Sansar डेली करंट अफेयर्स, 22 October 2018

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Sansar Daily Current Affairs, 22 October 2018


GS Paper 1 Source: The Hindu

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Topic : Third Pole

संदर्भ

वैज्ञानिकों ने हाल में यह चिंता जताई है कि तीसरे ध्रुवीय क्षेत्र में अवस्थित हिमानियाँ तेजी से पिघल रही हैं. क्योंकि तृतीय ध्रुव एक सघन जनसंख्या वाले क्षेत्र में है, इसलिए यहाँ की हिमानियों के पिघलने से जन-जीवन अत्यंत ही विकट रूप से दुष्प्रभावित हो जाएगा.

तृतीय ध्रुव क्या है?

हिन्दूकुश-हिमालय का क्षेत्र तृतीय ध्रुव कहलाता है क्योंकि इस क्षेत्र में ध्रुवीय क्षेत्रों को छोड़कर सर्वाधिक बर्फ के भंडार हैं. यह क्षेत्र 4.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और इसके अंदर जो देश आते हैं, वे हैं – अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, म्यांमार, नेपाल और पाकिस्तान. इसी क्षेत्र में विश्व के 14 सर्वोच्च पर्वत शिखर स्थिर हैं जो सभी 8,000 मीटर से ऊपर ऊँचाई वाले हैं. तृतीय ध्रुव (third pole) से दस बड़ी-बड़ी नदियाँ निकलती हैं. इस प्रकार यह क्षेत्र वैश्विक पर्यावरण का महान रक्षक भी है.

तृतीय ध्रुव का सामाजिक-आर्थिक महत्त्व

तृतीय ध्रुव के क्षेत्र में अतिशय सामाजिक-आर्थिक एवं सांस्कृतिक विविधता देखी जाति है. यहाँ कई अलग-अलग मानवीय प्रजातियाँ रहती हैं जो 600 भाषाएँ और अनेकानेक बोलियाँ बोलती हैं. यहाँ समृद्ध प्राकृतिक संसाधन हैं और विश्व के चार बड़े जैव-विविधता क्षेत्र पूर्णतः या अंशतः इसी भूभाग में स्थित हैं. पहाड़ों से उपलब्ध होने वाले संसाधन एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र की रचना करते हैं और इस क्षेत्र में रहने वाले 210 मिलियन लोगों की आजीविका के प्रत्यक्ष आधार हैं. साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से 1.3 बिलियन लोगों की (विश्व का 20%) आजीविका भी इन संसाधनों से जुड़ी हुई हैं. 3 बिलियन से अधिक लोग तृतीय ध्रुव की नदी-घाटियों उपन्न होने वाले भोजन एवं ऊर्जा का लाभ उठाते हैं.

तृतीय और जलवायु परिवर्तन

  • तृतीय ध्रुव के क्षेत्र में वैश्विक ताप-वृद्धि की गति वैश्विक औसत से बहुत अधिक है.
  • वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दक्षिण-एशियाई क्षेत्र में वैश्विक-ताप इस शताब्दी के अंत तक कम से कम 1°C बढ़ जाएगा और कुछ स्थानों पर तो 3.5-4°C तक की वृद्धि हो सकती है.
  • जलवायु परिवर्तन की इस स्थिति तथा उसके दुष्परिणामों के सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता का अभाव है, अतः लोगों में इस विषय में जाग्रति फैलाने की आवश्यकता है.
2009 में तृतीय ध्रुव वातावरण / Third Pole Environment (TPE) नामक एक अंतर्राष्ट्रीय शोध कार्यक्रम का अनावरण किया गया था जो मुख्य रूप से तिब्बती पठार और आस-पास की पर्वत श्रेणियों पर केन्द्रित है.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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Topic : Special courts for trial of benami transaction cases

संदर्भ

केन्द्रीय सरकार ने एक अधिसूचना निर्गत की है जिसके अनुसार देश के 34 राज्यों और केंद्र शाषित क्षेत्रों के सत्र न्यायालय बेनामी लेनदेन कानून के तहत अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय के रूप में कार्य करेंगे.

मुख्य तथ्य

  • सत्र न्यायालयों की अधिसूचना निर्गत करने के पहले सरकार ने सम्बन्धित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से परामर्श कर लिया था, जैसा कि बेनामी सम्पत्ति लेन-देन रोकथाम अधिनियम, 1988 में प्रावधान किया गया है.
  • जहाँ तक दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की बात है, इसके सभी जिलों के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के न्यायालयों को विशेष न्यायालय घोषित किया गया है.

