Sansar डेली करंट अफेयर्स, 16 July 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 16 July 2020


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Related to Health.

Topic : Pneumococcal Polysaccharide Conjugate Vaccine

संदर्भ

हाल ही में भारतीय औषधि महानियंत्रक ने न्यूमोकोकल पालीसैकेराईड कंजुगेट टीके (Pneumococcal Polysaccharide Conjugate Vaccine) को बाजार में विक्रय करने की इजाजत दे दी है.

न्यूमोकोकल पालीसैकेराईड कंजुगेट टीका

  • यह पूर्णतया भारत देश में बनाया हुआ टीका है.
  • यह टीका न्यूमोनिया के उपचार में प्रयुक्त होगा.
  • इस टीके को मेसर्स सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पुणे द्वारा विकसित किया गया है.
  • इस टीके को तीन चरणों के नैदानिक परीक्षण के बाद विक्रय की अनुमति मिली  है.
  • इस टीके का परीक्षण जाम्बिया में भी हो चुका है.

भारतीय औषधि महानियंत्रक

  • भारतीय औषधि महानियंत्रक , केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन के अंतर्गत दवाओं तथा उपकरणों का विनियमन करता है.
  • केंद्रीय औषध मानक नियंत्रण संगठन भारत में दवाओं तथा चिकित्सा उपकरणों के लिए राष्ट्रीय विनियामक निकाय है.

CDSCO क्या है?

  • केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के अंतर्गत एक राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण है.
  • औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम (Drugs and Cosmetics Act) के अनुसार, CDSCO इन कार्यों के लिए उत्तरदायी है – नई औषधियों का अनुमोदन, चिकित्सकीय परीक्षण, औषधियों के लिए मानक का निर्धारण, आयात की गई औषधियों की गुणवत्ता पर नियंत्रण एवं राज्यों के औषधि नियंत्रण संगठनों के कार्यकलाप का समन्वयन.
  • CDSCO औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने में समरूपता लाने हेतु राज्य औषधि नियंत्रण संगठनों को विशेषज्ञतापूर्ण परामर्श प्रदान करता है.
  • इसके अलावे, CDSCO और राज नियामक निकाय रक्त एवं रक्त उत्पादों, I.V. द्रवों, टीकों और सीरम जैसी महत्त्वपूर्ण दवाओं की विशेष श्रेणियों के लिए लाइसेंस देने के लिए संयुक्त रूप से उत्तरदायी होते हैं.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation / Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes.

Topic : Transgender Persons (Protection of Rights) Act, 2019

संदर्भ

ट्रांसजेंडर समुदाय द्वारा कड़ी आलोचना करने के पश्चात्, केंद्र सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 के अधीन तैयार किये गए नये प्रारूप नियमों में पहचान प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए चिकित्सा परीक्षण की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है.

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (अधिकारों का संरक्षण) नियम ड्राफ्ट, 2020 – एक दृष्टि में

  1. सभी शैक्षणिक संस्थानों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के किसी भी उत्पीड़न अथवा भेदभाव के मामले की सुनवाई करने के लिए एक समिति गठित की जायेगी.
  2. उपयुक्त सरकार’, किसी भी सरकारी अथवा निजी संस्थान या किसी प्रतिष्ठान में होने वाले भेदभाव पर रोक लगाने के लिए समुचित कदम उठायेगी.
  3. राज्य, अधिनियम की धारा 18 के अधीन आरोपित ‘व्यक्तियों के शीघ्र अभियोजन’ के लिए उत्तरदायी होंगे. अधिनियम की धारा 18 में ट्रांसजेंडर समुदाय के विरुद्ध अपराधों तथा दंड का भी प्रावधान है.
  4. ट्रांसजेंडर समुदाय के खिलाफ अपराध में जुर्माने के साथ छह महीने से दो वर्ष तक की कारावास हो सकती है.
  5. राज्य सरकारें, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के खिलाफ अपराधों के मामलों की निगरानी करने तथा अधिनियम की धारा 18 को लागू करने हेतु जिला मजिस्ट्रेट और DGP के अंतर्गत एक ट्रांसजेंडर संरक्षण सेल का गठन करेंगी.

ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम, 2019 के मुख्य तथ्य

  • इस विधेयक का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्ति के विरुद्ध विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे भेदभाव को समाप्त करना है. जिन क्षेत्रों में इनसे भेदभाव होता है, वे हैं – शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य-देखभाल.
  • विधेयक केंद्र और राज्य सरकारों को इनके लिए कल्याणकारी योजनाएँ चलाने का निर्देश देता है.
  • विधेयक में कहा गया है कि किसी व्यक्ति को ट्रांसजेंडर में रूप में मान्यता उस पहचान प्रमाण-पत्र के आधार पर दी जाएगी जो जिला छटनी समिति के माध्यम से निर्गत होगा. इस प्रमाण-पत्र को ट्रांसजेंडर की पहचान का साक्ष्य माना जाएगा और विधेयक के अंदर विहित अधिकार उसे दिए जाएँगे.

आलोचना

कई सिविल सोसाइटी समूहों ने मुखर होकर इस विधेयक का विरोध किया है. उनकी आलोचनाएँ नीचे दी गई हैं –

  • ट्रांसजेंडर व्यक्ति को यह अधिकार होना चाहिए था कि वह अपनी पहचान स्वयं दे सके, न कि किसी जिला छटनी समिति के माध्यम से.
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आरक्षण देने के मामले में भी विधेयक मौन है.
  • विधेयक में संगठित भीक्षाटन के लिए दंड का प्रावधान किया गया है, परन्तु इसके बदले कोई आर्थिक विकल्प नहीं दिया गया है.
  • ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बलात्कार अथवा यौनाचार के लिए विधेयक में किसी दंड का प्रावधान नहीं है क्योंकि भारतीय दंड संहिता में बलात्कार की परिभाषा में ट्रांसजेंडर को शामिल नहीं किया गया है.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Related to Health.

Topic : Developed By IIT Delhi, ‘World’s Most Affordable’ Covid-19 Diagnostic Kit Corosure Launched At Rs 399

संदर्भ

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्व की सबसे सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट ‘कोरोश्योर’ को डिजिटल माध्यम से अनावरण किया.

कोरोश्योर किट के विषय में जानकारी

  • कोरोश्योर किट का विकास आईआईटी दिल्ली द्वारा किया गया है.
  • आईआईटी दिल्ली, रियल-टाइम पीसीआर- आधारित परीक्षण के लिए आईसीएमआर की स्वीकृति प्राप्त करने वाला पहला अकादमिक संस्थान बन गया है.
  • यह किट आरटी-पीसीआर पर आधारित है और इसे आईसीएमआर और डीसीजीआई द्वारा स्वीकृति प्राप्त है.
  • इस किट को उच्चतम अंकों के साथ आईसीएमआर की स्वीकृति प्राप्त हुई है और डीसीजीआई ने इसे बहुत ही उच्च संवेदनशीलता और विशिष्टता के साथ स्वीकृति प्रदान की है.
  • कोरोश्योर किट का विकास स्वदेशी रूप से किया गया है
  • आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित कोविड-19 के लिए यह पहला जांच-मुक्त परीक्षण भी है.
  • इसके परीक्षण को सरकार के चिकित्सा अनुसंधान निकाय में 100% संवेदनशीलता और विशिष्टता के साथ मान्यता दी गई है.

लाभ

  • यह अन्य किटों की तुलना में बहुत ही किफायती है.
  • कोरोनोवायरस के प्रसार का पता लगाने और इसे नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी.
  • यह देश-भर में परीक्षण को प्रोत्साहन देगा.
  • इससे भारत के आत्मनिर्भर अभियान को भी प्रोत्साहन मिलेगा.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Science and Technology

Topic : Reliance Jio’s 5G technology

संदर्भ

हाल ही में रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अम्बानी जी ने रिलायंस जियो द्वारा 5G प्रौद्योगिकी को विकसित करने की घोषणा की है.

रिलायंस समूह की डिजिटल शाखा ” जियो ” 5G प्रौद्योगिकी में कदम रखने हेतु तैयार है. रिलायंस प्रमुख के अनुसार रिलायंस जियो द्वारा 5G का परीक्षण किया जा रहा है तथा अगले वर्ष तक इसके परिचालन की सम्भावना है.

इसके साथ ही गूगल द्वारा जियो प्लेटफॉर्म में 33737 करोड़ का निवेश कर 7 % की रणनीतिक हिस्सेदारी में भी रूचि दिखाई गई है.

जियो प्लेटफॉर्म के बारे में

जियो प्लेटफॉर्म करीब 20 स्टार्ट-अपों के साथ 4G ,5G , क्लाउड कम्प्यूटिंग , कृत्रिम बुद्धिमत्ता , ब्लॉकचैन तकनीकी, डिवाइस तथा ऑपरेटिंग सिस्टम जैसी तकनीकों पर कार्य करता है. ये तकनीकें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहायक हो रही हैं.

