Sansar डेली करंट अफेयर्स, 21 August 2020

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Sansar Daily Current Affairs, 21 August 2020


GS Paper 1 Source : The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Geological formation, physiographic divisions, climate, vegetation, soil, biodiversity etc.

Topic : Mount Sinabung

संदर्भ

हाल ही में इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में माउंट सिनाबंग (Mount Sinabung) ज्वालामुखी में भयंकर विस्फोट हुआ है. इससे लगातार गर्म राख और धुआँ निकलने का सिलसिला जारी है.

Mount Soputan, Pacific ring of fire map

माउंट सिनाबंग ज्वालामुखी

  • सिनाबंग पर्वत कारो जिले में उत्तरी सुमात्रा प्रांत में स्थित है. इसकी ऊंचाई 2,475 मीटर है.
  • सिनाबंग पर्वत ज्वालामुखी, इंडोनेशिया में 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है, जो प्रशांत महासागरीय क्षेत्र के रिंग ऑफ फायरमें आता है. इसीलिए यह अपनी अवस्थिति के कारण भूकंपीय उथल- पुथल के लिए प्रवण है.
  • इसमें वर्ष 2014 में भी ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था, जिसमें लगभग 16 लोग मारे गए थे और हजारों बेघर हो गये थे और अर्थव्यवस्था चरमरा गई.
  • इससे पूर्व मई, 2020 में इंडोनेशिया के ही माउंट अगुंग ज्वालामुखी के सक्रिय होने से उत्पन्न राख के कारण एक दर्जन से अधिक उड़ानों को रद्द कर दिया गया था .

अग्नि मुद्रिका (Ring of Fire) क्या है?

अग्नि मुद्रिका प्रशांत महासागर में एक क्षेत्र है जहाँ 450 ज्वालामुखी पर्वत हैं. विश्व के सर्वाधिक सक्रिय ज्वालामुखी पर्वतों में से ये तीन इसी क्षेत्र से हैं –

  1. माउंट सेंट. हेलेंस (अमेरिका)
  2. माउंट फूजी (जापान)
  3. माउंट पिनाटुबो (फिलीपींस)

अग्निमुद्रिका को कभी-कभी प्रशांत-चतुर्दिक पट्टी (circum-Pacific belt) भी कहते हैं. विश्व में होने वाले 90% भूकंप अग्नि मुद्रिका में ही होते हैं. विश्व के सर्वाधिक बड़े भूकम्पों में 80% इसी क्षेत्र में होते हैं. अग्निमुद्रिका की

आकृति घोड़े के नाल के सदृश्य है. यह चार लाख किलोमीटर लम्बी है और यह न्यूज़ीलैण्ड से आरम्भ होकर एशिया, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका के तटों को पार करते हुए चीली तक जा पहुँचती है.

अग्नि मुद्रिका कैसे बना?

अग्निमुद्रिका महासागरीय टेक्टोनिक प्लेटों के हल्के महाद्वीपीय प्लेटों के नीचे चले जाने के कारण बना है. जिस क्षेत्र में ये टेक्टोनिक प्लेट मिलते हैं, उसको सबडक्शन क्षेत्र (subduction zone) कहते हैं.

रिंग ऑफ़ फायर भूकम्प क्यों लाती है?

  • विश्व के सबसे गहरे भूकम्प सबडक्शन क्षेत्र में ही होते हैं क्योंकि यहाँ टेक्टोनिकप्लेट एक-दूसरे से टकराते हैं और अग्नि-मुद्रिका वह स्थान है जहाँ विश्व के सबसे सबडक्शन क्षेत्र केन्द्रीय हैं.
  • जब पृथ्वी के पिघले हुए अंदरूनी भाग से ऊर्जा मुक्त होती है तो वह टेक्टोनिक प्लेटों को ऊपरढकेलती है और वे एक-दूसरे से टकराते हुए घर्षण उत्पन्न करते हैं. इस घर्षण के चलते ऊर्जा जमा होती है और जब यह ऊर्जा अंततः मुक्त होती है तो भूकम्प होता है. यह घटना जब समुद्र में होती है तो विनाशकारी सुनामी होते हैं.
  • टेक्टोनिकप्लेट सामान्यतः प्रत्येक वर्ष औसतन कुछ सेंटीमीटर आगे बढ़ते हैं, किन्तु जब भूकम्प आता है तो उनकी गति अत्यंत बढ़ जाती है और फलतः ये प्रति सेकंड कई मीटर बढ़ जाते हैं.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

अग्निमुद्रिका (Ring of Fire) क्या है और यह भूकंप का कारक कैसे बनती है?

