Sansar डेली करंट अफेयर्स, 27 July 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 27 July 2021


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation. Conservation, environmental pollution and degradation, environmental impact assessment.

Topic : National Mission For Clean Ganga

संदर्भ

राज्यसभा में प्रत्युत्तर देते हुए जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) के लिए घोषित 20,000 करोड़ में से अभी तक वित्त मंत्रालय द्वारा केवल 10,972 करोड़ ही NMCG के लिए निर्गत किये गये हैं. इसके अतिरिक्त गंगा नदी की स्वच्छता के लिए वर्तमान में 30,235 करोड़ की लागत की 346 परियोजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनमें से 158 पूर्ण हो चुकी हैं.

ज्ञातव्य है कि सरकार ने गंगा नदी के प्रदूषण को समाप्त करने और नदी को पुनर्जीवित करने के लिए 2014 में “नमामि गंगे” नामक एक एकीकृत गंगा संरक्षण मिशन की शुरुआत की थी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नदी की सफाई के लिए बजट को चार गुना करते हुए पर वर्ष 2019-20 तक नदी की सफाई पर 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने की केंद्र की प्रस्तावित कार्य योजना को स्वीकृति दी थी और इसे 100% केंद्रीय भागीदारी के साथ एक केंद्रीय योजना का रूप दिया.

राष्ट्रीय गंगा परिषद् क्या है?

  • राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण (National Ganga River Basin Authority) को भंग कर के अक्टूबर, 2016 में गंगा नदी प्राधिकरण आदेश (कायाकल्प, संरक्षण एवं प्रबंधन) [River Ganga (Rejuvenation, Protection and Management) Authorities Order] के द्वारा राष्ट्रीय गंगा परिषद् का गठन हुआ था.
  • इसकी अध्यक्षता प्रधानमन्त्री करते हैं.
  • इस परिषद् में गंगा घाटी में स्थित पाँच राज्यों (उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और प. बंगाल) के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ कई केन्द्रीय मंत्री सदस्य होते हैं.
  • इसकी बैठक प्रत्येक वर्ष किये जाने का प्रावधान है.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : OCI Cardholder

संदर्भ

हाल ही में, दिल्‍ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि पति या पत्नी में से किसी एक के “प्रवासी भारतीय नागरिकता” (OCI) कार्ड आवेदन पर कार्यवाही करने के लिए, “विदेशी व्यक्ति क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय” (FRRO) पति-पत्नी दोनों को भौतिक या वर्चुअल रूप से उपस्थित होने पर जोर नहीं दे सकता है. उच्च न्यायालय ने यह आदेश अपने भारतीय पति से अलग रह रही एक ईरानी महिला द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारक

भारत सरकार आवेदन प्राप्त होने पर किसी विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारक को नागरिकता के लिये पंजीकृत कर सकती है. पंजीकरण की निम्नलिखित शर्तें निर्धारित की गई हैं-

पूर्ण आयु क्षमता वाला कोई व्यक्ति

(I) किसी अन्य देश का नागरिक है, लेकिन संविधान लागू होने के समय अथवा उसके बाद भारत का नागरिक था, अथवा
(II) किसी अन्य देश का नागरिक है लेकिन संविधान लागू होने के समय भारत का नागरिक होने के लिये अर्ह था, अथवा
(III) किसी अन्य देश का नागरिक है लेकिन उस भू-भाग से संबंध रखता है जो 15 अगस्त 1947 से भारत का भाग हो गया, अथवा
(IV) जो किसी नागरिक का पुत्र/पुत्री या पौत्र/पौत्री या प्रपौत्र/प्रपौत्री हो,

  1. कोई व्यक्ति जो निर्दिष्ट व्यक्ति का नाबालिक बच्चा हो, अथवा
  2. कोई नाबालिक बच्चा जिसके माता-पिता दोनों या दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक हो, अथवा
  3. भारतीय नागरिक की विदेशी मूल का/की पति/पत्नी किसका विवाह निबंधित है और आवेदन प्रस्तुत करने की तिथि के पूर्व कम-से-कम दो वर्ष तक लगातार रहा हो.

