Sansar डेली करंट अफेयर्स, 01 October 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 01 October 2019


GS Paper 1 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.

Topic : Paika Rebellion

संदर्भ

1817 के पइका विद्रोह को समर्पित एक स्मारक बनने जा रहा है जिसका शिलान्यास रामनाथ कोविंद करेंगे.

पइका विद्रोह क्या है?

आज से 202 वर्ष पहले 1817 में ओडिशा राज्य के खुर्दा में सैनिकों का एक विद्रोह हुआ था जिसका नेतृत्व बक्शी जगबंधु (बिद्याधर महापात्र) ने किया था. इस विद्रोह को पइका विद्रोह कहते हैं.

विद्रोह के कारण

  • ओडिशा के पारम्परिक जमींदार सैनिकों को पइका कहा जाता था. जब 1803 में ईस्ट इंडिया कंपनी ने इस राज्य के अधिकांश भाग को कब्जे में ले लिया तो खुर्दा के राजा का प्रभुत्व समाप्त हो गया और इसके साथ पइका जनों की शक्ति और प्रतिष्ठा में भी गिरावट आ गई. अंग्रेज़ लोग इन आक्रामक और योद्धा लोगों से चिंतित रहा करते थे और इसलिए इनको रास्ते पर लाने के लिए उन्होंने वाल्टर एवर के अन्दर एक आयोग का गठन किया.
  • इस आयोग ने सुझाव दिया कि पइका जनों के पास जो लगान रहित पैत्रिक भूमि दी गई थी उसे ब्रिटिश शासन अपने कब्जे में ले ले. इस सुझाव का कठोरता से पालन किया जाने लगा. इस पर पइका लोगों ने विद्रोह कर दिया.
  • इस विद्रोह के कुछ अन्य कारण भी थे, जैसे – नमक के मूल्य में वृद्धि, कर के भुगतान के लिए दी जाने वाली कौड़ी मुद्रा को समाप्त करना और भूमि लगान को वसूलने के लिए अपनाई गई शोषणकारी नीति.
  • विद्रोह के आरम्भ में कंपनी को मुश्किलों का सामना करना पड़ा, परन्तु मई 1817 तक विद्रोह को दबाने में सफल रही. कई पइका नेताओं को फाँसी दे दी गई अथवा देश निकाला दे दिया गया. आठ वर्षों के बाद जगबंधु ने भी 1825 में आत्मसमर्पण कर दिया.

GS Paper 2 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Comparison of the Indian constitutional scheme with that of other countries.

Topic : How a US President can be impeached?

संदर्भ

अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव (2020) के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित प्रत्याशी Joe Biden के विषय में जाँच हेतु यूक्रेन पर दबाव बनाने के आलोक में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा (House of Representatives) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विरुद्ध महाभियोग की प्रक्रिया आरम्भ करने जा रही है. पिछले दिनों इस आशय की घोषणा प्रतिनिधि सभा की अध्यक्षा Nancy Pelosi ने की.

इतिहास

आज तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति महाभियोग के द्वारा हटाया नहीं गया है. दो राष्ट्रपतियों पर महाभियोग अवश्य चलाया गया, वे थे – Andrew Johnson (1968) और Bill Clinton (1998). परन्तु सेनेट उनको दण्डित नहीं कर सका था. 1974 में राष्ट्रपति Richard Nixon (1974) ने हटाए जाने के पहले ही त्यागपत्र दे दिया था.

महाभियोग क्या है?

महाभियोग उस प्रावधान को कहते हैं जिसके द्वरा कांग्रेस अमेरिका के राष्ट्रपति को पद से हटा सकती है.

अमेरिकी संविधान क्या कहता है?

  1. अमेरिकी संविधान के अनुसार एकमात्र प्रतिनिधि सभा (निचला सदन) को ही महाभियोग की शक्ति प्राप्त है जबकि सेनेट (उपरी सदन) को महाभियोग की सुनवाई करने की शक्ति है.
  2. सेनेट द्वारा महाभियोग की सुनवाई के ऊपर अध्यक्षता करने का दायित्व संविधान में सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को दिया है.

महाभियोग के आधार

राष्ट्रपति इन कारणों से पदच्युत किया जा सकता है – देशद्रोह, घूसखोरी अथवा अन्य बड़े अपराध और दुराचरण.


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to health and Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre.

Topic : Poshan Maah (National Nutrition Month)

संदर्भ

भारत सरकार सितम्बर, 2019 को पोषण अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय पोषण माह के रूप में मना रही है.

