Sansar डेली करंट अफेयर्स, 12 November 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 12 November 2019


Top 100 CA Batch Important Info
करंट अफेयर्स के लिए आयोजित होने वाली टेस्ट सीरीज 15 नवम्बर को आयोजित होने जा रही है. टेस्ट देने की अंतिम तारीख 29 नवम्बर होगी. छात्र 15 नवम्बर से 29 नवम्बर तक किसी भी तिथि में सुविधानुसार परीक्षा दे सकते हैं. स्मरण रहे कि यह परीक्षा मात्र Top 100 छात्रों के चयन करने के उद्देश्य से ली जा रही है. जो छात्र सफल होंगे उनका चयन आगामी आयोजित होने वाली करंट अफेयर्स 12 टेस्ट सीरीज बैच के लिए किया जाएगा. 12 टेस्ट सीरीज की परीक्षा-सारणी वेबसाइट पर 30 नवम्बर को सफल छात्रों के नाम के साथ डाल दी जायेगी.


GS Paper 1 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Population and associated issues, poverty and developmental issues, urbanization, their problems and their remedies.

Topic : Swachh – Nirmal Tat Abhiyaan

संदर्भ

देश के समुद्र तटों को स्‍वच्‍छ बनाने और जनता में तटीय पारि‍स्थितिकी तंत्र के महत्‍व के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय स्‍वच्‍छ – निर्मल तट अभियान के तहत 11 से 17 नवम्‍बर, 2019 तक 50 चिन्हित किये गए समुद्र तटों में व्‍यापक स्‍वच्‍छता एवं जागरूकता अभियान शुरू कर रहा है.

  • चिन्हित किये गये ये समुद्र तट 10 तटीय राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों – गुजरात, दमन एवं दीव, महाराष्‍ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुद्दुचेरी, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हैं. इन समुद्र तटों को संबंधित राज्‍यों/केन्‍द्रशासित प्रदेशों के साथ परामर्श के बाद चिन्हित किया गया है.
  • सभी समुद्र तटों में चलने वाले इन स्‍वच्‍छता अभियानों में ईको-क्‍लबों के स्‍कूल/कॉलेज छात्रों, जिला प्रशासन, संस्‍थानों, स्‍वयंसेवकों, स्‍थानीय समुदायों और अन्‍य हितधारकों को शामिल किया जा रहा है. ईको-क्‍लब के लिए राज्‍य की नोडल एजेंसियों को इन सभी 10 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में सप्‍ताहभर चलने वाले व्‍यापक स्‍वच्‍छता अभियान की सुविधा प्रदान की जाएगी. ईको-क्‍लबों के नोडल शिक्षक पूरे स्‍वच्‍छता अभियान के दौरान मौके पर उपस्थित रहेंगे.

स्‍वच्‍छ – निर्मल तट अभियान से सम्बंधित मुख्य तथ्य

  • पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिकारियों को भी इस अभियान की निगरानी करने के लिए तैनात किया गया है.
  • तटों की सफाई की गतिविधियां प्रतिदिन दो घंटे की अवधि के दौरान चलाई जाएंगी.
  • इसके लिए तट के न्‍यूनतम एक किलोमीटर हिस्‍से की पहचान की जाएगी.
  • चिन्हित लगभग 15 समुद्र तटों पर रेत सफाई करने वाली मशीनें भी तैनात की जाएंगी.
  • इसके बाद एकत्रित हुए कचरे को अपशिष्‍ट प्रबंधन नियमावली, 2016 के अनुसार संसाधित किया जाएगा.
  • मंत्रालय के तत्‍वाधान में पर्यावरण शिक्षा प्रखंड और एकीकृत तटीय प्रबंधन सोसायटी इन 50 समुद्र तटों पर चलाए जाने वाले अभियान में पूरा तालमेल स्‍थापित करने के लिए जिम्‍मेदार होंगे.
  • संबंधित राज्‍य सरकारें और केन्‍द्रीय मंत्रालय तट स्‍वच्‍छता अभियान में सक्रिय रूप से भागीदारी करेंगे.
  • अभियान की समाप्ति पर सर्वश्रेष्‍ठ तीन समुद्र तटों को उचित रूप से पुरस्‍कार दिया जाएगा और सभी भाग लेने वाले ईको-क्‍लबों को प्रशंसा पत्र देकर सम्‍मानित किया जाएगा.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Draft Social Security code

