Sansar डेली करंट अफेयर्स, 02 October 2021

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Sansar Daily Current Affairs, 02 October 2021

Topics Today

  1. संविधान का अनुच्छेद 142
  2. भुलाए जाने का अधिकार क्या है?
  3. आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना : विवरण
  4. ‘पीएम पोषण योजना’ में प्रमुख प्रस्ताव
  5. निपाह वायरस क्या है?

Important Notice

14 सितम्बर, 2021 से हमने संसार DCA के वेब-वर्जन को देना बंद कर दिया है. अब आप Sansar DCA की दैनिक PDF हमारे टेलीग्राम चैनल पर रोजाना डाउनलोड कर सकते हैं या हमारे ऐप में डेली PDF का notification पा सकते हैं. 👉(अच्छा होगा कि आप हमारे मासिक या वार्षिक PDF को क्रय करके हमें और भी प्रोत्साहित करें) We have stopped serving web-content of Sansar Daily Current affairs from 14 September, 2021. Download PDF of daily current affairs from our Telegram Channel (Click to Join) or Download our app for daily PDF notifications (Click here to download). Alternately, kindly support us buying our Monthly or Annual plan

Sansar डेली करंट अफेयर्स, 02 October 2021

Congratulations - you have completed Sansar डेली करंट अफेयर्स, 02 October 2021 . You scored %%SCORE%% out of %%TOTAL%%. Your performance has been rated as %%RATING%%
Your answers are highlighted below.
Question 1
न्यायालय की अवमानना से सम्बंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
  1. उच्चत्तम न्यायालय के लिए आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने के लिए महान्यायवादी की सहमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं होती है.
  2.  उच्च न्यायालय को भी न्यायालय की अवमानना के लिए दोषी व्यक्तियों को दंडित करने की शक्ति प्रदान की गयी है.
उपर्युक्त कथनों में कौन सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1, न ही 2
Question 1 Explanation: 
उच्चत्तम न्यायालय के लिए आपराधिक अवमानना ​​कार्यवाही शुरू करने हेतु महान्यायवादी की सहमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं होती है. वह, संविधान द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी कर अवमानना कार्यवाही शुरू कर सकता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 129 और 215 में क्रमशः सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय को न्यायालय की अवमानना के लिए दोषी व्यक्तियों को दंडित करने की शक्ति प्रदान की गयी है.
Question 2
वर्ष 2017 में, सर्वोच्च न्यायालय में द्वारा अपने एक ऐतिहासिक फैसले (पुत्तुस्वामी मामले) में निम्नलिखित में से क्या निर्णय लिया गया?
A
‘निजता के अधिकार’ को एक ‘मौलिक अधिकार’ घोषित कर दिया गया था.
B
तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया
C
अयोध्या में राम मंदिर बनाने का आदेश दिया गया
D
यह निर्णय लिया गया कि सुप्रीम कोर्ट स्वयं की अवमानना ​​के लिये आरोपी को दंडित करने की शक्ति रखता है
Question 2 Explanation: 
24 अगस्त, 2017 को नौ-न्यायाधीशों की पीठ ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए निजता के अधिकार को संविधान के तहत मौलिक अधिकार घोषित किया था। इस निर्णय में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा था कि ''निजता मानव गरिमा का संवैधानिक मूल है।'' सर्वोच्च न्यायालय ने 24 अगस्त, 2017 को दिए गए महत्वपूर्ण निर्णय में 'निजता के अधिकार' को संविधान के अंतर्गत मौलिक अधिकार घोषित किया है। वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने अपने निर्णय में कहा कि निजता का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार और संविधान के भाग 3 (मौलिक अधिकारों का अध्याय) का एक स्वाभाविक अंग है, जिसे पृथक् करके नहीं देखा जा सकता। पीठ ने इसके साथ एम.पी. शर्मा बनाम सतीश चंद्र (1954) मामले में आठ सदस्यीय पीठ और खड़कसिंह बनाम उत्तर प्रदेश (1962) में छह सदस्यीय पीठ द्वारा दिए निर्णय को निरस्त कर दिया था।
