Sansar डेली करंट अफेयर्स, 06 August 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 06 August 2020


GS Paper 1 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.

Topic : Abanindranath Tagore

संदर्भ

हाल ही में राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (National Gallery of Modern Art) ने अवनींद्रनाथ टैगोर की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में ‘द ग्रेट मेस्ट्रो अबनिंद्रनाथ टैगोर’ नामक एक आभासी टूर (virtual tour) का आयोजन किया.

एक ओर जहाँ विभिन्न सरकारी संगठन और एजेंसियां वेबिनार के जरिये लोगों से जुड़ रहीं हैं और उन्हे जागरूक कर रही हैं, वहीं राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (NGMA) भी कोविड -19 महामारी के दौरान आभासी टूर के माध्यम से कलाकारों और आम जनता से अनवरत जुड़ने का प्रयास कर रहा है.

Abanindranath_Tagore

अवनींद्रनाथ टैगोर (7 अगस्त 1871 – 5 दिसंबर 1951)

  • रवीन्द्रनाथ टैगोर के भतीजे, अवनींद्रनाथ टैगोर, भारत के सबसे प्रमुख चित्रकार में से एक थे.
  • अवनींद्रनाथ टैगोर ने भारतीय कला में स्वदेशी मूल्यों को डालने के लिए ‘बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट’ की स्थापना में प्रभावशाली भूमिका निभाई. इससे आधुनिक भारतीय चित्रकारी को एक नवीन स्वरूप मिला.
  • अवनींद्रनाथ टैगोर ने पश्चिम की भौतिकतावादी कला को छोड़ कर भारतीय परंपरागत कलाओं को अपनाते हुए राजपूत और मुग़ल चित्रकारी में आधुनिकता को समाहित किया और चित्रकला की आधुनिक भारतीय शैली की नींव रखी.
  • औपनिवेशिक काल में भारतीय चित्रकला के ऊपर पाश्चात्य प्रभाव अधिक दृष्टिगोचर होने लगा था, जिसके प्रतिक्रियास्वरूप अवनींद्रनाथ टैगोर सहित अन्य कलाकारों ने मुगल चित्रकला के तत्वों को आत्मसात किया, इसी कला को बंगाल/कलकत्ता शैली के नाम से जाना जाता है.
  • बंगाल/कलकत्ता शैली ने भारत के प्राचीन मिथकों एवं जनश्रुतियों के विभिन्न चित्रात्मक तत्त्वों को मिश्रित करके एक नवीन भारतीय शैली को जन्म दिया, जो पूर्वी दुनिया के आध्यात्मिक रंग में रंगी हुई थी.
  • बंगाल/कलकत्ता शैली में अजंता, मुगल, जापानी वाश तकनीक, यूरोपीय प्रकृतिवाद आदि का सम्मिश्रण था. बंगाल/कलकत्ता शैली, स्वदेशी आंदोलन के समय काफी प्रचलित हो गयी थी क्योंकि इसमें राष्ट्रवाद के तत्व सम्मिलित थे.
  • अवनींद्रनाथ टैगोर की गणेश जननी, भारत माता, बुद्ध की विजय, भारत माता, शाहजहाँ, मेरी माँ, परीलोक चित्रण, यात्रा का अंत आदि प्रसिद्ध पेंटिंग हैं.
  • अवनींद्रनाथ टैगोर के सबसे प्रसिद्ध शिष्यों में से एक ‘जैमिनी रॉय’ भी थे (यह भारतीय कला के सबसे उल्लेखनीय आधुनिकतावादी भारतीय चित्रकार थे).
  • अवनींद्रनाथ टैगोर एक अग्रणी चित्रकार के साथ एक कुशल लेखक भी माना जाता है. वे ‘अबन ठाकुर’ के नाम से प्रसिद्ध थे.
  • उनकी अधिकांश साहित्यिक रचनाएँ बच्चों के लिए थीं. उनकी कुछ प्रसिद्ध साहित्यिक रचनाएँ हैं- बूड़ो अंगला (Budo Angla), खिरेर पुतुल (Khirer Putul),राजकाहिनी (Rajkahini) आदि.
  • अरेबियन नाइट्स श्रृंखला उनकी उल्लेखनीय कृतियों में से एक थी.
  • विलियम रोथेंस्टीन (William Rothenstein) ने रवींद्रनाथ टैगोर को ‘गीतांजलि’ को अंग्रेजी में प्रकाशित करने में सहयोग किया.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

चित्रकला की मुगल शैली और राजपूत शैली में क्या बुनियादी अंतर है? स्पष्ट कीजिये.


