Sansar डेली करंट अफेयर्स, 12 August 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 12 August 2021


GS Paper 1 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Population and associated issues, poverty and developmental issues, urbanization, their problems and their remedies / Social empowerment.

Topic : India’s elderly population to rise 41% over next decade to touch 194 mn in 2031: Govt report

संदर्भ

हाल ही में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा “भारत में वृद्धजन 2021” रिपोर्ट जारी की गई है. इस रिपोर्ट का उद्देश्य देश में वृद्धों की समस्याओं एवं उनकी स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा उनके सम्बन्ध में नीति निर्माण सहायता करना है.

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु

  • रिपोर्ट के अनुसार देश में प्रजनन क्षमता में गिरावट एवं आयुकाल में वृद्धि के कारण भारत की कुल आबादी में वृद्धजनों का हिस्सा वर्ष 2011 के 8.6% से बढ़कर वर्ष 2021 में 10.1% हो गया है.
  • सर्वाधिक वृद्धजन आबादी केरल (16.5%) जबकि सबसे कम बिहार (7.7%) में है.
  • वृद्धावस्था निर्भरता अनुपात, जो कि वर्ष 2011 में 14.2% था, उसके वर्ष 2021 में बढ़कर 15.7% होने की संभावना है, यह अनुपात 15-59 आयुवर्ग के प्रति 100 लोगों पर वृद्धजनों की संख्या को दर्शाता है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

विश्व के अधिकाँश देशों में बड़ी संख्या में लोग वृद्ध हो रहे हैं जिसका सीधा असर अपरिहार्य तौर पर पेंशन और वृद्धों की सहायता करने वाली दूसरी योजनाओं पर पड़ने वाला है. इसके पीछे दो प्रकार के रुझान काम कर रहे हैं. पहला जो कि सुखद है और वह ये है कि लोगों की ज़िंदगी लंबी हो रही है, वे पहले के मुक़ाबले अब ज़्यादा दिनों जी रहे हैं. दूसरी तरफ़ लोग बच्चे कम पैदा कर रहे हैं. 1960 में हर 1000 व्यक्ति पर 33 बच्चे होते थे और आज यह संख्या घट कर 20 हो गई है. अनुमान लगाया जाता है कि यह संख्या और नीचे जाएगी क्योंकि विकासशील देशों में लोगों में कम बच्चे पैदा करने का रुझान बढ़ रहा है.

वृद्ध व्यक्तियों की बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव वैश्विक एवं घरेलू दोनों स्तरों पर है. यह विशाल संख्या दो बातों की ओर इंगित करती है – मानव संसाधन विधि की विशालता एवं उसे सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य लाभ देने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की आवश्यकता. जनगणना परिवर्तन  के साथ सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन होते है. ये परिवर्तन कुछ क्षेत्र में लाभदायक होते है और कुछ अन्य से चिंताजनक.

जनसंख्या के इस नए स्वरूप ने नई समस्याएं पैदा की हैं. जिसके मुताबिक़ हर वृद्धों के अनुपात में कमाने वाले कम हो गए हैं. चीन में अभी 16 करोड़ 70 लाख लोग 60 वर्ष या उससे ऊपर की आयु में हैं और 2050 तक यह संख्या 40 करोड़ तक पहुंच जाएगी. इसका मतलब ये हुआ कि चीन की लगभग एक चौथाई आबादी वृद्धों की होगी. जिसका अर्थ ये हुआ कि देश की बूढ़ी होती आबादी की देखभाल के लिए कम जवान लोग बचेंगे.

भारत के संविधान में वृद्धजनों के कल्याण का प्रावधान है. राज्य के नीति निर्देशित तत्त्व (अनुच्छेद 41) के अनुसार राज्य अपनी आर्थिक क्षमता एवं विकास को ध्यान में रखते हुए वृद्धजनों हेतु सरकारी सहायता का अधिकार सुनिश्चित करेंगे. इसके अतिरिक्त अन्य प्रावधान भी है जो राज्य को निर्देशित करते है कि वह अपने नागरिकों के जीवन में गुणात्मक सुधार लाएं. हमारे संविधान में समानता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है. इसके प्रावधान वृद्धों के लिए भी प्रभावी है और सामाजिक सुरक्षा का दायित्व राज्य एवं केंद्र सरकारों पर सामान रूप से है.

