Sansar डेली करंट अफेयर्स, 16 May 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 16 May 2020


GS Paper 2 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Issues related to health.

Topic : When does a disease become endemic?

संदर्भ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि शायद नया कोरोना वायरस कभी खत्म नहीं हो और संभवतः HIV की तरह इसका अस्तित्व हमेशा के लिए बना रह सकता है अर्थात् यह स्थानिक (endemic) सिद्ध हो.

स्थानिक (Endemic) रोग क्या है?

स्थानिक (Endemic) रोग या फिर एक ऐसा प्रकोप है जो एक निश्चित क्षेत्र या जनसंख्या को प्रभावित करता है. चिकनपॉक्स को एक स्थानिक रोग की श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि ये युवाओं में उच्च दर पर होता है. यह एक स्थिर रोग है जो किसी विशेष क्षेत्र में सदैव बना रहता है और कभी ग़ायब नहीं होता.

महामारी क्या है?

  • “महामारी” शब्द का प्रयोग उन संक्रमणकारी बीमारियों के लिए किया जाता है जो बेहद तेज़ी से कई देशों में एक साथ लोगों के बीच संपर्क से फैलते हैं.
  • इससे पहले साल 2009 में स्वाइन फ्लू को महामारी घोषित किया गया था. विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू की वजह से कई लाख लोग मारे गए थे.
  • महामारी होने की अधिक संभावना तब होती है जब वायरस बिलकुल नया हो, आसानी से लोगों में संक्रमित हो रहा हो और लोगों के बीच संपर्क से प्रभावी और निरंतरता से फैल रहा हो.
  • कोरोना वायरस इन सभी पैमानों को पूरा करता है.

एपिडेमिक या पैनडेमिक में अंतर

  • कभी-कभी WHO किसी बीमारी को एपिडेमिक या तो कभी पैनडेमिक घोषित करता है.
  • कोई बीमारी निश्चित दायरे या सीमा में रहते हैं तो उसे एपिडेमिक कहा जाता है, लेकिन जब वो दूसरे देशों में दाखिल होने लगे और उसके फैलने का खतरा और ज्यादा बढ़ने लगे तो उसे पैनडेमिक कहा जाता है.
  • साल 2014-15 में पश्चिमी अफ्रीका में फैले इबोला को एपिडेमिक घोषित किया गया क्योंकि ये बीमारी इसकी सीमाओं से लगते कुछ चुनिंदा देशों में ही फैली थी. जब किसी बीमारी को महामारी घोषित कर दिया जाता है तो इसका मतलब बीमारी लोगों के बीच आपस में एक-दूसरे में फैलेगी. सरकार के लिए एक तरह अलर्ट होता है.

महामारी की घोषणा कब की जाती है?

  • किसी बीमारी के महामारी होने की घोषणा उसके कारण होने वाली मौतों और पीड़ितों की संख्या पर निर्भर करती है. 2003 में SARS कोरोना वायरस सामने आया था. उससे 26 देश प्रभावित हुए थे. इसके बावजूद उसे को महामारी घोषित नहीं किया गया था. किसी बीमारी को महामारी घोषित करने का फैसला डब्ल्यूएचओ को लेना होता है.
  • साल 2009 में आखिरी बार स्वाइन फ्लू को महामारी घोषित किया गया था. इस जानलेवा बीमारी के चलते करीब दो लाख लोगों की मौत हुई थी. महामारी होने की अधिक संभावना तब होती है जब वायरस बिल्कुल नया हो. आसानी से लोगों में संक्रमित हो रहा हो और लोगों के बीच संपर्क से फैल रहा हो. कोरोना वायरस इन सभी पैमानों को पूरा करता है.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Defence Testing Infrastructure Scheme (DTIS)

संदर्भ

देश में घरेलू रक्षा (Defence Manufacturing) और एयरोस्‍पेस उत्‍पादों के निर्माण को गति देने के लिए हाल ही में रक्षा मंत्री ने 400 करोड़ रुपये की रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना (Defence Testing Infrastructure Scheme – DTIS) को स्वीकृति दी. इससे घरेलू स्‍तर पर रक्षा क्षेत्र में अत्‍याधुनिक परीक्षण के लिए आधारभूत ढांचा तैयार करने का मार्ग प्रशस्‍त होगा.

