Sansar डेली करंट अफेयर्स, 09 March 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 09 March 2020


GS Paper 1 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Role of women and related issues.

Topic : Nari Shakti Puraskar

संदर्भ

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (आरबीसीसी) में आयोजित नारी शक्ति पुरस्कार प्रदान किया.

नारी शक्ति पुरस्कार क्या है?

  1. स्त्री सशक्तीकरण हेतु किये गये काम के लिए प्रतिष्ठित महिलाओं एवं संस्थानों को भारत सरकार नारी शक्ति पुरस्कार दिया करती है.
  2. यह एक वार्षिक पुरस्कार है.
  3. एक लाख रु. नकद और एक प्रशस्ति पत्र वाले ये पुरस्कार 1999 से प्रदान किये जाते हैं.
  4. इस राष्ट्र-स्तरीय पुरस्कार को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दिया जाता है.

पात्रता

  • महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए व्यक्तियों, समूहों और संस्थानों को दिया जाता है.
  • आवेदक की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए.
  • संस्थानों के पास कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए.

संस्थानों की श्रेणी

Nari Shakti Puraskar


GS Paper 1 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Women related issues. Social empowerment.

Topic : International Women’s Day 2020

संदर्भ

हर वर्ष की भाँति 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. इस वर्ष महिला दिवस की थीम ”I am Generation Equality: Realizing Women’s Rights” है अर्थात् महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और लैंगिक समानता पर बात करना.

इतिहास

1908 में एक मजदूर आंदोलन के पश्चात् अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रारम्भ हुआ था. दरअसल, न्यूयॉर्क में अनेक महिलाओं ने मार्च निकालकर नौकरी के घंटे कम करने और वेतनमान बढ़ाने की मांग की थी. महिलाओं को उनके आंदोलन में सफलता मिली और इसके एक वर्ष पश्चात् सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने इस दिन को राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया. 

8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस?

  • 1917 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने ब्रेड और पीस के लिए हड़ताल की थी. महिलाओं ने हड़ताल करते समय अपने पतियों की मांग का समर्थन करने से भी मना कर दिया था और उन्हें युद्ध को छोड़ने के लिए तैयार कराया था.
  • इसके पश्चात् वहाँ के राजा निकोलस को अपना पद छोड़ना पड़ा था और अंत में महिलाओं को मतदान का अधिकार भी दिया गया था. रूसी महिलाओं द्वारा यह विरोध 28 फरवरी को किया गया था.
  • दूसरी तरफ यूरोप में महिलाओं ने 8 मार्च को पीस ऐक्टिविस्ट्स का समर्थन करने के लिए रैलियां निकाली थीं. इसी वजह से 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुरुआत हुई थी. 

महत्त्व

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में उनके योगदान के लिए मनाया जाता है. इसके अलावा महिलाओं को लेकर समाज के लोगों को जागरूक करने, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए यह दिवस बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी कारण हर साल महिला दिवस पर अलग-अलग थीम रखी जाती हैं. 


GS Paper 1 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Role of women and related issues.

Topic : Gender Social Norms Index

संदर्भ

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) ने जेंडर सोशल नोर्म्स सूचकांक प्रकाशित किया.

जेंडर सोशल नोर्म्स सूचकांक के बारे में

  • इस सूचकांक में 75 देशों में आँकड़ों का अध्ययन किया गया है. इन देशों में विश्व का लगभग 80% जनसंख्या रहता है.
  • इस सूचकांक में समानता प्राप्त करने में महिलाओं द्वारा झेली जा रही अदृश्य अड़चनों की जानकारी दी गई है और ऐसे नए सुझाव दिए गये हैं जिसके आधार पर महिलाओं के द्वारा ग्लास सीलिंग (प्रगति के पथ पर खड़ी अदृश्य बाधाएँ) तोड़ने का मार्ग तैयार हो सकता है.

