Sansar डेली करंट अफेयर्स, 10 November 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 10 November 2020


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests

Topic : How Ethiopia’s Tigray crisis is impacting the Horn of Africa

संदर्भ

इथियोपिया, ‘गृह युद्ध’ की स्थिति में पहुँच चुका है. वर्तमान में देश के उत्तरी टिग्रे (Northern Tigray) क्षेत्र में आंतरिक संघर्ष जारी है.

पृष्ठभूमि

इथियोपिया में संघीय प्रणाली संरचना के अंतर्गत देश में दस क्षेत्रों को महत्वपूर्ण स्वायत्तता प्रदान की गयी है. इन क्षेत्रों की अपनी संसद तथा निजी सुरक्षा बल हैं, और इन्हें स्वतंत्र शासन के लिए जनमत संग्रह कराने का अधिकार भी प्राप्त है.

हॉर्न ऑफ अफ्रीका पर प्रभाव

  1. इथियोपिया में जारी सशस्त्र संघर्षों से, टिग्रे का निकटस्थ देश ‘इरीट्रिया’ सर्वाधिक प्रभावित हो सकता है.
  2. यदि यह संघर्ष व हिंसा इथियोपिया की सीमाओं के फैलटी है, तो यह संभवतःपूरे हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका क्षेत्र को अस्थिर कर सकती है.
  3. इस क्षेत्र में अमेरिका और चीन के कई रणनीतिक सैन्य ठिकाने हैं, इनमे जिबूती (Djibouti), टिग्रे के सर्वाधिक नजदीक सैन्य ठिकाना है. यदि सशस्त्र उपद्रवों की वजह से इन सैन्य-ठिकानों को कोई क्षति पहुँचती है, तो इस क्षेत्रीय संघर्ष में विदेशी सैन्य शक्तियां भी सम्मिलित हो सकती हैं.

हॉर्न ऑफ अफ्रीका

  • अफ्रीका का सींग, वैकल्पिक रूप से पूर्वोत्तर अफ्रीका और कभी कभी सोमाली प्रायद्वीप, पूर्वीअफ्रीका का एक प्रायद्वीप है जो अरब सागर में सैकड़ों किलोमीटर तक फैला है और अदन की खाड़ी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है. मानचित्र पर इसका स्वरूप एक सींग के समान लगता है इसी लिए इसे यह नाम दिया गया है. यह अफ्रीकी महाद्वीप का सबसे पूर्वी विस्तार है. इसको मध्ययुगीन काल में बिलाद अल बरबर (“बरबरों की भूमि”) कहा जाता था.
  • अफ्रीका का सींग के क्षेत्र मेंइरिट्रिया, जिबूती, इथियोपिया और सोमालिया जैसे देश स्थित हैं. इसका क्षेत्रफल लगभग 2000000 किमी² (772200 वर्ग मील) है और लगभग 10.02 करोड़ लोग यहाँ निवास करते हैं (इथियोपिया: 7.5 करोड़, सोमालिया: 1.0 करोड़, इरिट्रिया: 45 लाख और जिबूती: 7 लाख). इथियोपिया अध्ययन और सोमाली अध्ययन के अंतर्गत अफ्रीका का सींग पर क्षेत्रीय अध्ययन किए गए हैं.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : NEW DEVELOPMENT BANK

संदर्भ

हाल ही में आयोजित हुई ब्रिक्स के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर (एफएमसीबीजी) की बैठक में भारत ने नवीन विकास बैंक (New Development Bank – NDB) की सदस्यता का विस्तार करने का समर्थन किया है.

मुख्य तथ्य

  • भारत की केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने हाल ही में ब्रिक्स की वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर (Finance Ministers and Central Bank Governors -FMCBG) की बैठक में भाग लिया. उन्होंने इस बैठक में न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की सदस्यता का विस्तार करने का समर्थन करते हुए क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर दिया है.
  • ब्रिक्स के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर की बैठक के एजेंडे में 2020 में जी20 सऊदी अध्यक्षता के परिणामों पर चर्चा, अवसंरचना निवेश और न्यू डेवलपमेंट बैंक की सदस्यता के विस्तार को प्रोत्साहित करने के लिए एक डिजिटल मंच आदि मुद्दें शामिल थे.
  • भारत की वित्त मंत्री ने कहा कि “जी-20 ने इस वर्ष कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं. ब्रिक्स के सभी सदस्य इसमें शामिल हैं. इन पहलों में कोविड-19 महामारी को लेकर जी-20 कार्रवाई योजना भी शामिल है. इससे महामारी के संकट से निपटने के लिए सामूहिक वैश्विक प्रतिक्रिया के लिए दिशा मिली है.
  • उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 की ऋण के भुगतान पर स्थगन की पहल से कम आय वर्ग के देशों के लिए नकदी की जरूरत पूरा करने में मदद मिली है. इससे यह पता चलता है कि ब्रिक्स देशों ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की चिंताओं को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