भारत सरकार उस आँकड़े/डाटा को उल्लिखित कर सकती है जिसमें से सूचीबद्ध भारतीय मूल के कार्डधारक व्यक्तियों को विदेशी भारतीय कार्डहोल्डर मान लिया जाएगा.

कार्डधारकों को प्राप्त सुविधाएँ

  • जीवनपर्यंत वीज़ा
  • अनिश्चित समय तक की यात्रा के दौरान भी पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं.
  • ठहरने की किसी भी अवधि तक पुलिस प्राधिकारियों को रिपोर्ट करने से छूट.
  • पंजीकृत विदेशी भारतीय नागरिक कार्डधारकों को घरेलू उड़ानों के किराए के मामले में अप्रवासी भारतीय के बराबर समझा जाएगा.

कार्डधारकों का पंजीकरण रद्द होने की शर्तें

  • यदि OCI पंजीकरण में कोई धोखाधड़ी सामने आती है.
  • यदि पंजीकरण के पाँच साल के भीतर OCI कार्डधारक को दो साल या उससे अधिक समय के लिये कारावास की सज़ा सुनाई गई है.
  • यदि ऐसा करना भारत की संप्रभुता और सुरक्षा के लिये आवश्यक हो.
  • हाल ही में पारित नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (Citizenship Amendment Act, 2019) में OCI कार्डधारक के पंजीकरण को रद्द करने के लिये एक और आधार जोड़ा गया है, जिसके तहत यदि OCI कार्डधारक अधिनियम के प्रावधानों या केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित कोई अन्य कानून का उल्लंघन करता है तो भी केंद्र के पास उस OCI कार्डधारक के पंजीकरण को रद्द करने का अधिकार होगा.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

जो लोग विदेश में रहते हैं, उनको भारत सरकार नागरिकता से भिन्न एक विशेष दर्जा देती है, जिसका सम्बन्ध उस व्यक्ति को भारत सरकार की ओर से मिलने वाली सुविधाओं से होता है. विशेष दर्जों में ये तीन दर्जे महत्त्वपूर्ण हैं –

  1. अनिवासी भारतीय (NRI- Non-Residents Indians)
  2. भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO – Persons of Indian Origin)
  3. भारत के समुद्रपारीय नागरिक (OCI – Overseas Citizens of India)

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Science and Technology.

Topic : Pegasus Spyware

संदर्भ

पश्चिमी बंगाल सरकार द्वारा पेगासस स्पाइवेयर जासूसी मामले में जाँच आयोग का गठन पश्चिमी बंगाल सरकार ने पेगासस स्पाइवेयर जासूसी मामले में जाँच के लिए जाँच आयोग का गठन किया है. इस आयोग में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मदन बी लोकुर एवं कलकत्ता उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य शामिल हैं. आयोग 6 माह के अन्दर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा.

पेगासस जासूसी मामले में सांसद शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रोद्योगिकी पर संसदीय समिति भी 28 जुलाई को आईटी, गृह मंत्रालयों के अधिकारियों से इस सम्बन्ध में पूछताछ करेगी.

पृष्ठभूमि

इससे पूर्व विपक्ष ने केंद्र सरकार से सर्वोच्च न्यायालय की देख-रेख में जाँच करवाने की मांग की थी, जिस पर केंद्र सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नही दी थी.

पेगासस स्पाइवेयर के जरिये संसार-भर में कई प्रमुख लोगों की जासूसी करने के आरोप लगाये गये हैं. प्रमुख देशों में से फ्रांस सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इस पर जाँच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की है. भारत में सत्ताधारी दल, विपक्ष के कई बड़े नेताओं, नौकरशाहों, न्यायाधीशों, पत्रकारों के नाम जासूसी के संभावितों की सूची में हैं.

पेगासस क्या है?

