हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए THE HINDU Newspaper के विकल्प

Sansar LochanVideo236 Comments

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आप The Hindu Newspaper से अवश्य अवगत होंगे.  The Hindu अखबार एक अच्छा अंग्रेजी समाचारपत्र है और छात्रों का चहेता भी. इस newspaper का मुख्यालय चेन्नई में है और आप देखते भी होंगे कि इसके अधिकांश समाचार साउथ इंडिया से सम्बंधित रहते हैं. The Hindu का प्रकाशन साप्ताहिक पत्रिका के रूप में वर्ष 1878 में आरम्भ हुआ था. अब आप जहाँ भी जाएँ….किसी भी सिविल सर्विसेज कोचिंग में जाएँ…किसी भी टीचर के पास जाएँ…स्पोकन इंग्लिश क्लास जाएँ….MBA की क्लासेज में जाएँ….वहाँ लोग कहते हैं…The Hindu पढ़ो ….क्या The Hindu नहीं पढ़ते? क्या तुम सचमुच The Hindu newspaper नहीं पढ़ते? लोग मानों हमसे ऐसे पूछते हों जैसे कि The Hindu जैसे हमारे सिलेबस में हो.

The Hindu Newspaper की खूबियाँ—Advantages of reading The Hindu Newspaper

१. इसकी इंग्लिश उच्च कोटि की होती है जिससे आपकी English vocabulary बहुत अच्छी होगी.

२. दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि The Hindu अख़बार एक communist-minded अखबार है…इसलिए UPSC में बैठे board members, question-set करने वालों (JNU/DU से पढ़े लोग) से इसकी विचारधारा मैच करती है. वे सीधे The Hindu से समाचार उठा कर आपके क्वेश्चन पेपर में डाल देते हैं और इंटरव्यू में वही सवाल पूछते हैं जिससे कि आपके so-called broad-minded होने का पता चले .

३. इस अखबार का न्यूज़ अन्य अखबारों की तुलना में कुछ हट कर होता है. चाहे Science-Tech का सेक्शन हो या चाहे environment से related कुछ न्यूज़….ये समाचार The Hindu के अलावे किसी भी न्यूजपेपर में आपको नहीं मिलेंगे.

४. The Hindu newspaper कोई भी न्यूज़ को depth और सिलसिलेवार ढंग से बताता है. जैसे पहले news का थोड़ा बैकग्राउंड –अभी मामला क्या चल रहा है—आगे क्या हो सकता है…यही approach आपके UPSC Mains के पेपर में भी दिखना चाहिए.

५. इसे पढ़ने से आँखों को शान्ति मिलती है. चाहे इसका कारण इसका font हो, चाहे कम संख्या में विज्ञापन.

अख़बार को कैसे पढ़ें- How to read newspaper?

  • अक्सर हिंदी-माध्यम छात्रों के मन में एक बड़ा प्रश्न रहता है कि उनके लिए इंग्लिश अखबार THE HINDU का विकल्प क्या हो सकता है? एक तो हिंदी माध्यम छात्रों को इंग्लिश पढ़ने में थोड़ी दिक्कत आती है और ऊपर से The Hindu का इंग्लिश माउंट एवेरेस्ट चढ़ने से कम नहीं.
  • वैसे एक बात और कहना चाहूँगा कि इंग्लिश से भाग कर आप भले ही Civil Services जैसी कठिन परीक्षा पार कर लें…मगर एक  सिविल सेवक बन कर आप इंग्लिश से भाग नहीं सकते, कभी न कभी, कहीं न कहीं आपको इंग्लिश से पंगा लेना ही पड़ेगा और लज्जास्पद परिस्थिति उत्पन्न हो सकती है.
  • इसलिए सबसे अच्छा है कि The Hindu, TOI अखबार जरुर पढ़ें मगर अधिक देर तक नहीं. 10-15 मिनट आपके लिए काफी है. अपना मनपसंद column उठा लें और उसे पढ़ डालें, चाहे समझ आये या नहीं. अपने आँखों से महत्त्वपूर्ण न्यूज़ को स्कैन कर लें…और डायरी में नोट कर लें. यह सब करने में आपको मात्र आधा घंटा लगेगा.
  • जैसे यदि कुछ नीति आयोग के बारे में दिया हो, चाहे नेशनल फ़ूड सिक्यूरिटी एक्ट के बारे में जिक्र हो….अटल पेंशन योजना, इंडियन-फ्रेंच नेवल एक्सरसाइज VARUNA के बारे में दिया हो….उसे नोट कर लें….Event के सामने महिना और डेट लिख लें…ताकि बाद में अपनी डायरी पढ़ते वक़्त आपको पता हो कि वह किस महीने का न्यूज़ है.
  • आपको आँखों से न्यूज़पेपर को स्कैन करने की कला जल्द से जल्द अपना लेनी चाहिए क्योंकि इसी कला की जरुरत आपको तब पड़ेगी जब आप एक सिविल सेवक होंगे और डेस्क पर पड़ी ढेर सारी फाइल को आप जल्द से जल्द निपटा लेंगे.
  • किसी भी माध्यम से पढ़ रहे छात्रों के लिए अपडेटेड होना जरुरी है इसलिए हम कम से कम आधा घंटा एक हिंदी अखबार को भी देंगे चाहे वह दैनिक भास्कर हो, चाहे दैनिक जागरण….National Politics की खबर, पीछे के पेज से स्पोर्ट्स की खबर….और बीच के पन्ने के Editorial Section को अवश्य पढ़ लें (दैनिक भास्कर का Editorial Section थोड़ा साहित्यिक होता है और दैनिक जागरण का उप-टू डेट)…Letters to the Editor को भी पढ़ लें क्योंकि उनमें Readers समसामयिक मुद्दे पर लिखते हैं. यह सब करने में आपको अधिक से अधिक आधा घंटा लगेगा- या हो सकता है 40 मिनट.
  • लोकल न्यूज़ पर आपकी दिलचस्पी ज्यादा नहीं होनी चाहिए. फिर भी यदि आपकी कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी है कि आपके शहर में क्या हो रहा है तो पढ़ सकते हैं.