1G, 2G, 3G और 4G FEATURES

  • 1G = इसका प्रयोग केवल voice call के लिए ही प्रयोग किया जाता था. इसकी मौलिक विशेषताएँ थीं – 4kbps की गति, केवल एक देश में ही voice call, एनालॉग सिग्नल का प्रयोग, खराब voice गुणवत्ता आदि.
  • 2G= यह एक डिजिटल प्रौद्योगिकी है जिसमें टेक्स्ट संदेशों का प्रयोग भी किया जाता है. 2G के आगे 5G प्रणाली के अंतर्गत पॉकेट स्विचिंग एवं सर्किट स्विचिंग डोमेन का प्रयोग किया जाता है तथा यह 144kbps तक डाटा गति प्रदान करता है, उदाहरण के लिए GPRS, CDMA आदि.
  • 3G= 3G की मोबाइल प्रौद्योगिकी उच्च डेटा प्रेषण दर, वर्धित क्षमता और मल्टीमीडिया सपोर्ट उपलब्ध कराती है. इस प्रौद्योगिकी का लक्ष्य उच्च गति डेटा उपलब्ध कराना तथा डेटा सेवाएँ, टेलीविज़न/विडियो तक एक्सेस, वैश्विक रोमिंग जैसी नवीन सेवाएँ आदि प्रदान करना है. इसके अंतर्गत वाइड बैंड वायरलेस नेटवर्क का प्रयोग किया जाता है जिससे स्पष्टता में वृद्धि होती है.
  • 4G = यह वायरलेस मोबाइल नेटवर्क को समर्थन प्रदान करने लिए 3G को स्थायी इन्टरनेट के साथ एकीकृत करती है. यह मोबाइल प्रौद्योगिकी के लिए एक क्रांति है तथा यह 3G के समक्ष विद्यमान बाधाओं को कम करती है. इसमें लॉन्ग टर्म इवेल्यूशन (LTE) को 4G तकनीक माना जाता है.

5G क्या है?

  • 5G एक वायरलेस दूरसंचार प्रौद्योगिकी है. इसमें डेटा प्रसारण एवं प्राप्ति के लिए रेडियो तरंगे और रेडियो आवृत्ति (RF) का प्रयोग किया जाता है.
  • यह 4G LTE नेटवर्क के बाद मोबाइल नेटवर्क प्रौद्योगिकी की अगली पीढ़ी है. 2019 के आरम्भ में 5G प्रौद्योगिकी का उपयोग सेवाओं में क्रमिक रूप से शुरू किया जाएगा और 2024 तक सम्पूर्ण सेवाओं तक इसका विस्तार किया जायेगा.
  • 5G के लिए अंतिम मानक अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (ITU) द्वारा निर्धारित किया जाएगा.

5G की विशेषताएँ

  • उच्च डेटा दर (Hotspots के लिए 1Gbps, डाउनलोड गति 100Mbps तथा वाइड-एरिया कवरेज हेतु 50Mbps की अपलोड गति).
  • व्यापक कनेक्टिविटी (प्रति वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 1 मिलियन कनेक्शन)
  • अल्ट्रा-लो-लेटेंसी (1 मिलीसेकंड)
  • उच्च विश्वसनीयता (मिशन क्रिटिकल “अल्ट्रा-रिलाएबल” संचार हेतु 999%).
  • उच्च गति पर गतिशीलता (500 किमी./घंटा की गति तक अर्थात् उच्च-गति ट्रेन के लिए).

इस प्रौद्योगिकी को वास्तविकता में परिणत होने में अभी काफी समय लगेगा किन्तु इसमें वायरलेस उपकरणों के साथ अंतर्क्रिया के हमारे वर्तमान तरीके को पूर्णतया परिवर्तित करने की पर्याप्त क्षमता है.