रक्षा परीक्षण अवसंरचना योजना के विषय में मुख्य तथ्य

  • यह योजना पाँच वर्ष की अवधि के लिए चलेगी और निजी उद्योग के साथ साझेदारी में छह से आठ नई परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने की परिकल्पना करेगी.
  • इससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन में मदद मिलेगी जिससे सैन्य उपकरणों के आयात में कमी आएगी और इससे देश को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता मिलेगी.
  • इस योजना के अंतर्गत परियोजनाओं को अनुदान-सहायता के रूप में 75 प्रतिशत तक सरकारी धन मुहैया कराया जाएगा.
  • परियोजना लागत का शेष 25 प्रतिशत विशेष प्रयोजन वाहन (Special-purpose entity) द्वारा वहन किया जाएगा, जिसके घटक भारतीय निजी संस्थाएं और राज्य सरकारें होंगी.
  • योजना के अंतर्गत विशेष प्रयोजन वाहन को कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत पंजीकृत किया जाएगा और उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र करके स्व-टिकाऊ तरीके से योजना के अंतर्गत सभी परिसंपत्तियों का संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा.
  • परीक्षण किए गए उपकरण/प्रणाली उपयुक्त मान्यता के अनुसार प्रमाणित होंगे.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : World Bank pledges $1 bn to boost India’s social safety net

संदर्भ

कोरोनावायरस के खिलाफ जारी जंग के बीच विश्व बैंक ने भारत को बड़ी आर्थिक सहायता दी है. केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए विश्व बैंक ने एक अरब डॉलर (करीब 7500 करोड़ रुपये) के सामाजिक सुरक्षा पैकेज का ऐलान किया है. इसमें 550 मिलियन डॉलर का ऋण अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (International Development AssociationIDA) और 220 मिलियन डॉलर रूपये का ऋण अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (International Bank for Reconstruction and Development – IBRD) देगा. विदित हो कि ऋण 18.5 वर्षों में चुकाया जाएगा. इस अवधि में पांच वर्ष की कृपा अवधि भी सम्मिलित है.

मुख्य तथ्य

  • विश्व बैंक तीन क्षेत्रों में भारत सरकार के साथ भागीदारी करेगा – स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम.
  • सामाजिक सुरक्षा के लिए प्रदत्त विश्व बैंक द्वारा दी गई अरबों डॉलर की राशि भारत को पीएम गरीब कल्याण योजना का लाभ उठाने में सहायता करेगी.
  • इससे भारत अपनी सभी 400+ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को प्रौद्योगिकी के स्तर पर एकीकृत करने में सक्षम होगा.

world bank group

अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (IDA) क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ की स्थापना 1960 में गरीबी घटाने के उद्देश्य से की गई थी. यह संघ उन कार्यक्रमों के लिए ऋण और अनुदान देता है जिनसे आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा मिले, विषमता घटे और लोगों की जीवन दशा में सुधार होवे.
  • IDA विश्व बैंक के अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक की पूरक शाखा के रूप में कार्य करता है.
  • दोनों संस्थाओं का मुख्यालय (वाशिंगटन DC) और कर्मचारीवर्ग एक ही है और दोनों ही विभिन्न परियोजनाओं का मूल्यांकन एक जैसे कठोर मानकों के आधार पर करती हैं.
  • IDA घटी हुई दरों पर पैसा देता है. तात्पर्य यह है कि यह लगभग नहीं के बराबर ब्याज लेता है और ऋण की वापसी के लिए 25 से 40 वर्ष तक का समय देता है जिसमें 5 से 10 वर्ष की कृपा अवधि भी सम्मिलित होती है.
  • IDA उन देशों को अनुदान भी देता है जो ऋण के बोझ के तले दबे हुए होते हैं.