What do you understand by Ring of Fire and how it leads to earthquake?


GS Paper 2 Source : The Hindu

the_hindu_sansar

UPSC Syllabus : Bilateral, regional and global groupings and agreements involving India and/or affecting India’s interests

Topic : CPEC

संदर्भ

चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जम्मू कश्मीर में वस्तु स्थिति बदलने वाली एकतरफा कार्रवाई के विरोध में बयान जारी किया गया जिसे भारत ने खारिज कर किया है. इसके साथ ही भारत ने चीन- पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) पर भी अपना विरोध दर्ज करवाया.

पृष्ठभूमि

चीन और पाकिस्तान के विदेश मंत्री शुक्रवार को हैनान प्रांत में मिले. इस दौरान चीन ने जहां भारत और पाकिस्तान के बीत कश्मीर के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र में सुलझाने की बात कही है, वहीं पाकिस्तान ने शिनजियांग प्रांत के मुद्दे पर चीन का समर्थन किया है. इसके साथ ही इस बैठक में चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की भी चर्चा हुई. चीनी कश्मीर मुद्दे पर कहा कि “यह भारत एवं पाकिस्तान के बीच ऐतिहासिक मुद्दा है, यह एक वस्तुनिष्ठ तथ्य है और इस विवाद का हल संयुक्त राष्ट्र घोषणा-पत्र, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के जरिए शांतिपूर्ण एवं उचित तरीके से होना चाहिए. चीन ऐसी किसी भी एकतरफा कार्रवाई का विरोध करता है जिससे हालात जटिल होते हों.”

चिंता की बात

  • चीन-पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों की एक दिवसीय मीटिंग के बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने चीन-पाकिस्तान की दोस्ती को ‘ऑल वेदर स्ट्रेटेजिक कॉपरेटिव पार्टनरशिप’ करार दिया.
  • दरअसल, भारत के लिए चिंता की बात ये है कि चीन पाकिस्तान को समंदर में मजबूत करने में जुटा है. इसके लिए चीन, पाकिस्तान के लिए आठ(08) पनडुब्बियों का निर्माण कर रहा है.
  • इनमें से चार पनडुब्बियां चीन में ही तैयार हो रही हैं और 2023 तक पाकिस्तान को मिलने की आशा है. जबकि बाकी चार 2028 तक पाकिस्तान के कराची बंदरगाह में तैयार होने का प्लान है. चीन जानता है कि हिंद महासागर में वो अकेले भारत का सामना करने में सक्षम नहीं है. इसीलिए पाकिस्तान को भारत के विरुद्ध  इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा है.

CPEC

  • CPEC चीन के One Belt One Road (OBOR) कार्यक्रम का एक अंग है.
  • CPEC 51 अरब डॉलर की कई परियोजनाओं का समूह है.
  • प्रस्तावित परियोजना के लिए पाकिस्तान सरकार को जिन संस्थाओं द्वारा धन मुहैया कराया जाएगा, वे हैं – EXIM बैंक ऑफ़ चाइना, चाइना डेवलपमेंट बैंक और इंडस्ट्रियल & कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना.
  • चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का उद्देश्य पाकिस्तान के बुनियादी ढांचों को तेजी से विस्तार करना और उन्नत करना है जिससे चीन और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंध मजबूत हो जाएँ.
  • CPEC अंततोगत्वा दक्षिणी-पश्चिमी पाकिस्तान के ग्वादर शहर को चीन के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र Xinjiang को राजमार्गों और रेलमार्गों से जोड़ेगा.
  • CPEC की लम्बाई 3,000 km है जिसमें राजमार्ग, रेलवे और पाइपलाइन बिछेगी.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) चीन का एक मार्शल प्लान है. क्या आप इससे सहमत हैं? सप्रमाण मन्तव्य दें.