राष्ट्रीय पोषण माह

  • पोषण माह मनाने का सबसे प्रधान उद्देश्य पोषण के सन्देश को गाँव-गाँव तक पहुँचाना है.
  • यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास मंत्रालय एवं नीति आयोग की एक पहल है और इसका समर्थन 18 सम्बंधित मंत्रालय/विभाग/सरकारी संगठन कर रहे हैं.
  • इस कार्यक्रम का लक्ष्य तकनीक का प्रयोग करते हुए पोषण के सम्बन्ध में किये जा रहे समस्त प्रयासों को एक सूत्र में बांधना और पोषण के विषय में जागरूकता को जन आन्दोलन के स्तर तक ले जाना है.
  • इस कार्यक्रम में इन आठथीम पर ध्यान दिया जा रहा है – प्रसवपूर्व देखभाल, इष्टतम स्तनपान विधि (प्रारंभिक और विशिष्ट), पूरक आहार, रक्ताल्पता (anemia), सार्वजनिक विकास की निगरानी, बालिका शिक्षा, आहार, विवाह की सही उम्र, स्वच्छता, खाद्य में पोषक तत्त्वों की मिलावट.

पोषण अभियान

POSHAN Abhiyaan (National Nutrition Mission) का आरम्भ प्रधानमन्त्री द्वारा राजस्थान के झुंझुनू में 8 मार्च, 2018 में किया गया था.

  • इस अभियान का लक्ष्य है छोटे-छोटे बच्चों, महिलाओं और किशोरियों के बीच कुंठित विकास, कुपोषण, रक्ताल्पता और साथ ही जन्म के समय शिशु के भार की अल्पता की दर को क्रमशः 2%, 2%, 3 % और 2% प्रतिवर्ष घटाना.
  • मिशन का एक लक्ष्य यह भी है कि 0 से 6 साल के बच्चों में शारीरिक विकास में कमी की दर को वर्तमान के 4% से घटाकर 2022 तक 25% कर दिया जाए.
  • सरकार पोषण अभियान को 2020 तक विभिन्न चरणों में देश के सभी 36 राज्यों/केंद्र शाषित क्षेत्रों तथा 718 जिलों तक ले जाना चाहती है.

GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Issues related to health and Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre.

Topic : ‘TB Harega Desh Jeetega’ campaign

संदर्भ

भारत से यक्ष्मा रोग का उन्मूलन करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने “टीबी हारेगा देश जीतेगा” नामक अभियान आरम्भ किया है.

इस अभियान के लक्ष्य

  • टीबी उपचार की सेवाओं को पूरे देश में 2022 तक सुलभ बनाना.
  • इस अभियान के तीन स्तम्भ हैं – उपचार की विधियाँ, जन स्वास्थ्य सुविधाएँ एवं सक्रिय सामुदायिक भागीदारी.
  • इस अभियान के लिए रोगियों का सहयोग तो लिया ही जाएगा, साथ ही इसमें निजी प्रक्षेत्र को भी लगाया जाएगा एवं सभी स्तरों पर राजनीतिक और प्रशासनिक तत्परता सुनिश्चित की जायेगी.
  • सरकार यह देखेगी कि सभी रोगी निजी अथवा सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क और उच्च कोटि का उपचार प्राप्त करें.

वैश्विक लक्ष्य

  • संयुक्त राष्ट्र ने अपने सतत विकास लक्ष्य (SDG) में यक्ष्मा का उन्मूलन 2030 तक करने का लक्ष्य रखा है. पंरतु भारत ने इस लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने का संकल्प किया है.
  • सतत विकास लक्ष्य में यक्ष्मा उन्मूलन क्रमांक 3 (SDG 3) पर है.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : Nuclear Suppliers Group

संदर्भ

पिछले दिनों न्यूयॉर्क में आयोजित Bloomberg Global Business Forum पर बोलते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आणविक आपूर्ति समूह (NSG) में भारत को सदस्य बनाने का प्रश्न उठाया.

पृष्ठभूमि

NSG एक ऐसा विशिष्ट आणविक क्लब है जो आणविक व्यापार को नियंत्रित करता है. इसमें 48 देश शामिल हैं. भारत इसका सदस्य बनना चाहता है पर चीन उस प्रयास पर बार-बार कुठाराघात करता आया है.

NSG क्या है?

  • आणविक आपूर्ति समूह (Nuclear Suppliers Group) एक बहुराष्ट्रीय निकाय है जिसका मुख्य उद्देश्य आणविक प्रसार को रोकना है.
  • विदित हो कि इसकी स्थापना 1974 में भारत द्वारा आणविक विस्फोट (Smiling Buddha) करने पर की गई थी.
  • NSG की पहली बैठक नवम्बर, 1975 में लन्दन में हुई थी. इसलिए इस समूह का एक प्रचलित नाम लन्दन क्लब भी है.
  • यह कोई औपचारिक संगठन नहीं है और इसके द्वारा दिए गये मार्गनिर्देश बाध्यकारी नहीं हैं.
  • यह समूह सदस्यता आदि विषयों में कोई भी निर्णय सर्वसहमति से लेता है.
  • आज की तिथि में इस समूह में 48 सदस्य हैं.
  • भारत 2008 से इस समूह का सदस्य बनने के लिए प्रयासरत है. पर हर बार उसके आवेदन को इस आधार पर रद्द कर दिया जाता है कि उसने आणविक अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए.
  • ज्ञातव्य है कि इस समूह की सदस्यता के लिए आणविक अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करना आवश्यक है.
  • परन्तु भारत को एक विशेष छूट दे दी गई है कि वह आणविक निर्यातक देशों से व्यापार कर सकता है.
  • भारत इस आधार पर NSG का सदस्य बनने का दावा करता है कि उसका आणविक कार्यक्रम शुद्ध रूप से शान्तिपूर्ण कार्यों के लिए है.