बेनामी लेन-देन (रोकथाम) संशोधन अधिनियम

काले धन के संकट पर लगाम लगाने के लिए अगस्त, 2016 में भारतीय संसद ने बेनामी लेन-देन (रोकथाम) संशोधन अधिनियम (Benami Transactions (Prohibition) Amendment Act) पारित किया था जिसके माध्यम से 1988 के मूल अधिनियम में  निम्नलिखित संशोधन किये गये थे –

  • संशोधन अधिनियम में अवैध लेन-देन के दोषी व्यक्ति को 7 वर्ष के कारावास एवं अर्थ दंड देने की व्यवस्था है.
  • इसमें बेनामी लेन-देन को फिर से परिभाषित किया गया है.
  • संशोधन अधिनियम में बेनामी लेन-देन के मामलों की सुनवाई के लिए सक्षम अधिकारियों का वर्णन किया गया है तथा साथ ही एक अपीलीय पंचाट की व्यवस्था की गई है.
  • इसमें बेनामी सम्पत्ति को बेनामीदार से वास्तविक स्वामी द्वारा वापस लेने का निषेध किया गया है.
  • संशोधन के अनुसार जो संपत्ति बेनामी पाई जायेगी उसको सरकार बिना मुआवजे के जब्त कर सकती है.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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Topic : Fusion Energy Conference (FEC 2018)

संदर्भ

हाल ही में गुजरात के गाँधीनगर में फ्यूज़न एनर्जी कांफ्रेंस (Fusion Energy Conference – FEC 2018) की 27वीं बैठक सम्पन्न हुई. यह बैठक अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency – IAEA) द्वारा आयोजित की गई और इसकी मेजबानी परमाणु ऊर्जा विभाग एवं गांधीनगर-स्थित प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान (Institute of Plasma Research – IPR) ने की.

फ्यूज़न एनर्जी कांफ्रेंस

  • फ्यूज़न एनर्जी कांफ्रेंस (FEC) एक ऐसा मंच है जिसमें ऊर्जा के एक स्रोत के रूप में आणविक सम्मिश्रण के उपयोग से सम्बंधित नई-नई अवधाराणाओं के साथ-साथ उनसे जुड़े मुख्य भौतिकशास्त्रीय एवं तकनीकी विषयों पर चर्चा होती है.
  • इसमें 40 से अधिक देश एवं अनेक अनुसंधान संस्थान प्रतिभागिता करते हैं तथा साथ ही ITER एवं European Atomic Energy Community (Euratom) जैसे सुप्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय संगठन भी शामिल होते हैं.

IAEA क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency – IAEA) आणविक विषयों के लिए विश्व की सबसे प्रधान एजेंसी है. इसकी स्थापना 1957 में संयुक्त राष्ट्र के एक अवयव के रूप में परमाणु के शान्तिपूर्ण प्रयोग पर बल देने के लिए की गई थी.
  • इसका उद्देश्य है परमाणु तकनीकों के सुरक्षित, निरापद (secure) एवं शान्तिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना है.
  • यह एजेंसी परमाणु के सैनिक उपयोग पर रोक लगाती है.
  • IAEA संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा सुरक्षा परिषद् के प्रति उत्तरदायी होती है.
  • इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के वियेना शहर में है.

प्रशासी बोर्ड का स्वरूप

  • इसमें महासभा द्वारा निर्वाचित 22 सदस्य देश होते हैं जो विश्व के विभिन्न भौगोलिक भागों का प्रतिनिधित्व करते हैं. उनका निर्वाचन 2 साल के लिए होता है.
  • नए बोर्ड में ऐसे 10 सदस्य देश होते हैं जो पिछले बोर्ड द्वारा नामित किये जाते हैं.
  • प्रत्येक सदस्य को एक वोट मिलता है.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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Topic : Green Climate Fund

संदर्भ

हाल ही में बहरैन में आयोजित एक बैठक में हरित जलवायु कोष ने (Green Climate Fund – GCF) नए निवेशों के लिए एक बिलियन डॉलर की मंजूरी दी है. बैठक में 19 नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई जिनमें से एक कार्यक्रम बहरैन में मीठे जल के स्रोतों को सुरक्षित करने से सम्बंधित है.

हरित जलवायु कोष (GCF) क्या है?

हरित जलवायु कोष की स्थापना 2010 में विकसित देशों से धन लेकर विकासशील देशों को मुहैया करवाने के विषय में UNFCCC (United Nations Framework Convention on Climate Change) के द्वारा विकसित वित्तीय प्रणाली के तहत जलवायु परविर्तन से सम्बंधित संकट को कम करने के लिए की गई थी. यह 2015 में हस्ताक्षरित पेरिस जलवायु समझौते का एक प्रमुख अंग था.

