Sansar डेली करंट अफेयर्स, 02 September 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 02 September 2021


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : One Nation One Ration Card

संदर्भ 

दिल्ली एवं पश्चिमी बंगाल द्वारा लागू किये जाने के बाद एक राष्ट्र,  वन नेशन वन राशन कार्ड (One Nation One Ration Card – ONORC)  अब देश के 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित की जा रही है.

पृष्ठभूमि

जून 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को 31 जुलाई तक ONORC को लागू करने के लिए कहा था. अब केवल दो राज्य असम और छत्तीसगढ़ शेष हैं, जो आगामी कुछ महिनों में इसे लागू कर देंगे.

एक राष्ट्र –  एक राशन कार्ड योजना क्या है?

यह एक राष्ट्रीय योजना है जो यह सुनिश्चित करती है कि जन-वितरण प्रणाली से लाभ लेने वाले सभी व्यक्ति, विशेषकर एक स्थान से दूसरे स्थान जाने वाले, देश के अन्दर किसी भी अपनी पसंद की PDS दुकान से अनाज आदि प्राप्त कर सकें.

लाभ

इस योजना का लाभ यह होगा कि खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत सब्सिडी युक्त अनाज पाने से कोई निर्धन व्यक्ति इसलिए वंचित न हो जाए कि वह एक स्थान से दूसरे स्थान चला गया है. इस योजना से एक अतिरिक्त लाभ यह होगा कि कोई व्यक्ति अलग-अलग राज्यों में जन-वितरण प्रणाली का लाभ लेने के लिए एक से अधिक राशन कार्ड नहीं बनवा पायेगा.

माहात्म्य

इस योजना से के फ़लस्वरूप लाभार्थी किसी एक PDS दुकान से बंधा नहीं रह जाएगा और ऐसी दुकान चलाने वालों पर उसकी निर्भरता घट जायेगी और साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों में भी कटौती होगी.

चुनौतियाँ

  • प्रत्येक राज्य के पास जन-वितरण प्रणाली के विषय में अपने नियम होते हैं. यदि एक राष्ट्र – एक राशन कार्ड योजना लागू की गई तो संभावना है कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिले. वैसे भी सभी जानते हैं कि इस प्रणाली में भ्रष्टाचार होता रहता है.
  • इस योजना से जन-सामान्य का कष्ट बढ़ जाएगा और बिचौलिए तथा भ्रष्ट PDS दुकान के मालिक उसका शोषण करेंगे.
  • इन्हीं कारणों से तमिलनाडु ने इस योजना का विरोध किया है और कहा है कि इसको लागू करने से अवांछित परिणाम होंगे. साथ ही उसका कहना है कि यह योजना संघवाद पर कुठाराघात करती है.

GS Paper 2 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Related to Health.

Topic : Nipah Virus

संदर्भ 

केरल के कोझीकोड जिले में तीन साल से अधिक समय के बाद, ‘जंतु-जन्य’ / ‘जूनोटिक’ (Zoonotic) ‘निपाह वायरस’ (Nipah Virus) के संक्रमण का एक मामला सामने आया है.

वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?

राज्य सरकार द्वारा 188 व्यक्तियों की एक संपर्क सूची तैयार की गई है, जिनमें से अधिकांशतः स्वास्थ्यकर्मी सम्मिलित हैं. संक्रमण के लक्षण वाले व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल में भर्ती किया जाएगा.

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तत्काल आवश्यकता

ऐसे समय में जब केरल में कोविड -19 संक्रमण मामलों की संख्या में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है और पूरे देश में किसी अन्य राज्य की तुलना में संक्रमण के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे है, राज्य में इस खतरनाक निपाह वायरस की वापसी एक बड़ी चिंता का विषय है.

  • केंद्र और राज्य सरकार के लिए, यह आपसी विश्वास और समन्वय के साथ रोकथाम के उपाय करने का समय है.
  • केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से, संपर्क में आये हुए व्यक्तियों का पता लगाना, संगरोध (Quarantine), पृथक्करण (Isolation), प्रयोगशाला परीक्षण के लिए नमूनों का संग्रहण एवं परिवहन तथा ‘राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र’ (National Centre for Disease Control) द्वारा महामारी विज्ञान के दृष्टिकोण से आसपास के क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन करने जैसे कदम तत्काल उठाए जाने की आवश्यकता है.

निपाह वायरस क्या है?

