Sansar डेली करंट अफेयर्स, 25 March 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 25 March 2019


GS Paper 2 Source: Times of India

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Topic : World Food Programme

संदर्भ

हाल ही में जापान ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme – WFP) को 69 मिलियन डॉलर का दान दिया है जिससे मध्य-पूर्व, अफ्रीका और एशिया के 28 देशों में खाद्य सामग्री दी जायेगी. इसके लिए सबसे अधिक धनराशि यमन और इराक के नाम होगी.

WFP क्या है?

  • संयुक्त राष्ट्र के अंतर्गत आने वाला विश्व खाद्य कार्यक्रम विश्व का सबसे बड़ा मानवीय संगठन है जिसका काम भूख का निवारण और खाद्य सुरक्षा को बढ़ावा देना है.
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम भूख और कुपोषण को मिटाने के लिए प्रतिबद्ध है.
  • यह कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र विकास समूह (United Nations Development Group) और उसकी कार्यकारिणी समिति का सदस्य भी है.
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम 1961 में हुआ था.
  • इसका प्रशासन एक कार्यकारी बोर्ड करता है जिसमें सदस्य-देशों के प्रतिनिधि होते हैं.
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम की गतिविधियों के लिए धनराशि विश्व की सरकारों, निगमों और निजी दाताओं से आती है.
  • विश्व खाद्य कार्यक्रम के अन्य आनुषंगिक कार्य हैं – सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की कमी को दूर करना, बाल मृत्यु दर को घटाना, मानसिक स्वास्थ्य में सुधार लाना तथा HIV और AIDS समेत रोगों से लड़ना.

लक्ष्य

  • आपातकाल में जीवन और जीविका की रक्षा करना.
  • खाद्य सुरक्षा और पोषण को सहारा देना तथा आपातकाल के पश्चात् की परिस्थिति में लोगों की जीविका को फिर से सुदृढ़ करना.
  • लोगों, समुदायों और देशों को अपने भोजन और पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए समर्थ बनाना.
  • कुपोषण को घटाना और पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली भूख के सिलसिले को बंद करना.
  • 2030 तक कोई भूखा न रहे, ऐसा प्रबंध करना.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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Topic : Kyasanur Forest Disease

KFD क्या है?

  • यह रोग एक वायरस के कारण होता है जिसकी सबसे पहले पहचान 1957 में उस समय हुई थी जब क्यासनुर जंगल में एक बीमार बंदर का उपचार चल रहा था. तब से चार 400-500 मनुष्य भी प्रति वर्ष इस रोग के शिकार होते रहे हैं.
  • kfd वायरस हार्ड टिक नामक कीटाणु में पाया जाता है जिसे Hemaphysalis spinigera भी कहते हैं. एक बार यह वायरस लग जाता है तो वह आजीवन बना रहता है.
  • इस वायरस को फैलाने का काम अधिकतर टिक द्वारा संक्रमित चूहे, छछूंदर और बंदर करते हैं.
  • इस वायरस के चलतेepizootics हो जाता है जिसमें बंदर बहुधा मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं.
  • kFD से बकरियाँ, गाएँ और भेड़ जैसे बड़े पशु भी संक्रमित हो सके हैं परन्तु इस रोग के प्रसार पर उनकी भूमिका सीमित है.
  • कुछ लोगों का कहना है कि बकरियों, गायों और भेड़ों के अपाशच्यूरीकृत दूध से भी यह वायरस फैलता है, परन्तु इसका कोई पुष्ट प्रमाण नहीं है.
  • मनुष्य KFD का शिकार तब होता है जब उसे कोई टिक काट ले या वह संक्रमित पशुओं (अधिकतर बीमार अथवा मरे हुए बंदरों) के सम्पर्क में आता है.
  • यह रोग मनुष्य से मनुष्य में संचरित नहीं होता है.

बचाव के उपाय

KFD  का अभी तक कोई विशेष उपचार नहीं निकला है परन्तु यदि समय पर संक्रमित को अस्पताल में भर्ती कर उसकी चिकित्सा की जाए तो वह स्वस्थ हो सकता है. उपचार के लिए उसके शरीर में जल के स्तर को बनाए रखना और आवश्यक होता है. ऐसे रोगी के लिए वे सभी सावधानियाँ बरतनी चाहिएँ जो रक्त-स्राव रोग के रोगियों के लिए आवश्यक होते हैं. भारत में KDF के लिए एक टीका उपलब्ध है और इसका उपयोग उन स्थानों में होता भी है जहाँ यह रोग अधिक फैलता है. बचाव के लिए लोगों को कीड़े भगाने वाले रसायनों का उपयोग करना चाहिए और सुरक्षित कपड़ों को पहनना चाहिए.


GS Paper 3 Source: The Hindu

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Topic : Border Area Development Programme (BADP)

संदर्भ

जम्मू-कश्मीर सरकार ने सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम (BADP) के अंतर्गत 524.25 लाख रु. विमुक्त कर दिए हैं. इनका उपयोग वर्तमान वित्त वर्ष 2018-19 में किया जाएगा.