The Hindu के विकल्प/Alternatives of The Hindu Newspaper

  1. Update: हम लोगों ने The Hindu के news को Hindi में लिखना शुरू कर दिया है. आप गूगल में Sansar DCA type करके सर्च करें. जो पहला पेज खुलेगा उसमें date-wise The Hindu के highlights को आप हिंदी में पढ़ सकेंगे.
  2. The Hindu newspaper में आने वाले अधिकांश महत्त्वपूर्ण Editorial को हमारी टीम ने संक्षिप्त रूप में लिखना शुरू कर दिया है. उन एडिटोरियल आर्टिकल को हम लोग इस पेज से जोड़ रहे हैं > Sansar Editorial
  3. आप राज्यसभा के विडियो देखें. उसमें समसामयिक मुद्दे पर हमेशा उच्च कोटि की बहस होती है. कई बहस हिंदी में भी होते हैं. आप Youtube में भी राज्य सभा के कुछ विडियो देख सकते हैं.
  4. PIB वेबसाइट पर हर updates को देखते रहें.
  5. Business Standard की हिंदी वेबसाइट भी काम की आ सकती है. खासकर अर्थव्यवस्था वाला पेज और मुद्रा पेज. मगर यहाँ भी same theory apply होगी. आपको स्वयं जानना होगा कि कौन सी न्यूज़ आपके लिए फायदेमंद है.
  6. मेरे पेज के करंट अफेयर्स सेक्शन से आप मासिक करंट अफेयर्स  पीडीऍफ़ के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं. वहाँ सारे हिंदी के PDF ssgcp.com से एकत्रित किए गए हैं.
  7. Environment News के लिए एक पेज जल्द ही शुरू करने वाला हूँ क्योंकि समसामयिक से सम्बंधित Environment, Biodiversity, Disaster Management के लिए कोई अच्छी साईट या अखबार उपलब्ध नहीं है.
  8. प्रसार भारती के डेली Hindi ऑडियो नोट्स/न्यूज़ जरुर सुनें जो हमारे वेबसाइट के Homepage (सबसे नीचे) पर उपलब्ध है. (Not available right now)
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236 Comments on “हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए THE HINDU Newspaper के विकल्प”

  1. बहुत बहुत धन्यवाद
    इन अहम सुझावो के लिए।

  2. मैं आपके लेख,समाचार और विषयो को पढता और सुनता हूँ, मुझे आपके बारे में और इस एप बारे में मेरे एक मित्र ने बताया।
    आप मेरी एक दुविधा दूर करे?
    मैं 10+2 के बाद सिविल इंजीनियरिंग में तीन साल का डिप्लोमा किया हूँ उसके बाद अभी स्नातक कर रहा हूँ जिसमे मेरा दूसरा साल है…जिसमे मेरे विषय भूगोल,हिंदी और समाज शास्त्र है….
    सिविल सेवा में जाना चाहता हूँ जिसकी तैयारी मैंने स्वयं शुरू भी कर दी है।

    सिविल सेवा के लिए कोचिंग करना चाहता हूँ ताकि एक तैयारी का प्लेटफार्म मिल जाये,क्या ये सही है?
    सिविल सेवा के लिए ऑप्शनल सब्जेक्ट के तौर पर कौन सा विषय सही रहेगा??
    और निबंध के लिए कोई रणनीति सुझाईये?

