Sansar डेली करंट अफेयर्स, 16 December 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 16 December 2019


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : Disha Bill

संदर्भ

आंध्र प्रदेश विधान सभा ने पिछले दिनों आंध्र प्रदेश आपराधिक विधि (संशोधन) विधेयक, 2019  (Andhra Pradesh Criminal Law (Amendment) Act 2019) पारित कर दिया है. हैदराबाद में नवम्बर 27 को बलात्कार की शिकार हुई और मार दी गई पशु चिकित्सा दिशा के नाम पर इस विधेयक को दिशा विधेयक, 2019 भी कहा जा रहा है.

दिशा विधेयक के मुख्य तत्त्व

  1. अभी बलात्कार के मामलों के निपटारे के लिए निर्धारित समय-सीमा 4 महीने है. यह विधेयक उस सीमा को घटाकर 21 दिन करता है. साथ ही इसमें प्रावधान है कि यदि पर्याप्त निर्णायक साक्ष्य हैं तो जाँच-पड़ताल का काम एक सप्ताह में और मुकदमा 14 कार्यदिवसों में अवश्य पूरा कर लिया जाए.
  2. विधेयक में बच्चों के प्रति यौन अपराध के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान है.
  3. विधेयक के अनुसार भारतीय दंड संहिता 354E अनुभाग जोड़कर यह व्यवस्था की जायेगी कि यदि कोई स्त्रियों को सोशल अथवा डिजिटल मीडिया के द्वारा परेशान करता है तो उसे पहले अपराध पर 2 वर्ष का कारावास तथा अगले इस प्रकार के अपराधों के लिए 4-4 वर्षों का कारावास दिया जाएगा.
  4. दिशा विधेयक के अनुसार आंध्र प्रदेश सरकार स्त्रियों और बच्चों के प्रति अपराध करने वालों की एक पंजी इलेक्ट्रॉनिक रूप में बनाएगी और उसे सार्वजनिक करते हुए विधि प्रवर्तन (law enforcement) एजेंसियों को उपलब्ध करवा देगी.
  5. तीव्र मुकदमे के लिए सरकार प्रत्येक जिले में ऐसे विशेष न्यायालय गठित करेगी जो स्त्रियों और बच्चों के प्रति अपराध जैसे बलात्कार, तेज़ाब फेकना, पीछा करना, घूर के देखना, सोशल मीडिया के माध्यम से परेशान करना और POCSO अधिनियम में आने वाले सभी मामलों को देखेंगे.
  6. इसी प्रकार प्रत्येक जिले में DSP की अध्यक्षता में जिला विशेष पुलिस दल गठित होंगे जो स्त्रियों और बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों की जाँच करेंगे.
  7. प्रत्येक विशेष न्यायालय के लिए एक विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करेगी.

GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : Accessible India Campaign

संदर्भ

सरकार के सुगम्य भारत अभियान (Accessible India Campaign – AIC) की समय-सीमा मार्च, 2020 तक बढ़ा दी गई है क्योंकि इसमें हो रही प्रगति की चाल धीमी है.

विदित हो कि यह अभियान UNCRPD (UN Convention on the Rights of Persons with Disabilities) की धारा 9 के अनुरूप है, जिस पर भारत ने 2007 में हस्ताक्षर कर दिए थे.

सुगम्य भारत अभियान (AIC) क्या है?

  • यह निःशक्त जन अधिकारिता विभाग (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय) का एक राष्ट्रव्यापी मूर्धन्य अभियान है.
  • इसका उद्देश्यदेश भर के दिव्यांगजनों के लिए बाधारहित और अनुकूल परिवेश तैयार करना है. इसका ध्येय एक ऐसा समावेशी समाज बनाना है जिसमें दिव्यांग जनों के विकास और वृद्धि के लिए सामान्य अवसर हों और वे एक उत्पादनशील, निरापद और गरिमामय जीवन बिता सकें.
  • इस योजना के सम्यक कार्यान्वयन के लिए अभियान को तीन भागों में बाँट दिया गया है, ये हैं – भवन परिवेश, परिवहन तथा सूचना एवं संचार तकनीक तन्त्र (ICT).

