Sansar डेली करंट अफेयर्स, 23 October 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 23 October 2019


GS Paper 1 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.

Topic : Taanaji Malusare and the Battle of Singhagad

संदर्भ

सूबेदार तानाजी मालुसरे पर आधारित एक बॉलीवुड फिल्म बनाई जा रही है जो छत्रपति शिवाजी महराज के साथ कई सारे युद्ध में शामिल रहे थे.

सूबेदार तानाजी मालुसरे कौन थे?

  • तानाजीराव का जन्म 17वीं शताब्दी में महाराष्ट्र के कोंकण प्रान्त में महाड के पास ‘उमरथे’ में हुआ था. वे बचपन से छत्रपति शिवाजी के साथी थे. ताना और शिवा एक-दूसरे को बहुत अच्छी तरह से जानते थे. तानाजीराव, शिवाजी के साथ हर लड़ाई में शामिल होते थे.
  • तानाजी मालुसरे शिवाजी के घनिष्ठ मित्र और वीर निष्ठावान् मराठा सरदार थे. वे छत्रपति शिवाजी महाराज के साथ हिंदवी स्वराज्य स्थापना के लिए सुभादार (किल्लेदार) की भूमिका निभाते थे.
  • वे 1670 ई. में सिंहगढ़ के युद्ध में अपनी महती भूमिका के लिए प्रसिद्ध हैं. किला उदयभान राठोड द्वारा नियंत्रित किया गया था, जो राजकुमार जय सिंह द्वारा नियुक्त किया गया था. उदय भान के नेतृत्व में 5,000 मुगल सैनिकों के साथ तानाजी का भयंकर भयंकर युद्ध हुआ. तानाजी एक बहादुर शेर की तरह लड़े. इस किले को अन्ततः जीत लिया गया था, लेकिन इस प्रक्रिया में, तानाजी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए.

सिंहगढ़ का युद्ध

  • सिंहगढ़ एक पहाड़ी किला है जो महाराष्ट्र के पुणे शहर से लगभग 30 किमी दक्षिण पश्चिम स्थित है. इस किले की उपलब्ध कुछ जानकारी से पता चलता है कि यह किला 2000 साल पहले बनाया गया. सिंहगढ़ किला पहले कोंढाना के नाम से भी जाना जाता था.
  • 1647 में, छत्रपति शिवाजी महाराज ने इसका नाम बदलकर सिंहगढ़ रखा. लेकिन 1649 में शहाजी महाराज को आदिल शाह के कैद से छुड़ाने के लिए उन्हें इस किले को आदिल शाह को सौपना पड़ा.
  • इस किले ने 1662, 1663 और 1665 में मुगलों के हमलों को देखा. पुरंदर के माध्यम से, 1665 में किला मुगल सेना प्रमुख “मिर्जाराजे जयसिंग” के हाथों में चला गया.
  • सिंहगढ़ का युद्ध 4 फरवरी 1670 को रात के समय पुणे के पास सिंहगढ़ किले पर हुई थी. यह युद्ध छत्रपति शिवाजी के सेनानायक तानाजी मालुसरे और उदयभान राठौड़ के बीच हुई थी. उदयभान राठौड़ सिंहगढ़ दुर्ग का दुर्गपति था और मुगल सेना के सेनानायक जय सिंह प्रथम के अधीन कार्यरत था.
  • इस प्रकार 1670 में, तानाजी मालुसरे के साथ मिलकर शिवाजी ने इसपर फिर से कब्जा कर लिया.
  • तानाजी की मृत्यु पर शिवाजी ने कहा कि “ गढ़ आला, पण सिंह गेला” (गढ़ आया, पर सिंह चला गया).

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important aspects of governance, transparency and accountability, e-governance- applications, models, successes, limitations, and potential; citizens charters, transparency & accountability and institutional and other measures.

