IAS की परीक्षा हिंदी माध्यम से दूँ या इंग्लिश माध्यम से?

IAS की परीक्षा हिंदी माध्यम से दूँ या इंग्लिश माध्यम से?

यह एक कड़वा सच है कि इंग्लिश माध्यम (English medium) के छात्रों के पास किताबों के लिए बहुत सारे विकल्प हैं. अनुभवी लेखकों के द्वारा इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र आदि विषयों की कई किताबें इंग्लिश भाषा में लिखी गयी हैं और बाजार में भरी पड़ी हैं. इंग्लिश माध्यम वाले छात्रों के लिए किताबों की अपार संख्या तो उपलब्ध हैं ही, इसके अलावा इन्टरनेट की सम्पूर्ण दुनिया इंग्लिश में ही परोसी गयी हैं. विकिपीडिया, गूगल….सभी जगह इंग्लिश की प्रभुता है. इंग्लिश माध्यम वाले छात्र आसानी से हर टॉपिक को गूगल में सर्च कर के कई किताबों को access करते हैं और विकिपीडिया से नोट्स बना लेते हैं. The Hindu, Times  of India, Hindustan Times आदि कई अखबार भी इंग्लिश माध्यम वाले छात्रों के लिए उपलब्ध हैं जहाँ से डायरेक्टली सवाल पूछे जाते हैं. दूसरी तरह हिंदी माध्यम (Hindi medium) इन सुविधाओं से भी अछूते रह जाते हैं. इन्टरनेट पर Hindi contents बहुत कम उपलब्ध हैं. सच कहा जाए तो इसी कमी को पूरी करने के लिए मैंने यह ब्लॉग बनाया था पर एक अकेला इंसान सभी छात्रों की विभिन्न मांगों को पूरा कैसे करे? पर्फंतु फिर भी मेरा प्रयास जारी है और जारी रहेगा. हिंदी माध्यम की कुछ उत्कृष्ट किताबों के नाम मैंने इस पोस्ट में लिखा है, आप भी देखें:– IAS Books in Hindi

यह सच है कि इंग्लिश माध्यम के छात्र इन्टरनेट का इस्तेमाल कर के और कई किताबों को पढ़कर अच्छे नोट्स तैयार कर सकते हैं और यह भी सच है कि हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए उत्कृष्ट किताबों की लिस्ट बहुत छोटी है और इन्टरनेट वर्ल्ड उनके लिए काफी सूना है  पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हिंदी माध्यम वाले छात्र निराश हो कर बैठ जाएँ. उनकी दुनिया यहीं समाप्त नहीं होती. कुछ उत्कृष्ट किताबें हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध हैं जिन्हें पढ़कर आपकी राह आसान हो सकती है. ऊपर की लिंक में कुछ किताबों के नाम हैं जिनपर आप आँख मूँद कर विश्वास कर सकते हैं.

एक महत्त्वपूर्ण बात मैं यहाँ पर कहना चाहूँगा कि यदि आपका इंग्लिश वीक है पर फिर भी आप इंग्लिश माध्यम में exam लिखने की सोच रहे हो तो आप अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम रहे हो . आप जिस लैंग्वेज में भी अच्छा लिख पाते हो, उसी लैंग्वेज में परीक्षा लिखो. कई बार नॉन-इंग्लिश बैकग्राउंड वाले छात्र इंग्लिश माध्यम में परीक्षा लिखने का गलत निर्णय ले लेते हैं और बीच भँवर में फंस जाते हैं. न इधर के रहते हैं और न उधर के. न ही उन्हें ठीक से इंग्लिश समझ आ पाती है और न ही वह खुद का नोट्स बना पाते हैं. उनका अधिकांश समय इंग्लिश सीखने या समझने में ही लग जाता है और उनके लिए सिलेबस कवर करना सपना ही रह जाता है.