जैसे-जैसे भारत में वृद्ध लोगों की जीवन प्रत्याशा बढ़ती है, हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि लोग अधिक आयु तक जीवित रहें, स्वस्थ जीवन जिएँ, जो वृद्ध व्यक्तियों, उनके परिवारों और समाज के लिये अधिक महत्त्वपूर्ण है.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Pradhan Mantri Ujjwala Yojana 2.0

संदर्भ

प्रधानमंत्री मोदी ने 10 अगस्त को महोबा, उत्तर प्रदेश में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन सौंपकर उज्ज्वला 2.0 (प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना- पीएमयूवाई) का शुभारंभ किया. इस दूसरे संस्करण के अंतर्गत प्रवासी श्रमिकों को भी योजना के लाभार्थियों में शामिल किया गया है. उन्हें अपने आवासीय पते की स्वत: घोषणा करनी होगी तथा उन्हें गैस कनेक्शन दे दिया जायेगा.

प्रधानमन्त्री उज्ज्वला योजना

  • पीएमयूवाई की शुरूआत एक मई 2016 को की गयी. इसके तहत मार्च 2019 तक गरीब परिवार की पांच करोड़ महिलाओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य था. बाद में लक्ष्य को बढ़ाकर 2021 तक 8 करोड़ कर दिया गया और अब सभी घर को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है.
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का शुभारम्भ डॉ. बी.आर.अम्बेडकर की जयंती परतेलंगाना राज्य में किया गया.
  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों तक एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) कनेक्शन पहुँचाना है.
  • इस योजना के अंतर्गत सामाजिक-आर्थिक-जाति-जनगणना (SECC) के माध्यम से पहचान किये गए गरीबी रेखा के नीचे आने वाले परिवारों की वयस्क महिला सदस्य को केंद्र सरकार द्वारा प्रति कनेक्शन 1600 रुपये की वित्तीय सहायता के साथ जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है.
  • यह योजना पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही है.

PMUY के फायदे

  • शुद्ध ईंधन के प्रयोग से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार
  • अशुद्ध जीवाश्‍म ईंधन के प्रयोग न करने से वातावरण में कम प्रदूषण
  • खाने पर धुएं के असर से मृत्‍यु में कमी
  • छोटे बच्‍चों में स्‍वास्‍थ्‍य समस्या से छुटकारा.

प्रधानमन्त्री उज्ज्वला योजना में पाई गई खामियाँ

  • सिलिंडरों की खपत कम है और उनकी आपूर्ति में अच्छी-खासी देरी होती है.
  • इस योजना के अंतर्गत कुछ ऐसे लोगों को भी लाभ निर्गत कर दिया गया है जो लाभार्थी नहीं थे. सरकारी तेल विपणन कंपनियों के सॉफ्टवेर में त्रुटि के चलते ऐसा हुआ है. ये वास्तविक लाभार्थियों की सही पहचान नहीं कर पाते हैं.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : CoWIN Portal

संदर्भ

हाल ही में सरकार ने भारत में निवास करने वाले विदेशी नागरिकों को को-विन (CoWIN) पोर्टल पर पंजीकरण करके कोविड 19 वैक्सीन प्राप्त करने की अनुमति दे दी है.

उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले भारत ने को-विन पोर्टल की तकनीक को दूसरे देशों के साथ साझा करने का निर्णय भी लिया था ताकि वे इस तकनीक का उपयोग अपने स्वयं के टीकाकरण अभियान चलाने के लिए कर सकें. वियतनाम, इराक, पेरू, मैक्सिको, डोमिनिकन गणराज्य, पनामा, नाइजीरिया, युक्रेन, संयुक्त अरब अमीरात और युगांडा सहित देशों ने अपने टीकाकरण कार्यक्रम चलाने के लिए को-विन तकनीक के बारे में सीखने में अपनी रुचि व्यक्त की है.

को-विन पोर्टल क्या है?

