Sansar डेली करंट अफेयर्स, 26 March 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 26 March 2021


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Appointment to various Constitutional posts, powers, functions and responsibilities of various Constitutional Bodies. Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : Attorney General Of India

संदर्भ

भारत के महान्यायवादी (अटॉर्नी जनरल) के.के. वेणुगोपाल ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विरुद्ध अवमानना ​​कार्यवाही प्रारम्भ करने के लिए दायर की गई एक याचिका पर अपनी सहमति देने से इंकार कर दिया है. याचिका में कहा गया था, कि राहुल गांधी ने एक साक्षात्कार के दौरान न्यायपालिका के विषय में अपमानजनक टिप्पणी की थी.

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कथित साक्षात्कार में सर्वोच्च न्यायालय या उसके न्यायाधीशों के विषय में विशिष्ट रूप कुछ भी जिक्र नहीं किया गया है.

किन मामलों में अवमानना कार्यवाही हेतु पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता होती है?

न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 (Contempt of Courts Act, 1971) के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के लिए आपराधिक अवमानना ​​कार्रवाई शुरू करने हेतु अटॉर्नी जनरल की लिखित में पूर्व सहमति की आवश्यकता होती है.

भारत के महान्यायवादी (AGI) की सहमति, आपराधिक अवमानना ​​के संदर्भ में अत्याधिक विवादित ‘स्वतः संज्ञान’ (suo-motu) लेकर कार्रवाई शुरू करने की शक्ति पर नियंत्रण का एक प्रकार है.

अटॉर्नी जनरल संवैधानिक प्रावधान

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत का अटॉर्नी जनरल (AG) भारत का सबसे बड़ा कानून अधिकारी होता है.
  • भारत सरकार के मुख्य कानून सलाहकार होने के नाते अटॉर्नी जनरल सभी कानूनी मामलों पर केंद्र सरकार को सलाह देने का कार्य करता है.
  • इसके अतिरिक्त भारत का अटॉर्नी जनरल सर्वोच्च न्यायालय में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्त्व भी करता है.

अटॉर्नी जनरल की नियुक्ति

  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, अटॉर्नी जनरल (AG) की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है.
  • अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त होने के लिये उन योग्यताओं का होना अनिवार्य है, जो सर्वोच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की नियुक्ति के लिये आवश्यक है.
  • सरल शब्दों में कहा जाए तो अटॉर्नी जनरल के रूप में नियुक्त होने के लिये आवश्यक है कि वह व्यक्ति भारत का नागरिक हो, उसे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य करने का पाँच वर्षों का अनुभव हो या किसी उच्च न्यायालय में वकालत का 10 वर्षों का अनुभव हो अथवा राष्ट्रपति के मतानुसार वह न्यायिक मामलों का योग्य व्यक्ति हो.
  • विदित हो कि संविधान में अटॉर्नी जनरल के कार्यकाल के संबंध में कोई निश्चित व्याख्या नहीं दी गई है, हालाँकि राष्ट्रपति द्वारा कभी भी उन्हें इस पद से हटाया जा सकता है. इसके अलावा अटॉर्नी जनरल किसी भी समय राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप कर पदमुक्त हो सकता है.
  • संविधान निर्माण की बहस के दौरान एक सदस्य द्वारा इस ओर ध्यान इंगित किया गया था कि प्रधानमंत्री के इस्तीफे के साथ उनके अटॉर्नी जनरल का कार्यकाल भी समाप्त हो जाना चाहिये, क्योंकि उसकी नियुक्ति सरकार की सिफारिशों के आधार पर की जाती है, हालाँकि इस संशोधन प्रस्ताव को मूल संविधान में शामिल नहीं किया गया था.
  • संविधान में अटॉर्नी जनरल का पारिश्रमिक निर्धारित नहीं किया गया है, संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, अटॉर्नी जनरल के पारिश्रमिक का निर्धारण राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है.