ऐसा अक्सर अफवाह उड़ाया जाता है कि इंग्लिश माध्यम के छात्र ही सिविल सेवा परीक्षा में सफल होते हैं और हिंदी माध्यम के छात्रों को मुंह की खानी पड़ती है. झोलाछाप कोचिंग ऐसी अफवाहें फैलाने में अग्रणी होते हैं क्योंकि उनके पास हिंदी ट्यूटर की कमी होती है. Previous results का हवाला देकर वे कहते हैं कि — “देखो! टॉप 50 में सिर्फ इंग्लिश माध्यम के छात्र ही हैं, हिंदी माध्यम के छात्र Top 100 में भी नहीं आ पाते”. पर यह आँकड़ा बिल्कुल गलत और ध्यान भटकाने वाला है. Top 100 में हिंदी माध्यम के छात्र हर वर्ष आते हैं. दूसरी तरफ सच्चाई यह है कि आजकल अधिकांश छात्र English medium schools में पढ़ते हैं. हिंदी माध्यम वाले स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है और लोग प्राइवेट स्कूल की तरफ झुक रहे हैं जो English medium schools होते हैं. अब आप ही सोचिये, English medium students आगे जा कर हिंदी माध्यम का चुनाव क्यूँ करेंगे? मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि के छात्र इंग्लिश माध्यम से ही सिविल सर्विसेज परीक्षा देते हैं. यही कारण है कि सिविल सर्विसेज में English medium VS Hindi medium छात्रों की संख्या में आसमान-जमीन का अंतर है और यही अंतर रिजल्ट में भी दिखता है.

हिंदी माध्यम के छात्र दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर के editorials पढ़ सकते हैं. वैसे आप इतने प्रतिष्ठित परीक्षा को दे रहे हैं तो आपको थोड़ी बहुत इंग्लिश भी जाननी चाहिए और The Hindu, TOI के एडिटोरियल आपको समझ में आनी चाहिए. NCERT books भी हिंदी में सरल भाषा में उपलब्ध हैं. आप हिंदी माध्यम के छात्र हैं तो इसका रोना मत रोएँ….कोशिश करें कि आपकी इंग्लिश भी अच्छी हो जाए और आप इंग्लिश पढ़, सुन कर समझ सकें. ऐसा करने पर आपके पास इंग्लिश किताबों को पढ़ने का भी विकल्प होगा.

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About Sansar

संसार लोचन sansarlochan.IN ब्लॉग के प्रधान सम्पादक हैं. SINEWS नामक चैरिटी संगठन के प्रणेता भी हैं. ये आपको अर्थशास्त्र (Economics) से सम्बंधित अध्ययन-सामग्री उपलब्ध कराएँगे और आपके साथ भारतीय एवं विश्व अर्थव्यवस्था विषयक जानकारियाँ साझा करेंगे.

30 Responses to "IAS की परीक्षा हिंदी माध्यम से दूँ या इंग्लिश माध्यम से?"

  1. Ayushi Bisen   January 5, 2017 at 4:50 pm

    Sir mai b.sc 2 year. ki student hu sir mai apne collage mai debate compitation ,eassy compitation mai participate karti hu par hamesa mai kuch aacha nahi kar pati hu
    Or mujhe net ki bhi help leni padati hai
    Sir apni soch ko devlep karne ke liye kya karna chahiye
    Upsc mai to bina pade hue questation bhi aa jate hai na

    Reply
    • Sansar Lochan   January 5, 2017 at 6:47 pm

      हाँ यह सच है की UPSC में बिना पढ़े हुए टॉपिक पर कई सवाल आते हैं जिसका जवाब हमें अपने तर्क से देना पड़ता है. तर्कशक्ति तभी बढ़ेगी जब हमारे पास पर्याप्त ज्ञान हो और पर्याप्त ज्ञान रेगुलर स्टडी से ही संभव है. हमारे सोचने, बोलने का तरीका तभी बदलता है जब हम किसी तथ्य को “कब, क्यों और इसके क्या प्रभाव पड़ेंगे?” इस नजरिये से जानते हैं.