IDA किस प्रकार ऋण का आवंटन करता है?

  • IDA से पैसा पाने के लिए किसी देश का गरीब होना आवश्यक है. उस देश की प्रति व्यक्ति GNI समय-समय पर निर्धारित सीमा से कम होना चाहिए. 2020 में इसके लिए निर्धारित सीमा 1,175 डॉलर निर्धारित है.
  • वह देश बाजार की शर्तों पर उधारी मांगने में अक्षम होना चाहिए. साथ ही विकास कायक्रमों के लिए उसे कम दर पर वित्त की आवश्यकता होनी चाहिए.
  • ऋण देने के बाद IDA देखता है कि वह देश आर्थिक वृद्धि और गरीबी उन्मूलन करने के लिए अपनी नीतियाँ कितने अच्छे से लागू कर रहा है. विभिन्न देशों का इस विषय में प्रदर्शन के मूल्यांकन का काम IDA एक विशेष मूल्यांकन पद्धति से करता है जिसका नाम “देश नीति एवं संस्थागत मूल्यांकन” (Country Policy and Institutional Assessment) है.

आगे की राह

इससे पूर्व एशियन डेवलेपमेंट बैंक (ADB) ने कोरोना महामारी हेतु आर्थिक सहायता देने लिए भारत को 1.5 अरब डॉलर का पैकेज देने का ऐलान किया था. न्यू डेवलपमेंट बैंक भी भारत को एक अरब डॉलर की आपातकालीन सहायता राशि देने की घोषणा कर चुका है. विदित हो कि भारत सरकार कोरोना पर नियंत्रण के साथ साथ लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए प्रयास कर रही है. सरकार का प्रयास अर्थव्यवस्था को गति देने की है. विश्व बैंक की ओर से मिली राशि इस दिशा में सहायता करेगी. हाल ही में मोदी सरकार ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया है.


GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : Atmanirbhar Bharat Abhiyan

संदर्भ

आत्म निर्भर भारत अभियान के लिए आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की तीसरी किश्त की घोषणा केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की है.

ज्ञातव्य है कि 12 मई, 2020 को प्रधानमंत्री ने 20 लाख करोड़ रु. के एक विशेष आर्थिक एवं व्यापक पैकेज की घोषणा की थी, जो राशि भारत की GDP की 10% होती है. वित्त मंत्री द्वारा घोषित तीसरी किश्त इसी पैकेज का एक हिस्सा है.

teesari kisht aatm nirbhar bharat

Source : The Hindu

तीसरी किश्त में किसपर बल दिया गया है?

  • अवसंरचना से सम्बंधित माल परिवहन
  • क्षमता निर्माण
  • कृषि, मत्स्यपालन और खाद्य प्रसंस्करण के लिए प्रशासनिक सुधार

उपाय जो घोषित हुए

कृषि अवसरंचना

  1. किसानों के लिए फार्म गेट अवसरंचना हेतु 1 लाख करोड़ रु. की कृषि अवसंरचना निधि
  2. सूक्ष्म खाद्य उद्यमों (Micro Food Enterprises – MFE) को औपचारिक बनाने के लिए 10 हजार करोड़ रु. की योजना
  3. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के माध्यम से मछुआरों को 20 हजार करोड़ रु.
  4. मवेशियों को होने खुरहा और मुख रोग (Foot and Mouth Disease – FMD) तथा ब्रूसेलॉसिस के लिए राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम का अनावरण.
  5. 15 हजार करोड़ रु. से पशुपालन अवसंरचना विकास निधि की स्थापना.
  6. जड़ीबूटियों को उगाने को प्रोत्साहित करने के लिए 4,000 करोड़ रु. की व्यवस्था.
  7. मधुपालन के लिए 500 करोड़ रु.
  8. खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की योजना ऑपरेशन ग्रीन्स के अन्दर टमाटर, प्याज और आलू के साथ-साथ सभी फलों और सब्जियों का समावेश.

