[Sansar Editorial] Tourism Data : 2018 में पर्यटन का सिंहावलोकन

Sansar LochanSansar Editorial 2018Leave a Comment

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PIB –  DECEMBER 27 (Original Article Link)


विदेशी पर्यटक आगमन (Foreign Tourist Arrivals – FTAs) – जनवरी – नवंबर 2018 के दौरान 93,67,424 विदेशी पर्यटक भारत आये जबकि जनवरी-नवम्बर 2017 में विदेशी पर्यटकों की संख्या मात्र 88,67,963 थी. इस प्रकार पिछले वर्ष की तुलना में चालू वार्ष विदेशी पर्यटक आगमन में 5.6% वृद्धि देखी गई.

ई-टूरिस्ट वीजा – जनवरी – नवंबर 2018 के दौरान, 20,61,511 पर्यटक ई-टूरिस्ट वीजा का प्रयोग करके भारत आये जबकि जनवरी – नवंबर 2017 के दौरान 14,56,615 विदेशी पर्यटक ई-टूरिस्ट वीजा लेकर पहुंचे. इस प्रकार इस साल ई-टूरिस्ट वीजा में 41.5% की वृद्धि देखी गई.

विदेशी मुद्रा आय (FEE – Foreign Exchange Earnings) – जनवरी – अक्टूबर 2018 के दौरान 1,58,846 करोड़ रुपये पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय के रूप में प्राप्त हुई जबकि पिछले साल 2017 में जनवरी-अक्टूबर महीने में 1,41,965 करोड़ रु. ही प्राप्त हुए थे. (11.9% की वृद्धि)

घरेलू पर्यटक आगमन – 2017 में राज्यों/केंद्र-शासित क्षेत्रों में घरेलू पर्यटकों की संख्या 1652.5 मिलियन थी जबकि 2016 में यह संख्या मात्र 1615.4 मिलियन थी. (2.3% की वृद्धि).

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पर्यटन अवसंरचना का विकास

  • स्वदेश दर्शन योजना के तहत 2018-19 के दौरान सात परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है और इस योजना के अंतर्गत 13 विषयगत सर्किटों को विकास हेतु चुना गया है, ये सर्किट हैं :- पूर्वोत्तर भारत सर्किट, बौद्ध सर्किट, हिमालय सर्किट, तटीय सर्किट, कृष्णा सर्किट, डेजर्ट सर्किट, आदिवासी सर्किट, पारिस्थितिकी सर्किट, वन्यजीव सर्किट, ग्रामीण सर्किट, आध्यात्मिक सर्किट, रामायण सर्किट और विरासत सर्किट.
  • कुछ चिन्हित तीर्थ स्थलों का एकीकृत विकास  PRASHAD योजना अर्थात् राष्ट्रीय तीर्थयात्री, कायाकल्प एवं आध्यात्मिक, धरोहर संवर्धन अभियान के तहत किया जा रहा है.
  • पर्यटन मंत्रालय ने कोच्चि पत्तन न्यास  मोरमुगा पत्तन न्यास 2018-19 के दौरान बुनियादी ढांचे के विकास के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता प्रदान की.

रामायण सर्किट

  • रामायण सर्किट उन 15 विशेष सर्किटों में से एक है जिनका चयन पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत किया गया है.
  • इस सर्किट से जो 15 गंतव्य स्थल सम्बंधित होंगे, वे हैं – उत्तर प्रदेश के अयोध्या, श्रृंगवेरपुर और चित्रकूट, बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, मध्य प्रदेश का चित्रकूट, पश्चिम बंगाल का नंदीग्राम, ओडिशा का महेंद्रगिरि, छत्तीसगढ़ का जगदलपुर, तेलंगाना का भद्राचलम, तमिलनाडु का रामेश्वरम, कर्नाटक का हम्पी, महाराष्ट्र  के नासिक और नागपुर.
  • ज्ञातव्य है कि ये सभी स्थल भगवान् राम की जीवन-यात्रा से सम्बन्धित हैं. कहा जाता है कि अपने वनवास के समय वे इन स्थानों से गुजरे थे.

‘ADOPT A HERITAGE’ परियोजना

  1. संस्कृति मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के साथ मिलकर “धरोहर गोद लो” परियोजना का प्रारम्भ किया है.
  2. इस परियोजना का उद्देश्य विभिन्न प्राकृतिक / सांस्कृतिक धरोहल स्थलों, स्मारकों और अन्य पर्यटन स्थलों पर विश्व स्तरीय सुविधाएँ प्रदान करना है.
  3. परियोजना में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं के विकास का काम निजी क्षेत्र की कंपनियों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और व्यक्तियों को सौंपने की योजना है.
  4. इस परियोजना का उद्देश्य सभी भागीदारों के बीच तालमेल विकसित करना है.