संदर्भ

जनसाधारण से परामर्श प्राप्त करने के पश्चात् भारत सरकार सामाजिक सुरक्षा संहिता के प्रारूप तैयार करने जा रही है जिसमें भविष्य निधि से सम्बंधित 8 वर्तमान कानूनों को समाहित किया जाएगा.

प्रारूप के लक्ष्य

  1. वर्तमान कानूनों को एक जगह लाना
  2. नई पहलें करना जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सार्वभौम सामाजिक सुरक्षा तथा अपारम्परिक काम करने वाले गिग श्रमिकों (gig workers) की बीमा और स्वास्थ्य.
  3. EPFO और ESIC जैसे संगठनों को निगमित करना.

प्रारूप के मुख्य तत्त्व

  1. असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बीमा, भविष्य निधि, जीवन बीमा : केंद्र सरकार समय-समय पर असंगठित कर्मचारियों के लिए उचित कल्याण कार्यक्रम बनाएगी जिसमें उनके जीवन एवं अपंगता की बीमा की जायेगी. उन्हें स्वास्थ्य एवं मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा तथा अन्य ऐसे लाभ दिए जाएँगे.
  2. EPFO और ESIC का निगमीकरण : EPFO और ESIC जैसे पेंशन, बीमा एवं सेवा निवृत्ति बचत निकायों को निगमित किया जाएगा. यह व्यवस्था की जायेगी कि इन संगठनों की अध्यक्षता श्रम मंत्री, श्रम सचिव, केन्द्रीय भविष्य निधि आयुक्त और ESIC महानिदेशक डिफ़ॉल्ट से प्राप्त न कर सकें.
  3. गिग कर्मियों को लाभ : केंद्र सरकार गिग कर्मियों और प्लेटफार्म कर्मचारियों के लिए समुचित सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ चलाएगी जिसके अंतर्गत उनको जीवन एवं अपंगता बीमा, स्वास्थ्य मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा एवं अन्य लाभ दिए जाएँगे.
  4. मातृत्व लाभ : संहिता में वर्णित प्रावधानों के तहत प्रत्येक स्त्री को मातृत्व लाभ देना होगा. इसके लिए उसकी वास्तविक अनुपस्थिति की अवधि की औसत दैनिक मजदूरी की दर पर भुगतान किया जाएगा.
  5. प्रारूप के पारित होने पर बनने वाली सामाजिक संहिता में आठ वर्तमान श्रम कानून समाहित हो जाएँगे, ये हैं – कर्मचारी मुआवजा अधिनियम, 1923; कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948, कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952; मातृत्व लाभ अधिनियम, 1961; ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972; सिनेकर्मी कल्याण कोष अधिनियम, 1981; भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक उपकर अधिनियम, 1996 और असंगठित श्रमिक सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Issues related to direct and indirect farm subsidies and minimum support prices; Public Distribution System objectives, functioning, limitations, revamping; issues of buffer stocks and food security; Technology missions; economics of animal-rearing.

Topic : Fall Armyworm (FAW)

संदर्भ

ओडिशा राज्य के कृषि विभाग की समुचित सावधानी एवं सामयिक प्रबंधन के साथ-साथ किसानों में फैली जागृति के कारण मकई की फसल पर फौल आर्मीवर्म (faw) कीड़ों का प्रकोप रोक दिया गया है.