Topic : NCRB crime statistics for 2017

संदर्भ

2017 के अपराध आंकड़ों पर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट जारी कर दी गई है. दो साल की देरी के बाद यह प्रतिवेदन जारी किया गया है. प्रतिवेदन में कहा गया है कि साल 2017 में 50 लाख से ज्यादा संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए.

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प्रतिवेदन के मुख्य तथ्य

  • काफी देरी के बाद जारी की गई इस रिपोर्ट के अनुसार, कुल 50,07,044 संज्ञेय अपराध जिसमें 30,62,579 भारतीय दंड संहिता (IPC) और 19,44,465 विशेष और स्थानीय कानून (SLL) अपराध शामिल थे.
  • 2016 के मुकाबले इस साल दर्ज किए गए अपराधिक रिकॉर्ड में 6 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. 2016 में 48,31,515 मामले सामने आए थे. 
  • राज्यों की बात करें तो IPC केस दर्ज होने के मामले में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है जहां 3,10,084 केस दर्ज हुए जो देश का 1 प्रतिशत है. उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र (9.4), मध्य प्रदेश (8.8), केरल (7.7) और दिल्ली (7.6) का स्थान है.
  • देश में अपहरण के कुल मामलों में से 20.8 प्रतिशत केवल उत्तर प्रदेश के हैं. देश के सबसे बड़े सूबे में 2016 में अपहरण के 15,898 केस हुए. उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र (10,324), बिहार (8479), असम (7857), दिल्ली (6095) हैं.
  • दिल्ली में अपहरण के मामलों में कमी आई है. 2016 में यह आंकड़ा 6619 था जो 2017 में 6095 रहा.
  • बच्चों के खिलाफ अपराध 28 प्रतिशत बढ़ा है. 2016 में 1,06,958 केस दर्ज हुए जो 2017 में करीब 28 प्रतिशत बढ़कर 1,29,032 हो गए. इस मामले में उत्तर प्रदेश पहले पायदान पर है, जहां ऐसे मामले 2016 की अपेक्षा 19 प्रतिशत अधिक दर्ज हुए. यूपी में 19145, मप्र में 19038, महाराष्ट्र में 16918, दिल्ली में 7852 और छत्तीसगढ़ में 6518 केस दर्ज हुए.
  • एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में हत्या के कुल 28653 मामले दर्ज किए गए. उत्तर प्रदेश में 2016 की तुलना में इनमें कमी आई है, वहीं बिहार में यह आंकड़ा बढ़ा है. हालांकि इसके बावजूद 2017 में उत्तर प्रदेश इस मामले में शीर्ष पर रहा. वहीं केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में सबसे ज्यादा हत्या के केस दर्ज हुए.
  • अनुसूचित जनजाति (एससी) के खिलाफ ज्यादातर राज्यों में 2017 में अपराध और उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं. इस सूची में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है, जबकि राजस्थान, आंध्र प्रदेश, पंजाब में इनमें कमी आई है. इस दौरान देश में कुल 43203 केस दर्ज किए गए.
  • आंकड़ों के मुताबिक, 2017 में भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम व संबंधित धाराओं में कुल 4062 मामले दर्ज हुए. इनमें सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र में दर्ज हुए.
  • आर्थिक अपराधों की बात करें तो 2017 में कुल 148972 मामलों में सबसे ज्यादा केस राजस्थान में दर्ज किए गए, जबकि सबसे ज्यादा यहां बढ़ोत्तरी तेलंगाना में दर्ज हुई.
  • एनसीआरबी के मुताबिक, देशभर में साइबर अपराध के आंकड़े तेजी से बढ़े हैं. 2016 में जहां कुल 12137 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2017 में 21796 केस दर्ज किए गए. उत्तर प्रदेश साइबर क्राइम के मामले में शीर्ष पर है.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : Interpol

संदर्भ

केंद्रीय जाँच ब्यूरो 2022 में भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ समारोह के हिस्से के रूप में  इंटरपोल की 91वीं महासभा की मेजबानी करेगा.

इंटरपोल क्या है?

