Sansar डेली करंट अफेयर्स, 16 October 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 16 October 2020


GS Paper 1 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, literature and Architecture from ancient to modern times.

Topic : Life in Miniature

संदर्भ

हाल ही में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा ‘लाइफ इन मिनिएचर’ परियोजना का प्रारम्भ किया गया है.

‘लाइफ इन मिनिएचर’ परियोजना

  • इस परियोजना को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालयकेंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और ‘गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’ (Google Arts & Culture) के सहयोग प्रारम्भ किया गया है. विदित हो कि इस साझेदारी का प्रारम्भ वर्ष 2011 में किया गया था.
  • इस परियोजना की शुरुआत के पश्चात् संसार-भर के लोग राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली के कई सौ लघु चित्रों को ‘गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’ एप के जरिये देख सकेंगे.
  • इस परियोजना के अंतर्गत कलाकृतियों के प्रदर्शन के लिये मशीन लर्निंग, संवर्द्धित वास्तविकता या ऑग्मेंटेड रियलिटी (Augmented reality) और हाई डेफिनेशन कैमरे जैसी नवीन डिजिटल तकनीकों का प्रयोग किया गया  है. 
  • इस परियोजना के अंतर्गत कलाकृतियाँ का प्रदर्शन मानवीय संबंधों के पाँच सार्वभौमिक विषयों प्रकृति, प्रेम, उत्सव, विश्वास और शक्ति के अंतर्गत किया जाता है.

गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’ (Google Arts & Culture)

  • ‘गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’  गूगल (Google) की एक गैर-लाभकारी पहल है, यह संसार भर में सांस्कृतिक संस्थानों और कलाकारों के साथ मिलकर कार्य करती है.
  • इसका ध्येय विश्व भर में कला और संस्कृति का संरक्षण करना और इन्हें ऑनलाइन प्रदर्शित करना है, जिससे यह किसी भी व्यक्ति के लिये कहीं भी सरलता से उपलब्ध हो सके.
  • ‘गूगल आर्ट्स एंड कल्चर’ की वेबसाइट और एप के माध्यम से विश्व भर के 2,000 से अधिक संग्रहालयों में उपस्थित कलाकृतियों को देखा जा सकता है.

लघु चित्रकला (Miniature) के बारे में

  • भारतीय चित्रकला को सामान्य तौर पर भित्ति चित्र व लघु चित्रकारी में विभाजित किया जाता है. भित्ति चित्र के तहत गुफाओं की दीवारों पर चित्रकारी की जाती है उदाहण के लिए अजंता की गुफाओं, एलोरा के कैलाशनाथ मंदिर, बादामी व सित्तानवसाल इत्यादि. लघु चित्रकारी में कागज, कपड़े लकड़ी की तख्तियों (पट्टियों) चमड़े, संगमरमर, दीवारों इत्यादि छोटे स्तर पर चित्रकारी की जाती है.
  • भारत में लघु चित्रकला के सबसे प्राचीन उदाहरण पूर्व भारत के पाल वंश के अधीन निष्पादित बौद्ध धार्मिक पाठों और ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी ईसवी सन् के दौरान पश्चिम भारत में निष्पादित जैन पाठों के सचित्र उदाहरणों के रूप में विद्यमान हैं.
  • इसके उपरान्त इस कला का सर्वोत्तम विकास मुगलों द्वारा किया गया जो इस कला को फ़राज (पार्शिया) से लेकर आए थे. मुगल शैली का विकास चित्रकला की स्वदेशी भारतीय शैली और फारसी चित्रकला की सफाविद शैली के एक उचित संश्लेषण के परिणामस्वरूप हुआ था .
  • यह चित्रकारी बड़ी सावधानी से की जाती है और हर पहलू को बड़ी बारीकी से चित्रित किया जाता है. मोटी-मोटी रेखाओं से बनाए गए चित्रों को बड़े सुनि‍योजित ढंग से गहरे रंगों से सजाया जाता है. लघु चित्रकला में चित्रकारो कागज़, आइवरी पेन लो, लकड़ी की तख्तियों (पट्टियों) चमड़े, संगमरमर, कपड़े और दीवारों का प्रयोग करते हैं. इसके प्रयोग किए जाने वाले रंग खनिज़ों एवं सब्जियों, कीमती पत्‍थरों तथा विशुद्ध चांदी एवं सोने से बनाए जाते हैं.
  • मुग़ल काल में लघु चित्रकला की मुगल शैली कई स्‍कूल प्रारम्भ किए गए, जैसे कि मेवाड़ (उदयपुर), बूंदी, कोटा, मारवाड़ (जोधपुर), बीकानेर, जयपुर और किशनगढ़.
  • जहाँगीर काल के विशिष्ट उदाहरण हैं- ‘अयार-ए- दानिश’ (पशुओं के किस्से-कहानी की पुस्तक) ‘गुलिस्तां’ (कुछ लघु चित्रकलाएँ,) ‘हाफिज़ का दीवान’ तथा ‘अनवर-ए-सुहावली’ आदि. वर्जिन मैरी को अपने हाथ में पकड़े जहाँगीर का लघु चित्र (मिनेयेचर) प्रमुख है.
  • पहाड़ी क्षेत्र में लघु चित्रकला की कांगड़ा शैली, कुल्लू-मण्डीय, बशोली शैली और गुलेर शैली का विकास हुआ.
  • सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दियों के दौरान दक्‍कन में लघु चित्रकला के प्रारम्भिक केन्द्र अहमदनगर, बीजापुर ओर गोलकुण्डा में थे .इसके बाद इसका विकास हैदराबाद और तंजावुर में भी हुआ.

राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली

  • भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाला नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय देश का एक प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान है.
  • वर्तमान में राष्ट्रीय संग्रहालय में भारतीय और विदेशी मूल दोनों की लगभग 2,00,000 पुरातन और कला वस्तुएं हैं जो भारतीय और विदेशी दोनों मूल की सांस्कृतिक विरासत को 5,000 से अधिक वर्षों से कवर करती हैं.

गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के बारे में

  • लोग, गूगल आर्ट्स एंड कल्चर पर 2,000 से अधिक संग्रहालयों का संग्रह आनलाइन माध्यम से देख सकते हैं.
  • गूगल आर्ट्स एंड कल्चर, पूरी दुनिया के सांस्कृतिक धरोहरों को डिजिटल रूप में सहेजने का प्रयास करता है.     

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT)

संदर्भ

हाल ही में, राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय पंचाट (National Company Law Appellate Tribunal -NCLAT) द्वारा सीमेंस गमेसा रिन्यूएबल पावर प्राइवेट (Siemens Gamesa Renewable Power Pvt. Ltd) के खिलाफ समझौता-बकाया राशि का कथित भुगतान न करने संबंधी याचिका खारिज कर दी गयी है.

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय पंचाट

  • राष्ट्रीय कम्पनी कानून अपीलीय पंचाट (NCLAT) का गठन (1 जून, 2016 से प्रभावी) कम्पनी अधिनियम, 2013 के अनुभाग 410 के अंतर्गत किया गया था.
  • इसका कार्य राष्ट्रीय कम्पनी कानून पंचाटों (NCLT) द्वारा पारित आदेशों के विरुद्ध अपील सुनना है
  • यह संस्था NCLT द्वारा ऋणशोधन एवं दिवालियापन संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code – IBC), 2016 के विभिन्न अनुभागों के अंतर्गत पारित आदेशों पर भी अपील सुनती है.
  • इसके अतिरिक्त यह भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के द्वारा पारित किसी आदेश के विरुद्ध भी अपील की सुनवाई करती है.

संरचना

राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT)  के अध्यक्ष और न्यायिक सदस्यों की नियुक्ति भारत के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श के बाद की जाएगी.

न्यायाधिकरण के सदस्यों और तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति एक चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर की जाएगी. चयन समिति में निम्नलिखित सम्मिलित होंगे:

  1. भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके नामित व्यक्ति- अध्यक्ष
  2. सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ न्यायाधीश या उच्च न्यायालय के एक मुख्य न्यायाधीश- सदस्य
  3. कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव — सदस्य
  4. कानून और न्याय मंत्रालय में सचिव-सदस्य
  5. वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा विभाग में सचिव- सदस्य

पात्रता

  1. अध्यक्ष– सर्वोच्च न्यायालय का वर्तमान/ पूर्व न्यायाधीश अथवा उच्च न्यायालय का वर्तमान/पूर्व मुख्य न्यायाधीश होना होना चाहिए.
  2. न्यायिक सदस्य– किसी उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होना चाहिए अथवा पांच वर्ष या उससे अधिक अवधि तक किसी न्यायाधिकरण का न्यायिक सदस्य के रूप में कार्य-अनुभव होना चाहिए.
  3. तकनीकी सदस्य– निर्दिष्ट क्षेत्रों में, विशेष योग्यता, अखंडता और विशिष्ट ज्ञान और 25 वर्ष या उससे अधिक अवधि अनुभव रखने वाले व्यक्ति होना चाहिए.

