिन और स्टेटस ऑफ़ द वर्ल्ड क्लाइमेट.

कार्य

  • इस संगठन के काम इन क्षेत्रों से सम्बंधित हैं – मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान, जल विज्ञान, समुद्र विज्ञान एवं पर्यावरणिक रसायनशास्त्र.
  • WMO विश्व के 191 देशों और क्षेत्रों में कार्यरत राष्ट्रीय ऋतु विज्ञान और जल विज्ञान सेवाओं की गतिविधियों का समन्वयन करता है जिससे कि मौसम, जलवायु और जल से सम्बंधित मूलभूत सेवाएँ सब को समय पर मिल सकें.
  • WMO अपनी ओर से मन्तव्य और आँकड़े प्रकाशित करता रहता है.
  • यह विमानन, जहाजरानी, जल प्रबंधन और कृषि जैसी मानवीय गतिविधियों के लिए ऋतु विज्ञान और जल विज्ञान के अनुप्रयोग को आगे बढ़ाता है. इसके लिए अन्य कार्यों के अतिरिक्त जलवायु परिवर्तन और ओजोन की स्थिति पर नज़र रखता है और भविष्यवाणी भी करता है.
  • WMO ऋतु विज्ञान और जल विज्ञान में शोध और प्रशिक्षण तथा उनके अनुप्रयोग को प्रोत्साहन देता है और इस प्रकार मौसम और जलवायु से सम्बन्धित खतरों के दुष्प्रभाव को घटाने में सहायता करता है. इसके लिए वह नियमित रूप से विश्वसनीय भविष्यवाणियाँ करता रहता है और साथ ही इन मामलों के लिए पहले से चेतावनी देता रहता है, जैसे – बाढ़, सूखा, ऊष्ण कटिबंधीय चक्रवात, टोर्नेडो और अन्य विषम घटनाएँ.
  • WMO टिड्डी दलों से सम्बंधित पूर्वानुमान भी देता है और साथ ही यह बतलाता है कि प्रदूषक तत्त्व जैसे आणविक पदार्थ, विषाक्त पदार्थ, ज्वालामुखीय राख किस भूभाग की ओर बह कर जा रहे हैं.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : UN Human Rights Council

संदर्भ

हाल ही में, ‘संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद’ (United Nations Human Rights Council- UNHRC) में सीटों के लिए हुए चुनावों में पाकिस्तान और नेपाल पुनः निर्वाचित हुए है, चीन ने सबसे कम अंतर से एक सीट जीती है तथा सऊदी अरब चुनावों में हार गया है.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद् क्या है?

  • UNHRC संयुक्त राष्ट्र का एक निकाय है जिसकी स्थापना 2006 में विश्व-भर में मानवाधिकार की सुरक्षा एवं संवर्धन के लिए तथा साथ ही मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की जाँच करने लिए की गई है.
  • UNHRC में 47 देशों के प्रतिनिधि सदस्य हैं जिनका चयन 3 वर्ष के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN General Assembly) द्वारा किया जाता है.
  • यह परिषद् वर्ष में तीन बार बैठती है.
  • मानवाधिकार परिषद् संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों में मानवाधिकार की स्थिति की समय-समय पर समीक्षा करती है. समीक्षा के समय यह गैर-सरकारी संगठनों से मानवाधिकार के कथित उल्लंघनों के विषय में सूचना प्राप्त करती है और उनपर जाँच-पड़ताल के बाद अपना निर्णय देती है.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : Affordability of nutritious diets in rural India

संदर्भ

ग्रामीण भारत में पौष्टिक आहार लेने हेतु सामर्थ्यता (Affordability of nutritious diets in rural India),  अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (International Food Policy Research Institute) के अर्थशास्त्री कल्याणी रघुनाथन तथा अन्य के द्वारा संलिखित एक अध्ययन-रिपोर्ट है.

हाल ही में, इस अध्ययन-रिपोर्ट के निष्कर्ष जारी किए गए है.

प्रमुख निष्कर्ष

  1. वास्तविक भारतीय आहार– गेहूँ, चावल, बाजरा, दूध, दही, प्याज, मूली, पालक, केला- में से सबसे सस्ते विकल्प का चयन करते हुए ‘अध्ययन’ में की गयी गणना के अनुसार,- एक दिन के भोजन का व्यय 45 रुपए (अथवा वयस्क व्यक्ति के लिए ₹51) होगा.
  2. प्रति चार में से तीन ग्रामीण भारतीय पौष्टिक आहार लेने में समर्थ नहीं है. यहाँ तक ​​कि अगर वे अपनी पूरी आय भोजन पर खर्च करते हैं, तो भी उनमें से, प्रति तीन में से दो के पास सभी पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने वाले सबसे सस्ते आहार हेतु पर्याप्त धन नहीं होगा.
  3. यदि वे गैर-खाद्य व्यय के लिए अपनी आय का मात्र एक तिहाई हिस्सा अलग रख देते हैं, तो 76% ग्रामीण भारतीय अनुशंसित आहार का व्यय नहीं उठा पाएँगे. इसमें परिवार के गैर-कमाने वाले सदस्यों, जैसे कि बच्चों या अन्य वयस्कों के भोजन व्यय को सम्मिलित नहीं किया गया है.

