Sansar डेली करंट अफेयर्स, 15 November 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 15 November 2019


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Separation of powers between various organs dispute redressal mechanisms and institutions.

Topic : SC Strikes Down Finance Act Rules for Appointments to Judicial Tribunals

संदर्भ

पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय ने एक अंतरिम आदेश पारित किया जिसमें कहा गया कि पंचाटों में नियुक्ति वर्तमान कानूनों के आधार पर होगी न कि वित्त अधिनियम, 2017 के अधीन बनाये गये नियमावली के तहत.

न्यायालय ने कहा?

  • सरकार नियमावली को फिर से बनाये और तब तक वर्तमान कानूनों के अनुसार पंचाट चलाये जाएँ.
  • विधि मंत्रालय एक परिणाम विषयक अध्ययन कर के सर्वोच्च न्यायालय को प्रतिवेदित करे.
  • वित्त अधिनियम, 2017 को धन विधेयक के रूप में पारित किया जाना सही था कि नहीं इसका निर्णय एक अधिक बड़ी बेंच करे.

विवाद क्या है?

वित्त अधिनियम केंद्र सरकार को यह शक्ति देता है कि वह राष्ट्रीय हरित अधिकरण, आयकर अपीलीय अधिकरण, राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय अधिकरण जैसे न्यायिक पंचाटों की नियुक्ति करने, पदच्युत करने और सदस्यों की सेवा शर्तें निर्धारित करने का काम करे.

याचिकाकर्ताओं ने वित्त अधिनियम, विशेषकर इसके भाग XIV को विभिन्न आधारों पर चुनौती दी थी. इस भाग में केन्द्रीय कानूनों के अंतर्गत स्थापित 26 पंचाटों के प्रशासन से समबन्धित प्रावधानों को हटा दिया था तथा केंद्र सरकार को अनुभाग 184 के तहत नियमावली बनाने की शक्ति दी थी.

याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वित्त अधिनियम, 2017 धन विधेयक के रूप में पारित हुआ था जो संवैधानिक दृष्टि से एक अपराध था.

धन विधेयक क्या है?

धन विधेयक उस विधेयक को कहते हैं जिसका सम्बन्ध संघ की आय, व्यय, निधियों, हिसाब-किताब और उनकी जाँच इत्यादि से हो. निम्नलिखित विषयों से सम्बद्ध विधेयक धन विधेयकों होते हैं –

  1. कर लगाने, घटाने, बढ़ाने या उसमें संशोधन करने इत्यादि से सम्बद्ध विधेयक.
  2. ऋण या भारत सरकार पर आर्थिक भार डालने की व्यवस्था से सम्बद्ध विधेयक.
  3. भारत की संचित या आकस्मिक निधि को सुरक्षित रूप से रखने या उसमें से धन निकालने की व्यवस्था से सम्बद्ध विधेयक.
  4. भारत की संचित निधि पर किसी व्यय का भार डालने या उसमें से किसी व्यय के लिए धन की स्वीकृति देने से सम्बद्ध विधेयक.
  5. सरकारी हिसाब में धन जमा करने या उसमें से खर्च करने, उसकी जाँच करने आदि से सम्बद्ध विधेयक.

कोई विधेयक धन विधेयक (money bill) है या नहीं, इसका निर्णय करने का अधिकार लोक सभा के अध्यक्ष को प्राप्त है.

धन विधेयक के बारे में विस्तार से पढ़ें > धन विधेयक


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Constitution- historical underpinnings, evolution, features, amendments, significant provisions and basic structure.

Topic : Sabarimala case

संदर्भ

सबरीमाला माला मंदिर में सभी आयु की महिलाओं को प्रवेश देने की छूट देने वाले सर्वोच्च न्यायालय ने सितम्बर 2018 के आदेश को चुनौती देने वाली और समीक्षा की माँग करने वाली 65 याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय ने एक सात न्यायाधीशों वाली बेंच को विचारार्थ भेज दिया है.

यह निर्णय पाँच न्यायाधीशों की एक बेंच ने दिया था. इन पाँच न्यायाधीशों में दो सभी स्त्रियों को प्रवेश देने के पक्ष में थे जबकि तीन समीक्षा चाह रहे थे.