GS Paper 1 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : History of the world will include events from 18th century such as industrial revolution, world wars, redrawing of national boundaries, colonization, decolonization, political philosophies like communism, capitalism, socialism etc.- their forms and effect on the society.

Topic : Japan marks 75th anniversary of Hiroshima atomic bombing

संदर्भ

75 साल पहले जापान का हिरोशिमा जिस परमाणु बम हमले से थर्राया था उसकी चपेट में आकर लगभग 1,40,000 लोगों की जान जाने का अनुमान है. जो लोग जीवित बचे वे आज भी उस धमाके की याद भर से थर्रा जाते हैं. 6 अगस्त, 1945 की 75वीं वर्षगाँठ पर ऐसे ही कुछ पीड़ितों, उनके रिश्तेदारों और विदेशी मेहमानों के एक छोटे से समूह ने प्रार्थना और गीतों के साथ हिरोशिमा में घटना स्थल पर एक समारोह में हिस्सा लिया.

हिरोशिमा में परमाणु बम हमला

  1. 7 दिसंबर 1941 को जापान के सैकड़ों युद्धक विमानों ने पर्ल हार्बर में मौजूद अमेरिकी बेस का ज्यादातर हिस्सा तबाह कर दिया. इस हमले में हजारों सैनिकों की मौत हुई. इसके अगले ही दिन अमेरिका ने दूसरे विश्वयुद्ध में उतरने का एलान कर दिया.
  2. साल 1942 में अगस्त के महीने में अमेरिका ने आधिकारिक रूप से परमाणु बम बनाने के लिए एक बेहद खुफिया कार्यक्रम का फैसला किया. इस प्रोजेक्ट का नाम बाद में मैनहटन प्रोजेक्ट रखा गया. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रपति रूजवेल्ट ने 2 अरब डॉलर का बजट दिया.
  3. 1945 में 9 और 10 मार्च को अमेरिका के लड़ाकू विमानों ने जापान में टोक्यो और दूसरे शहरों पर भारी बमबारी की. इस बमबारी ने केवल राजधानी में ही करीब एक लाख लोगों की जीवनलीला खत्म कर दी.
  4. 26 मार्च को ओकिनावा की लड़ाई शुरू हुई. अगले तीन महीने में इस लड़ाई में एक लाख से ज्यादा जापानी सैनिकों और इतनी ही संख्या में आम लोगों की बलि चढ़ गई. 12 हजार अमेरिकी सैनिक भी मारे गए. अमेरिकी अधिकारियों ने इस लड़ाई के आधार पर ही परमाणु बम के इस्तेमाल को न्यायोचित ठहराया. उनकी दलील थी कि जापान की मुख्य भूमि पर हमले में इससे भी ज्यादा लोगों की जान जाती.
  5. 12 अप्रैल को रूजवेल्ट की मौत हुई और हैरी ट्रूमैन अमेरिका के राष्ट्रपति बने. तब उन्हें अब तक बेहद खुफिया रहे मैनहटन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी मिली.
  6. 8 मई को जर्मनी ने समर्पण कर दिया और इसके साथ ही दूसरे विश्वयुद्ध में यूरोप की लड़ाई खत्म हो गई. हालांकि इसके बाद भी एशिया और प्रशांत के क्षेत्र में युद्ध अभी जोरों पर चल रहा था. मई और जुलाई के बीच परमाणु बम के हिस्से टिनियान लाए गए. यह मारियाना चेन में वो द्वीप था जहां से बी-29 बॉम्बर विमान जापान पहुंच सकता था.
  7. 16 जुलाई को न्यू मेक्सिको के अलामोगोर्दो के पास सुबह 5.30 बजे ट्रिनिटी टेस्ट किया गया. इस टेस्ट में परमाणु बम की ताकत समझ में आई और परमाणु युग की शुरुआत हो गई.
  8. “ट्रिनिटी टेस्ट” के सफल होने के बाद 25 जुलाई को तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रूमैन ने जापान पर परमाणु बम गिराने के मिशन को मंजूरी दे दी. इसमें उपलब्ध होते ही अतिरिक्त बमों को गिराने की मंजूरी भी शामिल थी.
  9. 26 जुलाई को पोट्सडाम घोषणा के बाद ब्रिटेन, चीन और अमेरिका ने जापान को चेतावनी दी कि वो या तो समर्पण करे या फिर “तुरंत और पूर्ण विनाश का” सामना करे. जापान ने इस चेतावनी की अनदेखी करने का फैसला किया हालांकि इसके लिए “मोकुसात्सु” शब्द का प्रयोग किया गया जिसका मतलब है “नो कमेंट.”
  10. 6 अगस्त को सुबह 8.15 बजे अमेरिकी बी29 बॉम्बर “इनोला गे” ने 9000 पाउंड का परमाणु बम हिरोशिमा पर गिराया. दिसंबर के महीने तक इसकी वजह से 1 लाख 40 हजार लोगों की मौत हो गई. ट्रूमैन ने जापानी नेताओं को कहा अगर वो समर्पण नहीं करेंगे तो वो हवा से बर्बादी की ऐसी बारिश देखेंगे जैसी पृथ्वी पर कभी नहीं देखी गई.
  11. 9 अगस्त को अमेरिका ने दूसरा परमाणु बम जापान के नागासाकी पर गिराया. समय हो रहा था सुबह 11.02 बजे का. परमाणु बम के इस हमले में 74000 लोगों की जान चली गई.
  12. 15 अगस्त को जापान के सम्राट हिरोहितो ने घोषणा की कि उनका देश युद्ध हार गया है. हालांकि इसके बाद भी वो देश के सम्राट बने रहे और युद्ध के बाद देश के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई.
  13. हिरोशिमा पर परमाणु बम गिरने के चार साल बाद 29 अगस्त 1949 को रूस ने अपने परमाणु बम का कजाखस्तान में परीक्षण किया और परमाणु बम रखने वाला दूसरा देश बन गया. विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में उसने जापान पर हमला किया और उसके कई इलाकों पर कब्जा कर लिया. कुरील द्वीप उनमें से एक था.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