मुख्य निष्कर्ष

  • इन आँकड़ों के विश्लेषण में पता चला कि महिलाओं को समानता प्राप्त करने के मामले में बहुत-सी अदृश्य बाधाओं को  झेलना पड़ता है.
  • ये आँकड़े से प्राप्त जानकारी के सामने आने के बाद, अब लैंगिक समानता के मार्ग में आने वाली बाधाओं को दूर करने की अधिक संभावना नज़र आने की बात कही गई है.
  • प्रतिवेदन में प्रस्तुत किए गए आँकड़ों के अनुसार जिन लोगों की राय सम्मिलित की गई उनमें से लगभग आधे लोगों का कहना था कि पुरुष श्रेष्ठ राजनैतिक नेता होते हैं, जबकि 40% से अधिक लोगों का विचार था कि पुरुष बेहतर कारोबारी एक्ज़ैक्यूटिव होते हैं. अतः जब अर्थव्यवस्था धीमी हो तो उस प्रकार की नौकरियाँ या कामकाज पुरुषों को मिलने चाहिए.
  • 28 से ज़्यादा प्रतिशत लोगों ने पति द्वारा अपनी पत्नी की पिटाई करने को न्यायसंगत ठहराया.
  • महिलाओं को भी पुरुषों की ही तरह बुनियादी आवश्यकताएँ पूरी करने वाली सुविधाओं तक पहुँच बनाने के लिए हम सभी ने हाल के दशकों में अच्छी-खासी प्रगति की है.
  • प्राथमिक विद्यालयों में दाख़िलों के सन्दर्भ में लड़कियों और लड़कों की संख्या में लगभग बराबरी हासिल कर ली गई है और 1990 के पश्चात् से मातृत्व संबंधी बीमारियों से महिलाओं की मौतों में 45% कमी दर्ज की गई है.
  • लैंगिक असमानता अब भी अनेक क्षेत्रों में जगज़ाहिर है, विशेषतः ऐसे क्षेत्रों में जहाँ शक्ति से जुड़े संबंधों को चुनौती मिलती हो, वास्तविक लैंगिक समानता हासिल करने के प्रयासों में ऐसे क्षेत्रों का निर्णायक प्रभाव है.
  • इस विश्लेषण में ये भी ध्यान दिलाया गया है कि लगभग 30 देशों में महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह में कुछ परिवर्तन देखा गया है.
  • कुछ देशों में ये पूर्वाग्रह दूर करने में बेहतरी हुई है, जबकि अन्य देशों में हाल के वर्षों में महिलाओं के प्रति रुख़ और भी बदतर हुआ है. इससे संकेत मिलता है कि लैंगिक समानता के क्षेत्र में हुई प्रगति को सतत नहीं माना जा सकता.

असामनता की खाई

  • इस प्रतिवेदन से पता चलता है कि शिक्षा व स्वास्थ्य जैसे कुछ विकास क्षेत्रों में लिंग असमानता को कम करने के क्षेत्र में हुई कुछ प्रगति के बाद भी आर्थिक, राजनैतिक क्षेत्रों के साथ-साथ कॉर्पोरेशन्स में भी पुरुषों और महिलाओं के मध्य विशाल सत्ता खाई मौजूद है.
  • साथ ही महिलाओं की राजनैतिक और आर्थिक क्षेत्रों में भागीदारी के मार्ग में दरपेश कुछ क़ानूनी बाधाएँ भी दूर हुई हैं.
  • UNDP ने एक उदाहरण पेश किया है कि पुरुष और महिलाएँ एक ही तरह से मतदान करते हैं मगर विश्व भर में केवल 24 प्रतिशत संसदीय सीटों पर महिलाओं चुनी गई हैं.
  • साथ ही दुनिया भर में 193 देशों में से केवल 10 देशों में सरकारों की अध्यक्ष महिलाएँ हैं.
  • इसके अलावा एक जैसा ही कामकाज करने के लिए महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम वेतन मिलता है और महिलाओं को वरिष्ठ पदों पर पहुँचने के कम अवसर मिलते हैं.
  • प्रतिवेदन में प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में पंजीकृत 500 बड़ी शेयर बाज़ार कंपनियों में मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के कुल पदों में से केवल 6% पर ही महिलाएँ काम करती हैं.
  • महिलाएँ पुरुषों की तुलना में अधिक घंटों तक कामकाज करती हैं, फिर भी महिलाओं का बहुत-सा कामकाज ऐसा होता है जो वो किसी की देखभाल करने के लिए करती हैं और उन्हें उसका कोई मेहनताना भी नहीं मिलता.

