Sansar डेली करंट अफेयर्स, 29 January 2020

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Sansar Daily Current Affairs, 29 January 2020


GS Paper 1 Source: Indian Express

indian_express

UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.

Topic : Nagardhan excavations- findings on Vakataka dynasty

संदर्भ

नागपुर के निकट नगरधन में हुई पुरातात्विक खुदाइयों से रानी प्रभावतीगुप्त के अधीन वाकाटक शासन के समय के जीवन, धार्मिक धारणाओं और व्यापारिक प्रथाओं का पता चलता है.

खुदाई में पाई गई महत्त्वपूर्ण वस्तुएँ

  1. एक अंडाकार मुहर मिली है जो उस समय की है जब प्रभावतीगुप्त वाकाटक वंश की रानी थी.
  2. इस मुहर में उस रानी का नाम ब्राह्मी लिपि में लिखा हुआ है.
  3. मुहर में शंख का चित्र बना हुआ है. विद्वानों का कहना है कि गुप्त राजा वैष्णव थे, इस तथ्य को यह चित्र दर्शाता है.
  4. यहाँ पर प्रभावतीगुप्त द्वारा निर्गत एक ताम्रपत्र भी मिला है जिसमें रानी के दादा समुद्रगुप्त और पिता चन्द्रगुप्त द्वितीय का उल्लेख है.
  5. विद्वानों का विचार है कि वाकाटक ईरान और उससे भी आगे भूमध्यसागर तक व्यापार किया करते थे. इसलिए यहाँ जो मुहर मिली है वह वाकाटक राजधानी के द्वारा व्यापार के लिए दी गई राजसी अनुमति की द्योतक हो सकती है.

रानी प्रभावतीगुप्त कौन थी?

  • वाकाटक के शासक अपने समय के अन्य वंशों के साथ वैवाहिक गठजोड़ बनाने के लिए जाने जाते हैं. इन गठजोड़ों में सबसे महत्त्वपूर्ण गठजोड़ वह था जिसमें वाकाटक राजा रूद्रसेन द्वितीय का विवाह चन्द्रगुप्त द्वितीय की पुत्री प्रभावतीगुप्त से हुआ था.
  • विवाह के उपरान्त प्रभावतीगुप्त को पटरानी (Chief Queen) की मान्यता मिली हुई थी.
  • विद्वानों का कथन है कि प्राचीन भारत में प्रभावतीगुप्त एक सशक्त शासिका थीं और एक महिला रानी के रूप में प्राचीन भारत में उनका अलग स्थान है. वस्तुतः रुद्रसेन द्वितीय के निधन के उपरान्त उसने 10 वर्ष शासन किया और तब जाकर उसका बेटा प्रवरसेन द्वितीय सिंहासन पर बैठा.
  • महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में वैष्णव धर्म के प्रचार में प्रभावतीगुप्त ने एक धुरीण भूमिका निभाई थी.

वाकाटक वंश से संबंधित तथ्य

  • वाकाटक वंश का राज मध्य और दक्षिण भारत में तीसरी से लेकर पाँचवीं शताब्दियों तक चला.
  • वाकाटक वंश का राजपाट उत्तर में मालवा और गुजरात के दक्षिण छोरों से लेकर दक्षिण में तुंगभद्रा नदी तक तथा साथ ही पश्चिम में अरब सागर से लेकर पूर्व में वर्तमान छत्तीसगढ़ तक फैला हुआ था.
  • सातवाहन वंश के उपरान्त वाकाटक वंश ही दक्कन में राज करने वाला एक बड़ा वंश था. इसी काल में उत्तर भारत में गुप्त वंश का राज चल रहा था.
  • वाकाटक नरेश शैव पन्थ के अनुयायी थे.
  • नगरधन वाकाटक राज्य की राजधानी था.
  • उस समय गणेश की पूजा प्रचलित थी.
  • पशुपालन उस समय का एक प्रमुख व्यवसाय था. वहाँ जिन घरेलू पशुओं के अवशेष मिले हैं, वे हैं – गाय-गोरु, बकरी, भेंड़, सूअर, बिल्ली, घोड़ा और मुर्गा-तीतर आदि.
  • UNESCO द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित अजंता की गुफाओं में स्थित शिलाओं को काटकर बनाए गये विहारों और चैत्यों का निर्माण वाकाटक नरेश हरिषेण के राज्य में हुआ था.

GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : 71st Republic Day

संदर्भ

जनवरी 26, 2019 को देश ने अपना 71वाँ गणतंत्र दिवस मनाया. इस अवसर पर सम्माननीय अतिथि (Guest of Honor) के रूप में ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो उपस्थित हुए थे.

गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित होने वाले बोलसोनारो ब्राजील के तीसरे राष्ट्रपति थे. उनके पहले ब्राजील के जिन राष्ट्रपतियों को इस अवसर पर आमंत्रित किया गया था, वे थे – Fernando Henrique Cardoso (1996) और Luiz Inacio Lula da Silva (2004).

जनवरी 26 ही क्यों?

  • संविधान जनवरी 26, 1950 को प्रभाव में आया. यह तिथि जानबूझकर इसलिए चुनी गई कि इसी तिथि को पूर्ण स्वराज के लक्ष्य की घोषणा हुई थी.
  • संविधान की प्रारूप समिति का विचार था कि संविधान को उस तिथि से लागू किया जाए जिसका स्वतंत्रता संग्राम में कोई विशेष महत्त्व हो.

इस बार परेड में क्या दिखलाया गया?

  1. धनुष तोप प्रदर्शित किये गये.
  2. रफेल और तेजस विमानों का प्रदर्शन हुआ.
  3. एंटी-सैटेलाइट वेपन्स सिस्टम (ASAT) को जनता के सामने रखा गया.
  4. गुजरात की ओर से की गई प्रदर्शनी में रानी की वाव जल मंदिर दिखाया गया.
  5. मेघालय ने अपनी प्रदर्शनी में लिविंग रूट ब्रिज अर्थात् पेड़ की जड़ों से बने पुल को दिखलाया.
  6. पंजाब ने गुरु नानक की 550वीं जयंती की थीम पर प्रदर्शनी आयोजित की.

GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Salient features of the Representation of People’s Act.

Topic : Criminalization of Politics

संदर्भ

सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले दिनों निर्वाचन आयोग से कहा कि राजनीति में आपराधिक इतिहास वाले अभ्यर्थियों के प्रवेश को रोकने के लिए वह एक आवश्यक तंत्र तैयार करे. इस संदर्भ में ज्ञातव्य है कि नई दिल्ली की संस्था लोकतांत्रिक सुधार संघ (Association of Democratic Reforms – ADR) के अनुसार वर्तमान 17वीं लोकसभा में चुने गये सांसदों (539) में से लगभग आधे (233) ऐसे हैं जिनपर आपराधिकवाद चल रहे हैं.

2009 की तुलना में आपराधिक वादों वाले सांसदों की संख्या में 44% की वृद्धि हुई है.

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में क्या प्रावधान है?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम कहता है कि कोई व्यक्ति चुनाव तभी नहीं लड़ सकता है जब उसको किसी आपराधिक वाद में सजा मिल चुकी है.

इस अधिनियम के अनुभाग आठ के अनुसार, जो व्यक्ति दो वर्ष या अधिक की अवधि के कारावास की सजा पाता है वह चुनाव नहीं लड़ सकता है. किन्तु जिस पर अभी मुकदमा चल ही रहा है वह चुनाव में रह सकता है.

अपराधीकरण के मुख्य कारण

  1. भ्रष्टाचार
  2. वोट बैंक
  3. शासन का अभाव

आपराधिक अभ्यर्थियों को रोकने के लिए उपाय

  1. राजनीतिक दलों को चाहिए कि वे कलंकित व्यक्तियों को टिकट देने से स्वयं ही मना कर दें.
  2. जनप्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन करके उन व्यक्तियों को चुनाव लड़ने से रोक दिया जाए जिनके विरुद्ध जघन्य प्रकृति के वाद चल रहे हैं.
  3. कलंकित विधायकों के वादों के त्वरित निपटान के लिए फ़ास्ट ट्रैक न्यायालय गठित किये जाएँ.
  4. चुनावी अभियान में लगाये गए पैसे के मामले में अधिक पारदर्शिता बरती जाए.
  5. भारतीय निर्वाचन आयोग को राजनीतिक दलों के वित्तीय लेखों को जाँचने की शक्ति मिले.
  6. निर्वाचन आयोग को चाहिए कि वह अपराधियों और राजनेताओं की दुरभिसंधि को तोड़ने के लिए पर्याप्त उपाय करे.