BADP के अंदर आने वाले राज्य

अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल.

प्रमुख उद्देश्य

  • BADP का प्रमुख उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय सीमा के पास स्थित दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले लोगों की विकास से सम्बंधित आवश्यकताओं और उनको पूरा करना और उनके कल्याण के लिए काम करना है.
  • इस योजना का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में भारत सरकार और राज्य सरकार के द्वारा चलाई गई सभी योजनाओं का लाभ पहुँचाना और उसके लिए आवश्यक निर्माण कार्य करना है.

BADP के लिए राशि की व्यवस्था

  • BADP के लिए 100% राशि विशेष केन्द्रीय सहायता के रूप में भारत सरकार द्वारा दी जाती है. यह राशि व्ययगत (non-lapsable) नहीं होती.
  • BADP द्वारा संचालित योजनाएँ हैं – प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाना, पाठशालाओं का निर्माण करना, पेयजल की आपूर्ति करना, सामुदायिक केन्द्रों की स्थापना, सम्पर्क बढ़ाना, जल-निकास की व्यवस्था करना आदि-आदि.
  • जो अन्य योजनाएँ BADP के अन्दर आती हैं, वे हैं – स्वच्छता अभियान, कौशल विकास कार्यक्रम, खेलकूद की गतिविधियों को प्रोत्साहन, ग्रामीण और सीमावर्ती पर्यटन को बढ़ावा, धरोहल स्थलों की सुरक्षा, दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में हैलीपेडों का निर्माण.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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Topic : Rising sea levels to affect water table along Chennai’s shoreline

संदर्भ

हाल में किये गये एक अध्ययन के अनुसार चेन्नई के तटीय क्षेत्रों, विशेषकर पूर्वी तट मार्ग के आस-पास, का जल-स्तर खतरे में है क्योंकि अगले कुछ दशकों में सम्भावना है कि समुद्र का स्तर बढ़ जाएगा और उसके चलते इस क्षेत्र में भीषण मात्रा में समुद्र-जल का प्रवेश हो जाएगा.

चिंताएँ

  • पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के द्वारा भारतीय जलवायु परिवर्तन मूल्यांकन नेटवर्क से कराये गये अध्ययन के अनुसार प्रत्येक वर्ष समुद्र का स्तर 2mm बढ़ रहा है.
  • समुद्र का स्तर में वृद्धि होने से तट रेखा के किनारे-किनारे जल स्तर बढ़ जाएगा और स्थल भाग की ओर बढ़ने लगेगा.
  • इससे यह होगा कि वहाँ स्थित मीठा जल लुप्तप्राय हो जाएगा और उसके स्थान पर समुद्र का सारा जल धीरे-धीरे फ़ैल जायेगा. इस अध्ययन के अनुसार यह सारी प्रक्रिया 2100 ई. में प्रकट रूप से दिखने लगेगी.

इसके लिए क्या किया जा सकता है?

  • जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव को थामने के लिए यह आवश्यक है कि तट रेखाओं के आस-पास की भूमि के उपयोग की पद्धति को बदला जाए. यहाँ जल संरक्षण के ऐसे उपाय लागू किये जाएँ जिससे कि भूमि जल की मात्रा बनी रहे.
  • कुओं से भूमि जल निकालना कम से कम कर दिया जाए. साथ ही आस-पास की बस्तियों में जल पंप से पानी निकाला जाए, परन्तु साथ ही साथ वर्षा जल का संग्रहण भी किया जाए.
  • एक और उपाय यह हो सकता है कि बड़े-बड़े आवासीय संकुल ऐसे मार्ग बनाएँ जो पक्के के नहीं हों और जिनसे पानी रिस कर धरती में चला जाये.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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Topic : GRAPES- 3

संदर्भ

ऐसा विश्व में पहली बार हुआ है कि ऊंटी में स्थापित GRAPES-3 Muon दूरबीन ने दिसम्बर 1, 2014 को गुजरने वाले एक अंधड़ की विद्युतीय क्षमता, आकार और ऊँचाई का माप लिया है.

विदित हो कि अंधड़ों के गुणधर्म को जानने से विमानों के चालन में सहयोग मिल सकता है और शोर्ट-सर्किट होने से उन्हें बचाया जा सकता है.

Muon का क्या उपयोग है?

जब ब्रह्मांडीय किरणें पृथ्वी के आस-पास के वायुकणों से टकराती हैं तो Muon और अन्य कण उत्पन्न होते हैं. इस प्रकार उत्पन्न Muon में धनात्मक अथवा ऋणात्मक दोनों प्रकार के आवेश हो सकते हैं. जब एक धनात्मक रूप से आविष्ट Muon किसी बादल से होकर गिरता है तो उसकी ऊर्जा समाप्त हो जाती है. यदि ऊर्जा की यह कमी एक गीगा इलेक्ट्रान वॉल्ट (GeV) से नीचे चली जाती है तो GRAPES-3 Muon दूरबीन उसको पकड़ नहीं पाती है.

