Sansar डेली करंट अफेयर्स, 22 October 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 22 October 2019


GS Paper 1 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Modern Indian history from about the middle of the eighteenth century until the present- significant events, personalities, issues.

Topic : Azad Hind Government

संदर्भ

अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आजाद हिंद सरकार के गठन की 76वीं वर्षगांठ मनाई गई. इस मौके पर नेताजी सुभाषचंद्र बोस से जुड़े हुए आजादी के संघर्षों को और उनके योगदान के बारे में जानकारी दी.

आजाद हिन्द सरकार क्या है?

  • 1943 में आजाद हिन्द सेना ने सिंगापुर पर कब्ज़ा कर लिया था और नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने उस अवसर पर आजाद हिन्द की कार्यकारी सरकार की स्थापना की घोषणा की थी.
  • इस कार्यकारी सरकार को धूरी राष्ट्रों अर्थात् जापान, जर्मनी, इटली और उनके साथियों का समर्थन प्राप्त था.
  • ज्ञातव्य है कि सुभाष चन्द्र बोस ने ब्रिटेन के शासन से मुक्त करने के लिए द्वितीय विश्वयुद्ध के अंतिम वर्षों में कार्यकारी निर्वासित सरकार के झंडे के तले संघर्ष किया था.

सरकार की बनावट

अक्टूबर 21, 1943 को कार्यकारी सरकार की घोषणा करते समय बोस ने कहा था कि उनकी मुक्ति सेना का गठन सिंगापुर के युद्ध क्षेत्र में किया गया था. विदित हो कि बोस इस कार्यकारी सरकार के प्रमुख अर्थात् प्रधानमंत्री थे. साथ ही उनके पास युद्ध और विदेश मामलों के मंत्रालय भी थे. कैप्टन लक्ष्मी उसके महिला संगठन की प्रमुख थीं जबकि एस.ए. अय्यर प्रचार-प्रसार विभाग के मुखिया थे.

क्रांतिकारी नेता रास बिहारी बोस को सर्वोच्च परमार्शदाता बनाया गया था. कार्यकारी सरकार की स्थापना जापान द्वारा हथियाए गये अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह में भी की गई थी. बाद में 1945 में ब्रिटेन ने इस द्वीप समूह को फिर से कब्जे में ले लिया था. बोस की मृत्यु के साथ आजाद हिन्द आन्दोलन समाप्त हो गया. उधर द्वितीय विश्व युद्ध भी धुरी राष्ट्रों की पराजय के साथ समाप्त हो गया.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : Indian Penal Code

संदर्भ

भारत सरकार का गृह मंत्रालय भारतीय दंड संहिता में परिवर्तन लाने पर विचार कर रहा है क्योंकि 1860 में अंग्रेजों द्वारा निर्मित यह संहिता “स्वामी एवं चाकर” की भावना पर आधारित है.

पृष्ठभूमि

पिछले दिनों इस दिशा में काम करते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और संघीय क्षेत्रों से भारतीय दंड संहित की विभिन्न धाराओं में संशोधन के सुझाव मांगे. साथ ही, विधि विशेषज्ञों की दो समितियाँ भी गठित की गई हैं.

भारतीय दण्ड संहिता क्या है?

  • भारत ( India) भारतीय दण्ड संहिता (Indian Penal Code, IPC) भारत के अन्दर भारत के किसी भी नागरिक द्वारा किये गये कुछ अपराधों की परिभाषा व दण्ड का प्रावधान करती है.
  • किन्तु यह संहिता भारत की सेना पर लागू नहीं होती. जम्मू एवं कश्मीर में भी अब भारतीय दण्ड संहिता (आईपीसी) लागू होगी भारतीय दण्ड संहिता ब्रिटिश काल में सन् 1860 में निर्मित (1862 से चालू) हुई.
  • इसके बाद इसमे समय-समय पर संशोधन होते रहे (विशेषकर भारत के स्वतन्त्र होने के बाद). पाकिस्तान और बांग्लादेश ने भी भारतीय दण्ड संहिता को ही लागू किया. लगभग इसी रूप में यह विधान तत्कालीन अन्य ब्रिटिश उपनिवेशों (बर्मा, श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापुर, ब्रुनेई आदि) में भी लागू की गयी थी.

संहिता की किन धाराओं में संशोधन अपेक्षित है?