भेदभावपूर्ण मान्यताओं में परिवर्तन आवश्यक

  • UNDP ने ध्यान दिलाया है कि वर्ष 2020 बीजिंग घोषणा-पत्र का 25वीं वर्षगाँठ भी है और प्लैटफ़ॉर्म फ़ॉर ऐक्शन (बीजिंग+25) का अवसर भी है.
  • यह घोषणा-पत्र महिला सशक्तीकरण पर अभी तक का सबसे महत्त्वाकांक्षी भविष्यदृष्टा प्रतिवेदन है.
  • संगठन ने विश्व नेताओं का आह्वान किया है कि उन्हें लैंगिक समानता पर वैश्विक लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अपने प्रयास और कार्रवाई ज़्यादा तेज़ करनी होगी.
  • UNDP ने सभी सरकारों और संस्थानों से आग्रह किया है कि वे महिलाओं के लिए भेदभावपूर्ण मान्यताओं और परंपराओं को बदलने के लिए नई नीतियों का लाभ उठाएँ और इसके लिए शिक्षा, जागरूकता का स्तर बढ़ाने का सहारा लिया जाए.
  • बच्चों की देखभाल वाली ज़िम्मेदारियाँ संभालने के लिए कर (tax) को एक बोनस के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है, या महिलाओं और लड़कियों को ऐसे क्षेत्रों में कामकाज के अवसर तलाश करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है जहाँ अभी तक पुरुषों का ही प्रभुत्व रहा है, जैसे कि सशस्त्र बल और सूचना प्रोद्योगिकी.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Separation of powers between various organs dispute redressal mechanisms and institutions.

Topic : Centre Cannot Brand Organisations ‘Political’: SC

संदर्भ

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर को धन शोधन के आरोपों के तहत यहां रविवार तड़के गिरफ्तार कर लिया.

पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी तब हुई है जब इस निजी बैंक में वित्तीय अनियमितताओं और इसके संचालन में कुप्रबंधन के आरोप सामने आए हैं और आरबीआई एवं केंद्र सरकार ने इसके मामलों को नियंत्रित करने के लिए कार्रवाई शुरू की है.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) क्या है?

  1. प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्रालय के अंग राजस्व विभाग के अधीन काम करता है.
  2. इसका कार्य विभिन्न आर्थिक नियमों के उल्लंघन की जानकारी इकठ्ठा करना और उन्हें लागू करवाने के लिए सम्बन्धित पक्ष को विवश करना है.
  3. इस निदेशालय के दो सबसे प्रमुख कार्य इन अधिनियमों को लागू करना है – Foreign Exchange Management Act 1999 (FEMA) और Prevention of Money Laundering Act 2002 (PMLA).
  4. प्रवर्तन निदेशालय में भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी पदस्थापित होते हैं.
  5. पहले यह निदेशालय प्रवर्तन इकाई (Enforcement Unit) के नाम से जाना जाता था. 1957 से यह Enforcement Directorate के नाम से जाना जाने लगा.

इतिहास

  • यह निदेशालय सबसे पहले 1 मई, 1956 को प्रवर्तन इकाई के नाम से बना था. उस समय यह आर्थिक मामलों के विभाग के अधीनस्थ था. इसी वर्ष इस निदेशालय का प्रशासनिक नियंत्रण आर्थिक मामले विभाग से हटकर राजस्व विभाग के अन्दर चला गया था.
  • 1973-1977 के बीच के चार वर्षों में प्रवर्तन निदेशालय पर कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग का प्रशासनिक क्षेत्राधिकार था.