      मानिये अभी मोदी जी ने demonetization किया. Demonetization के विषय में सब लोग कुछ न कुछ तो बोल ही देंगे. पर हमारे बोलने पर तब ही फर्क होगा जब हम demonetization के इतिहास (कब) को जानेंगे, इसे क्यों लागू किया गया और इससे अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेंगे …ये सब बताएँगे.

      इसलिए हर तथ्य को कब, क्यों और इसके प्रभाव …के दृष्टिकोण से देखें!

      और नेट की हेल्प लेना कोई बुरी आदत नहीं है. अधिक से अधिक नेट का हेल्प लें.

      Reply
  2. pooja   January 5, 2017 at 5:14 pm

    Sir hindi madium se exam dena english se jada comfort hoga

    Reply
  3. raju   January 5, 2017 at 7:25 pm

    Sir … mai b.a political science (honours) second year me hu…sir kya optionals me mathematics rakh skta hu… iska syllabus kya hai aur ye kis label ka hota hai … 12th me mera math tha.

    Reply
  4. shreya srivastava   January 6, 2017 at 1:35 am

    thanks may i get banking notes?

    Reply
  5. Tajwar pharswan   January 7, 2017 at 8:55 pm

    Sir mai Bsc 2year ka student hu or mai ye jan na chahta hu ki kya upsc exam mai optional subject maths ko english mai or other subject ko hindi medium mai de sakte hai.

    Reply
  6. Anonymous   January 11, 2017 at 7:51 pm

    Agar English 20-30% bhi aati hai toh choose English language or English me exam do.

    Reply
  7. dharmendra patel   January 13, 2017 at 6:54 pm

    Sir , I’m a student of b.a. 6th sem. ( english, history, political science). Can i take hindi literature as optional subject?

    Reply
  8. abhishek choudhary   January 14, 2017 at 6:43 pm

    Sir mai ssc chcl ki taiyari ke rha hu muche koe aachi se book btaeye jo maire leye aacha ho sir mai eng mai bhut kamjor hu

    Reply
  9. vivek kumar mishra   January 15, 2017 at 9:39 pm

    Sir mai ba me genral corse se hu kya mai upsc ka exam de sakta hu
    Iske liye mai kya kru sir
    Sir mai दीवाना बन चुका upsc का मेरा लक्ष्य upsc fit करना है ।या फिर पागल बन जाना plse send me reply sir

    Reply
  10. Vishal Kumar   January 20, 2017 at 10:56 pm

    Sir, Mai B A 1st year ka student hun ar
    mai Upsc ki tyari karna chahta hu par
    Kis tarike she ye samajh nhi aa rha

    Please help me

    Reply
    • Sansar Lochan   January 21, 2017 at 10:50 am

      80% samay apne graduation par dijiye taaki final year me aapke marks acche aaye.
      20% dhyaan IAS ki taiyari me de—ias ki taiyari ke liye- geography, history, polity, economics – -ye chaaro par adhik dhyaan den.

      Reply
  11. Chand Miyan   January 25, 2017 at 7:36 pm

    Thangs sir

    Reply
  12. Abhishek kumar   March 12, 2017 at 7:44 pm

    Class kab se suru hogi.

    Reply
  13. Abhishek kumar   March 12, 2017 at 7:50 pm

    Sir mai abhi 12th me Jaane wala hu aur mera age age abhi 15year hai kya mai abhi se IAS Ki tyari hindi medium me kar sakta hu.

    Reply
    • Sansar Lochan   March 12, 2017 at 8:22 pm

      हाँ कर सकते हैं पर आपका पूरा फोकस अभी 12th में अच्छे मार्क्स लाना होना चाहिए और अच्छे कॉलेज में एडमिशन के लिए भी होना चाहिए. आप अभी से सामान्य अध्ययन मजबूत करने में जुट जाएँ.

      Reply

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