  1. इस संहिता में देशद्रोह कानून 1898 में प्रविष्ट किया गया. इसकी समीक्षा आवश्यक प्रतीत होती है.
  2. इस संहिता में 1927 में धारा 295A जोड़ी गई थी जो ईश-निंदा से सम्बन्धित है. उदार प्रजातंत्र में ईश-निंदा एक अपराध नहीं माना जाना चाहिए. इसलिए इस पर फिर से विचार होना चाहिए.
  3. 1913 में इस संहिता में आपराधिक षड्यंत्र को एक बड़े अपराध के रूप में जोड़ा गया था. स्पष्ट है कि ऐसा इसलिए किया गया था कि उपनिवेश के स्वामीगण राजनीतिक षड्यंत्रों को दबा सकें.
  4. संहिता की धारा 149 में अवैध जुटान (unlawful assembly) की अवधारणा है और इसके अंतर्गत अनुचित रूप से कठोर दंडों का प्रावधान किया गया है.
  5. इस संहिता में “हत्या (murder)और “दंडनीय हत्या (culpable homicide)” को अलग रखा गया है. इन दोनों की जो परिभाषाएँ दी गई हैं वे अस्पष्ट हैं. भारतीय दंड संहिता के प्रबल प्रशंसक जेम्स स्टीफन ने भी संहिता के इस पहलू को इसका दुर्बलतम अंश बताया था.
  6. संहिता में वर्णित यौन अपराध पितृसत्तात्मक मान्यताओं और विक्टोरियाकालीन नैतिकता को प्रतिबिम्बित करते हैं. अतः इनमें सुधार अपेक्षित प्रतीत होता है.
  7. अप्राकृतिक यौनाचार (unnatural offences) से सम्बंधित धारा 377 में भी समीक्षा की आवश्यकता है.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : Removal of State Chief Information Commissioner

संदर्भ

कर्नाटक राज्य सूचना आयोग के नौ आयुक्तों ने मुख्य सूचना आयुक्त को हटाने की माँग राज्यपाल के समक्ष रखी. उनका आरोप है कि मुख्य सूचना आयुक्त एन.सी. श्रीनिवास अपने निर्णय एकपक्षीय ढंग से और मनमानी रीति से ले रहे हैं.

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया

  1. उपधारा (3) के उपबन्धों को अधीन रहते हुए, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या किसी राज्य सूचना आयुक्त को राज्यपाल के आदेश द्वारा साबित कदाचार या असमर्थता के आधार पर उसके से हटाया जाएगा, जब उच्चतम न्यायालय ने, राज्यपाल द्वारा उस पर किये गये किसी निर्देश पर जाँच के पश्चात् यह रिपोर्ट दी हो कि यथास्थिति राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को उस आधार पर हटा दिया जाना चाहिए.
  2. राजपाल, उस राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त को, जिसके विरुद्ध उपधारा (1) के अधीन उच्चतम न्यायालय को निर्देश किया गया है. ऐसे निर्देश पर उच्चतम न्यायालय की रिपोर्ट की प्राप्त पर राज्यपाल द्वारा आदेश पारित किये जाने तक, पद से निलम्बित कर सकेगा और यदि आवश्यक समझे तो ऐसी जाँच के दौरान कार्यालय में उपस्थिति होने से प्रतिषिद्ध भी कर सकेगा.
  3. उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी राज्यपाल, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या किसी राज्य सूचना आयुक्त को आदेश द्वारा, पद से हटा सकेगा, यदि यथास्थिति, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त या राज्य सूचना आयुक्त –
  4. दिवालिया न्यायनिर्णित किया गया है; या
  5. वह ऐसे किसी अपराध के लिए दोषसिद्ध ठहराया गया है, जिसमें राज्यपाल की राय में नैतिक अधमता अन्तर्निहित है; या
  1. वह अपनी पदावधि के दौरान अपने पद के कर्तव्यों से परे किसी वैतनिक नियोजन में लगा हुआ है; या
  2. राज्यपाल की राय में मानसिक या शारीरिक अक्षमता के कारण पद पर बने रहने के योग्य हैं, या
  3. राज्य मुख्य सूचना आयुक्त अथवा राज्य सूचना आयुक्त ने ऐसे वित्तीय अथवा अन्य हित प्राप्त कर लिए हों जिनसे वे आयुक्त के रूप में उनके कार्य प्रभावित हो सकते हैं.
  4. राज्य मुख्य सूचना आयुक्त अथवा राज्य सूचना आयुक्त उस स्थिति में हटाए जा सकते हैं यदि वे राज्य सरकार की ओर से किसी समझौते से जुड़े हों अथवा उनके हित जुड़े हुए हों अथवा वे इस समझौते से किसी प्रकार का लाभ उठाते हों अथवा किसी निगमित कम्पनी से वेतन पाते हों.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : Anthrax

संदर्भ

हाल ही में एंथ्रेक्स (Anthrax) रोग के कारण असम के पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में दो एशियाई जंगली भैसों की मौत हो गई.

