Sansar डेली करंट अफेयर्स, 07 October 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 07 October 2019


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Development processes and the development industry the role of NGOs, SHGs, various groups and associations, donors, charities, institutional and other stakeholders.

Topic : ‘Stations’ Cleanliness Survey Report

संदर्भ

2019 का भारत के रेलवे स्टेशनों से सम्बंधित स्वच्छता सर्वेक्षण का प्रतिवेदन निकल चुका है. उल्लेखनीय है कि इस प्रकार के प्रतिवेदन में पूर्णांक 1,000 होता है जिसमें तीन अलग-अलग श्रेणियों के लिए एक-एक तिहाई (33.33%) अंक होते हैं. ये श्रेणियाँ हैं –

  1. प्रक्रिया मूल्यांकन
  2. प्रत्यक्ष निरीक्षण
  3. नागरिक मन्तव्य

इतिहास

रेलवे 2016 से प्रत्येक वर्ष देश के मुख्य 407 स्टेशनों की स्वच्छता से सम्बंधित प्रतिवेदन प्रकाशित करता आया है. इस वर्ष स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर 720 कर दी गई थी.

प्रतिवेदन के मुख्य निष्कर्ष

  1. प्रतिवेदन में वर्णित रैंकिंग के अनुसार देश के सबसे अधिक स्वच्छ तीन रेलवे स्टेशन राजस्थान के ही अन्दर स्थित हैं. ये हैं – जयपुर, जोधपुर और दुर्गापुर.
  2. देश के ये तीन रेलवे जोन सबसे अधिक स्वच्छ पाए गये – उत्तर-पश्चिम रेलवे, दक्षिण-पूर्व केन्द्रीय रेलवे तथा पूर्व-केन्द्रीय रेलवे.
  3. देश के 109 उपनगरीय स्टेशनों में जो तीन स्टेशन शीर्षस्थ रहे, वे हैं – अँधेरी, विरार और नायगाँव.

स्टेशनों की स्वच्छता से चलाये जा रहे कार्यक्रम

भारत के 6,500 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर सफाई का काम चल रहा है जिसके अन्दर रेलवे स्टेशनों के अतिरिक्त उनके आस-पास के परिसर के साथ-साथ ट्रेनों की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है. भारतीय रेलवे ने इस संदर्भ में निर्णय लेते हुए एकल उपयोग वाले प्लास्टिक का अपने परिसरों में प्रयोग को तत्काल रूप से प्रतिबंधित कर दिया है.


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Drone Innovators Network Summit 2019

संदर्भ

नगर विमानन मंत्रालय के तत्त्वाधान में विश्व आर्थिक मंच (WEF) नई दिल्ली में ड्रोन नवाचारियों के नेटवर्क (Drone Innovators Network – DIN) का शिखर सम्मेलन – 2019 आयोजित कर रहा है.

DIN क्या है?

  • यह ड्रोन नवाचारियों का एक नेटवर्क है जिसे विश्व आर्थिक मंच ने इसलिए आरम्भ किया था कि ड्रोनों को सही ढंग से संचालित करने के विषय में उचित कानून बनाए जा सकें. उल्लेखनीय है कि ड्रोन के नियामकों के समक्ष कुछ ऐसी चुनौतियाँ आती हैं जिनका समाधान आवश्यक है, जैसे – दृष्टिपथ से परे होने वाली उड़ानों की व्यवस्था कैसे हो तथा ड्रोनों का स्वायत्त संचालन किस प्रकार होना चाहिए. साथ ही घनी आबादियों के ऊपर उड़ने वाले ड्रोनों का नियमन किस प्रकार हो यह भी एक समस्या होती है.
  • DIN का स्वरूप : इस नेटवर्क में सरकार की विमानन एजेंसियों के साथ-साथ इससे सम्बंधित जानकार तथा ड्रोन की स्थापित इकाइयाँ सम्मिलित होती हैं.
  • DIN का पहला शिखर सम्मेलन 2018 में स्विट्ज़रलैंड के नगर ज्यूरिक में हुआ था.