  • यह कोविड 19 टीकाकरण की योजना, कार्यान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए एक क्लाउड-आधारित आईटी समाधान है.
  • यह लाभार्थियों के पंजीकरण, टीकाकरण केंद्रों के आवंटन, टेक्स्ट मेसेज भेजने और कोल्ड स्टोरेज में संग्रहीत शीशियों की लाइव निगरानी का काम करता है.
  • इसके माध्यम से QR Code-आधारित टीकाकरण प्रमाणपत्र उन कोविड 19 वैक्सीन लाभार्थियों के लिए जारी किया जाता है, जो को-विन पोर्टल पर पंजीकृत हैं.
  • यह एप्लीकेशन बैक्सीन स्टॉक की रियल टाइम जानकारी, उनके भंडारण तापमान और कोविड 19 वैक्सीन के लाभार्थियों की ट्रैकिंग सविधा प्रदान करता है.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Internal security related issues.

Topic : Ladakh removes Inner Line Permit system for domestic tourists

संदर्भ

लद्दाख प्रशासन ने अपने संरक्षित क्षेत्रों की यात्रा करने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए इनर लाइन परमिट की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है. यह कदम लद्दाख की ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और भारतीय संप्रभुता को रेखांकित करने के लिए उठाया गया है.

इनर लाइन परमिट (ILP) क्या है?

  • Inner Line Permit सरकार द्वारा निर्गत किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो भारत के किसी नागरिक को किसी संरक्षित क्षेत्र के भीतर सीमित अवधि के लिए प्रवेश की छूट देता है.
  • फिलहाल Inner Line Permit की आवश्यकता भारतीय नागरिकों को तब होती है जब वह इन चार राज्यों में प्रवेश करना चाहते हैं – अरुणाचल प्रदेशमिजोरममणिपुर और नागालैंड.
  • वर्तमान में यह परमिट मात्र यात्रा के लिए निर्गत होते हैं.
  • इसमें यह प्रावधान है कि ऐसे यात्री सम्बंधित राज्य में भूसंपदा नहीं खरीद सकेंगे.

इतिहास

इनर लाइन परमिट का इतिहास बंगाल पूर्वी-सीमांत नियमन अधिनियम 1873 (Bengal Eastern Frontier Regulation Act 1873) से आरम्भ होता है. इस अधिनियम को अंग्रेजों ने कतिपय घोषित क्षेत्रों में प्रवेश को सीमित करने के लिए गढ़ा था.

इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों में ब्रिटिश नागरिकों अर्थात् भारतीयों को व्यापार करने से रोकना और अंग्रेजों के हितों की सुरक्षा करना था. स्वतंत्रता के पश्चात् 1950 में इस अधिनियम में संशोधन करके “ब्रिटिश नागरिक” के स्थान पर “भारतीय नागरिक” कर दिया गया था.

आज सभी बाहरी निवासियों को यह परमिट लेना पड़ता है जिससे इन राज्यों के मूल जातीय समुदाय शोषण से बच सकें.

विदेशियों के लिए ILP

ILP मात्र घरेलू पर्यटकों के लिए ही है. जहाँ तक विदेशी पर्यटकों की बात है उनको इस परमिट की आवश्यकता नहीं होती है, परन्तु मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड में प्रवेश करते समय इन्हें पंजीकरण करवाना पड़ता है. अरुणाचल प्रदेश पर्यटकों को भारत सरकार के गृह मंत्रालय से सुरक्षित क्षेत्र अनुमति (Protected Area Permit – PAP) अथवा प्रतिबंध क्षेत्र अनुमति (Restricted Area Permit – RAP) लेने की आवश्यकता पड़ती है.


Prelims Vishesh

Maharashtra announces Rajiv Gandhi Award for excellence in IT :-

  • हाल ही में, महाराष्ट्र सरकार द्वारा ‘सूचना प्रौद्योगिकी’ में उत्कृष्टता हेतु ‘राजीव गांधी पुरस्कार’ शुरू करने की घोषणा की गयी है.
  • यह पुरस्कार, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती, 20 अगस्त, के अवसर पर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संस्थानों और कंपनियों को यह पुरस्कार दिया जाएगा.

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