STCW संधि क्या है? – Mutual Recognition of Certificates of Competency of Seafarers

Sansar LochanGovernance, PIB HindiLeave a Comment

Mutual Recognition of Certificates of Competency of Seafarers

समुद्री नागरिकों की क्षमता से सम्बंधित प्रमाणपत्रों की एकपक्षीय/द्विपक्षीय मान्यता के निमित्त केंद्र सरकार ने अन्य देशों के साथ होने वाले समझौता-पत्र का एक मॉडल अनुमोदित किया है. ऐसा समुद्री नाविकों से सम्बंधित STCW संधि के नियम 1/10 के अनुसार किया गया है.

लाभ

  • भारतीय समुद्री नाविकों को जहाजरानी महानिदेशालय क्षमता प्रमाणपत्र निर्गत करता है. समझौता हो जाने के पश्चात् कोई दूसरा देश उस प्रमाणपत्र को अपने यहाँ से निर्गत इस प्रकार के प्रमाण पत्र पर भारत की मान्यता माँगे बिना ही एकपक्षीय मान्यता दे सकेगा.
  • भारतीय समुद्री नाविक उस देश के झंडे तले जहाज़ों में नौकरी पाने के लिए योग्य हो जाएँगे और इस प्रकार उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ जाएँगे.
  • यदि समझौता द्विपक्षीय होता है तो दोनों देशों के समुद्री नाविक एक-दूसरे देश के जहाज़ों पर अपने प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने योग्य हो जाएँगे. विदित हो कि भारत में प्रशिक्षित समुद्री नाविकों का एक विशाल समूह है जिस कारण भारत अन्य देशों को समुद्री नाविकों की आपूर्ति करता रहता है. अतः इस समझौते से भारत को लाभ होना निश्चित है.

STCW संधि क्या है?

  • इसका पूरा नाम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री नाविक प्रशिक्षण, अभिप्रमाणन एवं पहरेदारी विषयक मानक संधि [International Convention on Standards of Training, Certification and Watchkeeping (STCW) for Seafarers] है.
  • यह संधि लंदन में 1978 में सम्पन्न अंतर्राष्ट्रीय सामुद्रिक संगठन (International Maritime Organization – IMO) के सम्मेलन में अंगीकार की गई थी और यह 1984 से लागू हुई थी.
  • यह संधि समुद्र में चलने वाले व्यापारी जहाज़ों पर काम करने वाले मास्टरों, अधिकारियों और संतरियों के लिए योग्यता के मानक निर्धारित करती है.
  • समुद्री नाविकों के प्रशिक्षण आदि के लिए इस संधि ने पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मानक निर्धारित किये.
  • इस संधि में जिन न्यूनतम मानकों का निर्धारण किया गया है उसके पालन के लिए और उससे भी अधिक अच्छे ढंग से प्रशिक्षण आदि करने के लिए सभी सदस्य देश बाध्य हैं.
  • STCW संधि और संहिता (STCW Convention and Code) में 25 जून, 2010 को कतिपय संशोधन किये गये जिन्हें मनिला संशोधन के नाम से जाना जाता है.
  • संधि की एक महत्त्वपूर्ण विशेषता यह है कि यदि कोई जहाज ऐसे देश का है जिसने संधि को अंगीकार नहीं किया है तो फिर भी जब वह जहाज इस संधि के किसी सदस्य के बंदरगाह पर आयेगा तो उस पर भी इस संधि के नियम लागू होंगे.

Tags : STCW convention, features, significance and implications in Hindi

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