बड़ी बेंच के लिए दिए गये तर्क

  • धार्मिक स्थलों में महिलाओं पर प्रतिबंध लगना मात्र सबरीमाला का मामला नहीं होकर कई स्थानों में देखा जाता है. मस्जिदों में और अगियारी में भी स्त्रियों का जाना निषिद्ध है. अतः इन समग्र मामलों पर एक अधिक बड़ी बेंच को सुनवाई करना चाहिए.
  • किसी भी धार्मिक समूह को अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चलने और उनका प्रचार करने का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 25 में मिला हुआ है.

सात न्यायाधीशों की बेंच के समक्ष विचारणीय प्रश्न

  1. न्यायालय को यह देखना होगा कि जिस प्रथा की बात हो रही है वह उस धर्म का अभिन्न अंग है अथवा नहीं?
  2. क्या इस प्रथा को पालने या न पालने का प्रश्न सम्बंधित धर्म प्रमुख पर छोड़ दिया जाए?
  3. क्या अभिन्न धार्मिक प्रथाओं को संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत संवैधानिक सुरक्षा दे दी जाए?
  4. क्या ऐसी याचिकाओं को न्यायिक मान्यता मिले जो उन लोगों द्वारा दायर की गई है जो स्वयं सम्बंधित धर्म के अनुयायी नहीं हैं?

GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Health, Education, Human Resources.

Topic : Nadu Nedu programme

संदर्भ

आंध्र प्रदेश सरकार ने “नाडु नेडु” नामक एक शैक्षणिक कार्यक्रम आरम्भ किया है जिसका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को जीवंत और प्रतिस्पर्धी संस्थानों में बदलना है.

कार्यक्रम के मुख्य तत्त्व

  • सभी सरकारी विद्यालयों को अपेक्षित अवसंरचना से लैस किया जाएगा.
  • अंग्रेजी भाषा की प्रयोगशालाएँ बनाई जाएँगी और साथ ही कौशल उत्क्रमण का प्रबंध भी किया जायेगा.
  • सरकारी विद्यालयों में स्वच्छ जल, कुर्सी-टेबल, चहारदिवारी, शौचालय आदि की मूलभूत सुविधाएँ दी जाएँगी.
  • अगले शैक्षणिक वर्ष से कक्षा 1 से 6 तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई होगी और उसको सही ढंग से लागू करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.
  • अभिभावकीय समितियों और स्थानीय लोगों को सारी प्रक्रियाओं में शामिल किया जाएगा.

आलोचना

सरकार के इस निर्णय से आंध्र प्रदेश में भाषाई विवाद उठ खड़ा हुआ है. कुछ लोगों का विचार है कि अंग्रेजी को इस प्रकार लाद देने से तेलुगु भाषा को क्षति पहुंचेगी और सांस्कृतिक विघटन होगा.


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : UNESCO World Heritage week

संदर्भ

इस वर्ष नवम्बर 19 से लेकर नवम्बर 25 तक UNESCO ने विश्व धरोहर सप्ताह (World Heritage Week) मनाया. इस समारोह का उद्देश्य लोगों को सांस्कृतिक धरोहरों और स्थापत्यों की सुरक्षा और संरक्षण के विषय में अवगत कराना था. ज्ञातव्य है कि भारत में 38 विश्व धरोहर स्थल हैं. इनमें 30 सांस्कृतिक, 7 प्राकृतिक और 1 मिश्रित स्थल हैं.

उल्लेखनीय है कि भारत धरोहर स्थलों की संख्या के मामले में छठा स्थान रखता है.

विश्व धरोहर स्थल क्या है?

UNESCO विश्व धरोहर स्थल वह स्थान है जो UNESCO विशेष सांस्कृतिक अथवा भौतिक महात्म्य के आधार पर सूचीबद्ध करता है. यह सूची UNESCO विश्व धरोहर समिति के द्वारा प्रशासित अंतर्राष्ट्रीय विश्व धरोहर कार्यक्रम द्वारा संधारित की जाती है. इस समिति में 21 देश सदस्य होते हैं जिनका चयन संयुक्त राष्ट्र महासभा करती है.