भारत में ड्रोन नियमन

  • गत वर्ष भारत के नगर विमानन महानिदेशालय ने ड्रोनों के लिए नगर विमानन से सम्बंधित अपेक्षाएँ (Civil Aviation Requirements – CAR) निर्गत की थी जो 1 दिसम्बर, 2018 से प्रभावी होगी.
  • CAR के अनुसार, ड्रोन निर्माताओं के लिए दूर से पायलट की जाने वाली विमान प्रणाली (Remotely Piloted Aircraft System – RPAS) से सम्बंधित निर्देश – No Permission, No Take-off (NPNT) – की अपेक्षाओं का अनुपालन करना आवश्यक है.
  • इन नियमों के अनुसार (CAR Version 1.0) कोई भी ड्रोन तभी चलाया जा सकता है जब दिन हो और यह दृष्टिपथ के अंतर्गत हो अर्थात् दिखाई पड़ता रहे.
  • विदित हो कि भारत में नागर ड्रोनों के पंजीकरण और उड़ान के लिए एक पोर्टल बना हुआ है जिसे Digisky नाम दिया गया है.

GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : Advance Pricing Agreements (APAs)

संदर्भ

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने पिछले दिनों 300वाँ अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौता (APA) हस्ताक्षरित किया. APA कार्यक्रम पिछले सात वर्षों से चल रहा है.

अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौता क्या होता है?

अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौता (APA) वह समझौता है जो करदाता के भविष्य में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन का मूल्य निर्धारित करने के लिए करदाता एवं उस कर अधिकारी के साथ होता है जो हस्तांतरण-मूल्य निर्धारण पद्धति (Transfer Pricing Methodology) तय करता है.

APA करने से करदाता को यह निश्चित रूप से पता चल जाता है कि उसे अपने अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन के लिए कर देना होगा.

APA के प्रकार

APA तीन प्रकार के होते हैं –

  1. एकपक्षीय
  2. द्विपक्षीय
  3. बहुपक्षीय

एकपक्षीय APA में मात्र करदाता और उस देश का कर अधिकारी शामिल होता है जहाँ करदाता रहता है.

द्विपक्षीय APA (Bilateral APA – BAPA) में ये पक्ष शामिल होते हैं – करदाता, विदेश में करदाता से जुड़ा हुआ प्रतिष्ठान, करदाता के अपने देश का कर अधिकारी और विदेश का कर अधिकारी.

बहुपक्षीय APA (Multilateral APA – MAPA) में ये पक्ष शामिल होते हैं – करदाता, विभिन्न बाहरी देशों में स्थित करदाता से सम्बद्ध दो या दो से अधिक प्रतिष्ठान, करदाता के अपने देश का कर अधिकारी तथा सम्बद्ध प्रतिष्ठानों के कर अधिकारी.

महत्त्व

सरकार का संकल्प है कि वह ऐसी कराधान व्यवस्था सुनिश्चित करे जिसमें आपसी संघर्ष की भावना नहीं हो. APA इस भावना को सुदृढ़ करने वाली योजना है. भारत के APA कार्यक्रम की सराहना देश-विदेश में हो रही है क्योंकि इससे हस्तांतरण मूल के निर्धारण से सम्बंधित जटिल समस्याओं का न्यायोचित और पारदर्शी पद्धति से समाधान हो रहा है.


GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Awareness in technology and development of new technology.

Topic : RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) initiative

संदर्भ

महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर, 2019 को राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस मनाया गया. इस अवसर पर दिल्ली में कई प्रचार गाड़ियाँ निकाली गईं जिनका उद्देश्य प्रयोग किये जा चुके रसोई तेल को जैव डीजल में बदलने से सम्बंधित पहलों के विषय में जागरूकता फैलाना है.

इस प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया अभियान चलाया जा रहा है जिसमें लोगों को बताया जा रहा है कि प्रयोग हो चुके रसोई तेल से क्या-क्या हानियाँ होती हैं और इन्हें कैसे बायो-डीजल में बदलने के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है.

