IAS की परीक्षा हिंदी माध्यम से दूँ या इंग्लिश माध्यम से?

Sansar LochanCivil Services Exam, Success Mantra140 Comments

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यह एक कड़वा सच है कि इंग्लिश माध्यम (English medium) के छात्रों के पास किताबों के लिए बहुत सारे विकल्प हैं. अनुभवी लेखकों के द्वारा इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र आदि विषयों की कई किताबें इंग्लिश भाषा में लिखी गयी हैं और बाजार में भरी पड़ी हैं. इंग्लिश माध्यम वाले छात्रों के लिए किताबों की अपार संख्या तो उपलब्ध हैं ही, इसके अलावा इन्टरनेट की सम्पूर्ण दुनिया इंग्लिश में ही परोसी गयी हैं. विकिपीडिया, गूगल….सभी जगह इंग्लिश की प्रभुता है. इंग्लिश माध्यम वाले छात्र आसानी से हर टॉपिक को गूगल में सर्च कर के कई किताबों को access करते हैं और विकिपीडिया से नोट्स बना लेते हैं. The Hindu, Times  of India, Hindustan Times आदि कई अखबार भी इंग्लिश माध्यम वाले छात्रों के लिए उपलब्ध हैं जहाँ से डायरेक्टली सवाल पूछे जाते हैं. दूसरी तरह हिंदी माध्यम (Hindi medium) इन सुविधाओं से भी अछूते रह जाते हैं. इन्टरनेट पर Hindi contents बहुत कम उपलब्ध हैं. सच कहा जाए तो इसी कमी को पूरी करने के लिए मैंने यह ब्लॉग बनाया था पर एक अकेला इंसान सभी छात्रों की विभिन्न मांगों को पूरा कैसे करे? पर्फंतु फिर भी मेरा प्रयास जारी है और जारी रहेगा. हिंदी माध्यम की कुछ उत्कृष्ट किताबों के नाम मैंने इस पोस्ट में लिखा है, आप भी देखें:– IAS Books in Hindi

यह सच है कि इंग्लिश माध्यम के छात्र इन्टरनेट का इस्तेमाल कर के और कई किताबों को पढ़कर अच्छे नोट्स तैयार कर सकते हैं और यह भी सच है कि हिंदी माध्यम के छात्रों के लिए उत्कृष्ट किताबों की लिस्ट बहुत छोटी है और इन्टरनेट वर्ल्ड उनके लिए काफी सूना है  पर इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हिंदी माध्यम वाले छात्र निराश हो कर बैठ जाएँ. उनकी दुनिया यहीं समाप्त नहीं होती. कुछ उत्कृष्ट किताबें हिंदी माध्यम में भी उपलब्ध हैं जिन्हें पढ़कर आपकी राह आसान हो सकती है. ऊपर की लिंक में कुछ किताबों के नाम हैं जिनपर आप आँख मूँद कर विश्वास कर सकते हैं.

एक महत्त्वपूर्ण बात मैं यहाँ पर कहना चाहूँगा कि यदि आपका इंग्लिश वीक है पर फिर भी आप इंग्लिश माध्यम में exam लिखने की सोच रहे हो तो आप अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने का काम रहे हो . आप जिस लैंग्वेज में भी अच्छा लिख पाते हो, उसी लैंग्वेज में परीक्षा लिखो. कई बार नॉन-इंग्लिश बैकग्राउंड वाले छात्र इंग्लिश माध्यम में परीक्षा लिखने का गलत निर्णय ले लेते हैं और बीच भँवर में फंस जाते हैं. न इधर के रहते हैं और न उधर के. न ही उन्हें ठीक से इंग्लिश समझ आ पाती है और न ही वह खुद का नोट्स बना पाते हैं. उनका अधिकांश समय इंग्लिश सीखने या समझने में ही लग जाता है और उनके लिए सिलेबस कवर करना सपना ही रह जाता है.

ऐसा अक्सर अफवाह उड़ाया जाता है कि इंग्लिश माध्यम के छात्र ही सिविल सेवा परीक्षा में सफल होते हैं और हिंदी माध्यम के छात्रों को मुंह की खानी पड़ती है. झोलाछाप कोचिंग ऐसी अफवाहें फैलाने में अग्रणी होते हैं क्योंकि उनके पास हिंदी ट्यूटर की कमी होती है. Previous results का हवाला देकर वे कहते हैं कि — “देखो! टॉप 50 में सिर्फ इंग्लिश माध्यम के छात्र ही हैं, हिंदी माध्यम के छात्र Top 100 में भी नहीं आ पाते”. पर यह आँकड़ा बिल्कुल गलत और ध्यान भटकाने वाला है. Top 100 में हिंदी माध्यम के छात्र हर वर्ष आते हैं. दूसरी तरफ सच्चाई यह है कि आजकल अधिकांश छात्र English medium schools में पढ़ते हैं. हिंदी माध्यम वाले स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या लगातार घटती जा रही है और लोग प्राइवेट स्कूल की तरफ झुक रहे हैं जो English medium schools होते हैं. अब आप ही सोचिये, English medium students आगे जा कर हिंदी माध्यम का चुनाव क्यूँ करेंगे? मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि के छात्र इंग्लिश माध्यम से ही सिविल सर्विसेज परीक्षा देते हैं. यही कारण है कि सिविल सर्विसेज में English medium VS Hindi medium छात्रों की संख्या में आसमान-जमीन का अंतर है और यही अंतर रिजल्ट में भी दिखता है.

हिंदी माध्यम के छात्र दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर के editorials पढ़ सकते हैं. वैसे आप इतने प्रतिष्ठित परीक्षा को दे रहे हैं तो आपको थोड़ी बहुत इंग्लिश भी जाननी चाहिए और The Hindu, TOI के एडिटोरियल आपको समझ में आनी चाहिए. NCERT books भी हिंदी में सरल भाषा में उपलब्ध हैं. आप हिंदी माध्यम के छात्र हैं तो इसका रोना मत रोएँ….कोशिश करें कि आपकी इंग्लिश भी अच्छी हो जाए और आप इंग्लिश पढ़, सुन कर समझ सकें. ऐसा करने पर आपके पास इंग्लिश किताबों को पढ़ने का भी विकल्प होगा.

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140 Comments on “IAS की परीक्षा हिंदी माध्यम से दूँ या इंग्लिश माध्यम से?”

  1. Sir mai 12th tak English medium me pada hu lekin English to pad leta hu aur thoda thoda samjh jata hu to mai kya kru sir Hindi se taiyari kru ki English se sir achhe se English nhi bol pata sir

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