जर्मनी जैसे विश्व के कई ताकतवर देशों की तरह ही जापान ने खुद भी इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं जिसे कई छोटे गैर-परमाणु शक्ति संपन्न देश 2017 में परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने के लिए लाए थे. कुछ आलोचकों का मानना है कि जापान खुद भी दुनिया का एकलौता परमाणु हमला झेलने वाला देश होने के बावजूद इस मामले में दोहरे मापदंड रखता है.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद अपनी सेना खत्म होने के बाद से जापान अपनी सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह अमेरिकी सेना पर ही निर्भर है. जापान में अमेरिका के करीब 50,000 सैनिक तैनात हैं और उसे अमेरिका के परमाणु हथियारों की छतरी के नीचे सुरक्षा मिली हुई है. जापान के शक्तिशाली पड़ोसी चीन और संभवत: उत्तर कोरिया खुद परमाणु शक्ति संपन्न देश हैं. 

जर्मनी के विदेश मंत्री हाइको मास ने इस अवसर पर “परमाणु हथियारों पर नियंत्रण और परमाणु निरस्त्रीकरण की कोशिश” करने की अपील की. मास ने कहा, “विश्व को कभी नहीं भूलना चाहिए कि हिरोशिमा और कुछ दिन बाद नागासाकी में क्या हुआ था और क्यों हुआ था.”

आशा है कि इस समारोह से पीड़ितों के कष्ट, कहानियों और बहादुरी से हम सबको एक होकर दुनिया को परमाणु हथियारों से मुक्त बनाने के कदम उठाने की प्रेरणा मिलेगी.

अमेरिका ने इसके तीन दिन बाद 9 अगस्त को जापान के नागासाकी पर एक और परमाणु बम गिराया था, जिसके बाद 15 अगस्त 1945 को जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया था. इन दोनों परमाणु हमलों के लिए अमेरिका ने कभी माफी नहीं मांगी. अमेरिका का मानना रहा है कि केवल दूसरे विश्व युद्ध को रोकने का उनके पास केवल यही एक तरीका बचा था. 

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

परमाणु अप्रसार संधि (Nuclear Non-Proliferation Treaty -NPT) से आप क्या समझते हैं और ऐसे दो कारण बताएँ जिसका आधार बनाकर भारत इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं करना चाहता है।


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : National Handloom Day

संदर्भ

प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जा रहा है. विदित हो कि 2015 में यह दिवस पहली बार मनाया गया था और इस बार इसकी 7वीं वर्षगाँठ है.

