Sansar डेली करंट अफेयर्स, 22 February 2020

Sansar LochanSansar DCA2 Comments

Sansar Daily Current Affairs, 22 February 2020


GS Paper 1 Source: Indian Express

indian_express

UPSC Syllabus : Important Geophysical phenomena such as earthquakes, Tsunami, Volcanic activity, cyclone etc., geographical features and their location- changes in critical geographical features (including water-bodies and ice-caps) and in flora and fauna and the effects of such changes.

Topic : Why we have leap years?

संदर्भ

2020 ई. एक अधिवर्ष (leap year) है अर्थात् इस वर्ष में फ़रवरी 28 के स्थान पर 29 दिनों की होगी और इस वर्ष में कुल मिलाकर 365 के स्थान पर 366 दिन होंगे.

लीप वर्ष क्यों होता है?

  • सूर्य की परिक्रमा पूरी करने में पृथ्वी को 365.242 दिन लगते हैं. किन्तु वर्ष सामान्यतया 365 दिन के ही होते हैं.
  • इस प्रकार 0.242 दिन अधिकाई हो जाते हैं. चार वर्ष में बढ़ते-बढ़ते यह अधिकाई समय चार वर्षों में पूरे एक दिन के बराबर हो जाता है. इसलिए पंचांग में प्रत्येक चार वर्ष पर एक अधिक दिन जोड़ दिया जाता है.

अपवाद

ग्रेग्रोयिन पंचांग में भी प्रत्येक चौथा वर्ष लीप इयर होता है, परन्तु जिस वर्ष का अंत 00 से होता है उसको अधिवर्ष नहीं माना जाता है. उदाहरण के लिए वर्ष 2100 इस पंचांग के अनुसार लीप इयर नहीं होता है. इस पंचांग में एक शताब्दी के कुछ वर्षों को लीप इयर माना जाता है. ये वे वर्ष होते हैं जो 400 से पूर्णतः विभाज्य होते हैं. 2000 ई. भी एक ऐसा ही लीप इयर था यद्यपि इसके अंत में दो शून्य (00) थे.


GS Paper 2 Source: PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : Biodiversity management committees (BMC)

संदर्भ

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority – NBA) राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (National Green Tribunal) को यह निवेदन करने जा रहा है कि उसने जनवरी 2020 तक 243,499 जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ (biodiversity management committees – BMC) तथा 95,525 जन जैव विविधता पंजियाँ (people’s biodiversity registers – PBR) बना ली हैं.

पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण एक ऐसे वाद में सुनवाई कर रहा है जो जैव विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act 2002) के पूर्ण कार्यान्वयन के विषय में है.

जैव विविधता प्रबंधन समिति क्या है?

जैव विविधता अधिनियम, 2002 के अनुसार, पूरे देश में स्थानीय निकायों को जैव विविधता प्रबंधन समितियाँ गठित करनी हैं. इन समितियों का उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण एवं सतत उपयोग को बढ़ावा देना तथा उसका अभिलेखीकरण करना है.

समिति की बनावट

  • समिति में एक अध्यक्ष के साथ-साथ अधिकतम छह ऐसे व्यक्ति होंगे जिन्हें स्थानीय निकाय नामित करेगा. इन छह व्यक्तियों में कम से कम एक तिहाई स्त्रियाँ होनी चाहिएँ और कम से कम 18% अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के होने चाहिएँ.
  • इस समिति के अध्यक्ष को समिति के सदस्यों में से एक बैठक द्वारा चुना जाएगा. इस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय निकाय का अध्यक्ष करेगा.
  • चुनाव में यदि दो व्यक्तियों को एक ही बराबर मत मिलते हैं तो स्थानीय निकाय का मत निर्णायक होगा.

BMC के कार्य

BMC का प्रमुख कार्य स्थानीय लोगों के परामर्श से जन जैव विविधता पंजी (People’s Biodiversity Register) तैयारी करना है. इस पंजी में स्थानीय जैव विविधता संसाधनों की उपलब्धता और जानकारी के साथ-साथ उनके औषधीय अथवा अन्य उपयोग के बारे में व्यापक सूचना अंकित होगी.


GS Paper 2 Source: PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Hunar Haat

संदर्भ

पिछले दिनों नई दिल्ली में हुनर हाट का आयोजन हुआ.

हुनर हाट क्या हैं?

  • “हुनर हाट” राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कारीगरों, मिस्त्रियों और पाक-विशेषज्ञों के लिए रोजगार का अवसर प्रदान वाला मंच हैं.
  • इन हाटों का आयोजन अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा उस्ताद (USTTAD) योजना के तहत किया जाता है.
  • USTTAD का पूरा नाम Upgrading the Skills & Training in Traditional Arts/Crafts for Development है.
  • उस्ताद योजना अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की एक मूर्धन्य योजना है जिसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदायों की पारम्परिक कलाओं और शिल्पों की समृद्ध विरासत को संरक्षित करना एवं उन्हें प्रोत्साहित करना है.

