Sansar डेली करंट अफेयर्स, 11 December 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 11 December 2019


GS Paper 1 Source: PIB

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Topic : Maharaja Surajmal and the third battle of Panipat

संदर्भ

बॉलीवुड की नयी फिल्म ‘पानीपत’ (Panipat Film) को लेकर राजस्थान में जारी विरोध के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने सोमवार को कहा कि सेंसर बोर्ड (Censor Board को इसका संज्ञान लेकर हस्तक्षेप करना चाहिए.

मामला क्या है?

उल्लेखनीय है कि फिल्म में भरतपुर के महाराजा रहे सूरजमल जाट का चित्रण कथित तौर पर गलत ढंग से किए जाने का राजस्थान में विरोध हो रहा है. राजस्थान के पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी इस पर आपत्ति जता चुकी है.

आगे की राह

फिल्म बनाने से पहले किसी के व्यक्तित्व को सही परिप्रेक्ष्य में दिखाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि विवाद की नौबत नहीं आए. कला का सम्मान होना चाहिए, कलाकार का सम्मान हो परंतु उन्हें भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी भी जाति, धर्म या वर्ग के महापुरुषों और देवताओं का अपमान नहीं होना चाहिए.

सूरजमल कौन थे?

  • महाराजा सूरजमल भरतपुर राज्य के दूरदर्शी महाराजा थे. उनके पिता बदन सिंह ने डीग को सबसे पहले अपनी राजधानी बनाया और बाद में सूरजमल ने भरतपुर शहर की स्थापना की.
  • सूरजमल ने सन् 1733 में खेमकरण सोगरिया की फतहगढी पर आक्रमण किया और विजय प्राप्त कर यहां 1743 में भरतपुर नगर की नींव रखी जो सन् 1753 से उनका निवास हुआ. जयपुर राज के जागीरदार थे.
  • 14 जनवरी 1761 में पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठों और अहमदशाह अब्दाली के बीच हुई.

GS Paper 2 Source: PIB

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Topic : Fit India Movement

संदर्भ

उपराष्ट्रपति ने ‘फिट इंडिया’ को एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया.

फिट इंडिया आन्दोलन क्या है?

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा अभिकल्पित एक राष्ट्रीय आन्दोलन है जिसका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को उसके दिन-प्रतिदिन के जीवन में चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए कुछ साधारण और सरल उपायों को अपनाने हेतु प्रेरित करना है.

कहने की आवश्यकता नहीं कि आज इस प्रकार की पहल अत्यावश्यक है क्योंकि इसके माध्यम से देश एक स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर हो सकता है.

चिंता का विषय

दुनिया में हृदयघात के रोगियों में से लगभग 40 प्रतिशत भारत से हैं और इनके कारण होने वाली मृत्यु का एक चौथाई हदय रोगों के कारण होता है.

आगे की राह

पारंपरिक खाद्य पदार्थों को पुन: जीवन में लाने की आवश्यकता है जो हमारी शारीरिक और जलवायु आवश्यकताओं के अनुकूल हैं. मातृ प्रकृति से दूर रहकर, लोग शरीर और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहे हैं, प्रकृति से प्यार करना, प्रकृति के साथ रहना ही बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करता है.

चिकित्सकों और स्वास्थ्य देखभाल पेशेवरों को गतिहीन जीवन शैली को बदलने के बारे में लोगों को शिक्षित करने को प्रधानता देनी चाहिए और दिल की बीमारियों की संभावना को कम करने के लिए लोगों को शारीरिक गतिविधियों जैसे जॉगिंग, साइकिल चलाना और अन्य शारीरिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. भारत सरकार द्वारा प्रारंभ आयुष्मान भारत योजना विभिन्न ऐसी बीमारियों, जो उच्च लागत के कारण पहुंच से बाहर थीं, उनसे ग्रस्त नागरिक अब इस योजना के के माध्यम से इलाज करा रहे है और यह योजना देश की भलाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.


GS Paper 2 Source: PIB

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Topic : Hand in Hand 2019 Military Exercise

संदर्भ

भारत और चीन के बीच संयुक्त सैन्य प्रशिक्षण अभ्यास हैंड-इन-हैंड-2019 का 8वां संस्करण मेघालय के उमरोई स्थित संयुक्त प्रशिक्षण नोड में 07 दिसंबर 2019 को शुरू हुआ.

हैंड-इन-हैंड-2019 सैन्य अभ्यास

  • इस अभ्यास में चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तिब्बत सैन्य कमान और भारतीय थल सेना की टुकड़ी शामिल है.
  • यह संयुक्त अभ्यास 14 दिनों तक चलेगा.
  • इस संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास का उद्देश्य आतंकवाद विरोधी अभियानों में एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठाना है.
  • आतंकवाद निरोधी अभियानों के अलावा मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के संचालन पर चर्चा भी अभ्यास का एक हिस्सा होगी.
  • यह अभ्यास दुनिया को यह सशक्त संदेश देगा कि भारत और चीन दोनों आतंकवाद के उभरते खतरों को अच्छी तरह से समझते हैं और दुनिया को नुकसान पहुंचाने वाले इस खतरे का मुकाबला करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं.