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस

7 अगस्त को भारत सरकार द्वारा 29 जुलाई, 2015 की तारीख के राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में अधिसूचित किया गया था, जिसका उद्देश्य हथकरघा उद्योग के महत्व एवं आमतौर पर देश के सामाजिक आर्थिक योगदान में इसके योगदान के बारे में जागरूकता फैलाना और हथकरघा को बढ़ावा देना, बुनकरों की आय को बढ़ाना और उनके गौरव में वृद्धि करना था.

7 अगस्त को ही क्यों?

यह दिवस अगस्त 7 को इसलिए मनाया जाता है कि इसी दिन 1905 में स्वदेशी आन्दोलन का सूत्रपात हुआ था. 1905 में इसी दिन कोलकाता के टाउनहॉल में एक महा जनसभा में स्वदेशी आंदोलन का औपचारिक रूप से प्रारम्भ किया गया था. इस आंदोलन में घरेलू उत्पादों और उत्पादन प्रक्रियाओं का पुनरोत्थान शामिल था. भारत सरकार इसी की याद में हर वर्ष 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में घोषित किया है. पहला राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2015 में मनाया गया था.

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

आधुनिक उपभोक्ता वैसे तो पॉवरलूम की तरफ ज़्यादा आकर्षित हैं, परंतु हथकरघा (हैंडलूम) का आज भी विशिष्ट स्थान है. हथकरघा उद्योग का महत्त्व बतलाते हुए, इसके विकास हेतु किये जाने वाले प्रयासों की चर्चा करें।


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Kisan Rail

संदर्भ

भारतीय रेलवे ने 07 अगस्त 2020 से एक विशेष साप्ताहिक पार्सल ट्रेन के रूप में प्रथम ‘किसान रेल’ की शुरुआत करने जा रहा है. यह रेल देवलाली (महाराष्ट्र) से दानापुर (बिहार) के मध्य चलेगी.

पृष्ठभूमि

  • रेलवे का यह कदम वित्त मंत्री द्वारा केन्द्रीय बजट 2020-21 में की गई घोषणा के अनुरूप है.
  • केन्द्रीय बजट 2020-21 में वित्त मंत्री ने जल्द खराब होने वाले उत्पादों जैसे दूध, मांस और मछली आदि के लिए निर्बाध नेशनल कोल्ड सप्लाई चेन बनाने की घोषणा की थी.
  • बजट में यह भी कहा गया था कि भारतीय रेलवे एक किसान रेल की शुरुआत करेगा.
  • भारतीय रेलवे ने पहले एकल उत्पाद विशेष रेलगाडियां जैसे केला स्पेशल आदि चलायी है लेकिन यह अब तक की पहली मल्टीकमोडिटी ट्रेन होगी और अनार, केला, अंगूर आदि जैसे फल और शिमला मिर्च, फूलगोभी, ड्रमस्टिक्स, पत्तागोभी, प्याज, मिर्च जैसी सब्जियां को लेकर जाएगी.

किसान रेल के लाभ

  • किसान रेल के शुभारंभ के साथ भारतीय रेलवे का उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करने में मदद करना है.
  • यह ट्रेन 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक कदम है.
  • यह ट्रेन कम समय में सब्जियों, फलों जैसे जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पादों को बाजार में लाने में सहायता करेगी.
  • फ्रोजन कंटेनरों वाली इस ट्रेन द्वारा जल्द खराब होने वाली खाद्य वस्तुओं जिसमें मछली, मांस और दूध शामिल है, के लिए एक निर्बाध नेशनल कोल्ड सप्लाई चेन बनाई जा सकेगी.
  • इस ट्रेन का माल-भाड़ा भी सामान्य ट्रेन के पार्सल टैरिफ के अनुसार ही लिया जाएगा जिससे किसानों की परिवहन लागत घटेगी.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

रेलवे के निजीकरण के पक्ष में एक तर्क यह दिया जाता है कि इससे बेहतर बुनियादी ढाँचे को बढ़ावा मिलेगा और यात्रियों के लिये बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी. आप इससे कहाँ तक सहमत हैं?


GS Paper 3 Source : Economic Times

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : Monetary Policy Committee

संदर्भ

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की 24वीं बैठक में सर्वसम्मति से नीतिगत दरों में किसी तरह का कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया गया.