AIC के पुराने लक्ष्य

  1. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सभी राज्यों की राजधानियों में स्थित आधे सरकारी भवनों को दिसम्बर, 2018 तक दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाना.
  2. दिसम्बर, 2019 तक 50% सरकारी भवनों में सुगम्यता की जाँच को पूरा करना और राज्यों के 10 सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण शहरों को पूर्णतः सुगम्य बनाना.
  3. मार्च 2018 तक देश के 50% रेलवे स्टेशनों को पूर्णतः सुगम्य बनाना.
  4. मार्च 2018 तक यह व्यवस्था करना कि देश में सरकार के स्वामित्व वाले सार्वजनिकक परिवहन में से 25% पूर्णतः सुगम्य बन जाए.
  5. मार्च 2017 तक केंद्र और राज्य सरकारों की सभी वेबसाईटों में से 50% की जाँच सुगम्यता की दृष्टि से पूरी कर ली जाए और उन्हें पूर्णतः सुगम्य बना डाला जाए.

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : UNESCO’s List of Intangible Cultural Heritage

संदर्भ

थाईलैंड की “नुआद” (Nuad) नामक मालिश की पद्धति को UNESCO ने मान्यता दे दी है और उसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर वाली सूची में अंकित कर दिया है.

विदित हो कि इस वर्ष 20 अमूर्त धरोहरों को इस सूची में डाला गया है जिनमें कुछ उल्लेखनीय धरोहरें हैं – आयरलैंड का हार्प नामक वाद्ययंत्र, पुर्तगाल का कार्निवल ऑफ़ पोडेंस मेला, तुर्की की पारम्परिक धनुर्विद्या तथा स्लोवाकिया का तार-शिल्प एवं कला.

UNESCO की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची

  • यह एक प्रतिष्ठित सूची है जिसमें अमूर्त धरोहरें शामिल होती हैं और जो सांस्कृतिक विरासत की विविधता को दिखलाती है एवं इसके महत्त्व के बारे में जागरूकता पैदा करती है.
  • यह सूची 2008 में पहली बार बनी थी जब अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षा संधि लागू हुई थी.
  • इस सूची के दो भाग हैं – i) अमूर्त मानव सांस्कृतिक धरोहर की सूची जो किसी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती है ii) ऐसी अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर जिनको तुरंत सुरक्षित करने की आवश्यकता है.

भारत की भी कुछ अमूर्त सांस्कृतिक धरोहरें इस सूची में देखी जा सकती हैं, जैसे – 

  • वैदिक मन्त्रोच्चार परम्परा.
  • रामलीला
  • कुटियाट्टम, संस्कृत नाटक
  • गढ़वाल का रामन धार्मिक उत्सव एवं पारम्परिक नाटक
  • केरल का मुडीयेट्टु नामक पारम्परिक नाटक और नृत्य नाटिका
  • राजस्थान का कालबेलिया लोक नाटक एवं नृत्य
  • ओडिशा का छऊ नृत्य
  • लद्दाख का बौद्ध मन्त्रोच्चार
  • मणिपुर का संकीर्तन नामक परम्परागत गायन.
  • ढोलवादन एवं नृत्य.
  • पंजाब के जंडियाला गुरु के ठठेरों द्वारा पारम्परिक पीतल और ताम्बे के बर्तन बनाने की कला
  • योग
  • नवरोज़
  • कुम्भ मेला

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : International Geological Congress

संदर्भ

मार्च में भारत में 36वें अंतर्राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक कांग्रेस (36th International Geological Congress IGC) के आयोजन की तैयारियाँ चल रही हैं.

मुख्य तथ्य

  • भारत एकमात्र ऐसा देश जहाँ यह आयोजन दुबारा हो रहा है. स्मरणीय है कि अंतर्राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक कांग्रेस का 22वाँ आयोजन 1964 में भारत में हुआ था.
  • IGC को आयोजित करने के लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (Geological Survey of India) को नाभिक एजेंसी (nodal agency) बनाया गया है.

अंतर्राष्ट्रीय भूवैज्ञानिक कांग्रेस क्या है?

  • यह भूवैज्ञानिक घटनाओं से सम्बंधित एक वैश्विक सम्मेलन है जो प्रत्येक चौथे वर्ष आयोजित होता है और जिसमें विश्व-भर के 5-6 हजार प्रतिभागी सम्मिलित होते हैं.
  • इस कांग्रेस को कभी-कभी भूविज्ञान का ओलंपिक्स भी कहा जाता है.
  • इस बार के सम्मेलन की थीम है – “भूविज्ञान : सतत विकास के लिए आधारभूत विज्ञान”/ ‘Geosciences: The Basic Science for a Sustainable Development’.