GS Paper 2 Source: PIB

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Topic : UDAN 4.0: 4 airports, airstrips up for bidding in Andaman & Nicobar, Lakshadweep

संदर्भ

द्वीपों की कनेक्टिविटी पर फोकस करते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने उड़ान 4.0’ योजना के तहत अंडमान एवं निकोबार द्वीप में बिना हवाई सेवाओं वाले 3 एयरपोर्ट/हवाई पट्टियों और लक्षद्वीप में कम हवाई सेवाओं वाले 1 एयरपोर्ट/हवाई पट्टी के लिए बोलियां आमंत्रित की हैं. मंत्रालय ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप में 4 वाटर एयरोड्रोम स्‍थलों और लक्षद्वीप में 2 वाटर एयरोड्रोम स्‍थलों की भी पहचान की है, जिसके लिए बोलियां आमंत्रित की जानी हैं. इस क्षेत्र को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं.

उड़ान योजना क्या है?

UDAN भारत सरकार की एक मूर्धन्य योजना है जिसका अनावरण अप्रैल, 2017 में किया गया था. यह योजना जून, 2016 में लागू राष्ट्रीय नागर विमानन नीति (National Civil Aviation Policy – NCAP) का एक प्रमुख अवयव है. UDAN क्षेत्रीय विमानन बाजार को विकसित करने के लिए एक नवोन्मेषी योजना (innovative scheme) है. यह योजना बाजार तंत्र पर आधारित है जिसके अंतर्गत वायुयान सेवादाताओं के द्वारा सीटों के लिए सब्सिडी हेतु बोली लगाई जाएगी. यह योजना इस प्रकार की अभी तक की पहली योजना है जो आर्थिक रूप से आम नागरिकों के लिए व्यवहार्य और लाभदायक है. इससे विश्व स्तर पर क्षेत्रीय मार्गों पर सस्ती उड़ानें भरी जा सकेंगी.

चुने गए एयरलाइन ऑपरेटरों को सामान्य जहाज़ों में न्यूनतम 9 और अधिकतम 40 उड़ान सीटें रियायती दरों पर देनी होंगी तथा हेलीकाप्टरों में न्यूनतम 5 और अधिकतम 13 सीटों का प्रावधान करना होगा. सामान्य जहाज़ों और हेलिकोप्टरों में क्रमशः लगभग एक घंटे और आधे घंटे की यात्रा के लिए आरक्षित सीटों का अधिकतम किराया 2,500 रु. तय किया गया है.

उड़ान योजना के लाभ

  • इस योजना के द्वारा नागरिकों को वायुयात्रा की कनेक्टिविटी मिलेगी
  • यह सभी हितधारकों के लिए एक स्पर्द्धा की स्थिति प्रदान करेगा
  • रोजगार के अवसर प्रदान करेगा
  • क्षेत्रीय हवाई संपर्क और बाजार का विस्तार होगा
  • राज्य सरकारों को दूरदराज के क्षेत्रों के विकास, व्यापार और वाणिज्य के विस्तार और पर्यटन की वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा.

उड़ान 1.0

  • इस चरण के तहत 5 एयरलाइन कंपनियों को 70 हवाई अड्डों (36 नए बनाए गए परिचालन हवाई अड्डों सहित) के लिये 128 उड़ान मार्ग प्रदान किये गए.

उड़ान 2.0

  • वर्ष 2018 में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 73 ऐसे हवाई अड्डों की घोषणा की जहाँ कोई सेवा प्रदान नही की गई थी या उनके द्वारा की गई सेवा बहुत कम थी.
  • उड़ान योजना के दूसरे चरण के तहत पहली बार हेलीपैड भी योजना से जोड़े गए थे.

उड़ान 3.0

  • पर्यटन मंत्रालय के समन्वय में उड़ान 0 के तहत पर्यटन मार्गों का समावेश.
  • जलीय हवाई-अड्डे को जोड़ने के लिए जल विमान का समावेश.
  • उड़ान के दायरे में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई मार्गों को लाना.

उड़ान 4.0

  • उड़ान 0 के तहत छत्तीसगढ़ में बिलासपुर और अंबिकापुर हवाई अड्डों को जोड़ने पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा.
  • उड़ान योजना राज्‍य के उन क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्‍यान केंद्रित करती है जो हवाई सेवा से नहीं जुड़े हैं.
  • नागरिक उड्डयन मंत्रालय जिन राज्‍यों पर विशेष ध्‍यान दे रहा है, छत्‍तीसगढ़ उनमें से एक है.