  • इंटरपोल का पूरा नाम है – International Criminal Police Organisation.
  • यह एक अंतरसरकारी संगठन है जिसका मुख्यालय फ्रांस के ल्यों नगर में है.
  • इस संगठन में 194 देश सदस्य हैं.
  • इसकी स्थापना 1923 में हुई थी. उस समय इसका नाम अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस आयोग (International Criminal Police Commission) था. इसका नाम इंटरपोल 1956 में पड़ा.
  • भारत इस संगठन में 1949 में ही सम्मिलित हो गया था और इस प्रकार वह इसके पुराने सदस्यों में से एक है.

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इंटरपोल के लक्ष्य

  • आतंकवाद से लड़ना.
  • संकटापन्न समुदायों को सुरक्षा देना.
  • जनसामान्य और व्यवसायों के लिए सुरक्षित साइबर स्पेस की व्यवस्था करना.
  • अवैध बाजारों पर लगाम लगाना.
  • पर्यावरण सुरक्षा में सहयोग करना.

इंटरपोल महासभा (INTERPOL GENERAL ASSEMBLY) क्या है?

  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल का सर्वोच्च प्रशासी निकाय है जिसमें सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि होते हैं.
  • अपनी गतिविधियों एवं नीतियों पर मतदान के लिए यह महासभा प्रत्येक वर्ष बैठती है. यह बैठक लगभग चार दिन चलती है.
  • महासभा में प्रत्येक देश के एक अथवा अधिक प्रतिनिधि होते हैं जो अपने-अपने देश के कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रमुख होते हैं.
  • इंटरपोल महासभा इंटरपोल कार्यकारिणी समिति का भी चुनाव करती है. इस समिति का काम उस समय मार्ग-निर्देश, दिशा-निर्देश उपलब्ध कराती है जब महासभा की बैठक नहीं हो रही होती है.

महासभा के संकल्प (ASSEMBLY RESOLUTIONS)

महासभा जो भी निर्णय लेती है उसे संकल्पों का रूप दिया जाता है. ये निर्णय मतदान के माध्यम से होते हैं. प्रत्येक सदस्य देश के पास एक वोट होता है. विषय-वस्तु को देखते हुए ये निर्णय या तो साधारण बहुमत से अथवा दो-तिहाई बहुमत से लिए जाते हैं.


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Important aspects of governance, transparency and accountability, e-governance- applications, models, successes, limitations, and potential; citizens charters, transparency & accountability and institutional and other measures.

Topic : TechSagar

संदर्भ

साइबर सुरक्षा समन्वयक कार्यालय (National Cyber Security Coordinator’s office) ने भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद् (Data Security Council of India – DSCI) की भागीदारी में भारत की साइबर तकनीकी क्षमता को बढ़ाने के लिये टेक सागर नामक ऑनलाइन पोर्टल का अनावरण किया है.

टेक सागर क्या है?

  • यह एक मंच है जिसमें एक पोर्टल के माध्यम से भारत की तकनीकी क्षमता का पता लगाया जाएगा.
  • यह भारत की साइबर तकनीक से सम्बंधित क्षमताओं का एक समेकित और व्यापक भंडार होगा जिसमें भारतीय उद्योग, शिक्षा जगत एवं अनुसंधान से सम्बंधित 25 तकनीकों के विषयों में क्षमताओं की जानकारी उपलब्ध होगी, जैसे – इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स, कृत्रिम बुद्धि, यांत्रिक ज्ञानार्जन, ब्लाकचैन, क्लाउड और वर्चुअलाइजेशन, रोबोट विज्ञान एवं स्वचालन, AR/VR, बेतार और नेटवर्किंग आदि.
  • इस पोर्टल में IT उद्योग स्टार्ट-अप कम्पनियों, शैक्षणिक संस्थानों और व्यक्तिगत शोधकर्ताओं से सम्बंधित व्यवसायों और अनुसंधान प्रतिष्ठानों की सूची होगी. वर्तमान में टेक सागर के अन्दर 4,000 से अधिक उद्योग आदि से सम्बंधित प्रतिष्ठान की सूचनाएँ अंकित हैं.

भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद् क्या है?

  • भारतीय डेटा सुरक्षा परिषद् एक लाभ-रहित औद्योगिक निकाय है जिसकी स्थापना NASSCOM ने भारत में डाटा-सुरक्षा के लिए की है.
  • यह परिषद् साइबर सुरक्षा एवं निजता से सम्बंधित सर्वोत्तम प्रचलनों, मानकों और पहलों को लागू करते हुए देश के साइबर-स्पेस को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.
  • अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए यह परिषद् नेतृत्व के विकास, क्षमता के संवर्धन और अन्य गतिविधियों के माध्यम से सरकारों और उनकी एजेंसियों, नियामकों, औद्योगिक प्रक्षेत्रों, औद्योगिक संघों एवं थिंक टैंकों के साथ मिलकर काम करती है.

GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : BHIM 2.0

संदर्भ

भारत सरकार ने पिछले दिनों नई कार्यक्षमताओं और अतिरिक्त भाषा से युक्त BHIM 2.0 का अनावरण किया है. ज्ञातव्य है कि 2016 के दिसम्बर से देश में BHIM नामक एक UPI पर आधारित तत्क्षण भुगतान सेवा चल रही है जिसका विकास राष्ट्रीय भारतीय भुगतान निगम (NPCI) ने किया था.

ज्ञातव्य है कि BHIM का पूरा नाम है – Bharat Interface for Money.

BHIM 2.0 में नया क्या है?

  • डोनेशन गेटवे, लेन-देन की बढ़ी हुई सीमा, एक से अधिक बैंक खातों से सम्बद्धता, व्यापारियों के ऑफर, IPO में आवेदन करने का विकल्प, उपहार में धन देने की सुविधा.
  • अभी BHIM में 13 भाषाओं में काम होता है, परन्तु BHIM 2.0 में तीन और भाषाएँ जोड़ दी गई हैं, जो हैं – कोंकणी, भोजपुरी और हरियाणवी.

UPI क्या है?

समेकित भुगतान इंटरफ़ेस (UPI) NPCI और RBI द्वारा निर्मित एक प्रणाली है जो एक नकद रहित प्रणाली का उपयोग करते हुए धन का तत्काल स्थानान्तरण करने में सहायक होती है. UPI का उपयोग करने के लिए एक स्मार्टफ़ोन और एक बैंकिंग एप की आवश्यकता होती है जिसके माध्यम से धन को तत्काल भेजा या पाया जा सकता है अथवा व्यापारी खुदरा खरीद के लिए भुगतान कर सकता है. आगे चलकर, UPI संभवतः आज के NEFT, RTGS और IMPS का स्थान ग्रहण कर लेगी.

यह कैसे काम करता है?

IMPS पर आधारित UPI के माध्यम से बैंक खाते से तुरंत और प्रत्यक्ष रूप से भुगतान हो जाता है. इसके लिए वॉलेट में पहले से पैसा भरना आवश्यक नहीं होता है. इसके माध्यम से एक से अधिक व्यवसाइयों को कार्ड का ब्यौरा टाइप किये बिना अथवा नेट बैंकिंग का पासवर्ड लिखे बिना भुगतान किया जाता है. UPI 2.0 हाल ही में भारत के राष्ट्रीय भुगतान निगम ने (National Payments Corporation of India – NPCI) UPI 2.0 को आरम्भ किया है जो UPI अर्थात् समेकित भुगतान इंटरफ़ेस का एक उत्क्रमित एवं नवीकृत संस्करण है. UPI के इस नवीनतम संस्करण में 4 नई विशेषताएँ हैं जिनसे यह उपभोक्ताओं के लिए अधिक आकर्षक एवं सुरक्षित बन गया है. अब उपभोक्ता अपने ओवरड्राफ्ट खाते को UPI से जोड़ सकेंगे. साथ ही इसमें एककालिक मेनडेट की सुविधा होगी तथा बाद की तिथि में भुगतान करने के लिए पहले ही प्राधिकृत करने की सुविधा भी होगी. इस UPI की चौथी विशेषता यह है कि उपभोक्ता व्यवसायी के द्वारा भेजे गये invoice को भुगतान करने के पहले जाँच सकेंगे.