    आपके सुझाव का इंतजार रहेगा।

    1. स्नातक करने के साथ-साथ कोचिंग करना आपके लिए मुश्किल होगा. इससे आपके स्नातक के नम्बर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. अच्छा होगा कि स्नातक के बाद आप कोई कोचिंग ज्वाइन करें और इस बीच अपने General Studies को मजबूत करें क्योंकि कोचिंग के क्लास को कैच करना भी टेढ़ी खीर है. आप पहले से थोड़ा-बहुत यदि पढ़े रहे होंगे तो आपको कोचिंग क्लास में भी आसानी होगी. विषय चयन के बारे में पहले से लिख चुका हूँ.

  3. Sir mera matlab tha ki jaise hindi medium me exam dene par marks me antar ( difference ) bhi aa Sakta h.

    1. नहीं, ऐसा अक्सर लोग कहते हैं. पर हिंदी माध्यम और इंग्लिश माध्यम से परीक्षा देने में कोई अंतर नहीं है.

  4. Hello sir.
    Aaj Maine aapka article padha
    “news paper for hindi medium students”
    HINDI OR THE HINDU
    Sir mai hindi medium ka student hoon
    Meri English kafi buri h.
    Actually english me kuch yaad nhi rehta.
    M padh ke samajh to jata hoon but 2 minute baad dimag se sab saaf ho jata h.
    To sir MAINS ka exam mai Hindi me doon ya english me?

    1. सिविल सर्विसेज के मेंस परीक्षा में केवल एक पेपर इंग्लिश का है जो qualifying nature का है. इसके मार्क्स फाइनल मार्क्स में नहीं जोड़े जायेंगे पर पास होना जरुरी है. आप बाकी के विषय हिंदी माध्यम से दे सकते हैं. इसलिए इंग्लिश में विद्वान् होने की आवश्यकता नहीं है. बस थोड़ी-बहुत तैयारी ही पर्याप्त है.

  5. Sir mai ba 1st year me hoon mere sub economica,political science,english lit hai mai upsc ki prepration kaha se suru karun

  6. Jai Hind sir
    Main ye samajh nahi pa raha hu ki short note kaise banaye is subject me kuchh meri help kr sake to mehrbani hogi mera whatsapp no 9430588284 h

  7. Namaste sir..
    Mai B.A part 1 (sociology) ka student hoon mera age 21 h. Aur mai upsc ka tyari krna cahhata hoon. Meri arthik isthti itni achi nahi ki mai. Kisi coching se upsc ki tyari kar sakta hoon… sir mujhe bas itna bataiye.. ki kya mai ghar me hi padh kar upsc ke liye tyar hoo sakta hoon…. ager haan too kaise aur kis trha se tyari karoon .. meri english v achi majboot nahi h???… aur silabus kya h.. jo mai tyari karoon..???? Please help me sir….

    1. हाँ अब वह जमाना गया जब लोग एक ही दिशा में आगे बढ़ते थे और उसे अच्छा भी मानते थे यह कहते हुए की दो नावों में सवार नहीं होना चाहिए. पर जमाना आगे भागे जा रहा है. आपको हर परीक्षा के लिए तैयार होना चाहिए और सब का syllabus भी एक जैसा ही है. आपको अपना career बनाना है इसलिए आपको साम-दाम-दंड-भेद की policy अपनानी चाहिए.

  8. Good Morning sir
    I want to ask you that which subject will be more beneficial ,Geography ,Public administration or Politics and International Relations in UPSC Mains , in the sense of small syllabus and vastness of the subject and also which will help me in CSAT ,despite all three are my favorite subjects , .Will you please tell me how to prepare for CSAT , its each subject .
    Thank You.

      1. Thank You ,but you didn’t told about preparation strategy for CSAT . Do you mean that Political science is the easiest subject ? Please try to answer my questions through e mail . I have read that section but still I have many confusions .
        Thank You.

  9. Sir I’m preparing bank po/clerk jobs but my English section more week sir how to English preparation. I’m read only Hindi medium

    1. किसी भाषा में पकड़ बनाने के लिए उससे अधिक से अधिक जूझिये. लिखिए, पढ़िए और सुनिए और बोलिए. यही चार मन्त्र है. इसमें लिखे हर आर्टिकल को ध्यान से पढ़िए :– लिंक

    1. बस श्री गणेश करिए. अपने बेसिक नॉलेज को मजबूत करें चाहे वह स्कूल की किताबों से ही क्यूँ न! NCERT की किताबें (कक्षा 8, 9 से 12) खरीदिये और भूगोल, इतिहास, इकोनॉमिक्स आदि को चाट डालिए. बस ध्येय रहे कि हर विषय में पकड़ मजबूत हो जिससे आपका जनरल नॉलेज दृढ़ हो सके.