GS Paper 3 Source: PIB

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UPSC Syllabus : Science and Technology- developments and their applications and effects in everyday life.

Topic : New definition of kilogram

संदर्भ

भारत में 1 किलोग्राम का प्रोटोटाइप (NPK-57) आ चुका है और इसे नई दिल्ली की राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला में रख दिया गया है.

पृष्ठभूमि

पिछले वर्ष वैज्ञानिकों ने किलोग्राम की परिभाषा नए सिरे से की थी जिसके लिए भार एवं माप से सम्बंधित सामान्य सम्मेलन (General Conference on Weights and Measures) में निर्णय लिया गया था. नई परिभाषा 20 मई, 2019 से लागू है.

पिछले वर्ष भार एवं माप से सम्बंधित सामन्य सम्मेलन (General Conference on Weights and Measures – CGPM) में किलोग्राम की परिभाषा में परिवर्तन किया गया था. यह परिवर्तन 20 मई, 2019 से प्रभावी हो गया है. इसी संदर्भ में CSIR-NPL ने कुछ अनुशंसाएँ निर्गत की हैं जिनके अनुसार विद्यालयों के पाठ्यक्रम, इंजीनियरिंग शिक्षा की पुस्तकों और पाठ्यक्रमों में किलोग्राम की नई परिभाषा को सम्मिलित किया जाएगा.

CSIR-NPL अपना स्वयं का एक उपकरण – किब्ब्ल बैलेंस “Kibble Balance” – बनाने जा रहा है जिसका प्रयोग किलोग्राम की नई परिभाषा गढ़ने में किया गया था.

किलोग्राम की परिभाषा में परिवर्तन क्यों?

  • वर्तमान में किलोग्राम की परिभाषा Le Grand K नामक एक प्लेटिनम के बने धातुपिंड के भार के आधार पर दी जाती है अर्थात् इसी धातुपिंड के भार को पूरे विश्व में एक किलोग्राम माना जाता है.
  • यह धातुपिंड बहुत सुरक्षा के साथ पेरिस में बंद रखा जाता है.
  • Le Grand K 1889 से भार नापने की अंतर्राष्ट्रीय प्रणाली का अग्रदूत बना हुआ है. इसकी कई प्रतिकृतियाँ बना-बना कर पूरे विश्व में वितरित की जाती हैं. परन्तु ऐसा देखा जाता है कि समय बीतने के साथ इनमें आंशिक क्षरण हो जाता है. विदित हो कि औषधि निर्माण, नैनो टेक्नोलॉजी और सटीक इंजीनियरिंग जैसे कई क्षेत्रों में सटीक माप अत्यधिक आवश्यक होती है. अतःLe Grand K के स्थान पर अधीक सटीक माप हेतु किलोग्राम की नई परिभाषा गढ़ना आवश्यक हो गया था.

Le Grand K कितना गलत है?

Le Grand K के भार में बहुत हल्का-सा अंतर आया है जो आँख की बरौनी के एक बाल के भार से भी कम है. यह अंतर अति-सूक्ष्म है, फिर भी इसके बड़े-बड़े परिणाम हो सकते हैं.

भार एवं माप से सम्बंधित सामान्य सम्मेलन (CGPM)

इस सम्मेलन में भारत समेत 60 देश हैं और 42 सम्बद्ध सदस्य भी हैं. इस सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीय निकाय पर सटीक माप निर्धारित करने की जिम्मेवारी होती है.


Prelims Vishesh

What is StrandHogg? :-

  • StrandHogg एक ऐसा मैलवेयर है जो वास्तविक ऐप जैसा दिखता है और सभी प्रकार के यूजर डाटा तक इसकी पहुँच है.
  • पिछले दिनों गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को चेतावनी दी है कि इस बग से एंड्राइड प्रणालियों को खतरा है. वस्तुतः यह बग बातचीत को सुन सकता है, फोटो एलबम तक जा सकता है, संदेश भेज और पढ़ सकता है, कॉल कर सकता है, बातचीत को रिकॉर्ड कर सकता है, लॉग इन क्रेडेंशियलों को अलग-अलग खातों तक भेज सकता है, निजी चित्रों/फाइलों/सम्पर्क विवरणों/कॉल लोग और लोकेशन तक पहुँच सकता है.

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