GCF के कार्य

  • GCF का मुख्य कार्य विकासशील देशों में जलवायु परिवर्तन से सम्बंधित परियोजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों एवं अन्य गतिविधियों के लिए कोष की व्यवस्था करना है.
  • इसका लक्ष्य है 2020 तक जलवायु के लिए 100 बिलियन डॉलर की राशि जमा करना.
  • यह कोष ऐसे विकास को बढ़ावा देता है जिसमें उत्सर्जन कम हो और जिसमें जलवायु परिवर्तन को झेलने की क्षमता हो और इसके लिए यह विकासशील देशों को ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को रोकने अथवा घटाने में सहायता देता है.
  • यह कोष उन विकासशील देशों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखता है जहाँ जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव होने की सम्भावना कम अधिक रहती है.

कोष का प्रशासी बोर्ड

इस कोष का प्रशासन एवं पर्यवेक्षण एक बोर्ड द्वारा किया जाता है जो कोष मुहैया करने से सम्बंधित निर्णयों के लिए उत्तरदायी होता है.


GS Paper 3 Source: The Hindu

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Topic : Acinetobacter Junii

संदर्भ

दिल्ली विश्वविद्यालय एवं IIT-BHU के अनुसंधानकर्ताओं ने एक तेलशोधक संयंत्र के पास की मिट्टी और अवशिष्ट पदार्थ में से एक बैक्टीरिया की खोज की है जो टोल्यूनि (toluene) को अवशोषित कर उसे एक कम विषाक्त पदार्थ में परिवर्तित कर देता है. इस बैक्टीरिया का नाम Acinetobacter Junii है.

पृष्ठभूमि

Toluene एक पेट्रो-रासायनिक अवशिष्ट है जो कुछ औद्योगिक कारखानों से बिना उपचारित हुए बाहर निकलकर फ़ैल जाता है, जैसे – तेलशोधक संयंत्र तथा रंग, कपड़े, कागज़ और रबर के कारखाने आदि. वैज्ञानिकों के अनुसार टोल्यूनि जलजीवों के लिए खतरा है. साथ ही मनुष्यों के लिए यह जेनो-टॉक्सिक और कैंसरकारक होता है.

Acinetobacter Junii

  • यह बैक्टीरिया मिट्टी के नमूनों से अलग किया गया है और इसकी toluene को नष्ट करने की क्षमता पर अध्ययन किया गया है.
  • यह बैक्टीरिया toluene की बनावट को बदलकर उसकी विषाक्तता को समाप्त कर देता है. यह बैक्टीरिया toluene को अपने कार्बन आवश्यकता के लिए ऑक्सीजन की उपस्थिति में अवशोषित कर लेता है.

Prelims Vishesh

Shakti Bhatt First Book Prize :-

  • भारतीय मूल की अमेरिकी लेखिका सुजाता गिडला ने अपनी पहली पुस्तक “Ants Among Elephants: An Untouchable Family and the Making of Modern India” के लिए 2018 शक्ति भट्ट फर्स्ट बुक पुरस्कार जीता है.
  • यह पुरस्कार भारतीय उपमहाद्वीप के उन लेखकों को दिया जाता है जिन्होंने पहली बार कोई रचना लिखी हो.
  • पुरस्कार की राशि 2 लाख रु. है.

India’s longest river bridge :-

  • असम के ब्रह्मपुत्र नदी पर 19.3 किलोमीटर की कुल लंबाई वाला भारत का सबसे लंबा नदी पुल बनाया जाएगा.
  • यह पुल असम के धुबरी को मेघालय के फुलबरानी से जोड़ देगा. यह पुल इन दो स्थानों के बीच की दूरी को 203 किमी तक कम कर देगा.
  • वर्तमान में, भारत का सबसे बड़ा नदी पुल ढोला-सदिया पुल है, इसकी लंबाई 9.15 किलोमीटर है. यह पुल असम में ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी लोहित नदी पर बना है.
  • इस पुल की मदद से असम और मेघालय NH127 B राजमार्ग से जुड़ जाएँगे.

Cope India air exercise :-

  • अमेरिका और भारत ने द्विपक्षीय हवाई अभ्यास “कोप इंडिया” में जापान को सम्मिलित करने के लिए हामी भर दी है.
  • अब Cope India Air अभ्यास त्रिपक्षीय हो जायेगा.
  • Cope India air exercise के अगले संस्करण का आयोजन दिसम्बर, 2018 में होने वाला है.
  • यह एक अंतर्राष्ट्रीय वायु सेना अभ्यास है जो भारतीय वायु सेना एवं अमेरिका वायुसेना भाग लेती हैं. हर बार इसका आयोजन भारत में ही सम्पन्न किया जाता है.
  • इस युद्ध का पहला अभ्यास ग्वालियर में फरवरी, 2004 में आयोजित हुआ था.

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