5G के लाभ

  • इन्टरनेट की तीव्र गति –वर्तमान में 4G नेटवर्क एक गीगाबाइट प्रति सेकंड की अधिकतम डाउनलोड गति प्राप्त करने में सक्षम है. 5 के साथ इस गति को 10 गीगाबाइट प्रति सेकंड तक बढ़ाया जा सकता है.
  • अल्ट्रा-लो-लेटेंसी –लेटेंसी उस समय को संदर्भित करती है जो एक device से दूसरी device तक एक डेटा पैकेट को भेजने में लगता है. 4G में लेटेंसी दर 50 milliseconds है जबकि 5G में 1 millisecond तक हो सकती है.
  • अच्छी तरह से कनेक्टेड विश्व –5G इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स जैसी प्रौद्योगिकियों  के समायोजन के लिए प्रयोक्ता की आवश्यकता के अनुसार क्षमता तथा बैंडविड्थ प्रदान करेगा. इस प्रकार यह आर्टिफिशियल इन्टेलिजेन्स को अपनाने में सहायता करेगा.
  • डिजिटल आर्थिक नीति परआर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD) समिति के अनुसार 5G प्रौद्योगिकी का क्रियान्वयन GDP में वृद्धि, रोजगारों का सृजन तथा अर्थव्यवस्था को डिजिटल बनाने में सहायता करेगा.

भारत को 5G से लाभ

  • भारत पर 5G का संचयी आर्थिक प्रभाव 2035 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकता है. यह हमारे जीवन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सम्मिलित करने में सहायता करेगा और इन्टरनेट ऑफ़ थिंग्स (IOT) के लिए परिवेश प्रदान करने हेतु स्मार्ट उपकरणों को निर्बाध रूप से डेटा के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा.
  • 5G कृषि से लेकर, स्मार्ट सिंचाई, मृदा एवं फसल की बेहतर निगरानी एवं पशुधन प्रबन्धन तक सम्पूर्ण मूल्य शृंखला में सुधार को सक्षम बना सकता है.
  • 5G सटीक विनिर्माण के लिए रोबोटिक्स के उपयोग को सक्षम बनायेगा, विशेषत: जहाँ मनुष्य इन कार्यों को सुरक्षित या सटीकता से निष्पादित नहीं कर सकता.
  • ऊर्जा क्षेत्र में, “स्मार्ट ग्रिड” और “स्मार्ट मीटरिंग” को सहायता प्रदान की जा सकती है.
  • स्वास्थ्य देखभाल में, 5G अधिक प्रभावी दूरस्थ-चिकित्सा वितरण, सर्जिकल रोबोटिक्स के दूरस्थ नियंत्रण और महत्त्वपूर्ण आँकड़ों की वायरलेस निगरानी को सक्षम बना सकता है.

चुनौतियाँ

यह एक विशाल कार्य है जिसमें स्पेक्ट्रम और नए एंटेना की स्थापना सम्बन्धित मुद्दे सम्मिलित हैं. जैसे कि ईमारतें, वृक्ष, खराब मौसम आदि भी अवरोधक का कारण बन सकते हैं. अतः बेहतर कनेक्शन हेतु अधिक बेस स्टेशनों का निर्माण किये जाने की आवश्यकता है.

5G तक संक्रमण हेतु भारत के पास एक मजबूत बैकहॉल (backhaul) का अभाव है. दरअसल बैकहॉल एक प्रकार का नेटवर्क होता है जो सेल साइट्स को सेन्ट्रल एक्सचेंज से जोड़ता है. इस समय 80% सेल साइट्स माइक्रोवेव बैकहॉल तथा 20% साइट्स फाइबर के माध्यम से कनेक्टेड हैं.  भारतीय बाजार आज की तिथि में सिर्फ 4G के लिए अनुकूल है.


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Infrastructure

Topic : India’s first trans-shipment hub – Vallarpadam Terminal of Cochin Port,Kerala

संदर्भ

भारत के सर्वप्रथम ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट के रूप विकसित किए जा रहे कोच्चि बंदरगाह के वल्लारपदम टर्मिनल की विकास गतिविधियों की समीक्षा की गयी.

वल्लारपदम टर्मिनल

  • वल्लारपदम टर्मिनल को कोच्चि इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांस-शिपमेंट टर्मिनल (आईसीटीटी) के नाम से भी जाना जाता है.
  • यह भारतीय तटरेखा में रणनीतिक स्थान पर है और ट्रांस-शिपमेंट हब के रूप में विकसित करने के लिए जरूरी सभी मानदंडों को यह सफलतापूर्वक पूर्ण करता है.
  • ये आवश्यक मापदंड हैं:
  1. अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों से निकटता को दृष्टि में रखकर यह सबसे श्रेष्ठ जगह पर स्थित भारतीय बंदरगाह है;
  2. ये सभी भारतीय फीडर बंदरगाहों से न्यूनतम औसत समुद्री दूरी पर स्थित है;
  3. इसकी कनेक्टिविटी मुंद्रा से लेकर कोलकाता तक, भारत के पश्चिमी और पूर्वी तटों पर सभी बंदरगाहों तक है;
  4. भारत के प्रमुख भीतरी इलाकों के बाजारों से इसकी निकटता है;
  • इसमें आवश्यकतानुसार बड़े जहाजों को प्रबंधित करने और क्षमता बढ़ाने के लिए बुनियादी ढांचा भी विद्यमान है.

ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट (Trans-Shipment Port)

ट्रांस-शिपमेंट हब, कोचीन बंदरगाह पर स्थित वह टर्मिनल है जो अस्थायी रूप से कंटेनरों का प्रबंधन एवं संग्रहण करता है और उन्हें आगे के गंतव्य के लिये अन्य जहाज़ों में स्थानांतरित करता है.

ट्रांस-शिपमेंट हब के रूप में विकसित होने के लिये आवश्यक मानदंड

  • अंतर्राष्ट्रीय समुद्री मार्गों से नजदीकी होने के चलते यह सबसे उचित जगह पर स्थित भारतीय बंदरगाह है.
  • यह सभी भारतीय फीडर बंदरगाहों से कम-से-कम औसत समुद्री दूरी पर स्थित है.
  • भारत के पश्चिम एवं पूर्वी तटों के सभी बंदरगाहों पर इसके कई साप्ताहिक फीडर कनेक्शन हैं.
  • भारत के प्रमुख आतंरिक बाज़ारों से इसकी निकटता है.
  • इसमें आवश्यकतानुसार बड़े जहाज़ों को प्रबंधित करने की क्षमता है तथा जहाज़ों की संख्या में वृद्धि हेतु पर्याप्त बुनियादी ढाँचा विद्यमान है.

Prelims Vishesh

Chushul :-

  • भारत और चीन चुशुल में कॉर्ज कमांडरों की चौथी वार्ता करने जा रहे हैं.
  • ज्ञातव्य है कि चुशुल भारतीय सेना और चीनी सेना के सीमाकर्मियों की बैठक के लिए निर्धारित पाँच स्थलों में से एक है.
  • चुशुल लद्दाख के लेह जिले में चुशुल घाटी के अन्दर दुर्बुक तहसील में स्थित है और रेजांग ला तथा पांगोंग झील से अत्यंत निकट है.

Arad and Carmel :-

  • इजराइल के दो नये आक्रमण राइफल – अराल एवं कार्मेल – अब भारत में बनने लगेंगे.
  • इनका निर्माण मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत मध्य प्रदेश में होगा.

World’s longest subsea powercable :-

नवीकरणीय बिजली को आपस में बाँटने हेतु ब्रिटेन और डेनमार्क के बीच विश्व का सबसे लम्बा (767 किलोमीटर) समुद्र के भीतर का ऊर्जा केबल बनने जा रहा है जिसके लिए निर्माण कार्य लिंकनशायर में प्रारम्भ हो चुका है.

Tangams :-

  • पिछले दिनों अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक पुस्तक प्रकाशित की जिसका शीर्षक है – “तंगाम: अरुणाचल प्रदेश के विकट रूप से संकटग्रस्त समूह का एक प्रजातीय-भाषायी अध्ययन/ “Tangams: an Ethnolinguistic study of the critically endangered group of Arunachal Pradesh”.
  • विदित हो कि तंगाम समुदाय अरुणाचल प्रदेश की आदि नामक जनजाति (Adi tribe) का एक अंग है जो अब सिमट कर केवल कुग्गिंग (Kugging) गाँव में रह गया है.
  • तंगाम भाषा के बोलने वाले भी 253 ही हैं.
  • UNESCO के संकटग्रस्त भाषाओं के वैश्विक एटलस (2009) के अनुसार तंगाम भाषा तिब्बती-बर्मी भाषा परिवार के तानी समूह की एक साहित्यहीन भाषा है जो विकट रूप से संकटग्रस्त (critically endangered) है.

Bhanu Jayanti :-

  • प्रत्येक वर्ष की भाँति नेपाल में इस वर्ष भी 13 जुलाई को नेपाली साहित्यकार भानुभक्त आचार्य की जयंती (206वीं) मनाई गई.
  • ज्ञातव्य है कि भानुभक्त आचार्य वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वाल्मीकि के रामायण का संस्कृत से नेपाली में अनुवाद किया था.

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