Sansar डेली करंट अफेयर्स, 01 April 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 01 April 2020


GS Paper 1 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times. Salient features of Indian Society, Diversity of India.

Topic : What is Tablighi Jamaat?

संदर्भ

निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात के मरकज में 24 कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद अब यहां आने वाले उन हजारों लोगों की तलाश और उन्हें आइसोलेट करने की मुहिम शुरू हो चुकी है, जो इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए थे.

तब्लीगी जमात क्या है?

  • तब्लीगी जमात की स्थापना 1927 में एक सुधारवादी धार्मिक आंदोलन के तौर पर मोहम्मद इलियास कांधलवी ने की थी. यह इस्लामिक आंदोलन देवबंदी विचारधारा से प्रभावित है और उसके सिद्धांतों का दुनिया-भर में प्रचार करता है.
  • जमात उर्दू भाषा का शब्द है. जमात शब्द का मतलब किसी खास उद्देश्य से इकट्ठा होने वाले लोगों का समूह है. तब्लीगी जमात के संबंध में बात करें तो यहां जमात ऐसे लोगों के समूह को कहा जाता है जो कुछ दिनों के लिए खुद को पूरी तरह तब्लीगी जमात को समर्पित कर देते हैं. इस दौरान उनका अपने घर, कारोबार और सगे-संबंधियों से कोई संबंध नहीं होता है. लोगों के बीच इस्लाम की बातें फैलाते हैं और अपने साथ जुड़ने का आग्रह करते हैं. इस तरह उनके घूमने को गश्त कहा जाता है. गश्त के बाद के समय का प्रयोग वे लोग नमाज, कुरान की तिलावत और प्रवचन में करते हैं.
  • जमात के बाद ये लोग अपनी अपनी सुविधा के अनुसार तीन दिन, 40 दिन, कोई चार महीने के लिए तो कोई साल भर के लिए सम्मिलित होते हैं. यह अवधि के समाप्त होने के बाद ही वे अपने घरों को लौटते हैं और रुटीन कामों में लग जाते हैं.
  • इस विचारधारा यानि तब्लीगी जमात के लोग पूरी दुनिया में फैले हुए हैं. बड़े-बड़े शहरों में उनका एक सेंटर होता है जहां जमात के लोग जमा होते हैं. इसे मरकज कहा जाता है. उर्दू में मरकज इंग्लिश के सेंटर और हिंदी के केंद्र के लिए इस्तेमाल होता है.

GS Paper 2 Source: Indian Express

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Punjab Village and Small Towns Act

संदर्भ

पंचकुला के उपायुक्त ने पंजाब ग्राम एवं क़स्बा अधिनियम 1918 की धारा 3 (1) के अधीन निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला की सभी ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों को 14 अप्रैल तक जारी लॉकडाउन के दौरान पहरे लगाने के आदेश जारी किए हैं.

पंजाब ग्राम एवं क़स्बा अधिनियम

पंजाब ग्राम एवं क़स्बा अधिनियम 1918 में कानून बना था. इसका उद्देश्य गाँव और कस्बों के शारीरिक रूप से योग्य व्यक्तियों को आकस्मिक स्थिति में गाँव/कस्बे की पहरेदारी करवाना था.

कार्यान्वयन

  • इस अधिनियम के अंतर्गत यदि पंजाब (अब हरियाणा भी) के किसी जिले का उपायुक्त यह समझे कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी गाँव में विशेष उपाय करना आवश्यक है तो वह उस गाँव के सभी शारीरिक रूप से पुरुष वयस्कों को पहर्दारी करने का आदेश दे सकता है.
  • यह आदेश अधिकतम एक वर्ष तक वैध रहता है.
  • उपायुक्त को यह अधिकार है कि वह पहरेदारी करने वाले लोगों की संख्या और उनके चयन की पद्धति बदल सकता है और तदनुसार गाँव की पंचायत को सूचना दे सकता है.

जुर्माना और दंड

अधिनियम के अनुभाग 9 और 11 में यह प्रावधान है कि जो व्यक्ति पहरेदारी का आदेश नहीं मानेगा तो उसे ग्राम पंचायत या उपायुक्त की ओर से तय किया गया जुर्माना देना होगा. यह जुर्माना अधिकतम 100 रु. होगा.


GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : Ways And Means Advances

संदर्भ

भारतीय रिज़र्व बैंक ने सरकार द्वारा उससे मांगे जाने वाले अल्पावधि ऋण की सीमा बढ़ा दी है. 2020-21 के पहले पूर्वार्द्ध में यह सीमा बढ़कर अब 1 . 2 लाख करोड़ रु. हो गई है. ज्ञातव्य है कि इस ऋण सुविधा को “वेज एंड मीन्स एडवांसेज” (Ways and Means Advances – WMA) कहा जाता है.

महत्त्व

ऋण सीमा की यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब कोरोना वायरस से उत्पन्न परिस्थितियों से लड़ने के लिए सरकार का खर्च बढ़ने वाला है. अधिक ऋण उपलब्ध होने से सरकार अल्पावधि के लिए कुछ व्यय करने में सक्षम हो सकेगी.

वेज एंड मीन्स एडवांसेज क्या है?

  1. यह भारतीय रिज़र्व बैंक के द्वारा सरकार को दी गई तात्कालिक ऋण सुविधा है जिससे सरकार को राजस्व एवं व्यय के बीच की खाई को तत्काल रूप से पाटने में सहायता मिलती है.
  2. इस ऋण पर सरकार को भारतीय रिज़र्व बैंक को ब्याज भरना पड़ता है.
  3. ब्याज की दर वही होती है जो रेपो की होती है.
  4. इस प्रकार का ऋण तीन महीने के लिए लिया जाता है.
  5. वेज एंड मीन्स एडवांसेज (WMA) के लिए ऋण सीमा कितनी हो इसका निर्णय भारतीय रिज़र्व बैंक और भारत सरकार परस्पर विचार करके लेती है.