The China Pakistan Economic Corridor (CPEC) is China’s Marshall plan. Do you agree? Substantiate.


GS Paper 2 Source : PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : International Atomic Energy Agency

संदर्भ

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख अगले हफ्ते तेहरान जाएंगे ताकि ईरान के अधिकारियों पर उन स्थलों तक पहुंच देने के लिए दबाव बना सकें जहां समझा जाता है कि उसने ज्यादा परमाणु सामग्रियां एकत्र कर रखी हैं. अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख की तेहरान यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब JOINT COMPREHENSIVE PLAN OF ACTION (JCPOA या साझी व्यापक कार्ययोजना) जिसे ईरान परमाणु समझौता भी कहा जाता है से निकलने के बावजूद, अमरीका ने ईरान के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों की बहाली के लिए समझौते के “स्नैपबैक” प्रावधान के प्रयोग का दावा किया है.

ईरान परमाणु समझौता के बारे में

ईरान का ब्रिटेन, चीन, फ़्रांस, जर्मनी, रूस और अमेरिका के साथ एक महत्त्वपूर्ण समझौता हुआ था जिसमें ईरान पर लगे प्रतिबंधों में इस शर्त पर कुछ छूट दी गई थी कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाएगा.

ज्ञातव्य है कि इस समझौते से अमेरिका निकल चुका है और प्रतिक्रिया में ईरान ने अपनी वचनबद्धताओं को धीरे-धीरे वापस लेने लगा है.

परमाणु अप्रसार संधि क्या है?

  • परमाणु अप्रसार संधि एक बहुदेशीय संधि है जिस पर 1968 में हस्ताक्षर हुए और जो 1970 से प्रभावी हैवर्तमान में इसमें 190 सदस्य हैं.
  • इसका उद्देश्य परमाणु अस्त्रों के प्रसार को तीन दृष्टि से रोकना है – i) अप्रसार ii) निरस्त्रीकरण iii) परमाणु ऊर्जा का शांतिपरक उपयोग.

IAEA क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency – IAEA) आणविक विषयों के लिए विश्व की सबसे प्रधान एजेंसी है. इसकी स्थापना 1957 में संयुक्त राष्ट्र के एक अवयव के रूप में परमाणु के शान्तिपूर्ण प्रयोग पर बल देने के लिए की गई थी.
  • इसका उद्देश्य है परमाणु तकनीकों के सुरक्षित, निरापद (secure) एवं शान्तिपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देना.
  • यह एजेंसी परमाणु के सैनिक उपयोग पर रोक लगाती है.
  • IAEA संयुक्त राष्ट्र महासभा तथा सुरक्षा परिषद् के प्रति उत्तरदायी होती है.
  • इसका मुख्यालय ऑस्ट्रिया के वियेना शहर में है.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

ओलम्पिक खेलों में भारतीय एथलीटों के प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए कौन-से कदम उठाये जा सकते हैं? क्या भारत में खेल प्रशासन में सुधार की आवश्यकता है? परीक्षण करें.

What steps should be taken to improve the performance of Indian athletes in the Olympics? Does sports administration in India require reforms? Examine.


GS Paper 2 Source : PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.