प्रयुक्त हो चुके तेल को खाने से होने वाली हानियाँ

  • रसोई तेल को अधिक जलाने से तेल का गुणधर्म बदल जाता है और उसमें TPC अर्थात् कुल ध्रुवीय यौगिक (Total Polar Compounds – TPC) बनने लगते हैं जो बार-बार तेल को जलाने से बढ़ते चले जाते हैं. ये TPC विषाक्त होते हैं और इनके चलते कई रोग हो जाते हैं, जैसे – उच्च रक्तचाप, धमनी से सम्बंधित रोग, अल्जाइमर रोग और जिगर की बीमारी जैसी स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं.
  • दरअसल, बहुत सारे रेस्‍त्रा और होटलों में खाद्य तेल, एक बार इस्‍तेमाल के बाद इस्‍तेमाल करने योग्‍य नहीं होता है. आम भाषा में कहें तो तेल जल जाता है. ऐसे तेल को फेंकना पड़ता है. FSSAI नियमों के अनुसार, कुल ध्रुवीय यौगिकों (TPC)के लिए अधिकतम स्वीकार्य सीमा 25% पर निर्धारित की गई है, इसके बाद कुकिंग आयल की खपत असुरक्षित मानी गई है.
  • FSSAI चाहता है कि जो प्रतिष्ठान भोजन तलने के लिए 100 लीटर से अधिक तेल का प्रयोग करते हैं, उन्हें एक भंडार पंजी संधारित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रयोग हो चुके तेल (Repurpose Used Cooking Oil – RUCO) को वे ऐसी एजेंसियों को दे दें जिन्हें इस काम के लिए पंजीकृत किया गया है.

RUCO क्या है?

  • ज्ञातव्य है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने RUCO (Repurpose Used Cooking Oil) पहल का शुभारम्भ किया था जिसका उद्देश्य खाना पकाने के तेल को बायोडीज़ल में बदलना है.
  • RUCO FSSAI द्वारा शुरू किया गया एक कार्यक्रम है जिसका पूरा नाम Repurpose Used Cooking Oil है.
  • इसका उद्देश्य प्रयोग में लाये गये खाद्य तेल को जमाकर उसे जैव-डीजल में बदलना है.
  • इस पहल के तहत, प्रयोग किए गए खाना पकाने के तेल को संग्रह करने के लिए 101 स्थानों पर 64 कंपनियों को कार्यभार सौंपा है.मैकडॉनल्ड्स ने मुंबई और पुणे में 100 आउटलेटों में प्रयुक्त कुकिंग आयल को बायोडीज़ल में परिवर्तित करना आरम्भ भी कर दिया है.

जले हुए तेल से जैव डीजल बनाने के लाभ

  • ऐसा करने से 2022 तक 220 करोड़ लीटर प्रयुक्त कुकिंग आयल को बायोडीजल में बदला जा सकता है.
  • यद्यपि प्रयुक्त कुकिंग आयल से उत्पादित बायोडीज़ल की मात्रा फिलहाल बहुत कम है, लेकिन भारत में रूपांतरण और संग्रह के लिये एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र तेज़ी से विकसित हो रहा है और शीघ्र ही यह बड़ा आकार ले लेगा.

भागीदारी

FSSAI भारत के बायोडीजल एसोसिएशन और खाद्य उद्योग के साथ साझेदारी भी कर रहा है जिससे इस्तेमाल किए गए खाना पकाने के तेल से सम्बद्ध नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित किया जा सके. इस संबंध में एक मार्गदर्शन दस्तावेज़ प्रकाशित करने का प्रयास किया जा रहा है. यह अपने ई-चैनलों के जरिये अनेक जागरूकता अभियान भी चला रहा है. FSSAI ने बायोडीज़ल में प्रयुक्त cooking oil के संग्रह और रूपांतरण की प्रगति की निगरानी हेतु अतिरिक्त रूप से एक माइक्रो साइट लॉन्च की है.