भारत का दावा इसलिए भी मजबूत दिखता है कि उसने आणविक परीक्षण पर स्वेच्छा से प्रतिबंध घोषित कर रखा है. उसका कहना है कि उसने आणविक हथियार शत्रुओं को युद्ध से रोकने के लिए निर्मित किये हैं और वह उनका प्रयोग तभी करेगा जब उसपर विनाशकारी हथियारों से आक्रमण किया जाएगा. इस प्रकार भारत ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह एक जिम्मेवार आणविक शक्ति वाला देश है.

NSG की सदस्यता भारत के लिए महत्त्वपूर्ण क्यों?

  • यदि भारत NSG का सदस्य बन जाता है तो उसे इस समूह के अन्य सदस्यों से नवीनतम तकनीक उपलब्ध हो जाएँगे. ऐसा होने से Make in India कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा और फलस्वरूप देश की आर्थिक वृद्धि होगी.
  • पेरिस जलवायु समझौते में भारत ने यह वचन दे रखा है कि वह जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाएगा और इसकी ऊर्जा का 40% नवीकरणीय एवं स्वच्छ स्रोतों से आने लगेगा.
  • इस लक्ष्य को पाने के लिए हमें आणविक ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना होगा. यह तभी संभव होगा जब भारत की पहुँच NSG तक हो जाए.
  • विश्व में यूरेनियम के चौथे बड़े उत्पादक देश नामीबिया ने भारत को 2009 में ही आणविक ईंधन देने का वचन दिया था पर वह वचन फलीभूत नहीं हुआ क्योंकि नामीबिया ने पेलिनदाबा संधि पर हस्ताक्षर कर रखे थे जिसमें अफ्रीका के बाहर यूरेनियम की आपूर्ति पर रोक लगाई गयी है.
  • यदि भारत में NSG में आ जाता है तो नामीबिया भारत को यूरेनियम देना शुरू कर देगा.
  • NSG का सदस्य बन जाने के बाद वह NSG के मार्गनिर्देशों से सम्बन्धित प्रावधानों के बदलाव पर अपना मन्तव्य रख सकेगा. ज्ञातव्य है कि इस समूह में सारे निर्णय सहमति से होते हैं और इसलिए किसी भी बदलाव के लिए भारत की सहमति आवश्यक हो जायेगी.
  • NSG का सदस्य बन जाने के बाद भारत को आणविक मामलों में समय पर सूचना उपलब्ध हो जायेगी.

No First Use Policy के बारे में हमारा Sansar Editorial वाला यह आर्टिकल जरुर पढ़ें >> No First Use Policy


Prelims Vishesh

Microhyla eos :-

पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश में नमदाफा व्याग्र आश्रयणी के चिरहरित जंगलों में एक नए प्रकार के मेढ़क का पता चला है जिसको यूनानी उषा देवी (Greek Goddess of Dawn) – इओस (Eos) – पर Microhyla eos नाम दिया गया है.

Ladakhi Shondol dance :-

किसी विशेष अवसर पर लद्दाख के राजा के लिए आयोजित होने वाले लद्दाखी शोंदोल नृत्य को उसकी विशालता के कारण विश्व कीर्तिमानों के गिनिस बुक में प्रवेश मिल गया है.

Special expenditure observers :-

  • भारतीय निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र में होने वाले आगामी विधान सभा चुनाव के लिए कुछ सेवा निवृत्त भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारियों को विशेष व्यय पर्यवेक्षक (special expenditure observers) के रूप में नियुक्त किया है.
  • विदित हो कि यह कार्रवाई आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के अनुभाग 20B के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए की है.

International Sign Language Day :-

  • प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 23 सितम्बर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस के रूप में मनाया गया.
  • यह दिवस 2017 से मनाया जा रहा है. इसके लिए 23 सितम्बर की तिथि इसलिए चुनी गई थी कि 1951 में इसी दिन विश्व वधिर संघ (World Federation of the Deaf) की स्थापना हुई थी.
  • इस बार इस दिवस की थीम है – “सांकेतिक भाषा – सब का अधिकार”.

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