Topic : National Sports Awards

संदर्भ

केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय ने वर्ष 2020 के लिए राष्ट्रीय खेल पुरस्कार के विजेताओं का आधिकारिक तौर पर ऐलान कर दिया. 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा विजेताओं को आभासी कार्यक्रम के जरिये पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

राष्ट्रीय खेल पुरस्कार

खेलों में उत्कृष्टता को पहचानने और पुरस्कृत करने के लिए हर साल राष्ट्रीय खेल पुरस्कार दिए जाते हैं. इसमें निम्नलिखित पुरस्कार सम्मिलित हैं –

राजीव गान्धी खेल रत्न पुरस्कार

  • राजीव गाँधी खेल रत्न भारत का खेल जगत् में दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है. इस सम्मान का नाम पूर्व प्रधानमन्त्री राजीव गाँधी के नाम पर रखा गया.
  • यह सम्मान 1991-92 में शुरू किया गया. इस सम्मान में एक पदक, सम्मान सहित एक प्रमाण पत्र और नक़द इनाम मिलता है.
  • पहले राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद थे.
  • इस वर्ष निम्नलिखित 5 खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाएगा.

S.No.

खिलाड़ी का नाम

खेल का नाम

1

श्री रोहित शर्मा

क्रिकेट

2

श्री मरियप्‍पन थंगवेलु 

पैरा एथलेटिक्‍स

3

सुश्री मनिका बत्रा

टेबल टेनिस

4

सुश्री विनेश

कुश्‍ती

5

सुश्री रानी

हॉकी

द्रोणाचार्य पुरस्कार

  • द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में प्रारंभ किये गये थे.
  • यह पुरस्कार खिलाड़ियों और टीमों को प्रशिक्षण प्रदान करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जाने माने खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किये जाते हैं.
  • इस वर्ष द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित प्रशिक्षक हैं-

लाइफटाइम श्रेणी

S.No.

कोच का नाम

खेल का नाम

1

श्री धर्मेन्द्र तिवारी

तीरंदाजी

2

श्री पुरुषोत्तम राय

व्यायाम

3

श्री शिव सिंह

मुक्केबाज़ी

4

श्री रोमेश पठानिया

हॉकी

5

श्री कृष्ण कुमार हुड्डा

कबड्डी

6

श्री विजय भालचंद्र मुनीश्वर

पैरा पावरलिफ्टिंग

7

श्री नरेश कुमार

टेनिस

8

श्री ओम प्रकाश दहिया

कुश्ती

नियमित श्रेणी

S.No.

कोच का नाम

खेल का नाम

1

श्री जूड फेलिक्स सेबस्टियन

हॉकी

2

श्री योगेश मालवीय

मलखंब

3

श्री जसपाल राणा

शूटिंग

4

श्री कुलदीप कुमार हांडू

वुशु

5

श्री गौरव खन्ना

पैरा बैडमिंटन

अर्जुन पुरस्कार

  • भारत सरकार द्वारा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार से अलंकृत करने की प्रथा का शुभारम्भ 1961 में किया गया था और ये पिछले तीन वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले और नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन जैसे गुणों का प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दिया जाता है.
  • इस वर्ष के अर्जुन पुरस्कार विजेता हैं-

Sr. No.