  10. ! THANK YOU ! PICHLA REPLY dene ki lia , sir mera obc (cat) hai.sir kya nalanda open university jo ki 2 year ka intermediate course karata hai , sir NIOS VS NOU(NALANDA OPEN UNIVERSITY) in dono me kon acha rahega kyi sir nios 6months me 12th course karati hai lekin nou 2years me karati hai ,qu ki sir upsc me 6months ka course 12th ka value rahega , aur sir mai allready meane NIOS admission lia tha lekin exam time nahi de paya,lekin sir mai confused hu ki in dono me(NIOS VS NOU ) kiska choose karu, AUR kya ITI equivalent 12th nahi ho sahta ky ki PM NARENDRA MODI jee ne ITI equivalent 12th kaha tha , aur ITI walo ko 12th ka certificate dene ko kha tha,kya asa ho sakata hai ,

    1. हाँ ITI को प्लस टू के समतुल्य मानने की बात HRD ministry ने रखी है जिसपर कार्रवाही होनी अब भी बाकी है. इसलिए आप इसके भरोसे नहीं रह सकते. NIOS में आपको पांच विषयों का चयन करना होगा. NIOS हर 6 महीने पर परीक्षा लेती है. मगर क्या आप सभी विषयों की मात्र 6 महीनों में तैयारी करने में सक्षम हैं? अगर हैं तो इससे अच्छा विकल्प आपके लिए और कोई नहीं है क्योंकि आपके डेढ़ साल इससे बच जायेंगे और इसी बीच ITI के प्लस टू के समतुल्य होने की भी पूरी संभावना है. NOU के विषय में मुझे अधिक जानकारी नहीं है. यदि उसमें भी कुछ ऐसा ही स्कीम है तो अच्छा है. मगर मुझे इतना विदित है कि NIOS सर्वमान्य है और इसके रिजल्ट को सभी यूनिवर्सिटी एक्सेप्ट करती है.

  11. Dear Sir,
    I am Deepak Kuamr Singh my age 26 year. I have completed 10th (Passing Year 2006) and also ITI (Passing Year 2010) after I got Government in Railway Department.
    I want prepare UPSC (IAS) Exam with doing job in a Railway Department but I don’t have 12th and Graduation. So, please guide me which University I can study for 12th and Graduation.
    In my education very distance between 10th and 12th and Graduation . if in any problems in interview time, if problems means please give me suggestion for that.

    1. आप NIOS (National Institute of Open Schooling) से प्लस 2 कर सकते हैं और IGNOU से स्नातक कर सकते हैं. मगर यह सब करने तक आपकी उम्र 31 साल की हो जायेगी. फिर आपको सोचना होगा कि उम्र के उस पड़ाव पर पहुँच कर आप UPSC की तैयारी कर पाइएगा या नहीं.

      Upper age limit for General category: 32 years.
      Upper age limit for OBC: 35 years.
      Upper age limit for SC/ST: 37 Years.

  12. Sir mera name annu h aur m Gav Se hu. aap es I.d. par Mt jaiyega ye mere uncle ki h . Sir mujhe reasoning questions km samajh me aata h kya eske liye mujhe coaching classes joined Krna chahiye .ya eska koi or solution hai . Sir abhi mera b.a.first year h m second year ke bad kya ias ki taiyari ke liye kahi bahar Jana chahati hu kya ye sahi h.pleas sir your help me.

    1. आप सेकंड इयर के बाद बाहर पढ़ने चले जाइएगा तो फिर आपका फाइनल इयर ख़राब हो जायेगा. इससे अच्छा है कि आप स्वयं से या किसी ट्यूटर की सहायता से अपने कमजोर पक्ष को मजबूत करने की कोशिश करें. इसके लिए आपको रीजनिंग की रोजाना प्रैक्टिस करनी होगी जिससे आप भाग नहीं सकते. आप जो सब्जेक्ट सिविल सर्विसेज ऑप्शनल में लेंगी….शायद वह आपका ग्रेजुएशन का ऑनर्स सब्जेक्ट होगा. अपने ऑनर्स विषय को अच्छे से पढ़ें ताकि आपकी यह पढ़ाई बाद में भी काम आ सके. आपके पास दो साल हाथ में है. क्यों नहीं आप बाहर कोचिंग में न जाकर….अपने ऑनर्स विषय को मजबूत कर लें और सामान्य अध्ययन की किताबों को सफाचट कर लें. इससे आपको बहुत फायदा पहुंचेगा. कोचिंग की पढ़ाई की कोई गारंटी नहीं है कि वहाँ के टीचर आपको रीजनिंग में प्रकांड विद्वान् बना दें.

  13. I am following your very post and following your words blindly. I am seeing improvement in myself. thanks for everything

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