हुनर हाटों का माहात्म्य

  • हुनर हाट अल्पसंख्यक समुदायों के लिए आजीविका का सृजन करते हैं और उन्हें अपनी आय को बढ़ाने का अवसर प्रदान करते हैं.
  • ये अल्पसंख्यकों को एक मंच प्रदान करते हैं जहाँ वे अपनी कला, शिल्प और पाक कला का प्रदर्शन कर सकते हैं. उन्हें यहाँ अपने उत्पादों के लिए बाजार मिलता है.
  • हुनर हाटों के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदाय के कारीगरों और बुनकरों को अपनी पैत्रिक पारम्परिक कला, शिल्प को आगे ले जाने में सहायता मिलती है.

राज्यों में संचालित समतुल्य कार्यक्रम

  1. भावांतर भुगतान योजना – म.प्र.
  2. रायतु बंधु योजना – तेलंगाना.
  3. आजीविका एवं आय वृद्धि के लिए कृषक सहायता (Krushak Assistance for Livelihood and Income augmentation – KALIA) – ओडिशा.

GS Paper 3 Source: PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Issues related to direct and indirect farm subsidies and minimum support prices; Public Distribution System objectives, functioning, limitations, revamping; issues of buffer stocks and food security; Technology missions.

Topic : PM KISAN

संदर्भ

पीएम-किसान सम्मान निधि योजना ने फ़रवरी 24, 2020 को एक वर्ष पूरा कर लिया.

पीएम-किसान योजना

  • इस योजना के तहत दो हेक्‍टेयर त‍कके मिश्रित जोतों/स्‍वामित्‍व वाले पात्र छोटे और मध्यम किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी.
  • यह धनराशि प्रति 2000 रुपये की तीन किस्‍तों में प्रदान की जाएगी.
  • परन्तु 1 जून, 2019 से इस योजना का बढ़ाकर देश के सभी किसान परिवारों को इसके अन्दर ले लिया गया है, चाहे उनकी जमीन का आकार कुछ भी हो.

छोटे और सीमान्त किसान परिवार कौन कहलायेंगे?

  • योजना के अंतर्गत छोटे और सीमान्त भूमिधारक परिवार उस परिवार को कहेंगे जिसमें एक पति, एक पत्नी और 18 वर्ष की उम्र तक वाले बच्चे होंगे और जिनके पास कुल मिलाकर 2 हेक्टेयर तक की कृषि योग्य भूमि होगी.
  • लाभार्थियों के चयन की पूरी जिमेवारी राज्य/संघीय क्षेत्र सरकारों की होगी.

इस योजना के दायरे से निम्नलिखित व्यक्तियों को बाहर रखा गया है –

  • गत मूल्यांकन वर्ष में आयकर देने वाले, डॉक्टर, इंजिनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर एवं 10,000 रु. प्रति माह एवं इससे अधिक पेंशन पाने वाले (अपवाद – MTS/चतुर्थ वर्ग/समूह “घ” कर्मी)

पीएम-किसान योजना के लाभ

  • योजना के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की प्रक्रिया मानवीय हस्‍तक्षेप के बिना लाभार्थियों के बैंक खातों में पारदर्शी रूप से बिना किसी देर के डिजिटली प्रमाणिक भुगतान सुनिश्चित करती है.
  • भारत सरकार की योजनाओं के लिए समस्‍त भुगतान डीबीटी के जरिये किये जा रहे हैं.
  • पीएम-किसान योजना के अंतर्गत पब्लिक फाइनेंशियल मैंनेजमेंट सिस्टम (PFMS) द्वारा इतने कम अर्से में लाभार्थियों की विशाल संख्‍या के खातों में धनराशि के इलेक्‍ट्रॉनिक अंतरण का सफल परिचालन, पीएफएमएस की ऐतिहासिक उपलब्घि है, जिसने भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को और ज्‍यादा मजबूती प्रदान की है.

राज्यों द्वारा संचालित समान कार्यक्रम

  • मध्य प्रदेश में भावान्तर भुगतान योजना चल रही है जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार मूल्य के अंतर की राशि किसानों को दी जाती है.
  • तेलंगाना में रायतु बन्धु योजना लागू है जिसमें राज्य के सभी किसानों को खेती की हर ऋतु में 4,000 प्रति एकड़ का भुगतान किया जाता है.
  • कालिया एक ऐतिहासिक पहल है जो ओडिशा राज्य में कृषि गत समृद्धि बढ़ाने और निर्धनता घटाने में बहुत सहायता पहुँचाएगी. इसका दायरा बहुत बड़ा है और इसके द्वारा किये गये आर्थिक निवेश से उन किसानों और मजदूरों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ होगा जिन्हें पैसे की आवश्यकता रहती है. ये पैसे उन्हें प्रत्यक्ष लाभ स्थानान्तरण (Direct Benefit Transfer – DBT) दिए जाएँगे. इस योजना में यह प्रावधान भी है कि जिसके अनुसार राज्य के दस लाख भूमिहीन परिवारों को 12,500 रु. प्रति-इकाई लागत पर इन गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता दी जायेगी – बकरी पालन, बतख पालन, मत्स्य पालन, कुकुरमुत्ता उत्पादन और मधुमक्खी पालन.