खिलाड़ी का नाम

खेल का नाम

1

श्री अतनु दास

तीरंदाजी

2

सुश्री दुती चंद

व्यायाम

3

श्री सात्विक साईराज रैंकधारी

बैडमिंटन

4

श्री चिराग चंद्रशेखर शेट्टी

बैडमिंटन

5

श्री विशेश भृगुवंशी

बास्केटबाल

6

सूबेदार मनीष कौशिक

मुक्केबाज़ी

7

सुश्री लोवलिना बोर्गोहिन

मुक्केबाज़ी

8

श्री ईशांत शर्मा

क्रिकेट

9

सुश्री दीप्ति शर्मा

क्रिकेट

10

श्री सावंत अजय अनंत

घुड़सवार

11

श्री संधेश झिंगन

फ़ुटबॉल

12

सुश्री अदिति अशोक

गोल्फ़

13

श्री आकाशदीप सिंह

हॉकी

14

सुश्री दीपिका

हॉकी

15

श्री दीपक

कबड्डी

16

श्री काले सारिका सुधाकर

खो खो

17

श्री दत्तू बबन भोकानल

रोइंग

18

सुश्री मनु भाकर

शूटिंग

19

श्री सौरभ चौधरी

शूटिंग

20

सुश्री मधुरिका सुहास पाटकर

टेबल टेनिस

21

श्री दिविज शरण

टेनिस

22

श्री शिव केशवन

शीतकालीन खेल

23

सुश्री दिव्या काकरान

कुश्ती

24

श्री राहुल अवारे

कुश्ती

25

श्री सुयश नारायण जाधव

पैरा स्विमिंग

26

श्री संदीप

पैरा एथलेटिक्स

27

श्री मनीष नरवाल

पैरा शूटिंग

ध्यानचंद पुरस्कार

खेल-कूद में आजीवन उपलब्धि के लिए 2002 में शुरू किया गया सर्वोच्च पुरस्कार है.

Sr. No.

खिलाड़ी का नाम

खेल का नाम

1

श्री कुलदीप सिंह भुल्लर

एथलेटिक्‍स

2

सुश्री जिंसी फिलिप्स

एथलेटिक्‍स

3

श्री प्रदीप श्रीकृष्ण गान्धे

बैडमिंटन

4

सुश्री तृप्ति मुर्गंडे

बैडमिंटन

5

सुश्री एन। उषा

बॉक्सिंग

6

श्री लाख सिंह

बॉक्सिंग

7

श्री सुखविंदर सिंह संधू

फ़ुटबॉल

8

श्री अजीत सिंह

हॉकी

9

श्री मनप्रीत सिंह

कबड्डी

10

श्रीजे. रंजीत कुमार

पैरा एथलेटिक्स

11

श्री सत्यप्रकाश तिवारी

पैरा बैडमिंटन

12

श्री मंजीत सिंह

रोइंग

13

स्वर्गीय श्री सचिन नाग

तैराकी

14

श्री नंदन पी बल

टेनिस

15

श्री नेत्रपाल हुड्डा

कुश्ती

राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार

  • राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों के अतिरिक्त अन्य लोगों द्वारा खेल-कूद के विकास में योगदान करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए दिया जाता है.
  • इस पुरस्कार को सरकार द्वारा वर्ष 2009 से प्रारंभ किया है.
  • राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार की चार श्रेणियाँ होती हैं जिनके नाम हैं:
  1. उभरती हुई और युवा प्रतिभा की पहचान और पोषण
  2. कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के जरिये खेलों को प्रोत्साहन
  3. खिलाड़ियों को रोजगार और अन्य कल्याणकारी उपाय
  4. विकास के लिए खेल

Sr. No.

श्रेणी

राष्‍ट्रीय खेल प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार 2020 के लिए अनुशंसित संस्‍था

1

उभरती हुई युवा प्रतिभा की पहचान करना और उसे शिक्षित करना

1.     लक्ष्‍य इंस्‍टीट्यूट

2.     आर्मी स्‍पोर्ट्स इंस्‍टीट्यूट

2

कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्‍मेदारी के जरिये खेलों को प्रोत्‍साहन

तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) लिमिटेड

3

खिलाड़ियों को रोजगार और अन्य कल्याणकारी उपाय

एयर फोर्स स्‍पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड

4

विकास के लिए खेल

इंटरनेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट (आईआईएसएम)

मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (एमएकेए) ट्रॉफी, 2020

यह पुरस्कार इंटर-यूनिवर्सिटी टूर्नामेंट में कुल मिलाकर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को प्रदान किया जाता है. इस वर्ष यह पुरस्कार पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ को दिया गया है.

टेनजिंग नोर्गे नैशनल एडवेंचर अवार्ड्स 2020

यह पुरस्कार देश के लोगों में रोमांच की भावना को भी मान्यता देने के लिए प्रदान किया जाता है.

क्रम संख्‍या

खिलाड़ी का नाम (श्री)

श्रेणी

1

सुश्री अनिता देवी

लैंड एडवेंचर

2

कर्नल सरफराज सिंह

लैंड एडवेंचर

3

श्रीटका तामूत

लैंड एडवेंचर

4

श्रीनरेन्‍द्र सिंह

लैंड एडवेंचर

5

श्रीकेवल हीरेन कक्‍का

लैंड एडवेंचर

6

श्रीसतेन्‍द्र सिंह

वाटरएडवेंचर

7

श्रीगजानंद यादव

एयर एडवेंचर

8

स्‍वर्गीय श्रीमगन बिस्‍सा

लाइफ टाइम अचीवमेंट

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

अमेरिका के ईरान परमाणु समझौता से बाहर आ जाने से भारत के भी प्रभावित होने की आशंका है. विश्लेषण कीजिये.