GS Paper 2 Source: PIB

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Topic : The Recycling of Ships Bill, 2019’ passed in Parliament

संदर्भ

भारत में जहाजों की सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल रिसाइक्लिंग के लिए संसद ने आज ऐतिहासिक जहाजों की रिसाइक्लिंग विधेयक, 2019’ को पारित कर दिया. इस विधेयक का पारित होना भारत के समुद्री क्षेत्र में एक बड़ा कदम एवं ऐतिहासिक पल है और इससे भारत के जहाज रिसाइक्लिंग उद्योग पर दूरगामी असर पड़ेंगे.

लाभ 

  • विधेयक ऐसी हानिकारक सामग्रियों के इस्‍तेमाल को प्रतिबंधित करता है, जिन्‍हें जहाजों की रिसाइक्लिंग करने या ऐसे भी इस्‍तेमाल किया जाता है. नए जहाजों के लिए ऐसी सामग्रियों के इस्‍तेमाल पर विधेयक के कानून का रूप लेने के साथ ही तत्‍काल प्रभाव से प्रतिबंध की व्‍यवस्‍था है जबकि मौजूदा जहाजों को यह व्‍यवस्‍था अपनाने के लिए 5 वर्ष का समय दिया जाएगा. हानिकारक सामग्रियों के इस्‍तेमाल पर रोक या प्रतिबंध युद्धपोतों और सरकार द्वारा संचालित गैर-व्‍यवसायिक जहाजों पर लागू नहीं होंगे. जहाजों में हानिकारक सामग्रियों के इस्‍तेमाल की जांच के बाद ही उन्‍हें प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा.
  • इस विधेयक में व्‍यवस्‍था की गई है कि जहाजों की रिसाइक्लिंग के लिए बनाए गए स्‍थान अधिकृत होने चाहिए और जहाजों की रिसाइक्लिंग केवल इन्‍हीं स्‍थानों पर होनी चाहिए.
  • विधेयक के अनुसार जहाजों की रिसाइक्लिंग निर्धारित योजना के अनुरूप होनी चाहिए. भारत में रिसाइक्लिंग किए जाने वाले जहाजों को हांगकांग इंटरनेशनल कन्वेंशन के अनुसार रेडी फॉर रिसाइक्लिंग प्रमाण पत्र लेना जरूरी होगा.

मुख्‍य विशेषताएं 

  • इसके तहत जहाजों की रिसाइक्लिंग के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय मानकों को अपनाए जाने के लिए कुछ वैधानिक प्रक्रियाएं और मानदंड तय किए गए हैं.
  • यह भी तय किया गया है कि जहाजों की रिसाइक्लिंग प्रक्रिया हांगकांग इंटरनेशनल कन्वेंशन 2009 की व्‍यवस्‍थाओं के तहत पर्यावरण अनुकूल हो.
  • हांगकांग इंटरनेशनल कन्वेंशन के प्रभाव में आने के साथ ही इसकी व्‍यवस्‍थाओं को रिसाइक्लिंग ऑफ शिप बिल 2019 में समाहित कर लिया जाएगा.

पृष्‍ठभूमि

  • जहाज रिसाइक्लिंग उद्योग के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है. पूरी दुनिया में जहाजों की रिसाइक्लिंग बाजार में भारत की 30 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है. संयुक्‍त राष्‍ट्र की समुद्री परिवहन पर जारी रिपोर्ट 2018 के अनुसार 2017 में भारत में जहाजों के तोड़ने से कुल 6323 टन मलबा निकला था.
  • जहाजों कारिसाइक्लिंग उद्योग श्रम आधारित उद्योग है, लेकिन यह पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से काफी संवेदनशील हैं.

हांगकांग अंतर्राष्‍ट्रीय कन्वेंशन क्या है?

  • हांगकांग कन्वेंशन का पूरा नाम है – The Hong Kong International Convention for the Safe and Environmentally Sound Recycling of Ships,
  • यह कन्वेंशन 2009 में हांगकांग में हुए एक कूटनीतिक सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय सामुद्रिक संगठन (International Maritime Organization – IMO) द्वारा अंगीकृत हुआ था.
  • इस कन्वेंशन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उनके जीवनकाल समाप्त कर लेने के बाद जहाज़ों का जो पुनश्चक्रण हो तो उस समय मानव स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पर्यावरण को कोई अनावश्यक क्षति नहीं पहुँचे.
  • ज्ञातव्य है कि विश्व में जहाँ-जहाँ जहाज तोड़े जाते हैं वहाँ-वहाँ कामगारों और पर्यावरण को खतरा होने का अंदेशा रहता है.
  • यह कन्वेंशन अभी तक प्रभावी नहीं हुआ है क्योंकि अभी तक 15 देशों ने इस पर अभी तक स्वीकृति नहीं दी है. इन 15 देशों का महत्त्व इसी से समझा जा सकता है कि वहन क्षमता के अनुसार विश्व की 40% माल-ढुलाई यही देश करते हैं और साथ ही प्रति वर्ष वैश्विक पुनश्चक्रण का 3% इन्हीं देशों में होता है.

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