  • बताया जाता है कि निपाह वायरस से ग्रस्त होने पर 70% रोगी मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं.
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक नया वायरस है जो पशु से मनुष्य में संक्रमण करता है.
  • इस वायरस की प्रजाति Henipavirus बताई जाती है.
  • यह वायरस ज्यादातर एक विशेष चमगादड़ से फैलता है जिसे fruit bat कहते हैं.
  • यह चमगादड़ Pteropodidae परिवार से आता है.
  • सूअरों के माध्यम से भी कभी-कभी निपाह का संक्रमण होता है.
  • इस वायरस का नाम निपाह इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका पता सबसे पहले 1998 में मलेशिया के Kampung Sungai Nipah गाँव में चला था.
  • निपाह वायरस से होने वाले रोग के लक्षण इन्फ्लुएंजा के समान होते हैं – बुखार, माँसपेशी में दर्द, सांस में दिक्कत.
  • Nipah virus के लिए अभी तक कोई टीका नहीं बना है.

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : TRIfood Park

संदर्भ 

हाल ही में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर में देश के पहले ट्राईफूड पार्क की स्थापना की गई है.

ट्राइफ़ूड पार्क क्या है?

  • ट्राइफ़ूड पार्क जनजातीय मामले मंत्रालय, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय और TRIFED की एक संयुक्त पहल है.
  • इसे अगस्त 2020 में वन धन योजना के तहत लॉन्च किया गया था.
  • ट्राइफ़ूड पार्क खाद्य प्रसंस्करण केंद्र हैं. इनकी स्थापना का उद्देश्य लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना है.
  • ट्राइफ़ूड पार्क वन धन केंद्रों से कच्चे माल की खरीद करेगा, फिर उन्हें ट्राइब्स इंडिया आउटलेट के माध्यम से पूरे देश में बेचा जाएगा.

वन धन योजना

  • वन धन योजना के अंतर्गत 30 जनजातीय संग्रहकर्ताओं के 10 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) अर्थात् वन धन विकास समूहों का गठन किया जाएगा. इसके बाद इन्हें वन से एकत्रित उत्पादों के मूल्य संवर्द्धन हेतु कार्यशील पूँजी प्रदान की जायेगी.
  • एक ही गाँव के भीतर इस प्रकार के 10 SHGs के संकुल द्वारा वन धन विकास केंद्र का गठन किया जाएगा.
  • वन धन विकास केंद्र कौशल उन्नयन, क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, प्राथमिक प्रसंस्करण एवं मूल्यवर्द्धन सुविधा की स्थापना इत्यादि प्रदान करने हेतु बहुउद्देशीय प्रतिष्ठान होते हैं.
  • प्राथमिक प्रसंस्करण के बाद इन SHGs द्वारा स्टॉक को राज्य कार्यान्वयन एजेंसियों के पास भेजा जाएगा.
  • जिला स्तर पर द्वितीय स्तर तथा राज्य स्तर पर तृतीय स्तर की मूल्य संवर्द्धन सुविधा के निर्माण के लिए बड़े निगमों को PPP मॉडल के तहत सम्मिलित किया जाएगा.
  • वन धन योजना केन्द्रीय स्तर पर नोडल विभाग के रुप में जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा तथा राष्ट्रीय स्तर पर नोडल एजेंसी के रूप में ट्राइफेड (TRIFED) के माध्यम से क्रियान्वित की जायेगी.
  • राज्य स्तर पर MFP हेतु राज्य नोडल एजेंसी तथा प्राथमिक स्तर पर जिलाधिकारियों द्वारा योजना कार्यान्वयन में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने की परिकल्पना की गई है.
  • पहला मॉडल वन धन विकास केंद्र छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्थापित किया जा रहा है, जो 300 लाभार्थियों को प्रशिक्षित करेगा.

लघु वन उत्पादों का माहात्म्य

  • लघु वन उत्पाद वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासियों के लिए आजीविका के एक प्रमुख साधन होते हैं. इन लोगों के लिए लघु वन उत्पादों का महत्त्व इसी बात से पता चलता है कि लगभग 100 मिलियन वनवासी भोजन, आश्रय, औषधियों और नकद आय के लिए लघु वन उत्पादों पर ही निर्भर रहते हैं.
  • जिस समय खाने-पीने की कमी होती है तो उस समय आदिवासियों, विशेषकर आदिम जनजातियों जैसे शिकारियों और भोजन संग्रह करने वालों तथा भूमिहीनों के लिए लघु वन उत्पाद जीने का सहारा होते हैं. आदिवासियों की वार्षिक आय का 20-40% इन्हीं उत्पादों से आता है और इनके संग्रहण आदि में इनका अधिकांश समय बीतता है.
  • अधिकांश लघु वन उत्पादों को स्त्रियाँ ही जमा करती हैं, उपयोग में लाती हैं और बेचती हैं. इसलिए इनके न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी करने से स्त्रियों की आर्थिक स्थिति सशक्त होगी.
  • लघु वन उत्पाद प्रक्षेत्र एक ऐसा प्रक्षेत्र है जो देश में प्रत्येक वर्ष 10 मिलियन कार्य दिवस का सृजन करने कि क्षमता रखता है.

GS Paper 2 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora. 