Withdrawing from Iran nuclear deal by US has many possible ramifications for India. Analyse.


GS Paper 2 Source : PIB

pib_logo

UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Shetkar Committee

संदर्भ

हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने सीमावर्ती और तटीय ज़िलों में राष्ट्रीय कैडेट कॉर्प्स (National Cadet Corps- NCC) के विस्तार के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है.

मुख्य बिंदु

  • प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में NCC के विस्तार की घोषणा की थी.
  • NCC का पुनर्गठन वर्ष 2016 में लेफ्टिनेंट जनरल डी. बी. शेकतकर (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञों की समिति (Committee of Experts- CoE) की प्रमुख सिफारिशों में से एक था.

शेकतकर समिति

शेकतकर समिति को सशस्त्र बलों की क्षमता को बढ़ाने के लिए आवश्यक उपयुक्त कदमों का सुझाव देने का कार्य सौंपा गया था जिसने दिसंबर 2016 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की.

शेकतकर समिति के ये सुझाव हैं –

  1. सड़क निर्माण में तेजी लाना
  2. सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation – BRO) जिन सड़कों का निर्माण करने की स्थिति में नहीं है उनके लिए बाहरी एजेंसियों का सहारा लेना.
  3. 100 करोड़ से अधिक की लागत वाले सभी कामों के लिए अभियंत्रण क्रय संविदा (Engineering Procurement Contract – EPC) को अनिवार्य रूप से अपनाना.
  4. घरेलू और विदेशी क्रय के लिए BRO की क्रय शक्ति को वर्तमान के 7.5 करोड़ से बढ़ाकर 100 करोड़ किया जाए.
  5. विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (Detailed Project Report – DPR) में भूमि अधिग्रहण के साथ-साथ वन विभाग और पर्यावरण विभाग जैसी वैधानिक अनुमतियों का उल्लेख होना चाहिए.
  6. जब 90% वैधानिक अनुमतियाँ मिल जाएँ तभी किसी को काम दिया जाए.

समिति के द्वारा की गई अन्य अनुशंसाएँ

  1. भविष्य में होने वाले खतरे को ध्यान में रखते हुए रक्षा बजट GDP का 2.5 से 3% तक होना चाहिए.
  2. मध्यम कोटि के सैन्य अधिकारियों के लिए संयुक्त सेवा युद्ध महाविद्यालय स्थापित होना चाहिए.
  3. पुणे के सैन्य गुप्त सूचना विद्यालय (Military Intelligence School) को बदलकर तीनों सेनाओं के लिए एक गुप्त सूचना प्रशिक्षण प्रतिष्ठान बना दिया जाए.
  4. इन सिग्नल से सम्बंधित प्रतिष्ठानों को बेहतर बनाना – रेडियो निगरानी कम्पनियाँ, कोर्ज एयर सपोर्ट सिग्नल रेजिमेंट, एयर फार्मेशन सिग्नल रेजिमेंट, कम्पोजिट सिग्नल रेजिमेंट. साथ ही कोर्ज ऑपरेटिंग रेजिमेंटों आर इंजीनियरिंग सिग्नल रेजिमेंटों को मिलाकर एक कर दिया जाए.
  5. सेना में मरम्मत से सम्बंधित ढाँचे को नए सिरे से बदला जाए. ये ढाँचे हैं – आधारभूत कार्यशालाएँ, उन्नत आधारभूत प्रयोगशालाएँ और थल सेना की स्टेशन कार्यशालाएँ.
  6. हथियार से सम्बन्धित प्रतिष्ठानों को चाक-चौबंद किया जाए और भंडार नियंत्रण तन्त्र को सही सुसज्जित रूप दिया जाये. ये प्रतिष्ठान हैं – वाहन डिपो, आयुध डिपो और केन्द्रीय आयुध डिपो.
  7. आपूर्ति और परिवहन तथा पशु परिवहन इकाइयों का बेहतर उपयोग किया जाए.
  8. शांत स्थलों में सैनिक कृषि फ़ार्म और डाक प्रतिष्ठान बंद कर दिए जाएँ.
  9. सेना में लिपकीय स्टाफ और चालकों की नियुक्ति से सम्बंधित मानक ऊँचे किये जाएँ.