मौद्रिक नीति समिति

  • मौद्रिक नीति समिति एक छह सदस्यीय समिति होती है जिसका गठन केंद्रीय सरकार द्वारा किया जाता है.
  • इस समिति का गठन उर्जित पटेल कमिटी की सिफारिश के आधार किया गया था.
  • मौद्रिक नीति समिति को वैधानिक और संस्थागत रूप प्रदान करने के लिए 2016 में रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया अधिनियम 1934 (RBI अधिनियम) में संशोधन किया गया था ताकि मौद्रिक नीति समिति को वैधानिक और संस्थागत रूप प्रदान किया जा सके.
  • समिति की अध्यक्षता आरबीआई गवर्नर करता है.
  • इसमें तीन सदस्य RBI से होते हैं और तीन अन्य स्वतंत्र सदस्य भारत सरकार द्वारा चुने जाते हैं.
  • आरबीआई के तीन अधिकारियों में एक गवर्नर, एक डिप्टी गवर्नर तथा एक अन्य अधिकारी शामिल होते हैं.
  • इसका प्रमुख कार्य केंद्रीय बैंक कि मौद्रिक नीति निर्धारण के निर्धारण को अधिक पारदर्शी और उपयोगी बना है.
  • एमपीसी के सदस्यों को चार साल की अवधि के लिए नियुक्त किया जाता है और वे पुनर्नियुक्ति के लिए पात्र नहीं होते हैं.

वर्तमान नीतिगत दरें

  • नीति रेपो दर (Repo Rate) -4.00%
  • प्रत्‍यावर्तनीय रेपो दर (Reverse Repo Rate) -3.35%
  • सीमांत स्‍थायी सुविधा दर(MSF) -4.25%
  • बैंक दर (Bank Rate) -4.25%
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

कोविड-19 के प्रभाव से निपटने के लिए अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार की आवश्यकता है और ऐसे में कर्ज पुनर्गठन एक सकारात्मक कदम हो सकता है. क्या आप इससे सहमत हैं?


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Disaster and disaster management.

Topic : Tsunami Ready

संदर्भ

हाल ही में सुनामी जैसी आपदा से निपटने के लिए इसकी पूर्व तैयारी से संबन्धित कार्यक्रम का आयोजन ओडिशा में किया गया .

मुख्य तथ्य

यह देखा गया है कि जब सुनामी का खतरा रखने वाले लोगों को समय पर सटीक चेतावनी प्रदान कर दी जाती है, तो वे जीवन रक्षक उपायों को अपना सकते हैं, क्षति को कम कर सकते हैं और प्रतिक्रिया में तीव्रता ला सकते हैं.

चर्चा में क्यों?

हाल ही में यूनेस्को-आईओसी की सुनामी तैयारी मान्यता (Tsunami Ready Recognition) का प्रमाणपत्र प्रदान करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस), हिंद महासागर सुनामी सूचना केंद्र (आईओटीआईसी) आदि के द्वारा ओडिशा में संयुक्त रूप से एक वर्चुअल कार्यक्रम सुनामी तैयारी (Tsunami Ready) का आयोजन किया गया.

सुनामी क्या होता है?

  • टेक्टोनिक कारणों एवं अन्य भौगोलिक गतिविधियों की वजह से समुद्र तल का अपनी समानान्तर स्थिति से ऊपर उठना व लहरों का उर्ध्वाधर विस्थापन का परिणाम सुनामी है. इसके कारण समुद्र में तेज एवं विशाल लहरें उठने लगती हैं जो लगभग 800 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ती है और तटीय क्षेत्रों पर एक ऊँची दीवार के रूप में भीषण तरीके से टकराती है और रास्ते में आने वाली हर एक चीज को नष्ट कर देती है.
  • सुनामी की लहरें एवं उनकी ऊचाई तटों की विभिन्नता के कारण अलग-अलग होती है. भारत के पूर्वी और पश्चीमी तट और द्वीप क्षेत्र, अण्डमान निकोबार, सुमात्रा दीप एवं अरब सागर के मकरान क्षेत्र टेक्टोनिक गतिशीलता के कारण सुनामी के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील हैं.

सुनामी तैयारी (Tsunami Ready) कार्यक्रम क्या है ?