GS Paper 3 Source: Indian Express

indian_express

UPSC Syllabus : Conservation related issues.

Topic : Jalyukta Shivar

संदर्भ

महाराष्ट्र सरकार ने जल संरक्षण से सम्बंधित अपनी मूर्धन्य परियोजना – जलयुक्त शिवर – को बंद कर दिया है.

जलयुक्त शिवर का कार्यान्वयन

  • इस योजना का लक्ष्य सूखा प्रवण क्षेत्रों में जल संरक्षण के उपाय कर उनको जल के विषय में आत्म-निर्भर बनाना था.
  • मानसून के महीनों में और अन्य महीनों में भी वर्षा जल बह कर नष्ट हो जाता है. इस योजना में ऐसे जल को अधिकतर रोक के रखने का प्रस्ताव था. यह काम उन गाँवों में होना था जहाँ एक वर्ष में तुलनात्मक दृष्टि से कम वृष्टिपात होता है.
  • इस योजना के अंतर्गत गाँवों में दूर-दूर पर जलाशय बनाए गये जिससे कि भूजल की मात्रा बढ़ सके.
  • इस योजना के अन्दर तालाबों और अन्य जल-स्रोतों के जल भंडारण की क्षमता को सुदृढ़ किया जाना था और उनका कायाकल्प किया जाना था.
  • योजना का लक्ष्य पाने के लिए कई समितियाँ बनाई गई थीं जो तालाब, सीमेंट के नालों आदि जैसे जलाशयों के निर्माण में सहायता करती थीं और साथ ही गाँवों के पहले से वर्तमान तालाबों का कायाकल्प भी करती थीं.

योजना क्यों लाई गई?

महाराष्ट्र के क्षेत्रफल के 82% क्षेत्र में वर्षा ठीक-ठाक होती है जबकि 52% क्षेत्र सूखा प्रवण हैं. जब कभी भी बरसात कम होती है अथवा मानसून के समय लम्बा सूखा चलता है तो खेती का काम विकट रूप से बाधित हो जाता है.

योजना के दीर्घकालिक उद्देश्य क्या थे?

  • महाराष्ट्र जैसे कृषि पर निर्भर राज्य की ग्रामीण अर्थव्यस्था को सुदृढ़ता प्रदान करना.
  • पानी और सिंचाई की मूलभूत समस्या का समाधान करते हुए किसानों की आय को बढ़ाना.
  • जिन गाँवों में प्राकृतिक रूप से जल की आपूर्ति सीमित होती है वहाँ जलाभाव को कम करना.
  • जोखिम प्रबंधन में सुधार लाकर गाँवों को सूखे से लड़ने में समर्थ बनाना और कुशल प्रबंधन के माध्यम से जल की उपलब्धता में सुधार लाना.

योजना अल्पकालिक उद्देश्य क्या थे?

  • बह कर नष्ट होने वाले पानी की मात्रा को घटाना और उसकी दिशा बदलकर उसे किसी न किसी जल भण्डार तक पहुँचाना.
  • जल भंडारण की क्षमता बढ़ाना.
  • भूजल का स्तर बढ़ाने के लिए कार्य करना.
  • मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हुए कृषि उत्पादकता में सुधार लाना.

Prelims Vishesh

India to host AFC Women’s Asian Cup in 2022 :-

  • 2022 का एशियाई फुटबॉल संघ (AFC) महिला एशिया कप भारत में होगा.
  • इस आशय की घोषणा संघ की महिला समिति ने क्वालालम्पुर में पिछले दिनों की.
  • ज्ञातव्य है कि महिला एशिया कप का आयोजन प्रत्येक चौथे वर्ष होता है जिसमें एशियाई फुटबॉल संघ से जुड़ी राष्ट्रीय टीमें सम्मिलित होती हैं.
  • इसको जीतने वाली टीम फीफा महिला विश्व कप के लिए अर्हता अर्जित कर लेती हैं.

Lockheed Martin helicopters :-

  • कैबिनेट सुरक्षा समिति ने लॉकहीड मार्टिन नामक अमेरिकी कम्पनी से 24 हेलिकॉप्टर खरीद कर भारतीय नौसेना को देने के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखला दी है.
  • विदित हो कि ये हेलिकॉप्टर बहुत सारे कार्य एक बार करने में सक्षम होते हैं तथा इनमें हेलफायर मिसाइलें और टारपीडो लगे होते हैं.
  • इन हेलेकोप्टरों से भारतीय नौसेना को हिन्द महासागर में पनडुब्बियों का पता लगाने में सुविधा होगी.
  • विदित हो कि हिन्द महासागर में चीन अपनी उपस्थिति बढ़ा रहा है.

Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

January, 2020 Sansar DCA is available Now, Click to Download

Books to buy

2 Comments on “Sansar डेली करंट अफेयर्स, 22 February 2020”

Leave a Reply

Your email address will not be published.