अटॉर्नी जनरल- कार्य और शक्तियाँ

  • भारत सरकार को विधि संबंधी ऐसे विषयों पर सलाह देना, जो राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए हों.
  • विधिक स्वरूप वाले ऐसे अन्य कर्त्तव्यों का पालन करना, जो राष्ट्रपति द्वारा सौंपे गए हों.
  • सर्वोच्च न्यायालय में भारत सरकार से संबंधित मामलों में सरकार का प्रतिनिधित्व करना.
  • भारत सरकार से संबंधित किसी मामले में उच्च न्यायालय में सुनवाई का अधिकार.
  • संविधान अथवा किसी अन्य विधि द्वारा प्रदान किये गए कृत्यों का निर्वहन करना.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : GNCTD Bill

संदर्भ

हाल ही में विवादित राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक 2021 (GNCTD Bill) को संसद के दानों सदनों द्वारा पारित कर दिया गया. दिल्‍ली में सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी ने इस विधेयक को असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक बताते हुए, इसे रोके जाने की माँग की है.

मुख्य तथ्य

  • नया विधेयक वर्ष 1991 के कानून के सेक्शन 21, 24, 33 और 44 में संशोधन प्रस्तावित करता है.
  • इस विधेयक के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में सरकार का तात्पर्य उपराज्यपाल’ होगा.
  • यह विधेयक नई दिल्‍ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आने वाले विषयों पर भी उप-राज्यपाल को विवेकाधीन शक्तियाँ देना प्रस्तावित करता है.
  • नये विधेयक में यह भी प्रावधान किया गया है कि नई दिल्‍ली सरकार के किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले उप-राज्यपाल की सलाह पर विचार किया जाये.
  • सरकार द्वारा अथवा किसी भी मंत्री द्वारा लिए गए निर्णयों के आधार पर सरकार द्वारा किसी कार्यकारी कार्यवाही करने से पहले ‘उपराज्यपाल’ की अनुमति लेनी आवश्यक होगी.
  • विधेयक में, दैनिक प्रशासन से संबंधित मामलों के संदर्भ में विधानसभा अथवा इसकी किसी समिति को नियम बनाने अथवा प्रशासनिक निर्णयों के संबंध में पूछताछ करने हेतु प्रतिबंधित किया गया है.

नई दिल्ली के बारे में

  • वर्ष 1991 में 69वें संविधान संशोधन के माध्यम से अनुच्छेद 239AA के तहत नई दिल्‍ली को विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा प्रदान किया गया था.
  • वर्तमान अधिनियम के तहत नई दिल्‍ली विधानसभा को लोक व्यवस्थापुलिस एवं भूमि के अलावा सभी विषयों पर कानून बनाने की शक्ति दी गई है.

अनुच्छेद 239AA

इसके अंतर्गत दिल्ली संघ राज्य क्षेत्र को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT of Delhi) कहा गया है और इसके प्रशासक उपराज्यपाल है.

  • दिल्ली की स्थिति अन्य राज्यों या केंद्र शासित क्षेत्र से अलग है.
  • केंद्र शासित क्षेत्र होते हुए भी दिल्ली की अपनी विधानसभा है, जहां अन्य राज्यों की तरह सुरक्षित सीटों का प्रावधान है. विधायकों का चुनाव सीधे जनता करती है.
  • दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली में भी मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल का प्रावधान किया गया है, जो विधानसभा के लिए सामूहिक रूप से ज़िम्मेदार होते हैं.
  • दिल्ली में चुनाव कराने की ज़िम्मेदारी निर्वाचन आयोग के पास है.
  • निर्वाचित मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल को उपराज्यपाल पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं.
  • दिल्ली के उपराज्यपाल के पास अन्य राज्यपालों की तुलना में अधिक शक्तियां हैं.
  • दूसरे राज्यों की तरह दिल्ली के पास पुलिस, कानून-व्यवस्था और भूमि संबंधी अधिकार नहीं हैं. वह इनसे जुड़े कानून नहीं बना सकती है.
  • ये तीनों अधिकार केंद्र सरकार के पास हैं.
  • केंद्र और दिल्ली की सरकार अगर किसी एक मुद्दे पर कानून बनाती है तो केंद्र का कानून क्षेत्र में लागू होगा.
  • अगर सरकार और उपराज्यपाल के बीच में कोई मतभेद होते हैं तो उपराज्यपाल राष्ट्रपति के पास मामला भेज सकते हैं.
  • आपातकाल की स्थिति में उपराज्यपाल फैसले ले सकते हैं.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : Coronavirus: ‘Double mutant’ Covid variant found in India