नवीन विकास बैंक (NEW DEVELOPMENT BANK)

  • इस बैंक की स्थापना2014 में ब्रिक्स के सदस्य देशों रूस, ब्राजील, भारत, दक्षिण अफ्रीका और चीन द्वारा की गई थी.
  • यह बुनियादी ढांचे और सतत विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाता है.
  • यह वैश्विक विकास को बढ़ाने के लिए, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय वित्तीय संस्थानों के प्रयासों को पूरा करने के लिए काम करता है.
  • इसका उद्देश्य ब्रिक्स एवं अन्य उभरती बाज़ार अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढाँचे एवं सतत विकास परियोजनाओं के लिये व्यापक संसाधन जुटाना है.
  • नवीन विकास बैंकके बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की पहली वार्षिक बैठक वर्ष 2016 में  चीन के शंघाई शहर में आयोजित की गई थी.
  • यह सार्वजनिक और निजी दोनों परियोजनाओं का समर्थन करता है. इस बैंक की प्रारंभिक अधिकृत पूंजी 100 बिलियन अमरीकी डालर थी.
  • न्यू डेवलपमेंट बैंक (NBD) ने अब तक भारत की 14 परियोजनाओं को स्वीकृति दी है जिनमें 4,183 मिलियन डॉलर की राशि निहित है. इस बैंक ने विश्व बैंक, एशियाई विकास बैंक और एशियाई बुनियादी ढांचा निवेश बैंक के साथ रणनीतिक सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं.

2018 में NDB ने संयुक्त राष्ट्र के साथ सक्रिय और फलदायी सहयोग के लिए एक शक्तिशाली आधार स्थापित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासभा में पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त किया.

मतदान

विश्व बैंक के विपरीत, जो पूंजी शेयर के आधार पर मत प्रदान करता है, नव विकास बैंक में प्रत्येक भागीदार देश को एक मत सौंपा गया है एवं किसी भी देश के पास वीटो शक्ति नहीं है.

भूमिकाएँ और कार्य

बैंक वैश्विक प्रगति एवं विकास के लिए बहुपक्षीय और क्षेत्रीय वित्तीय संस्थानों के मौजूदा प्रयासों के एक अनुपूरक के रूप में ब्रिक्स एवं अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं तथा विकासशील देशों में बुनियादी ढांचे और धारणीय विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाएगी.


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation related issues.

Topic : Maharashtra’s Lonar lake and Agra’s Sur Sarovar added to list of recognised sites under Ramsar Convention

संदर्भ

हाल ही में भारत के महाराष्ट्र की लोनार झील और आगरा के सुर सरोवर को रामसर संधि के अधीन मान्यता प्राप्त स्थलों की सूची में जोड़ा गया है. इस तरह देश में रामसर साइट की संख्या 39 से बढ़कर अब 41 हो गई है.

विदित हो कि इससे पहले बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित काबरताल को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, रामसर कन्वेंशन के तहत, राज्य में इस तरह के पहले वेटलैंड के रूप में मान्यता दी गई थी. इसके अलावा देहरादून में स्थित आसन कंज़र्वेशन रिज़र्व, उत्तराखंड से रामसर सम्मेलन को मान्यता देने वाला पहला वेटलैंड, बना था.