पृष्ठभूमि

ओडिशा प्रत्येक वर्ष 7 लाख टन से अधिक मकई पैदा करता है. पिछले वर्ष जहाँ 2.28 लाख हेक्टेयर में मकई लगाई गई थी, वहीं 2019-20 में यह क्षेत्रफल बढ़कर 2.40 लाख हेक्टेयर हो गया है.

FAW क्या है?

FAW फसलों में लगने वाला एक प्रकार का कीड़ा है जो उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के उष्णकटिबंधीय एवं उपोषणकटिबंधीय क्षेत्रों का मूल निवासी है. पहले पहल इसका पता 2016 में अफ्रीकी महादेश में चला था. तब से यह कीड़ा अन्य देशों में फ़ैल चुका है, जैसे – चीन, थाईलैंड, मलेशिया और श्रीलंका में.

भारत में इसका पता पहली बार पिछले वर्ष चला जब इसका प्रकोप कर्नाटक की फसलों में देखा गया. मात्र छह महीने के भीतर-भीतर यह कीड़ा देश के आधे भाग में फ़ैल गया. अभी तक इसके प्रकोप की सूचना जिन राज्यों में चली है, वे हैं – मिजोरम, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल.

जीवन चक्र

इस कीड़े की आयु मात्र 45 दिन की होती है और इतने ही दिनों के अन्दर मादा FAW कीड़ा पत्तों के ऊपर 1,500 से लेकर 2,000 अंडे दे देती है. कैटरपीलर की अवस्था में यह कीड़ा पत्तों, टहनियों और फूलों को खाने लगता है.

यह कितना खतरनाक है?

इसे कीड़े की विशेषता यह है कि यह सब प्रकार के भोजन को ग्रहण कर सकता है. कहने का तात्पर्य यह है कि इससे कोई भी पौधा सुरक्षित नहीं है. बताया जाता है कि यह 80 प्रकार के फसलों को नष्ट कर सकता है. मकई हो चाहे गन्ना इससे कोई बच नहीं सकता. साथ ही यह प्रत्येक रात्रि में 100 किलोमीटर तक उड़ सकता है. इस कारण इसका फैलाव भी आश्चर्यजनक होता है. इसीलिए आधा भारत छह महीने के अन्दर इसकी चपेट में आ गया.

फसलों के उत्पादन पर प्रभाव

अभी तक यह कीड़ा भारत में मकई, ज्वार और गन्नों में ही लगा है जिनमें सबसे अधिक असर मकई पर हुआ है. इन कीड़ों के चलते मकई उत्पादन में 5 लाख टन की कमी आई है जिस कारण सरकार को बाहर से मकई का आयात करना पड़ा. विदित हो कि चावल और गेहूँ के बाद मकई देश का सबसे बड़ा अनाज है. अतः इसे FAW कीड़े से समय रहते बचाना आवश्यक हो गया है.


GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Scientists call for action on climate

संदर्भ

11,000 से अधिक वैज्ञानिकों ने बायो-साइंस नामक पत्रिका को एक पत्र लिखकर जलवायु पर शीघ्र से शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने का आह्वान किया है.

पत्र में क्या है?

  • पूरे विश्व में ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन अभी भी बढ़ता जा रहा है.
  • जलवायु परिवर्तन का अर्थ मात्र वैश्विक तापमान में वृद्धि ही नहीं है, अपितु बहुत कुछ है.
  • किन मानवीय गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन प्रभावित हो रहा है तथा उसका जलवायु, पर्यावरण और समाज पर क्या दुष्प्रभाव पड़ रहा है इसको व्यक्त करने के लिए वैज्ञानिकों ने कुछ संकेतक तैयार किये हैं.
  • ये संकेतक हैं – जनसंख्या वृद्धि, वृक्षों की कमी, प्रजनन दर, जीवाश्म ईंधन सब्सिडी, हिमानी की मोटाई और उत्कट जलवायवीय घटनाओं का बार-बार होना. ये सभी जलवायु परिवर्तन से जुड़े हुए विषय हैं.