Anthrax क्या है?

  • Anthrax एक प्रकार का रोग है जो मिट्टी में रहने वाले Bacillus anthracis नामक कीटाणु के कारण होता है. यह रोग लोगों से अधिक पशुओं को लगता है, जैसे – मवेशी, भेड़ें और बकरियाँ. लोगों में एंथ्रेक्स तब होता है जब वे पशुओं, ऊन, मांस या चमड़ों के सम्पर्क में आते हैं.
  • एंथ्रेक्स एक पशु अथवा व्यक्ति से दूसरे पशु अथवा व्यक्ति को प्रत्यक्ष रूप से संक्रमित नहीं होता है, अपितु यह बीजाणुओं से फैलता है. ये बीजाणु पहनावों और जूतों के माध्यम से इधर-उधर फैलते हैं.
  • एंथ्रेक्स कभी-कभी प्रयोगशालाओं में दुर्घटनावश भी मनुष्य में संक्रमित हो सकता है.

उपचार

  • एंथ्रेक्स रोग को ठीक करने के लिए जो उपाय सबसे अधिक चलता है, उसमें एक प्रकार का एंटी-बायटिक 60 दिनों तक रोगी को दिया जाता है. यदि उपचार शीघ्र से शीघ्र आरम्भ हो जाता है तो यह सबसे कारगर होता है.
  • समय अधिक हो जाने पर शरीर में बैक्टीरिया इतनी अधिक मात्रा में उत्पन्न हो जाता है कि दवाइयों से उन्हें समाप्त करना कठिन हो जाता है.

जैव आतंकवाद (Bioterrorism) में एंथ्रेक्स का प्रयोग

एंथ्रेक्स का जैव-युद्ध में भी प्रयोग होता है. आतंकवादी भी जान-बूझकर लोगों को संक्रमित करने के लिए एंथ्रेक्स का प्रयोग करते हैं. एक बार अमेरिका में एक लिफ़ाफ़े में डालकर एंथ्रेक्स फैलाया गया था जिससे न केवल 22 लोग बीमार पड़ गये, अपितु 5 लोगों की मृत्यु भी हो गई.


GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Economics of animal rearing.

Topic : National milk sample safety quality survey

संदर्भ

हाल में खाद्य नियामक भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई ) ने देशभर में सर्वेक्षण किया और यह पाया गया कि कई प्रमुख ब्रांड के पैकेज्ड दूध (प्रोसेस्ड मिल्क) और कच्चे दूध के नमूने निर्धारित गुणवत्ता और तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं.

  • 7% नमूने ऐसे भी मिले, जिनमें सामने आया है कि पैकेट बंद दूध की प्रोसेसिंग के दौरान सुरक्षा मानक नहीं अपनाए गए.
  • एफएसएसएआई ने 2018 में मई से अक्टूबर तक 1,103 शहरों से 6,432 नमूने लिए थे. इनमें से 5% पैकेटबंद और बाकी खुला दूध था.

सर्वेक्षण के मुख्य तथ्य

  • सर्वेक्षण के अनुसार, गुणवत्ता मानकों पर प्रोसेस्ड दूध के 2,607 नमूनों में से 7 फीसदी फेल हो गए. प्रोसेस्ड दूध के 2607 नमूनों में से 37.7 फीसदी नमूनों में फैट, एसएनएफ, माल्टोडेक्सट्रिन और शुगर की मात्रा तय सीमा से अधिक मिली.
  • प्रोसेस्ड मिल्क के 10.4 फीसदी नमूने सुरक्षा मानकों पर फेल रहे, जो कच्चे दूध (4.8 फीसदी) की तुलना में काफी अधिक हैं.
  • इनमें एफ्लाटॉक्सिन- एम 1, एंटीबायोटिक व कीटनाशक जैसे जहरीले पदार्थ मिले हैं. प्रोसेस्ड दूध में एफ्लाटॉक्सिन अधिक है.
  • एफ्लाटॉक्सिन का पशु आहार में प्रयोग होता रहा है. तामिलनाडु, दिल्ली, केरल, पंजाब, यूपी, महाराष्ट्र और उड़ीसा से लिए गये नमूने में एफ्लाटॉक्सिन मिला है.
  • मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र, यूपी, आंध्रप्रदेश और गुजरात के नमूनों में एंटीबायोटिक अधिक मिले हैं.
  • 7% नमूने ऐसे भी मिले, जिनमें सामने आया है कि पैकेट बंद दूध की प्रोसेसिंग के दौरान सुरक्षा मानक नहीं अपनाए गए.