लोनार झील

  • लोनार झील को लोनार क्रेटर भी कहा जाता है. इसका निर्माण 35,000 से 50,000 साल पहले एकभारी उल्का पिंड के गिरने से प्लेइस्टोसिन युग में हुआ माना जाता है. झील में पानी खारा और क्षारीय दोनों है. लोनार झील का उल्लेख सबसे पहले स्कंद पुराण और पद्म पुराण जैसे प्राचीन शास्त्रों में किया गया था. झील पर जाने वाला पहला यूरोपीय 1823 में एक ब्रिटिश अधिकारी, जेई अलेक्जेंडर था.
  • लोनार झील संरक्षण एवं विकास समिति के सदस्य गजानन खराट का कहना है कि इस झील का पानी खारा है और इसका पीएच स्तर 10.5 है. गजानन के अनुसार पानी की सतह से एक मीटर नीचे ऑक्सीजन नहीं है जबकि इस झील में शैवाल हैं और गर्मी की वजह से इसका पानी कम हो गया है जिससे इसकी लवणता में वृद्धि हुई है. इसके अलावा पानी के रंग में इस बदलाव का वैज्ञानिक कारण यह हो सकता है कि लोनार झील में हैलोबैक्टीरिया और ड्यूनोनिला सलीना नाम के कवक पाए जाते हैं जिसकी वजह से पानी का रंग पिंक हो गया |

सुर सरोवर झील

  • आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर स्थित मशहूर सुर सरोवर झील जिसे कीथम भी कहते हैं, उसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आद्रभूमि (वेटलैंड) की सूची रामसर साइट में जोड़ा गया है. उत्तर प्रदेश की यह आठवीं सबसे आद्रभूमि है. यह पूरी झील 7.13 वर्ग किमी के जलग्रहण क्षेत्र में बनाई गई है. इसे 1991 में राज्य वन विभाग ने राष्ट्रीय पक्षी अभयारण्य भी घोषित किया था.
  • प्रवासी पक्षियों को आश्रय और प्रजनन वाली यह कृत्रिम झील 106 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का घर है. यह साइट उन पक्षियों की प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण है जो मध्य एशियाई फ्लाईवे पर प्रवास करते हैं, जिसमें 30,000 से अधिक जल पक्षी हर साल यहां आते हैं. अभयारण्य में लगभग 300 अजगर और 60 से ज्यादा प्रजातियों की मछलियां हैं.

रामसर संधि क्या है?

  • रामसर आर्द्रभूमि समझौते (Ramsar Convention on Wetlands) पर2 फरवरी, 1971 में इरान के कैप्सियन सागर के तट पर स्थित शहर रामसर में हस्ताक्षर किये गये थे. इसलिए इसे रामसर संधि कहा जाता है. कुछ लोग इस संधि को आर्द्रभूमि संधि (Wetland Convention) भी कहते हैं.
  • यह1975 में लागू हुई.
  • इस संधि का औपचारिक नाम है –अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व, विशेषकर जल पक्षी आवास के रूप में आर्द्रभूमियों के विषय में संधि.
  • यह एक अंतर-सरकारी संधि है जो आर्द्रभूमि के संरक्षण और समुचित उपयोग के सम्बन्ध में मार्गदर्शन प्रदान करती है.
  • भारत ने 1982 में इस संधि पर हस्ताक्षर किए.
  • भारत में आर्द्रभूमि के संरक्षण के मामलों के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु-परवर्तन मंत्रालय नोडल मंत्रालय घोषित है.
  • विदित हो कि भारत में सम्पूर्ण भूमि के 4.7% पर आर्द्रभूमि फैली हुई है.

प्रीलिम्स बूस्टर

 

मोंट्रेक्स रेकॉर्ड

  • रामसर संधि के तहत आर्द्र भूमि स्थलों की एक पंजी तैयार की गई है जिसे मोंट्रेक्स रेकॉर्ड (Montreux Record) कहते हैं.
  • इस पंजी में विश्व-भर की महत्त्वपूर्ण आर्द्र भूमियों के विवरण अंकित हैं.
  • इसमें यह भी दर्शाया गया है कि तकनीकी विकास, प्रदूषण अथवा अन्य मानवीय हस्तक्षेप से किन आर्द्रभूमियों पर पर्यावरणिक परिवर्तन हो चुके हैं, हो रहे हैं अथवा होने वाले हैं.
  • इस पंजी में कोई नई आर्द्रभूमि का नाम डालना हो अथवा निकालना हो तो उसके लिए कांफ्रेंस ऑफ़ द कांट्रेक्टिंग पार्टीज (1990) का अनुमोदन अनिवार्य होता है.
  • मोंट्रेक्स रेकॉर्ड रामसर सूची के अंग के रूप में संधारित है.
  • वर्तमान में भारत की दो आर्द्रभूमियाँ मोंट्रेक्स रेकॉर्ड में अंकित हैं. ये हैं – केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर, राजस्थान) और लोकताक झील (मणिपुर).
  • एक बार चिल्का झील (ओडिशा) को इस सूची में स्थान दिया गया था, परन्तु आगे चलकर इसे वहाँ से हटा दिया गया था.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Infrastructure and energy related issues.