सरकारों और जनसाधारण को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए क्या करना चाहिए?

  1. ऊर्जा सक्षमता पर ध्यान देना और जीवाश्म ईंधनों की जगह पर कम कार्बन वाली नवीकरणीय ऊर्जा का प्रयोग करना.
  2. मीथेन और कालिख जैसे थोड़ी देर टिकने वाले प्रदूषण तत्त्वों के उत्सर्जन को घटाना.
  3. धरती की पारिस्थितिकी को बचाना और फिर से पहले जैसा करना.
  4. माँस की खपत घटाना.
  5. बेतहाशा आर्थिक वृद्धि और संशोधनों की खपत से बचना.
  6. जनसंख्या को स्थिर करना और हो सके तो उसे धीरे-धीरे घटाते रहना और साथ ही मानव कल्याण में सुधार लाना.

GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : Jal Jeevan Mission

संदर्भ

भारत सरकार के जल संसाधन मंत्री ने पिछले दिनों दक्षिण के राज्यों में जल जीवन अभियान के प्रदर्शन की समीक्षा की.

जल जीवन अभियान क्या है?

  • यह अभियान 2024 तक सभी ग्रामीण और शहरी घरों (हर घर जल) में नलके से पानी पहुँचाने के लिए तैयार किया गया है.
  • जल जीवन अभियान की घोषणा अगस्त, 2019 में हुई थी.
  • इसके अतिरिक्त इस अभियान का उद्देश्य है वर्षा जल संग्रह, भूजल वापसी और घर से निकलने वाले अपशिष्ट जल को खेती में प्रयोग करने से सम्बंधित स्थानीय अवसंरचनाओं का निर्माण करना.
  • जल जीवन अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण के अनेक कार्य किये जाएँगे, जैसे – पॉइंट रिचार्ज, छोटे सिंचाई जलाशयों से गाद निकालना, अपशिष्ट जल को खेती में डालना और जल स्रोतों को टिकाऊ बनाना.
  • सतत जल आपूर्ति के लक्ष्य को पाने के लिए जल जीवन अभियान में अन्य केन्द्रीय और राज्य योजनाएँ समाहित की जाएँगी.

इस अभियान का माहात्म्य

भारत में विश्व की 16% जनसंख्या रहती है, परन्तु मृदु जल के स्रोत यहाँ 4% ही है. भूजल का स्तर घटता जा रहा है. पानी का अत्यधिक दोहन हो रहा है, पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है, जलवायु परिवर्तन देखा जा रहा है.

इन सब कारणों से पेय जल की उपलब्धता एक समस्या बनी हुई है. आज आवश्यकता है कि देश में तुरंत जल संरक्षण किया जाए, विशेषकर इसलिए कि भूजल का स्तर गिरता जा रहा है. अतः जल जीवन अभियान में मुख्य ध्यान स्थाई स्तर पर पानी की माँग और आपूर्ति का समेकित प्रबंधन करने पर दिया जाएगा.


Prelims Vishesh

NASA Unveils First Electric Plane X-57 “Maxwell” :-

  • नासा ने पिछले दिनों एक्स-57 मैक्सवेल नामक अपने पहले पूरे तौर पर बिजली से चलने वाले प्रायोगिक विमान के पहले संस्करण का अनावरण किया है.
  • यह संस्करण इटली में बने टेकनेम P2006T नामक दो ईंजन वाले प्रोपेलर जहाज में आवश्यक परिवर्तन कर तैयार हुआ है.
  • इस जहाज का पहला परीक्षण एक वर्ष के बाद एडवर्ड एयर फ़ोर्स बेस से किया जाएगा.

Tiger triumph:

  • पहली बार अमेरिका और भारत की जल-थल-नभ की सेनाओं का एक अभ्यास भारत में होना जा रहा है जिसका नाम टाइगर ट्रायम्फ फिय गया है.
  • यह अभ्यास मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों से सम्बन्धित है.

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