प्रशासनिक सुधार के उपाय

  • आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) में ऐसे सुधार लाये जायेंगे जिनसे किसानों को अपने उत्पाद का बेहतर दाम मिले.
  • किसान अपने उत्पाद अच्छे दाम पर बेच सकें और एक राज्य से दूसरे राज्य में बधारहित व्यापार कर सकें, इसके लिए पर्याप्त विकल्प का प्रावधान करने हेतु एक केन्द्रीय कानून बनाया जाएगा.
  • प्रसंस्करणकर्ताओं, एग्रीगेटरों, बड़े खुदरा व्यापारियों, निर्यातकों आदि किसान के साथ उचित और पारदर्शी ढंग से पेश आयें, इसके लिए कानून बनाया जायेगा.

GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Cyber security.

Topic : Eventbot

संदर्भ

भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने “EventBot” नामक एक नए मैलवेयर के विरुद्ध चेतावनी निर्गत की है. CERT के अनुसार, यह मैलवेयर एंड्राइड फोन उपयोगकर्ताओं से व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी चुराता है.

EventBot क्या है?

इवेंट बॉट मैलवेयर एक ट्रोजन है. यह गुप्त रूप से कंप्यूटर या फोन ऑपरेटिंग सिस्टम पर हमला करता है. वर्तमान में, यह मैलवेयर 200 से अधिक विभिन्न वित्तीय एप्लीकेशन को प्रभावित करने में सक्षम है.

वर्तमान परिदृश्य

CERT के अनुसार इस मैलवेयर ने वर्तमान में पेपाल, यूनीक्रिडिट, एचएसबीसी, कॉइनबेस, ट्रांसफर वायर आदि जैसे वित्तीय एप्लीकेशन पर हमला किया है.

CERT-In

  • CERT-In का full form है – Computer Emergency Response Team – India
  • यह एक सरकारी सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा संगठन है.
  • इसे 2004 में भारत सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने सृजित किया था और यह उसी विभाग के अधीन काम करता है.
  • CERT- In के कार्य हैं – कंप्यूटर सुरक्षा से सम्बंधित मामलों पर प्रतिक्रिया देना, कहाँ-कहाँ साइबर आक्रमण हो सकता है उस पर प्रतिवेदन देना और देशभर में सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा के लिए कारगर चलनों को बढ़ावा देना.
  • सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम, 2008 में यह प्रावधान किया गया है कि इस अधिनियम के कार्यान्वयन का निरीक्षण करने के लिए CERT-In ही उत्तरदायी होगी.

 साइबर स्‍वच्‍छता केंद्र

साइबर स्वच्छ केंद्र का उद्देश्य भारत के भीतर बॉटनेट संक्रमण का पता लगाकर सुरक्षित साइबर स्पेस बनाना है. यह CERT द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70 B में प्रावधान के अनुसार संचालित है.


Prelims Vishesh

FIR Aapke Dwar :

  • मध्य प्रदेश सरकार ने FIR आपके द्वार  नामक एक प्रायोगिक परियोजना आरम्भ की है जिसके अंतर्गत पुलिसकर्मी पीड़ित व्यक्तियों के घर जाकर प्रथम सूचना प्रतिवेदन (FIR) लिखेंगे.
  • अगम्भीर मामलों में FIR पीड़ित के घर पर ही दर्ज हो जायेगी किन्तु गंभीर मामलों के लिए वहाँ पर पहुँचने वाले कॉन्स्टेबल अपने वरिष्ठ अधिकारीयों से परामर्श करके FIR दर्ज करेंगे.

CHAMPIONS portal :-

छोटे-छोटे उद्यमों को बड़ा बनाने के लिए केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) मंत्रालय ने एक टेक्नोलॉजी पर आधारित नियंत्रण कक्ष-सह-प्रबंधन सूचना प्रणाली तैयार की है जो टेलेफोन, इन्टरनेट और विडियो कांफ्रेंस के माध्यम से MSME को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर तक ले जाने में सहयता करेगी.


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