संदर्भ

देशभर में स्थित 10 प्रयोगशालाओं के कंसोर्टियम, द इंडियन SARS-CoV-2 कंसॉर्टियम ऑन जीनोमिक्स (INSACOG) ने महाराष्ट्र से मिले कम से कम 200 वायरस सैंपलों में कोरोना वायरस के दो म्यूटेंट E484Q और L452R एक साथ देखे हैं.

यह इस प्रकार का पहला अवसर है जब कोरोना वायरस के दो म्यूटेंट एक ही सैंपल में मिले हों. हालाँकि ये म्यूटंट अलग-अलग तो विश्व के विभिन्‍न भागों में मिल चुके थे. इसकी जाँच के बाद INSACOG इस सम्बन्ध में अपनी रिपोर्ट GISAID को भजेगी ताकि वैश्विक स्तर पर इसकी जाँच हो सके. इस वैरिएंट के संयुक्त प्रभाव और जैविक निहितार्थ को समझा जाना अभी शेष है.

उत्परिवर्तन की स्थिति में, डीएनए या आरएनए के क्षारों के अनुक्रम में (जीनोम संरचना) में स्थाई परिवर्तन हो जाता है. हमें पता है कि कोरोना वायरस आरएनए से निर्मित है, अत: उत्परिवर्तन के बाद वायरस के नये स्वरूप के लिए वैक्सीन खोजने के लिए, नए सिरे से जीनोम सिक्‍वेंसिंग (अनुक्रम का परीक्षण) करनी पड़ती है.

GISAID क्या है?

  • यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के द्वारा 2008 में आरम्भ किया गया एक सार्वजनिक मंच है जिसमें विभिन्न देश जीनोम शृंखलाओं को साझा करते हैं.
  • GISAID सदस्य देशों को सर्वसुलभ डेटाबेस भी उपलब्ध कराता है जिससे इन्फ्लुएंजा से सम्बंधित आंकड़ों को अधिक से अधिक साझा किया जा सके.
  • 2010 में जर्मनी GISAID मंच का आधिकारिक आतिथेय (official host) बन गया.
  • 2013 में GISAID को यूरोपीय आयोग ने एक शोध संगठन के रूप में मान्यता दी और उसे PREDEMICS consortium नाम की परियोजना में भागिदार बना लिया. विदित हो कि यह परियोजना विषाणुओं से उत्पन्न होने वाली महामारियों की रोकथाम और भविष्यवाणी करने का काम किया करती है.
  • इसमें यह ध्यान भी रखा जाता है की आनुवांशिक शृंखला से सम्बंधित आँकड़े देने वाले व्यक्ति की बौद्धिक सम्पदा विषयक अधिकार का उल्लंघन नहीं हो.

ये भी पढ़ें > GISAID


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Awareness in the fields of IT, Space, Computers, robotics, nano-technology, bio-technology and issues relating to intellectual property rights.

Topic : Real Time Gross Settlement- ‘RTGS’

संदर्भ

हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शशिकांत दास ने कहा है कि रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम (RTGS) को भारत से बाहर विस्तारित करने की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए| उल्लेखनीय है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए RBI ने रियल-टाइम ग्रॉस सेटलमेंट (RTGS) के माध्यम से धन के हस्तांतरण की अनुमति दी.

पृष्ठभूमि

पिछले साल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने सप्ताह के सभी सात दिनों और 24 घंटे ( 24 × 7) ऑनलाइन फंड ट्रांसफर की सुविधा देने का ऐलान किया था. इसके तहत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) के माध्यम से यह सुविधा मिलेगी. इससे बैंकिंग के लिए लोगों को और ज्यादा समय मिल सकेगा.