Question 3
आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
  1. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक परेशानी झेल रही MSME को अतिरिक्त फंडिंग उपलब्ध कराते हुए उन्हें राहत दिलाना है.
  2. यह योजना 2014 से चली आ रही है.
उपर्युक्त कथनों में कौन सही है/हैं?
A
केवल 1
B
केवल 2
C
1 और 2 दोनों
D
न तो 1, न ही 2
Question 3 Explanation: 
भारत के वित्त मंत्रालय ने COVID महामारी से प्रभावित MSME और उन्हें आर्थिक मदद पहुँचाने के लिए मई 2020 में आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) शुरू की थी. आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) को कोविड-19 और इसके बाद लॉकडाउन के कारण बनी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के एक निर्दिष्ट उपाय के रुप में बनाया गया है. इससे MSME क्षेत्र में विनिर्माण और अन्य गतिविधियाँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. इस योजना का उद्देश्य आर्थिक परेशानी झेल रही MSME को पूरी गारंटी युक्त आपातकालीन क्रेडिट लाइन के रुप में तीन लाख करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त फंडिंग उपलब्ध कराते हुए उन्हें राहत दिलाना है.
Question 4
निपाह वायरस के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -
  1. इस वायरस का प्रकोप अभी तक भारत में नहीं देखा गया है.
  2. इसकी रोकथाम के लिए अभी कोई दवा या टीका विकसित नहीं किया गया है.
  3. इसका संक्रमण का उद्गम सर्वप्रथम एक अफ़्रीकी देश में हुआ था.
उपर्युक्त कथनों में कौन सही है/हैं?
A
केवल 1 और 2
B
केवल 2 और 3
C
केवल 2
D
केवल 3
Question 4 Explanation: 
भारत में अब तक चार बार ‘निपाह वायरस’ (NiV) का प्रकोप फ़ैल चुका है, और इनमे मृत्यु दर 65 प्रतिशत और 100 प्रतिशत के बीच रही है. ‘निपाह वायरस’ का सबसे हालिया प्रकोप, वर्ष 2018 में केरल राज्य में फैला था. दक्षिणी एशियाई देशों और कुछ भारतीय राज्यों को इस बीमारी के संभावित हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है. निपाह वायरस के लिए काफी खतरनाक माना जाता है, क्योंकि इसकी रोकथाम के लिए अभी कोई दवा या टीका विकसित नहीं किया गया है, और इससे संक्रमित लोगों में मृत्यु दर काफी उच्च रहती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार निपाह वायरस एक नया वायरस है जो पशु से मनुष्य में संक्रमण करता है. इस वायरस का नाम निपाह इसलिए रखा गया है क्योंकि इसका पता सबसे पहले 1998 में मलेशिया के Kampung Sungai Nipah गाँव में चला था.
Question 5
नासा का "लुसी मिशन" निम्नलिखित में से किस ग्रह के ट्रोजन क्षुद्रग्रहों का अध्ययन करेगा?
A
बृहस्पति
B
शनि
C
मंगल
D
बुध
Question 5 Explanation: 
यह वृहस्पति (Jupiter) के ट्रोजन क्षुद्रग्रहों का अध्ययन करने वाला प्रथम अंतरिक्ष मिशन होगा. इसका उद्देश्य 4.5. अरब वर्ष पूर्व सौर मंडल के निर्माण से संबंधित नई अंतर्दृष्टि प्राप्त करना है. ऐसा माना जाता है कि वृहस्पति से संबद्ध ट्रोजन क्षुद्रग्रह, बाह्य ग्रहों का निर्माण करने वाली मौलिक सामग्री / घटकों के अवशेष हैं. ट्रोजन दो अनिश्चित समूहों में सूर्य की परिक्रमा करते हैं, जिसमें एक समूह वृहस्पति से आगे तथा दूसरा उसके पीछे होता है.
Once you are finished, click the button below. Any items you have not completed will be marked incorrect. Get Results
There are 5 questions to complete.
0*
Students Purchased This Week

Purchase NOW Annual Scheme

Click here to purchase Annual plan

 

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.