Sansar डेली करंट अफेयर्स, 17 January 2018

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Sansar Daily Current Affairs, 17 January 2018


GS Paper 2:

Topic: मलिमथ रिपोर्ट

  1. गृह मंत्रालय ने 2000 ई. में आपराधिक न्याय प्रणाली में सुधार के लिए जस्टिस मलिमथ समिति (Malimath Committee) का गठन किया था.
  2. मलिमथ समिति (Malimath Committee) ने 2003 में अपनी रिपोर्ट सौंपी और अपराध की जाँच और सजा पर सिफारिशें कीं.
  3. उस समय तो सिफारिशों को लागू नहीं किया गया था पर अब सरकार द्वारा इसकी सिफारिशों पर दोबारा गौर किया जा रहा है.
  4. इसकी एक मुख्य सिफारिश थी कि एक पुलिस अधिकारी के समक्ष दिए गए बयान को अदालत में सबूत के रूप में मान्य किया जाए.
  5. इसकी अन्य सिफारिशें थीं – गलत FIR के लिए कठोर दंड, एक राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन, न्यायाधीशों के महाभियोग को कम मुश्किल बनाने के लिए अनुच्छेद 124 में संशोधन आदि.

GS Paper 3:

Topic: शोला

  1. शोला उन क्षेत्रों को कहते हैं जहाँ पहाड़ी वनस्पति और घास भूमि दोनों विद्यमान होते हैं.
  2. ये क्षेत्र बहुत ऊँचाई पर पाए जाते हैं. इनकी ऊँचाई समुद्र तल से 1500 m या अधिक होती है.
  3. भारत में शोला दक्षिण भारत के पश्चिमी घाट में पाए जाते हैं.
  4. शोला क्षेत्र में एक ओर तो रह-रह करके बड़ी-बड़ी घास भूमियाँ मिलती हैं तो दूसरी ओर साथ ही साथ सदाबहार पर्वतीय वृक्ष भी मिलते हैं.
  5. हाल ही के अध्ययन से पता चला है कि पश्चिमी घाट की पलानी पर्वत श्रेणी में शोला क्षेत्र 2/3 घट गए हैं. इसके कारण हैं – इमारती लकड़ियों का लगाया जाना, कृषि क्षेत्र में विस्तार, हानिकारक प्रजातियों का फैलाव.
  6. घासभूमि में तो 1973 की तुलना में 67% की कमी आ गयी है.
  7. पहले यहाँ नीलगिरि पिपिट नामक पक्षी बहुतायत से मिलते थे. पर अब घासभूमियों के विखंडन से ये पक्षी विस्थापित हो गए हैं.

GS Paper 3:

Topic: नीलगिरि पिपिट

  1. नीलगिरि पिपिट एक पक्षी का नाम है जो केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के पश्चिमी घाट क्षेत्रों में बहुतायत से पाया जाता है.
  2. IUCN Red List ने इसे “लुप्तप्राय हो सकने वाली प्रजातियों” की सूची में रखा है.
  3. ऐसा देखा गया है कि यह पक्षी घास और पत्ते खाता है.

GS Paper 3:

Topic: सक्षम 2018

  1. सक्षम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा संचालित महीने भर चलने वाला एक जागरुकता-वर्धन कार्यक्रम है.
  2. इसके अंतर्गत ईंधन के संरक्षण के विषय में जागरूकता उत्पन्न की जाती है.
  3. इसके लिए इसमें ईंधन के समझदारी पूर्ण उपयोग, पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण तथा अधिक स्वच्छ ईंधन को अपनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है.
  4. सक्षम कार्यक्रम के आयोजन में मंत्रालय के अलावा PCRA (Petroleum Conservation Research Association) तथा अन्य तेल और गैस से सम्बंधित लोक उपक्रमों का सहयोग रहता है.

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