  • पेगासस एक स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर है, जिसे इजराइली साइबर सुरक्षा कंपनी NSO द्वारा विकसित किया गया है.
  • पेगासस ऑपरेटर एक खास लिंक उपयोगकर्त्ताओं के पास भेजता है, जिस पर क्लिक करते ही यह स्पाइवेयर सॉफ्टवेयर उपयोगकर्त्ता की स्वीकृति के बिना स्वयं ही इंस्टाल हो जाता है.
  • इस स्पाइवेयर के नए संस्करण में लिंक की भी आवश्यकता नहीं होती, सिर्फ एक मिस्ड विडियो काल के द्वारा ही इंस्टाल हो जाता है (जीरो क्लिक अटैक).
  • पेगासस स्पाइवेयर इंस्टाल होने के बाद पेगासस ऑपरेटर को फोन से जुड़ी सारी जानकारियाँ प्राप्त हो जाती हैं.
  • एमनेस्टी इंटरनेशनल के बर्लिन सिक्यूरिटी लैब के मुखिया के अनुसार एक बार इंस्टाल होने के बाद यह स्पाईवेयर उस स्मार्टफोन के उपयोगकर्ता के सभी सूचनाओं तक पहुँच और नियंत्रण प्राप्त कर लेता है.
  • एक रिपोर्ट के अनुसार पेगासस स्पाईवेयर की कीमत 7-8 मिलियन डॉलर प्रति लाइसेंस है तथा एक लाइसेंस का प्रयोग 50 स्मार्टफोनों में किया जा सकता है. यह फोन पर करीब पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर सकता है, जैसे- कॉल रिकॉर्ड करना, मैसेज पढ़ना, उन्हें किसी तीसरे व्यक्ति/संस्था के साथ साझा करना, कैमरा, माइक्रोफोन चालू करना आदि. यदि यह स्पाईवेयर 60 से अधिक दिनों तक इसके कमांड एंड कंट्रोल सर्वर से नहीं जुड़ पाता है तो यह अस्तित्व के सभी प्रमाण मिटाकर स्वत: ही नष्ट हो जाता है.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Conservation related issues.

Topic : How Telangana’s Ramappa temple made it to UNESCO’s World Heritage List

संदर्भ

मैंग्रोव पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दिवस प्रतिवर्ष 26 जुलाई को यूनेस्को द्वारा मैंग्रोव पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए अन्तर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है.

मैंग्रोव वन पेड़ों और झाड़ियों के समूह होते हैं, जो अंत: ज्वारीय भागों में पाए जाते हैं. ये पेड़ समुद्री लवणीय जल में पनपने की उत्कृष्ट क्षमता रखते हैं. वे मूल रूप से भूमि पर पाए जाने वाले सदाबहार पेड़ ही हैं, जो समुद्री तटों, ज्वारीय मैदानों, डेल्टा, एस्चुरी, खाड़ियों, क्रीक और बैरियर द्वीपों में उगते हैं. इनके पनपने के लिए अनुकूलतम स्थान वे होते हैं जहाँ नदियाँ ढेर सारी गाद लाकर इकड्ठा कर देती है.

मैंग्रोव क्या होता है?

मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र स्थलीय वनों और जलीय समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों के मध्य एक कड़ी के रूप में कार्य करता है. यह लवण-सहिष्णु वनस्पति है, जो नदियों और ज्वारनदमुखों के अंतर्ज्वारिय क्षेत्रों में उत्पन्न होती है.

मैंग्रोव से प्राप्त होने वाले लाभ

तटीय संरक्षण (Coastal protection): मैंग्रोव वन तटों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं तथा तूफान, समुद्री जल धाराओं, तरंगों और ज्वार से होने वाले क्षरण को भी कम करने में सहायता करते हैं.

जलवायु विनियमन (Climate regulation): मैंग्रोव वनों में वस्तुतः स्थलीय वनों (terrestrial forests) की तुलना में चार गुना अधिक कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करने की क्षमता मौजूद है.

जल निस्यंदन (Water filtration): 2-5 हेक्टेयर मैंग्रोव की सहायता से 4 हेक्टेयर जलीय कृषि (aquaculture) के अपशिष्ट जल का निस्तारण किया जा सकता है.