UPI अनूठा कैसे है?

  • इसमें 365 दिन 24×7 अवधि में मोबाइल से धन तुरंत हस्तांतरित हो जाता है.
  • यह ऐसा एकल मोबाइल ऐप है जिसकी पहुँच अलग-अलग बैंक खातों तक होती है.
  • इसमें एक क्लिक से भुगतान हो जाता है.
  • ग्राहक को कार्ड नंबर, खाता नंबर, IFSC जैसे विवरण नहीं देने होते हैं.
  • इसके माध्यम से दोस्तों के साथ बिल साझा हो जाता है.
  • UPI ATM जाने से बचाता है और घर बैठे काम हो जाता है.
  • इससे मर्चेंट और इन-ऐप भुगतान भी हो जाता है.

UPI के प्रतिभागी

  • भुगतान करने वाला PSP
  • भुगतान पाने वाला PSP
  • पैसा भेजने वाला बैंक
  • पैसा पाने वाला बैंक
  • NPCI
  • बैंक खाता धारक
  • व्यापारी

भारत का राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI)

  • भारत का राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) भारत में सभी खुदरा भुगतान प्रणाली के लिए एकछत्र संगठन है.
  • दस बैंक इसके प्रोमोटर हैं.
  • निगम का प्रमुख उद्देश्य नकद रहित लेन-देन को बढ़ावा देना है.
  • इसे सफलतापूर्वक RuPay नामक घरलू कार्ड भुगतान नेटवर्क ने विकसित किया है जिसके कारण विदेशी कार्डों पर निर्भरता घटी है.
  • NPCI को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और भारतीय बैंक संघ (IBA) के मार्गदर्शन और समर्थन के साथ स्थापित किया गया था.

Prelims Vishesh

National Tiger Conservation Authority (NTCA) :-

  • राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन गठित एक वैधानिक निकाय है जिसका गठन वन्य जीव (सुरक्षा) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत किया गया है.
  • इस निकाय के गठन का उद्देश्य बाघों को अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों और कार्यों के अनुसार संरक्षण प्रदान करना है. इसके लिए निकाय समय-समय पर परामर्श तथा आदर्श-मार्गदर्शन निर्गत करता है. ये परामर्श और मार्गदर्शन बाघों की परिस्थिति, संरक्षण के कार्यान्वयन की स्थिति और विशेष रूप से गठित समितियों की अनुशंसाओं पर आधारित होते हैं.

What are meteor showers? Why they happen on an annual basis? :-

  • जब पृथ्वी किसी धूमकेतु अथवा क्षुद्रग्रह द्वारा छोड़े गये मलबों के बीच से गुजरती है तो ये मलबे बौछार के रूप में पृथ्वी पर बरसते हैं. इस घटना को उल्का वर्षा (meteor showers) कहते हैं.
  • विदित हो कि धूमकेतु के मलबे में चट्टान और बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़े होते हैं.

Thylacine :-

टस्मानिया के बाघ “80 वर्ष पहले लुप्त हो गये” माने जाते थे. परन्तु पिछले दिनों ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने सूचित किया है कि ऐसे बाघ दो महीने पहले वहाँ देखे गये हैं.

Bhashan char Island :

  • बांग्लादेश सरकार ने निश्चय किया है कि वहाँ आये हुए रोहिंग्या लोगों में से कम-से-कम एक लाख को अगले महीने भासन चार नामक स्थान में बसाया जाएगा.
  • विदित हो कि यह स्थल मेघना नदी के मुहाने पर स्थित है जहाँ बाढ़, भूक्षरण और चक्रवात जैसी घटनाएँ होती रहती हैं.

bhasan char island map


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