  • सुनामी तैयारी, एक सामुदायिक प्रदर्शन-आधारित कार्यक्रम है, जिसे यूनेस्को के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (यूनेस्को-आईओसी) द्वारा सार्वजनिक, सामुदायिक नेताओं और राष्ट्रीय और स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसियों के सक्रिय सहयोग के माध्यम से, सुनामी तैयारियों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है.
  • इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य, सुनामी आपातकाल स्थितियों के लिए तटीय समुदाय की तैयारियों में सुधार लाना है, जिससे कि जीवन और संपत्ति की क्षति को कम किया जा सके और यूनेस्को-आईओसी की हिंद महासागर सुनामी चेतावनी और शमन प्रणाली (आईसीजी/आईओटीडब्ल्यूएमएस) के लिए अंतर-सरकारी समन्वय समूह द्वारा निर्धारित सर्वोत्तम अभ्यास संकेतकों को पूरा करने की सामुदायिक तैयारी में एक संरचनात्मक और व्यवस्थित दृष्टिकोण को सुनिश्चित किया जा सके.

क्या है IOC-UNESCO?

  • यूनेस्को का अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (Intergovernmental Oceanographic Commission of UNESCO – IOC-UNESCO), संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत समुद्री विज्ञान के प्रति समर्पित एक प्रमुख संगठन है. 1960 में यूनेस्को-आईओसी की स्थापना, यूनेस्को के कार्यकारी स्वायत्त निकाय के रूप में की गई थी.
  • हिन्द महासागर में 2004 में सुनामी आने के बाद भारतीय समुद्र सुनामी चेतावनी और शमन व्यवस्था (Indian Ocean Tsunami Warning and Mitigation System- IOTWMS) की स्थापना में यूनेस्को-आईओसी ने उल्लेखनीय मदद की थी.
  • यूनेस्को-आईओसी, हिंद महासागर क्षेत्र में सुनामी की पूर्व तैयारी से संबन्धित इंडियन ओसियन वेव एक्सरसाइज़ (Indian Ocean Wave Exercise- IOWave) में भी अग्रणी भूमिका निभाता है.

ITEWC-INCOIS के बारे में

  • भारतीय सुनामी प्रारंभिक चेतावनी केंद्र- भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (ITEWC-INCOIS), भारत को सुनामी की चेतावनी प्रदान करने वाली नोडल एजेंसी है.
  • वर्तमान में आईएनसीओआईएस, आईओसी-यूनेस्को द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी वाले सुनामी सेवा प्रदाताओं के रूप में, हिंद महासागर क्षेत्र (लगभग 25 देशों) को सुनामी सलाह भी प्रदान कर रहा है.
  • सुनामी के बारे में जागरूकता और तैयारियों के लिए, आईएनसीओआईएस नियमित रूप से तटीय राज्यों के राज्य और जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन अधिकारियों (DMO) के लिए, सुनामी मानक संचालन प्रक्रिया (Tsunami Standard Operating Procedures – SOP) कार्यशालाओं, प्रशिक्षण सत्रों और सेमिनारों का आयोजन करता है.

आईएनसीओआईएस (INCOIS)

  • भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत, भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) की स्थापना वर्ष 1999 में एक स्वायत्त निकाय के रूप में की गई थी.
  • INCOIS, पृथ्वी प्रणाली विज्ञान संगठन (Earth System Science Organization – ESSO) की एक इकाई भी है.

Prelims Vishesh

Kisan Rail :-

2020-21 के संघीय बजट में की गई घोषणा के अनुसार, नष्ट होने वाले उत्पादों की आपूर्ति शृंखला को निर्बाध रखने के लिए तथा किसानों को लाभ पहुँचाने के लिए भारतीय रेलवे ने किसान रेल नामक एक विशेष पार्सल ट्रेन आरम्भ की है जो महाराष्ट्र के देवलाली से लेकर बिहार के दानापुर तक चलेगी.

Pangolin :-

  • धरती पर पेंगोलिन एकमात्र ऐसा स्तनपायी जीव है जिसके शरीर पर शल्क होते हैं.
  • पूरे विश्व में इसकी आठ प्रजातियाँ हैं जिनमें दो प्रजातियाँ भारतीय पेंगोलिन और चीनी पेंगोलिन भारत में पाई जाती हैं.
  • एक ओर जहाँ चीनी पेंगोलिन विकट रूप से संकटग्रस्त (critically endangered) है तो दूसरी ओर भारतीय पेंगोलिन मात्र संकटग्रस्त श्रेणी (endangered)  में आता है.

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