मत्स्यन (Fisheries): मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र में 3000 से अधिक मछलियों की प्रजातियां पाई जाती हैं.

मैंग्रोव संरक्षण के उपाय

  • सुंदरबन के कुछ हिस्सों को कानूनी तौर पर राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों (विशेष रूप से बाघ संरक्षण) के रूप में संरक्षित किया गया है.
  • वैज्ञानिकों ने नीदरलैंड की तर्ज़ पर समुद्रतटीय मृदा के कटाव को रोकने हेतु डाइकों (Dikes) के निर्माण का सुझाव दिया है.
  • सुंदरबन को रामसर कन्वेंशन के अंतर्गत शामिल किया जाना एक सकारात्मक कदम है. यह कन्वेंशन नमभूमि (Wetlands) और उनके संसाधनों के संरक्षण तथा बुद्धिमत्तापूर्ण उपयोग के लिये राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का ढाँचा उपलब्ध कराता है.
  • सुभेद्यता के अनुसार सुंदरबन को विभिन्न उपक्षेत्रों में विभाजित कर प्रत्येक के लिये एक निर्देशित समाधान कार्यक्रम अपनाया जाना चाहिये.
  • इस क्षेत्र में नदियों के अलवणीय जल की मात्रा में वृद्धि के उपाय किये जाने चाहिये.

मानवीय कारणों से होने वाले निम्नीकरण को रोकने के लिये-

  • स्थानीय समुदायों को जागरूक करना एवं उनकी समस्याओं के लिये वैकल्पिक समाधानों को लागू करना.
  • सामान्य पर्यटन की जगह जैव-पर्यटन (Eco-Tourism) को बढ़ावा देना.
  • वनोन्मूलन (Deforestration) पर रोक एवं वनीकरण को बढ़ावा देना.
  • संकटग्रस्त जीवों एवं वनस्पतियों की सुरक्षा को बढ़ावा देना.
  • जैव-तकनीक के माध्यम से मैंग्रोव का संरक्षण एवं पुनर्स्थापन.

Prelims Vishesh

Southern Ocean :-

southern ocean

  • नेशनल ज्योग्राफिक सोसाइटी ने प्रशांत, अटलांटिक, हिंद और आर्कटिक महासागर के अतिरिक्त, दक्षिणी महासागर को विश्व के पांचवें महासागर के रूप में मान्यता प्रदान की है.
  • यह ड्रेक पैसेज और स्कोटिया सागर को छोड़कर 60 डिग्री दक्षिणी अक्षांश तक अंटार्कटिका को घेरने वाले अधिकांश जल को समाहित करता है.
  • अन्य महासागरों के विपरीत जिन्हें उन्हें घेरने वाले महाद्वीपों द्वारा परिभाषित किया गया है, दक्षिणी महासागर को अंटार्कटिक परिध्रुवीय धारा (Antarctic Circumpolar Current: ACC) नामक एक जलधारा द्वारा परिभाषित किया गया है.
  • इसके महत्त्व में ऊष्मा वितरण के माध्यम से जलवायु विनियमन, ठंडे नाजुक समुद्री पारिस्थितिक तंत्र का समर्थन आदि सम्मिलित हैं.

Places in News :-

Eswatini

Kingdom of Eswatini :-

  • हाल ही में, राजा मस्वाती तृतीय के विरुद्ध विरोध हिंसक हो गया है.
  • पूर्ववर्ती स्वाजीलैंड साम्राज्य के रूप में विख्यात, इस्वातिनी दक्षिण अफ्रीका के पूर्वी हिस्से में एक भू-आबद्ध देश है, जहां यह मोजाम्बिक से जुड़ा हुआ है.

Kudanukulam :-

Kudankulam map

  • रूस के राज्य संचालित परमाणु ऊर्जा निगम, रोसाटॉम ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (KNPP) में छह परमाणु रिएक्टरों की पांचवीं इकाई पर कार्य आरंभ किया है.
  • KNPP भारत का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र है.
  • यह तमिलनाडु के कुडनकुलम में स्थित है.

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