अध्ययन का महत्त्व

यह  निष्कर्ष इस तथ्य के मद्देनजर महत्वपूर्ण हैं, भारत द्वारा खाद्य सुरक्षा हासिल कर लिए जाने के बाद भी, यह कई पोषण संकेतकों पर काफी निम्न प्रदर्शन करता है.

  1. नवीनतम ग्लोबल हंगर इंडेक्स के अनुसार- भारत में, पांच वर्ष से कम उम्र के उन बच्चोंजिनका वज़न उनकी लंबाई के अनुपात में कम होता हैकी संख्या विश्व में सर्वाधिक है, जो तीव्र कुपोषण को दर्शाती है.
  2. मात्र कैलोरी सेवन की माप करने वाले ऐसे संकेतकों के अनुसार, भारत का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर है, लेकिन ऐसे संकेतक कैलोरी सेवन के पोषण मूल्य को सम्मिलित नहीं करते हैं.

भारत में पोषण संबंधी दिशानिर्देश

राष्ट्रीय पोषण संस्थान के दिशानिर्देशों के अनुसार, वयस्क महिलाओं के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार हेतु एक दिन में 330 ग्राम अनाज और 75 ग्राम दालें खाने के साथ-साथ 300 ग्राम दुग्ध-उत्पाद, 100 ग्राम फल और 300 ग्राम सब्जियाँ शामिल हैं. सब्जियों में कम से कम 100 ग्राम हरी पत्तेदार सब्जियाँ होनी जरूरी हैं.

अध्ययन में प्रयुक्त की गयी पद्धति

आर्थिक सर्वेक्षण के थाली-अर्थशास्त्र’ (Thalinomics), जिसमे ‘भोजन की लागत’ का एक चित्ताकर्षक (rosier) चित्र प्रदान किया गया था, के विपरीत इस अध्ययन में अकुशल श्रमिकों की मजदूरी को मापक के रूप में प्रयुक्त किया गया है. अकुशल श्रमिक, औद्योगिक श्रमिकों की तुलना में आबादी का एक बड़ा हिस्सा हैं. इसके अतिरिक्त, अध्ययन में, भारत के आधिकारिक आहार दिशानिर्देशों के अनुसार आवश्यक डेयरी, फल और हरे पत्तेदार सब्जियां जैसी वस्तुएं सम्मिलित की गयी हैं.


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Separation of powers between various organs dispute redressal mechanisms and institutions.

Topic : Indigenization of technology and developing new technology.

संदर्भ

अंतरिक्ष विभाग (DoS) ने एक नई अंतरिक्ष सुदूर संवेदन नीति (SRS Policy-2020) का प्रारूप तैयार किया है, जिसका उद्देश्य निजी क्षेत्र  के लिए सुदूर संवेदन के आंकड़ों की सुगम पहुँच सुनिश्चित करना है.

अंतरिक्ष सुदूर संवेदन नीति (SRS Policy-2020) के प्रारूप से जुड़े मुख्य बिंदु

  • इस मसौदे में अंतरिक्ष-आधारित रिमोट सेंसिंग सिस्टम से उत्पन्न डेटा और सेवाओं के आसान प्रसार को सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
  • कोई भी सेवा प्रदाता पंजीकरण / प्राधिकरण की एक सरल प्रक्रिया का पालन करके देश में किसी भी उपयोगकर्ता को रिमोट सेंसिंग डेटा और सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वतंत्र होगा.
  • मसौदा नीति के अनुसार निजी कंपनियों की जल्द ही सभी भू-अवलोकन आंकड़ों तक पहुँच हो जाएगी. हालांकि अन्तरिक्ष विभाग ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से बहुत उच्च रिज़ॉल्यूशन वाले डेटा के उपयोग को प्रतिबंधित है.
  • इससे पहले निजी कंपनियों को इसरो के आँकड़ों का उपयोग करने के लिए शुल्क अदा करनी पड़ती थी, लेकिन अब कोई भी संस्थान इसरो के आंकड़ों का बिना कोई शुल्क दिये ही उपयोग कर सकेगा.
  • इसके अलावा, निजी कंपनियों को रिमोट सेंसिंग पेलोड लॉन्च करने और संचालित करने की भी अनुमति होगी. ये पेलोड भारत और अन्य भौगोलिक क्षेत्रों के अवलोकन को सक्षम बनाएँगे.
  • इसके साथ ही निजी कंपनियों को ग्राउंड स्टेशन की मेजबानी करने की भी अनुमति होगी.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन

  • वर्ष 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (ISRO) की स्थापना हुई. यह भारत सरकार की अंतरिक्ष एजेंसी है और इसका मुख्यालय बंगलुरू में है.
  • इसे अंतरिक्ष अनुसंधान के लिये देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उनके करीबी सहयोगी और वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के प्रयासों से स्थापित किया गया.
  • इसे भारत सरकार के स्पेस डिपार्टमेंट’ द्वारा प्रबंधित किया जाता है, जो सीधे भारत के प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करता है.
  • इसरो अपने विभिन्न केंद्रों के देशव्यापी नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है.

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