निम्नलिखित स्थलों को स्थल विकसित करने के लिए स्मृति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं :-

क्रम-संख्यास्मारक का नामराज्य
1.लाल किलादिल्ली
2.गंडीकोटा किलाआंध्र प्रदेश
3.गंगोत्री मंदिर क्षेत्र एवं गोमुख पथउत्तराखंड
4.माउंट स्टोक कांगड़ी ट्रेक, लद्दाखजम्मू एवं कश्मीर
5.जंतर मंतरदिल्ली
6.सूरजकुंडहरियाणा
7.क़ुतुब मीनारदिल्ली
8.अजंता गुफाएँमहाराष्ट्र
9.लेह राजभवनजम्मू एवं कश्मीर
10.हम्पी (हजारा राम मंदिर)कर्नाटक

ऑनलाइन लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम

  1. पर्यटन मंत्रालय ने कुशल श्रमशक्ति का सृजन करने के लिए एक ऑनलाइन ज्ञानार्जन प्रबंधन प्रणाली शुरू की है.
  2. इसका उद्देश्य अति-दूरस्थ भाग में रहने वाले युवाओं को कौशल अर्जित करवाना है जिससे कि वे पूरे देश में पर्यटन को बढ़ावा देने में अपना योगदान कर सकें.

अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मलेन – 2018

  1. विश्व-भर में बौद्ध धर्म के प्राकृतिक और ऐतिहासिक पहलुओं की ओर ध्यान खींचने के लिए महाराष्ट्र के पर्यटन विकास निगम ने औरंगाबाद में छठा अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध सम्मलेन, 2018 आयोजित किया है.
  2. इसकी theme है – बौद्ध पथ – जीवंत धरोहर / Buddha Path – The Living Heritage.
  3. बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने बिहार (राजगीर, नालंदा और बोधगया), उत्तर प्रदेश (सारनाथ) और महाराष्ट्र (अजन्ता गुफाएँ) में बौद्ध चक्र (circuit) बनाया है.

अविश्वसनीय भारत मोबाइल ऐप

  1. पर्यटन मंत्रालय ने 27 सितंबर, 2018 को अविश्वसनीय भारत नामक एक मोबाइल ऐप को अनावृत किया है जिससे भारत को समग्र रूप से एक गंतव्य के रूप में स्थान मिल सके. ऐसा करते समय भारत की आध्यात्मिकता, धरोहरों, साहसिक कृत्यों, संस्कृति, योग, स्वास्थ्य आदि पर विशेष बल दिया जायेगा.
  2. ऐप को कुछ इस तरह से बनाया गया है कि जिससे यात्री भारत की यात्रा करते समय प्रत्येक चरण में ऐप से सहायता पाते रहें.

लेगसी विंटेज होटल

  1. पर्यटन मंत्रालय ने 1950 से पहले निर्मित धरोहरों/सम्पदाओं/भवनों को होटल में बदलने की अवधारणा की शुरुआत की है. ऐसे होटल को लेगसी विंटेज होटल कहा जाता है.
  2. इस तरह के होटल के जरिये बीते युग के माहौल को फिर से पैदा किया जाता है.

भारतीय पाक कला संस्थान (ICI), नॉएडा

भारतीय पाक कला संस्थान वैसे उत्कृष्ट केंद्र हैं जहाँ पाक कला और पाक प्रबंधन के विषय में स्नाताक एवं स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई होगी. साथ ही यहाँ अनुसंधान एवं आविष्कार को बढ़ावा दिया जायेगा. इसके अतिरिक्त सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यकार्यक्रम चलाये जाएँगे. इन केन्द्रों में भारतीय पाक व्यंजनों के बारे में डाटाबेस तैयार किया जायेगा और आवश्यकता अनुसार अध्ययन एवं संरक्षण का काम भी किया जायेगा.

यह अनुभव किया जा रहा था कि भारत में एक ऐसा संस्थान हो जहाँ भारतीय व्यंजनों और पाक कला के बारे में औपचारिक शिक्षा दी जा सके. वर्तमान में ऐसी कोई संस्था नहीं है जहाँ से निकलकर पाक विशेषज्ञ हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में योगदान कर सकें. साथ ही अभी तक ऐसी कोई संस्था नहीं थी जो भारतीय व्यंजनों और पाक कला से सम्बंधित प्रलेख तैयार कर सके और इस विषय में ज्ञान का प्रसार कर सके.

सरकार की योजना है कि विश्व के दूसरे देशों में चल रहे उच्च कोटि के “Chef Schools” की भाँति भारत में भी पाक कला से सम्बन्धित प्रशिक्षण का एक मंच हो. भारतीय पाक कला संस्थान इस  उद्देश्य को पूरा करता है.

भारतीय पाक कला संस्थानों के आस-पास फल-फूल रहे होटल और पर्यटन उद्योग को इन संस्थानों से यह लाभ मिलेगा कि वे सरलता से प्रशिक्षित और कार्यकुशल कर्मचारी नियुक्त कर सकेंगे और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकेंगे.

Tags : 2018 data and tourism schemes explained in Hindi, PIB, The Hindu, Statistics. 

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