Topic : China’s New Sea-Road-Rail Link to Indian Ocean

संदर्भ 

गत सप्ताह दक्षिण पश्चिमी चीन में स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र चेंगदू से म्यांमार सीमा तक रेलवे लाइन एवं वहाँ से हिंद महासागर तट तक सामानों की आवाजाही के लिए एक रोड-रेल लिंक मार्ग (चीन-सम्यांमार व्यापारिक गलियारा) की शुरुआत की गई है.

 road-rail transport link to Indian Ocean

प्रमुख बिंदु

  • चीन में स्थित प्रमुख व्यापारिक केंद्र चेंगदू से म्यांमार सीमा पर लिंकांग तक रेल लाइन एवं वहाँ से यंगून पोर्ट तक रोड से एक व्यापारिक गलियारे का निर्माण किया गया है.
  • यह परिवहन गलियारा पूरी तरह समुद्र, सड़क और रेल से लिंक है.
  • पिछले हफ्ते सिंगापुर से अंडमान सागर से होकर जहाज के माध्यम से सामान यंगून पोर्ट पर पहुँचाया गया तथा वहाँ से म्यांमार-चीन सीमा पर स्थित चीनी कस्ब्रे लिंकांग तक रोड से एवं वहाँ से चेंगदू तक रेल के माध्यम से सामान की आपूर्ति की गई.
  • इस गलियारे से दक्षिण-पश्चिमी चीन तक सामान पहुँचने में अन्य मार्गों की तुलना में करीब 20-22 दिन कम लगते हैं.
  • बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के तहत म्यांमार-चीन सीमा पर स्थित, म्यांमार के चिन श्रे हाव्‌ कस्बे को बोर्डर इकॉनोमिक कोऑपरेशन जोन के रूप में विकसित करने पर विचार किया जा रहा है.

अन्य तथ्य

उल्लेखनीय है कि चीन म्यांमार के रखाईन स्टेट में स्थित क्युकफ्यू पोर्ट तक भी गलियारे के निर्माण की योजना बनाई थी, लेकिन इस क्षेत्र में अस्थिरता के चलते वह अभी अटकी पड़ी है. चीन सरकार CPEC कॉरिडोर के माध्यम से पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट से होकर भी ऐसे ही एक रेल-रोड गलियारे के निर्माण के प्रयास में है, परन्तु सुरक्षा कारणों के चलते अभी वह भी लंबित है. इसके अतिरिक्त म्यांमार के गलियारे की तुलना में CPEC से कार्गो की आवाजाही कम लाभदायक है.

चीनी कम्युनिस्ट अधिकारी पाकिस्तान के ग्वादर पोर्ट को भी हिंद महासागर के प्रमुख आउटलेट के रूप में देख रहे हैं, इस बंदरगाह के जरिए चीन को मलक्का स्ट्रेट्स से मुक्ति मिल जाएगी. पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया जा रहा है लेकिन सुरक्षा चिंताओं के बीच इसके कार्य को धीमा कर दिया गया है. अब जिस तरह से म्यानमार क्षेत्र से चीन ने अपना नया मार्ग शुरू कर लिया है इसके बाद यहां अनुमान लगाया जा रहा है कि ग्वादर बंदरगाह चीन के लिए अधिक महत्त्वपूर्ण नहीं होगा.


Prelims Vishesh

Houthi :-

  • हूती (Houthi), ‘जैदी शिया संप्रदाय’ (Zaidi Shia sect) से संबंधित एक सशस्त्र विद्रोही समूह हैं जो यमन की सरकार के विरुद्ध संघर्ष कर रहे हैं.
  • परंपरागत रूप से, हूती समुदाय के लोग ‘यमन’ के उत्तर-पश्चिम में स्थित ‘सादा प्रांत’ (Saada Province) में केंद्रित रहे हैं.

Places in News :-

Guinea

Guinea map

  • गिनी, लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता से घिरा हुआ है. हाल ही में, विशेष बलों में नियुक्त एक वरिष्ठ कमांडर की बर्खास्तगी के बाद से देश में फिर से अशांति फ़ैल गयी है. वरिष्ठ कमांडर को हटाए जाने से सेना के कुछ उच्च प्रशिक्षित सदस्यों ने विद्रोह करने और राष्ट्रपति आवास पर कब्जा करने का प्रयास किया गया है.
  • विदित हो गिनी (Guinea), पश्चिम अफ्रीका का एक देश है. इसकी सीमा पश्चिम में अटलांटिक महासागर से लगती है.
  • यह दक्षिण-पूर्व में स्थित ‘माउंट निम्बा स्ट्रिक्ट नेचर रिजर्व’ के लिए विख्यात है.
  • संप्रभु देश ‘गिनी’ का एक ऐसा गणतंत्र है, जिसका राष्ट्रपति सीधे लोगों द्वारा चुना जाता है.
  • गिनी, एक मुख्य रूप से इस्लामी देश है, और इसकी 85 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है.

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