आगे की राह

आम आदमी मानता है कि दूध में अधिक मिलावट होती है. हालांकि, अध्ययन दिखाता है कि दूध मिलावटी होने के बजाय दूषित ज्यादा है. बड़े ब्रांडों का पैकेट बंद दूध भी दूषित है. इसलिए अब इसे रोकना जरूरी हो गया है. एफ्लाटॉक्सिन एम1, एंटीबायोटिक्स और कीटनाशक जैसे पदार्थ पैकेटबंद दूध में अधिक मिले हैं. यह संगठित गव्य क्षेत्र के लिए खतरे की घंटी है. गव्य उद्योग हमारे अध्ययन को चुनौती दे सकता है, लेकिन उन्हें सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करना ही होगा. दूध में एफ्लाटॉक्सिन एम1 चारे के जरिये आता है. देश में अभी इसका क्षेत्र नियमित नहीं है. इसलिए राज्य सरकारां को किसानों को जागरूक करना चाहिए.


Prelims Vishesh

Community policing scheme ‘Prahari’ :-

  • दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने कानून और व्यवस्था को बनाए रखने और अपराध रोकने और बनाए रखने के लिए सामुदायिक पुलिस की योजना ‘प्रहरी’ की शुरूआत की थी.
  • अपराध की रोकथाम के लिए ‘प्रहरी’ एक ऐसी पहल है जिसमें चौकीदार और सुरक्षा गार्ड्स जैसे कर्मियों को शामिल किया जाता है ‘प्रहरी’ पुलिस की आंख और कान के रूप में कार्य करेगा.
  • इससे पुलिस को अपराध को टालने, अपराधियों को पकड़ने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी ‘प्रहरियों’ का सहयोग पुलिस को बड़े पैमाने पर जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मदद करेगा.

What is Merchant Discount Rate? :-

  • Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो दुकानदार डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने पर आपसे लेता है. दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) डेबिट या क्रेडिट कार्ड से भुगतान की सुविधा पर लगने वाला शुल्क है.
  • Merchant Discount Rate से प्राप्त राशि दुकानदार को नहीं मिलती है. कार्ड से होने वाले प्रत्येक भुगतान की एक खाश राशि को दुकानदार MDR के रूप में चुकानी पड़ती है.
  • अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें > Merchant Discount Rate in Hindi

Danx- 19 :-

  • अंडमान और निकोबार कमान (एएनसी) ने 14 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2019 तक अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह रक्षा अभ्यास 2019 (डीएएनएक्स-19) के दूसरे संस्करण का संचालन किया.
  • पाँच दिनों तक चले व्यापक स्तर के इस संयुक्त सेवा अभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना और तटरक्षक बल ने भाग लिया. अभ्यास के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की क्षेत्रीय अखंडता को सुनिश्चित करने के लिए कमांड की जिम्मेदारी के पालन हेतु एएनसी मुख्यालय की रक्षात्मक योजनाओं को मान्यता देने के लिए लामबंदी और क्षेत्र युद्धाभ्यास किया गया.

World’s first female spacewalking team makes history :-

  • दुनिया की पहली महिला स्पेसवॉकिंग टीम ने 18 अक्टूबर को पृथ्वी से ऊपर का इतिहास बनाया, जो पावर नेटवर्क के टूटे हुए हिस्से को ठीक करने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से बाहर निकलता है.
  • जैसा कि नासा के अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच और जेसिका मीर एक-एक करके उभरे, इसने पहली बार स्पेसवॉकिंग के अर्धशतक के रूप में चिह्नित किया कि एक महिला एक पुरुष क्रूमेट के बिना तैरती थी.

Shirui lily festival :-

  • पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर 16-19 अक्टूबर से तृतीय राज्य स्तरीय शिरुई लिली महोत्सव, 2019 की मेजबानी कर रहा है.
  • इस चार दिवसीय महोत्सव में नृत्य, भोजन, संगीत और पारंपरिक खेल का आयोजन किया गया.
  • विदित हो कि शिरुई लिली मणिपुर का राजकीय पुष्प है.

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