Topic : Luhri Hydroelectric Project

संदर्भ

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्‍डलीय समिति (Cabinet Committee on Economic Affairs-CCEA) ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और शिमला जिलों में सतलज नदी पर स्थित 210 मेगावाट क्षमता वाली लुहरी जल विद्युत परियोजना (Luhri Hydro Electric Project) के प्रथम चरण के लिए 1810.56 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.

लुहरी जल विद्युत परियोजना

  • लुहरी जल विद्युत परियोजना में भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार की भागीदारी है.
  • लुहरी जल विद्युत परियोजना को ‘निर्माण-स्वामित्व-परिचालन-रखरखाव’ (Build-Own- Operate-Maintain-BOOM) माडल के आधार पर सतलज जल विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है.
  • इस परियोजना से संबंधित समझौता ज्ञापन (MoU) पर नवंबर, 2019 में आयोजित ‘राइजिंग हिमाचल, ग्लोबल इन्वेस्टर मीट’ (Rising Himachal, Global Investor Meet) के दौरान भारत सरकार और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हस्ताक्षर किए गए थे.
  • भारत सरकार इस परियोजना में आधारभूत विकास के ढांचे के लिए 66.19 करोड़ रुपये का अनुदान उपलब्ध कराकर सहायता प्रदान कर रही है ,ताकि इस क्षेत्र में बिजली की दरों में कमी लायी जा सके.

लाभ

  • लुहरी जल विद्युत परियोजना से प्रतिवर्ष 758.20 मिलियन विद्युत यूनिट का उत्पादन होगा.
  • इस परियोजना से उत्पन्न होने वाली बिजली से ग्रिड स्थायित्व में सहायता मिलेगी और बिजली की आपूर्ति में सुधार होगा.
  • ग्रिड को महत्वपूर्ण नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत उपलब्ध कराने के अलावा, वातावरण में प्रतिवर्ष उत्सर्जित होने वाली 6.1 लाख टन कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा में भी इस परियोजना से कमी आएगी और इससे वायु की गुणवत्ता में सुधार होगा.
  • इस परियोजना की निर्माणात्मक गतिविधियों से इसके आसपास लगभग 2000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा. जिससे राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलेगी.

Prelims Vishesh

Technology Upgradation Fund Scheme (TUFS) :-

  • हाल ही में, सरकार द्वारा TUFS के विगत संस्करणों के तहत सब्सिडी दावों के दस्तावेजीकरण हेतु एक विंडो को पुनः प्रारंभ किया गया है.
  • TUFS को वर्ष 1999 में भारतीय वस्त्र उद्योग को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने और इस उद्योग के लिए पूंजीगत लागत को कम करने हेतु ऋण से संबद्ध पूंजीगत निवेश सब्सिडी प्रदान करने के लिए प्रारंभ किया गया था.
  • वर्ष 2015 में, संशोधित TUFS को “मेक इन इंडिया” और विनिर्माण में “जीरो डिफेक्ट और जीरो इफेक्ट” के उद्देश्य से लॉन्च किया गया था.

Five years of One Rank One Pension (OROP) :-

  • OROP वस्तुतः भारत में वर्ष 2015 से संचालित एक योजना है.
  • OROP के अंतर्गत सशस्त्र सैन्य कर्मियों को सेवानिवृत्त होने की तिथि के निरपेक्ष समान सेवा अवधि और समान रैंक पर सेवानिवृत्त होने पर एक समान पेंशन प्रदान की जाती है.
  • इस प्रकार, OROP का उद्देश्य आवधिक अंतराल पर वर्तमान और भूतपूर्व सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों की पेंशन की दर के मध्य व्याप्त अंतर को समाप्त करना है.

Liquified Natural Gas (LNG) as fuel :-

  • केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री ने ईंधन के रूप में LNG के लाभों के बारे में लोगों/ उपयोगकर्ताओं को जागरूक करने के लिए एक अभियान का आह्वान किया है.
  • LNG, जिसमें अधिकांश मात्रा में मीथेन (85 से 99%) मौजूद होती है, एक गंधहीन, रंगहीन, गैर-विषाक्त और गैर-संक्षारक गैस है.
  • LNG का निर्माण तब किया जाता है, जब गैस को तरल रूप में परिवर्तित करने के लिए प्राकृतिक गैस को ठंडा किया जाता है.

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