FSSAI

  • भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India – FSSAI) की स्थापना खाद्य सुरक्षा तथा मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत की गई है.
  • इसका उद्देश्य खाद्य सामग्री के लिये विज्ञान पर आधारित मानकों का निर्माण करना तथा खाद्य पदार्थों के विनिर्माण, भण्डारण, वितरण, बिक्री तथा आयात आदि को नियन्त्रित करना है जिससे मानव-उपभोग के लिये सुरक्षित तथा सम्पूर्ण आहार की उपलब्धि सुनिश्चित की जा सके.
  • खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारत सरकार द्वारा नियुक्त किए जाते हैं.
  • अध्यक्ष भारत सरकार के सचिव के पद का होता है.

GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Awareness in technology and development of new technology.

Topic : The Gandhian Challenge

संदर्भ

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर AIM, नीति आयोग के अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) और UNICEF, इंडिया के साथ-साथ जनरेशन अनलिमिटेड नामक संगठन ने गाँधियन चैलेन्ज नामक एक चुनौती का अनावरण किया है.

गाँधियन चैलेन्ज क्या है?

  • यह एक नवाचार मंच है जिसमें भारत का कोई भी बच्चा चाहे तो गाँधीजी के सिद्धांतों का प्रयोग करते हुए अपने सपनों के भारत के सतत विकास के लिए किसी नवाचार को प्रस्तुत कर सकता है.
  • गाँधियन चैलेंज में जो बच्चे जीतेंगे उन्हें नवम्बर में होने वाले बाल दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में नीति आयोग का अटल नवाचार मिशन तथा UNICEF पुरस्कार देगा.
  • यह प्रतियोगिता 2 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगी.
  • उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भारत सरकार और UNICEF इंडिया के द्वारा “प्रत्येक बच्चे को प्रत्येक अधिकार” का लक्ष्य पाने के लिए चल रही भागीदारी के 70 वर्ष पूरे हो रहे हैं.
  • गाँधियन चैलेंज के अंतर्गत बच्चों द्वारा दिए गये विचार और समाधान इन व्यापक श्रेणियों के अंतर्गत आ सकते हैं : कला एवं नवाचार (पत्र, कविताएँ, चित्रण, विडियो, फोटो आदि) एवं विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार (रोबोट विज्ञान, IoT, सेंसर, 3D प्रिंटर आदि).

Prelims Vishesh

Military Nursing Service :-

  • विगत 1 अक्टूबर को भारतीय सैन्य नर्सिंग सेवा (Military Nursing Service) का 94वाँ स्थापना दिवस मनाया गया.
  • उल्लेखनीय है कि इस सेवा का आरम्भ 1 अक्टूबर, 1926 में किया गया था और यह हमारी सेना की एकमात्र ऐसी सेवा है जिसमें केवल स्त्रियाँ ही स्त्रियाँ हैं.

National Council for Promotion of Urdu Language (NCPUL) :

राष्ट्रीय उर्दू भाषा प्रोत्साहन परिषद् (National Council for Promotion of Urdu Language – NCPUL) मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीनस्थ माध्यमिक एवं उच्चतर शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है जिसकी स्थापना दिल्ली में 1 अप्रैल, 1996 को उर्दू भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए की गई थी.

National Council for Promotion of Sindhi Language (NCPSL) :

राष्ट्रीय सिन्धी भाषा प्रोत्साहन परिषद् (National Council for Promotion of Sindhi Language – NCPSL) मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीनस्थ उच्चतर शिक्षा विभाग के अंतर्गत एक स्वायत्त निकाय है जिसकी स्थापना 26 मई, 1994 को हुई थी. इसका उद्देश्य सिन्धी भाषा को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न योजनाएँ बनाना और उन्हें लागू करना है.

D28 iceberg:-

  • पिछले दिनों अन्टार्कटिका से टूटकर एक 1,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला हिमखंड (iceberg) निकल गया. इसे D28 आइसबर्ग का नाम दिया गया है.
  • यह हिमखंड 210 मीटर मोटा है और इसमें 315 बिलियन टन बर्फ है.

d28 iceberg


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