कार्यकाल

न्याधिकरण के अध्यक्ष और सदस्यों की पदावधि पांच वर्ष होती है है और उन्हें अतिरिक्त पांच वर्षों के लिए फिर से नियुक्त किया जा सकता है.


GS Paper 2 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Functions and responsibilities of the Union and the States, issues and challenges pertaining to the federal structure, devolution of powers and finances up to local levels and challenges Government strives to have a workforce which reflects gender balance.

Topic : Assam-Mizoram, and the other boundary issues in Northeast

संदर्भ

हाल ही में, विगत एक सप्ताह में असम और मिजोरम के निवासियों के मध्य राज्य-क्षेत्र को लेकर दो बार परस्पर संघर्ष की घटनाएं घटित हो चुकीं हैं, जो पूर्वोत्तर में अंतर्राज्यीय सीमा विवाद से संबद्ध मुद्दों को प्रकट करती हैं.

इस क्षेत्र में आपसी सीमा विवाद में मुख्य रूप से असम और चार अन्य राज्य, यथा- अरुणाचल प्रदेश, मिज़ोरम, नागालैंड और मेघालय शामिल हैं. ज्ञातव्य है कि इन चारों राज्यों का निर्माण असम राज्य में से ही किया गया है.

पूर्वोत्तर भारत में सीमा विवाद के कारण

  • ऐतिहासिक कारण : कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जिन पर असम संवैधानिक अधिकारों के आघार पर अपने क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा करता है, जबकि दूसरी ओर नागालैंड ऐतिहासिक आधार पर अपने दावे प्रस्तुत करता है.
  • नृजातीय और सांस्कृतिक विशिष्टताएं उपेक्षित: 1950 के दशक में राज्य की सीमाओं की निर्धारण प्रक्रिया के दौरान पूरवात्तर को क्षेत्रीय रूप से इस प्रकार से व्यवस्थित किया गया था, जहां नृजातीय और सांस्कृतिक विशिष्टताएं उपेक्षित रह गई थीं. इन उपेक्षाओं ने असंतोष को बढ़ावा दिया एवं व्यक्तिगत पहचान को सुदृढ़ किया.
  • विद्रोही गतिविधियाँ: सीमावर्ती क्षेत्रों (जिन्हें उग्रवादी संगठनों की शरणस्थली माना जाता है) में उग्रवादी गतिविधियाँ, प्रायः सीमा विवाद (विशेषकर नागालैंड और असम में) में वृद्धि कर देती हैं.

इस टॉपिक से UPSC में बिना सिर-पैर के टॉपिक क्या निकल सकते हैं?

असम और मिजोरम

  • ये दोनों राज्य 164 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं.
  • विवाद का प्रारम्भ वर्ष 1875 की एक अधिसूचना से हुआ था, जिसके अंतर्गत लुशाई पहाड़ियों को कछार क मैदानी अंचलों से पृथक किया गया था.
  • वर्ष 1933 की एक और अधिसूचना से भी विवाद को बढ़ावा मिला था. यह अधिसूचना लुशाई पहाड़ियों और मणिपुर के मध्य की सीमाओं का निर्धारण करती है.

असम और नागालैंड

  • दोनों राज्य 434 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं तथा दोनों के मध्य विवाद वर्ष 1963 में नागालैंड की स्थापना के पश्चात्‌ से ही विद्यमान रहा है.
  • दोनों राज्यों ने इस मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र द्वारा स्थापित दो आयोगों की अनुशंसाओं को अस्वीकृत कर दिया है. ज्ञातव्य है कि वर्ष 1988 से इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय में एक मुकदमा भी लंबित है.