वहीँ दूसरी ओर, यदि कोई ऋणात्मक रूप से आविष्ट Muon बादल से होकर गिरता है तो इसकी ऊर्जा बढ़ जाती है और यह पकड़ में आ जाता है. क्योंकि प्रकृति में ऋणात्मक की तुलना में धनात्मक Muon ज्यादा होते हैं, इसलिए ये दोनों प्रभाव एक-दूसरे को रद्द नहीं करते और तीव्रता में एक शुद्ध अंतर दिख जाता है.

GRAPES  – 3 क्या है?

  • GRAPES – 3 एक प्रयोग है जो भारत के ऊंटी नामक शहर में किया जा रहा है.
  • इसका पूरा नाम है – Gamma Ray Astronomy PeV EnergieS phase-3.
  • इस प्रयोग में आपस में सहयोग करने वाले संस्थान हैं – टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, जापान का ओसाका सिटी विश्वविद्यालय और जापान का ही नागोया महिला विश्वविद्यालय.
  • GRAPES – 3 की रूपरेखा ब्रह्मांडीय किरणों के अध्ययन के लिए की गई है. इसके लिए इसमें अनेक एयर शावर डिटेक्टर और साथ ही एक विशाल Muon डिटेक्टर भी होता है.
  • यह ब्रह्मांडीय किरणों में वृद्धि की जाँच करने के लिए चार प्रकार के अन्तरिक्ष भौतिकी परिस्थतियों में काम करता है –
  1. वायुमंडलीय विद्युत क्षेत्रों में ~100 MeV
  2. सौर प्रणाली में ~10 GeV
  3. हमारी आकाशगंगा में ~1 PeV
  4. आस-पास के ब्रह्मांड में ~100 EeV

GS Paper 3 Source: The Hindu

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Topic : Indian Accounting Standards (Ind AS)

संदर्भ

भारतीय रिज़र्व बैंक ने इंडियन अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स (Ind AS) नामक बैंकों के लिए बनाए गये नए अंकेक्षण नियमों के कार्यान्वयन को अगली सूचना तक टाल दिया है. ऐसा दूसरी बार किया गया है. पहले अप्रैल, 2018 में इन नियमों का कार्यान्वयन एक वर्ष के लिए टाल दिया गया था.

ये नए नियम वित्तीय संकट के पश्चात् IFRS9 मानकों को आधार बनाकर रचे गये थे और आशा की जा रही थी कि ये अप्रैल 1 से आरम्भ होने वाले नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में लागू हो जाएँगे. रेटिंग देने वाली संस्था FITCH की स्थानीय इकाई के अनुसार यदि इन नियमों को लागू कर दिया जाता तो जून 30 को समाप्त होने वाले पहले वित्तीय क्वार्टर में भारत के सरकार द्वारा संचालित ऋणदाताओं को16 बिलियन डॉलर का प्रावधान करना पड़ता. इसका परिणाम यह होता कि सार्वजनिक प्रक्षेत्र के ऋणदाताओं को अच्छी-खासी अतिरिक्त पूँजी की प्रबंध करना पड़ता जो सरकार द्वारा पहले से वचनस्वरूप कल्पित की गई 1.9 ट्रिलियन रुपयों के निवेश के अलावे होती.

Ind AS क्या है?

यह अंकेक्षण के मानक हैं जिनका अनुसरण अंकेक्षण एवं वित्तीय लेन-देन को अभिलिखित करने में होता है तथा साथ ही लाभ और हानि से सम्बन्धित विवरण तथा किसी कम्पनी की बैलेंस शीट प्रस्तुत करने में भी होता है. Ind AS एक ऐसा समीकरण है जो भारतीय अंकेक्षण नियमों का तालमेल IFRS के नियमों के साथ बैठा कर तैयार किया गया है.


Prelims Vishesh

Basant Utsav :-

  • होली में बसंत उत्सव मनाना बांग्ला संस्कृति का एक अभिन्न अंग हो गया है.
  • कहते हैं कि इसका चलन कवि रबीन्द्र नाथ टैगोर ने शुरू किया था.
  • इसे दोल जतरा अथवा दोल उत्सव भी कहते हैं.

Bihar Diwas :-

  • 22 मार्च बिहार राज्य के गठन के दिन को चिह्नित करता है और इसे ‘बिहार दिवस’ कहा जाता है.
  • 22 मार्च 2019 राज्य का 107वाँ स्थापना दिवस मनाया गया. यह पहली बार 2010 में बड़े पैमाने पर मनाया गया था.
  • 1912 में 22 मार्च को बंगाल प्रेसीडेंसी चार सूबों में बाँट दिया गया था जिनमें एक सूबा बिहार था. इस घटना को याद रखने के लिए बिहार सरकार ने 2010 से मार्च 22 को बिहार दिवस के रूप में मानना आरम्भ किया था.

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