विदित हो कि अभी तक NEFT में रविवार, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार और कैलेंडर वर्ष के लिए घोषित बैंक छुट्टियों में फंड ट्रांसफर की अनुमति नहीं थी. अभी तक एक से दूसरे खाते में पैसे हस्तांतरण करने के लिए NEFT की सुविधा का प्रयोग केवल कार्य दिवस पर सुबह 8 बजे से 7 शाम बजे तक किया जा सकता था.

भारत में इस समय बहुत सी भुगतान प्रणालियाँ चलन में हैं जिनमें मुख्य हैं :-

  1. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (National Electronic Funds Transfer -NEFT)
  2. तत्काल सकल निपटान (Real Time Gross Settlement- ‘RTGS’)
  3. तत्काल भुगतान सेवा (Immediate Payment Service-IMPS)

NEFT क्या है?

  • नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर (NEFT) भारत के सबसे प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण प्रणालियों में से एक है.
  • इसे नवंबर 2005 में शुरू किया गया था.
  • NEFT एक व्यक्ति के खाते से दूसरे व्यक्ति के खाते में रूपये भेजने की सुविधा है. इसमें रुपया तुरंत ही लाभार्थी के खाते में जमा हस्तांतरित नहीं किया जा सकता है बल्कि इसको भेजने के लिए प्रति घंटा के हिसाब से टाइम स्लॉट बंटे होते हैं जिसके माध्यम से रुपये भेजे जा सकते हैं.

IMPS क्या है?

  • तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) के माध्यम से फंड को चौबीसों घंटे हस्तांतरित किया जा सकता है, लेकिन इसकी अधिकतम राशि 2 लाख रुपये है.
  • इस सेवा को सार्वजनिक रूप से 22 नवंबर, 2010 को शुरू किया गया था.
  • इस सेवा का प्रबंधन राष्ट्रीय भुगतान निगम (National Payments Corporation of India –NPCI) द्वारा किया जाता है.

RTGS क्या है?

  • आरटीजीएस (Real-Time Gross Settlement) के माध्यम से 2 लाख के ऊपर के पेमेंट का हस्तांतरण किया जाता है.
  • RTGS प्रणाली लगभग 16 दिन में देश की जीडीपी के बराबर का लेन-देन कर देती है.
  • RTGS राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली में माध्यम से देश के उच्च मूल्य लेनदेन वाले 95% भुगतान इसी भुगतान प्रणाली के माध्यम से किये जाते हैं.
  • यह भुगतान प्रणाली पूरे विश्व में सबसे ज्यादा प्रयोग की जाती है.

Prelims Vishesh

Spring Equinox 2021 :-

  • विषुव वस्तुतः मार्च (लगभग 21 मार्च) और सितंबर (लगभग 23 सितंबर) माह में होता है.
  • विषुव उन दिवसों को संदर्भित करता है जब सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है तथा उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध दोनों में दिन एवं रात की समयावधि लगभग बराबर अनुभव की जाती है.

Kambala :-

  • कंबाला एक वार्षिक भैंस दौड़ है.
  • यह कर्नाटक के दक्षिणी कन्‍नड़ और उडुपी जिलों के कृषक समुदाय में प्रचलित एक परंपरा है.
  • यह महोत्सव विशुद्ध रूप से कादरी के भगवान् मंजूनाथ को समर्पित है, जो भगवान शिव के अवतार हैं.

Whitsun Reef :-

  • हाल ही में, फिलीपींस ने इस विवादित रीफ पर 200 चीनी पोतों की सूचना दी है.
  • इस बूमरैंग के आकार की रीफ को जूलियन फेलिप (Julian Felipe) भी कहा जाता है तथा इस पर चीन और फिलीपींस दोनों के द्वारा दावा किया जाता है.
  • यह रीफ दक्षिण चीन सागर में स्थित है.

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