पृष्ठभूमि

वेज एंड मीन्स एडवांसेज केन्द्रीय सरकार की योजना है जो सबसे पहले अप्रैल 1, 1997 में आई थी. इसके पहले केंद्र सरकार के घाटे को पूरा करने के लिए तदर्थ कोषागार विपत्रों की पुरानी प्रणाली अपनाई जाती थी.

यदि सरकार को अतिरिक्त धन अतिरिक्त समय के लिए चाहिए तब क्या होगा?

जब WMA की सीमा पार हो जाती है तो सरकार ओवरड्राफ्ट का सहारा लेती है. परन्तु यह ओवरड्राफ्ट अधिकतम 10 लगातार कार्य दिवसों तक के लिए ही स्वीकृत होता है. ओवरड्राफ्ट पर ब्याज की दर रेपो दर की तुलना में 2% अधिक होती है.

Ways and Means Advances – WMA के प्रकार

  • वेज एंड मीन्स एडवांसेज के दो प्रकार होते हैं – सामान्य (normal) एवं विशेष (special).
  • विशेष WMA को स्पेशल ड्राइंग फैसिलिटी (SDM) भी कहते हैं. यह सुविधा सरकार को उसकी सिक्यूरिटियों पर मिलती है.
  • जब SDM की सीमा समाप्त हो जाती है तो सरकार सामान्य WMA प्राप्त करती है.
  • SDM के लिए ब्याज दर रेपो दर से 1% कम होती है.
  • सामान्य WMA के अन्दर सरकार एक से अधिक बार ऋण ले सकती है. इसके लिए वास्तविक राजस्व एवं पूंजी व्यय की तीन वर्षों की औसत देखी जाती है.

GS Paper 3 Source: Down to Earth

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UPSC Syllabus : Awareness in space.

Topic : SunRISE mission

संदर्भ

अमेरिकी अन्तरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में सन रेडियो इंटरफेरोमीटर स्पेस एक्सपेरिमेंट (SUNRISE) मिशन की घोषणा की. इस मिशन का उद्देश्य सूर्य के विशालकाय सौर कण तूफान का अध्ययन करना है.

SunRISE Mission के बारे में

  • इस मिशन का प्राथमिक उद्देश्य सौर तूफानों का अध्ययन तथा सौर प्रणाली के कार्य को समझना है.
  • यह अध्ययन भविष्य के अंतरिक्ष यात्रियों को मंगल ग्रह की यात्रा करने और सौर तूफानों से बचाने में भी सहायता करेगा.
  • इस मिशन के अंतर्गत 6 क्यूबसैट को जियोसिंक्रोनस-ऑर्बिट में स्थापित किया जाएगा.
  • यह क्यूबसैट सूर्य से उत्सर्जित कम आवृत्ति उत्सर्जन के रेडियो चित्र लेने के लिए रेडियो टेलिस्कोप का प्रयोग करेंगे. इन चित्रों को डीप स्पेस नेटवर्क के माध्यम से धरती पर भेजा जाएगा.
  • इसके अतिरिकित यह क्यूबसैट सूर्य से उत्पन्न होने वाले विशाल कण के स्थान के बारे में जानने के लिए एक 3डी मानचित्र बनाएंगे.
  • इस मिशन के द्वारा सूर्य के स्पेक्ट्रम का अध्ययन किया जाएगा.
  • विदित हो कि आयनमंडल के कारण पृथ्वी से सूर्य के स्पेक्ट्रम का अध्ययन नहीं किया जा सकता है.

Prelims Vishesh

“Operation Namaste” :-

  • भारत में कोरोना वायरस के प्रकोप को रोकने के लिए भारतीय सेना ने ऑपरेशन नमस्ते नामक कार्यक्रम चलाया है जिसके अन्दर आठ क्वारेंटीन स्थापित किये गये हैं और हेल्पलाइन नंबर निर्गत किये गये हैं.
  • इस कार्यक्रम के अन्दर उन सैनिकों के परिवारों की सुख-सुविधा के लिए जवानों को नियुक्त किया जाएगा जो ऑपरेशन नमस्ते के सिलसिले में बाहर भेजे गये हैं.

Mo Jiban :-

मो जीबोन ओडिशा सरकार का एक नया कार्यक्रम है जिसमें राज्य के लोगों को यह शपत लेना है कि वे घर में ही रहेंगे और जब तक कोरोना वायरस के लिए तालेबंदी चलेगी तब तक वे बाहर नहीं निकलेंगे.

Fight Corona IDEAthon :

  • फाइट कोरोना आईडियाथोन केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नवाचार कोषांग, AICTE, MEITY स्टार्टअप हब, InnovatioCuris और अन्य कई वैश्विक एवं राष्ट्रीय संस्थानों के द्वारा संयुक्त रूप से चलाई जा रही एक पहल है जिसका उद्देश्य कोरोना वायरस को रोकने के लिए सुगम और सुलभ तकनीकी समाधान खोजना है.
  • फाइट कोरोना आईडियाथोन मुख्य रूप से जो कार्य करेगा, वे हैं – ऐसे मास्क बनाना जो धुल सके और फिर से पहने जा सकें, नोटों और सिक्कों को कीटाणुरहित करना, निदान के ऐसे उपकरण बनाना जिनके प्रयोग के समय शरीर में कहीं पर छेद न करना पड़ना पड़े, घरों से परीक्षण के नमूने जमा करने के लिए स्टोरेज किट तैयार करना.

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