असम और मेघालय

दोनों राज्यों के मध्य 733 किलोमीटर की साझी सीमा के अंतर्गत 12 बिंदुओं पर विवाद है.

असम और अरुणाचल प्रदेश

दोनों राज्य 800 किलोमीटर से अधिक की सीमा साझा करते हैं.


GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Inclusive growth and issues arising from it.

Topic : Ayushman Sahakar Yojana

संदर्भ

हाल ही में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (MoAFW) द्वारा आयुष्मान सहकार योजना का शुभारम्भ किया गया. इस योजना को राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Corporation: NCDC) द्वारा समग्र स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना तथा शिक्षा और सेवाओं के संबंध में सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु प्रारम्भ किया गया है.

NCDC द्वारा आगामी वर्षों में भावी सहकारी समितियों हेतु सावधि ऋण (term loans) की राशि को 10,000 करोड़ रुपये तक विस्तारित किया जाएगा.

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम

NCDC को वर्ष 1963 में स्थापित किया गया था. यह MoAFW के तहत एक सांविधिक एवं स्वायत्त संस्थान है. इसका गठन सहकारी सिद्धांतों के आधार पर कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, भंडारण, निर्यात और आयात आदि के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाने तथा उन्हें बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है.

आयुष्मान सहकार योजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:-

  • सहकारी समितियों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी अवसंरचना के निर्माण हेतु NCDC आयुष्मान सहकार निधि का गठन किया जाएगा.
  • परिचालन आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए कार्यशील पूंजी (working capital) और मार्जिन मनी (margin money) की सुविधा प्रदान की जाएगी.
  • महिला बहुसंख्यक सहकारी समितियों को 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान (internet subvention) उपलब्ध करवाया जाएगा.
  • सहकारी अस्पतालों को मेडिकल आयुष शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की जाएगी.  

पात्रता

राज्य / बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत कोई भी सहकारी समिति.

ऋण की अवधि

ऋण की अवधि 8 वर्ष होगी, जिसमें 1-2 वर्ष का अधिस्थगन (moratorium) भी शामिल है.

महत्त्व

  • इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा में सुधार होगा.
  • यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति, 2017 (National Health Policy, 2017) के लक्ष्यों के साथ संरेखित है.

Prelims Vishesh

Surety Bonds :-

  •  प्रतिभू बांड वस्तुत: एक त्रिपक्षीय समझौता है, जो सभी पक्षकारों पर विधिक रूप से बाध्यकारी होता है. इसके पक्षकारों में शामिल हैं:-
  • प्रिंसिपल अर्थात्‌ मुख्य देनदार वह भविष्य में किए जाने वाले किसी कार्य की गुणवत्ता की गारंटी हेतु बॉण्ड का क्रय करता है.
  • बाध्यताधारी (obligee): इसे संभावित वित्तीय नुकसान से बचने हेतु बॉण्ड की खरीद के लिए प्रिंसिपल की आवश्यकता होती है.
  • प्रतिभू कंपनी (surety company): यह बॉण्ड जारी करती है और एक विशिष्ट कार्य के निष्पादन हेतु प्रिंसिपल की क्षमता की वित्तीय रूप से गारंटी प्रदान करती है.
  • प्रतिभू बॉण्ड्स इस संबंध में वित्तीय गारंटी प्रदान करते हैं कि अनुबंध, पूर्व-परिभाषित और पारस्परिक रूप से सहमत शर्तों के अनुसार पूर्ण हो जाएगा.

Frontier Technologies Cloud Innovation Center : CIC :-

  • इसे नीति आयोग और अमेजन वेब सर्विस (AWS) द्वारा आरंभ किया गया है.
  • यह AWS CIC ग्लोबल प्रोग्राम का एक भाग है, जो सरकारी एजेंसियों, गैर-लाभकारी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों को चुनौतियों का सामना करने तथा डिजाइन नवाचारों / विचारों का उपयोग करने हेतु एक अवसर प्रदान करता है.
  • यह डिजिटल नवाचार के माध्यम से कृषि और स्वास्थ्य जैसी गंभीर सामाजिक चुनौतियों को हल करने के लिए स्थानीय नेतृत्व के सहयोग से परियोजनाओं की पहचान करने एवं प्राथमिकताओं को सुनिश्चित करने का कार्य करेगा.

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