प्रवर्तन निदेशालय की शक्तियाँ

  • जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है कि इस निदेशालय का मुख्य कार्य FEMA और PMLA को लागू करवाना है.
  • FEMA अर्ध-न्यायिक शक्तियों वाला एक नागरिक कानून है जिसके अंदर विनिमय नियंत्रण नियमों के उल्लंघन की जाँच करने तथा दोष सिद्ध होने पर सम्बंधित व्यक्ति पर जुर्माना लगाने की शक्ति होती है.
  • वहीं PMLA एक आपराधिक कानून है जिसके द्वारा अधिकारियों को जाँच-पड़ताल करने, अनुसूचित अपराधों के लिए सम्पत्तियों को जब्त करने, गिरफ्तार करने और मनी लौन्डरिंग करने वालों पर मुकदमा चलाने की शक्ति दी जाती है.

प्रवर्तन निदेशालय की संरचना

निदेशालय अपने लिए कर्मियों की प्रत्यक्ष नियुक्ति तो करता ही है, यह अन्य अन्वेषण एजेंसियों से भी प्रतिनियुक्ति के आधार पर अधिकारियों को लेता है, जैसे – सीमा शुल्क एवं केंद्रीय उत्पाद शुल्क, आय कर, पुलिस आदि.

अन्य कार्य

  • भगोड़ा आर्थिक अधिनियम, 2018 के अन्दर भारत से भागने वालों के विरुद्ध मुकदमों को आगे बढ़ाना.
  • विदेशी मुद्रा संरक्षण एवं तस्कर गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1974 (Conservation of Foreign Exchange and Prevention of Smuggling Activities Act, 1974 – COFEPOSA) के अंतर्गत FEMA के उल्लंघनों के लिए बंदी बनाना.

विशेष न्यायालय

PMLA के अनुभाग 4 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की विचारणा के लिए केंद्र सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से एक या अधिक सत्र न्यायालय को विशेष न्यायालय नामित करती है, जिसे PMLA न्यायालय” भी कहा जाता है. PMLA न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश के विरुद्ध सम्बन्धित उच्च न्यायालय में अपील डाली जा सकती है.


Prelims Vishesh

India-U.S. Military Cooperation Group (MCG) :-

  • कोरना के प्रकोप को देखते हुए इस महीने होने वाले भारत-अमेरिका सैन्य सहयोग समूह संवाद (MCG) को निरस्त कर दिया गया है.
  • विदित हो कि इस सैन्य सहयोग समूह में भारत का समेकित रक्षा स्टाफ (India’s Integrated Defence Staff) और अमेरिका का भारत प्रशांत कमांड (USINDOPACOM) संयुक्त रूप से रणनीति और संचालन के स्तर पर रक्षा सहयोग में होने वाली प्रगति की समीक्षा करते हैं.

Red Panda :

  • पिछले दिनों ट्रैफिक नामक संस्था द्वारा किये गये एक नए अध्ययन में पता चला है कि दूसरे पशुओं के लिए लगाये गये ट्रैप में लाल पांडा फंस जाया करते हैं.
  • ज्ञातव्य है कि IUCN में संकटग्रस्त की श्रेणी में रखा गया लाल पांडा सिक्किम का राज्य पशु है.
  • यह Ailurus प्रजाति का एकमात्र जीवित सदस्य है जो भारत में सिक्किम के अतिरिक्त मेघालय, पश्चिम बंगाल और अरुणाचल प्रदेश में पाया जाता है.
  • इन राज्यों में अनुमानतः 5-6 हजार लाल पांडा हैं.

Sahyadri Megha :

कर्नाटक के शिवमोग्गा में स्थित कृषि एवं बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय (University of Agricultural and Horticultural Sciences – UAHS) ने धान की एक नई प्रजाति का निर्माण किया है जो पोषक तत्त्वों से भरा-पूरा है और जिसमें ब्लास्ट रोग नहीं लगता है.


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