NSS और NCC

  1. NSS एक केन्द्रीय योजना है जो 1969 में आरम्भ की गई थी.
  2. इसका उद्देश्य था कि छात्र सामुदायिक सेवा में अपना योगदान दे जिससे कि उनका व्यक्तित्व और चरित्र निखरे. एन.एस.एस. की वैचारिक अवधारण महात्‍मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है.
  3. इसका नारा है – “मैं नहीं, आप” – “NOT ME, BUT YOU”.
  4. दूसरी तरफ NCC एक युवा विकास कार्यक्रम है जो 1948 के National Cadet Corps Act XXXI से अस्तित्व में आया. NCC रक्षा मंत्रालय के दायरे में आता है और इसका नेतृत्त्व थ्री स्टार सैन्य रैंक के महानिदेशक करते हैं.
  5. NCC के संचालन में भारतीय सेना के तीनों अंग – थल, वायु और नौ सेना – शामिल रहते हैं.
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
 

रक्षा कार्यबल, संसाधनों एवं बजटीय आवंटन के क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता की पड़ताल करें. साथ ही, इस विषय में शेतकर समिति के प्रतिवेदन में दी गई अनुशंसाओं की चर्चा करें.

Examine the need of reforms in the field of defence manpower, resources and budgetary allocations. Also discuss the recommendations of the Shekatkar Committee Report in this regard.


Prelims Vishesh

Non Convertible Debentures :-

  • कुछ डिबेंचर ऐसे होते हैं जिसको धारक एक निश्चित समय के पश्चात् अपने विवेक पर शेयर में बदल सकता है.
  • जो डिबेंचर इस प्रकार नहीं बदले जा सकते उनको अ-परिवर्त्य डिबेंचर (Non Convertible Debentures) कहते हैं.
  • कम्पनियाँ ऐसे डिबेंचर दीर्घकालिक वित्त उगाहने के लिए निकालती हैं. इसमें वित्त देने वालों को परिवर्त्य डिबेंचर की तुलना में अधिक प्रतिलाभ दिया जाता है.

International Press Institute (IPI) :-

  • अंतर्राष्ट्रीय प्रेस संस्थान (IPI) एक वैश्विक संगठन है जिसका उद्देश्य प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करना और पत्रकारिता के स्तर में सुधार लाना है.
  • अक्टूबर 1950 में स्थापित इस संस्थान के सदस्य 120 से अधिक देशों में हैं.
  • इस संस्थान को संयुक्त राष्ट्र, UNESCO और यूरोपीय परिषद् में परामर्शी का दर्जा प्राप्त है.
  • साथ ही यह गैर-सरकारी संगठन अंतर्राष्ट्रीय अभिव्यक्ति स्वतंत्रता एक्सचेंज (International Freedom of Expression Exchange) का भी सदस्य है.

What is a rights issue? :-

  • यदि कोई कम्पनी अपने वर्तमान शेयरधारकों को उनके शेयर की मात्रा के अनुसार नए शेयर देने का प्रस्ताव रखती है तो ऐसे प्रस्ताव को राइट्स इशू कहते हैं.
  • इन शेयरों का दाम बाजार से कम रहता है. यह शेयरधारकों पर निर्भर है कि वे राइट्स इशू वाले शेयर खरीदें या न खरीदें.

Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

July, 2020 Sansar DCA is available Now, Click to Download

Books to buy

Leave a Reply

Your email address will not be published.