GS Paper 2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Health, Education, Human Resources.

Topic : Global Talent Competitiveness Index

संदर्भ

2020 का वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक (Global Talent Competitive Index GTCI) प्रकाशित हो गया है.

वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता सूचकांक क्या है?

  • यह वार्षिक सूचकांक 2013 से चल रहा है.
  • इसमें बताया जाता है कि अलग-अलग देशों में प्रतिभा के लिए स्पर्धा करने की कितनी योग्यता है.
  • यह सूचकांक INSEAD बिज़नस स्कूल द्वारा निर्गत किया जाता है. इसमें गूगल और Adecco ग्रुप भी भागीदारी करते हैं.
  • इसके अंतर्गत 70 संकेतकों के आधार पर प्रतिभा प्रतिस्पर्धात्मकता का मापन होता है, जैसे – नौकरी पर रखने की सुलभता, कमाई में लैंगिक अंतराल, प्रतिष्ठानों में प्रशिक्षण आदि.

उद्देश्य

  • इस सूचकांक को जारी करने का उद्देश्य प्रतिभा के लिए विभिन्न देशों की प्रतिस्पर्धा की क्षमता का मापन करना है.
  • यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं को एक ऐसा अद्वितीय संसाधन उपलब्ध कराती है, जिससे वह वैश्विक प्रतिभा प्रतिस्पर्धा परिदृश्य को समझ सकें और अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि के लिए रणनीतियां विकसित कर सकें.

भारत का प्रदर्शन

  • इस बार भारत को 72वाँ स्थान मिला है. विदित हो कि 2019 में भारत को 80वाँ स्थान मिला था. इस प्रकार भारत का प्रदर्शन थोड़ा-सा सुधरा है.
  • औपचारिक शिक्षा के मामले में भारत को 68वाँ स्थान मिला है, अतः देश की शिक्षा व्यवस्था में बहुत कुछ किया जाना शेष है.
  • कुछ संकेतकों में भारत का प्रदर्शन अच्छा है, जैसे प्रतिभा में वृद्धि (44वाँ), आजीवन ज्ञानार्जन का स्तर (40वाँ) और वृद्धि के अवसर की सुलभता (39वाँ).
  • भारत को सबसे अधिक अंक रोजगार के लिए मिले हैं, किन्तु देश में माध्यमिक स्तर के कौशल की स्थिति अच्छी नहीं है जिस कारण श्रम बाजार की माँग और आपूर्ति में अंतराल देखने को मिलता है.

वैश्विक प्रदर्शन

सूचकांक में प्रथम तीन स्थान पर स्विट्ज़रलैंड, अमेरिका और सिंगापुर आते हैं.

प्रतिवेदन में अंकित मंतव्य

  • प्रतिभा चैंपियनों और शेष विश्व के बीच की खाई बढ़ती जा रही है.
  • कृत्रिम बुद्धि के विषय में भी विश्व में ऐसी ही खाई देखने को मिलती है. तात्पर्य यह है कि कृत्रिम बुद्धि का वितरण हर जगह समान रूप से नहीं है.
  • विकासशील विश्व की आधे से अधिक जनसंख्या के पास मूलभूत डिजिटल कौशल नहीं है.

Prelims Vishesh

Operation Vanilla :-

  • भारतीय नौसेना ‘ऑपरेशन वनिला’ के तहत मेडागास्कर में HADR ऑपरेशन करेगी.
  • यह ऑपरेशन डायने (Diane) चक्रवात की चपेट में आने वाले मेडागास्कर के निवासियों को सहायता पहुँचाने के लिए चलाया जा रहा है.

Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

December, 2019 Sansar DCA is available Now, Click to Download

Books to buy

Leave a Reply

Your email address will not be published.