प्रत्येक विश्व धरोहर स्थल जिस देश में होता है उसके वैधानिक भूक्षेत्र का एक भाग बना रहता है, परन्तु UNESCO अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के हित में इसके संरक्षण का जिम्मा लेता है.

विश्व धरोहर स्थल के लिए पात्रता

  • विश्व धरोहर स्थल के रूप में चुने जाने के लिए उस स्थान पर विचार किया जाता है जो पहले से ही श्रेणीबद्ध लैंडमार्क के रूप में मानी है और जो भौगोलिक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से अनूठा है. इसका विशेष सांस्कृतिक अथवा महत्त्व होना आवश्यक है, जैसे – कोई प्राचीन भग्नावशेष अथवा ऐतिहासिक स्मारक, भवन, नगर, संकुल, मरुभूमि, वन, द्वीप, झील, स्थापत्य, पर्वत अथवा जंगल.
  • विश्व धरोहर स्थल उस स्थल को कहते हैं जो या तो प्राकृतिक है अथवा मनुष्यकृत है. इसके अतिरिक्त कोई भी ऐसा ढाँचा जिसका अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व है अथवा ऐसी जगह जिसके लिए विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है, वह विश्व धरोहर स्थल (world heritage site) कहलाता है.
  • ऐसे धरोहर स्थलों को संयुक्त राष्ट्र संघ और UNESCO की ओर से औपचारिक मान्यता दी जाती है. UNESCO का विचार है कि विश्व धरोहर स्थल मानवता के लिए महत्त्वपूर्ण हैं और इनकी सांस्कृतिक एवं भौतिक सार्थकता ही है.

विश्व धरोहर स्थल का वैधानिक दर्जा

जब UNESCO किसी स्थल को विश्व धरोहर स्थल नामित करता है तो प्रथमदृष्टया यह मान लिया जाता है कि सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील यह स्थल वैधानिक रूप से सुरक्षित होगा. सुरक्षा की यह गारंटी जेनेवा और हेग संधियों में वर्णित प्रावधानों से प्राप्त होती है. विदित हो कि ये संधियाँ युद्ध के समय सांस्कृतिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय  कानून की परिधि में लाती हैं.

संकटग्रस्त स्थल (endangered sites) क्या होते हैं?

  • यदि विश्व धरोहर की सूची में सम्मिलित किसी स्थल पर सशस्त्र संघर्ष और युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, प्रदूषण, अवैध शिकार अथवा अनियंत्रित नगरीकरण अथवा मानव विकास से खतरा उत्पन्न होता है तो उस स्थल को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची में डाल दिया जाता है.
  • ऐसा करने का उद्देश्य यह होता है कि पूरे विश्व में इन खतरों के प्रति जागरूकता उत्पन्न की जाए और उनके प्रतिकार के लिए उपाय करने को प्रोत्साहन मिले. खतरों को दो भागों में बाँट सकते हैं – पहले भाग में वे खतरे हैं जो सिद्ध हो चुके हैं और दूसरे भाग में वे खतरे हैं जो संभावित हैं.
  • UNESCO प्रतिवर्ष संकटग्रस्त सूची के स्थलों के संरक्षण के बारे में जानकारी लेता रहता है. समीक्षोपरान्त सम्बंधित समिति अतिरिक्त कदम उठाने का अनुरोध कर सकती है. चाहे तो वह उस स्थल को सूची से इस आधार पर निकाल दे कि खतरे समाप्त हो गये हैं अथवा उसे संकटग्रस्त सूची एवं विश्व धरोहर की सूची दोनों से विलोपित भी कर सकती है.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indigenization of technology and developing new technology.

Topic : Atal Tinkering Labs

संदर्भ

भारत के सबसे अच्छे नवाचारी छात्रों का पता लगाने के उद्देश्य से अटल नवाचार अभियान की अटल टिंकरिंग लैब (ATL) तथा नीति आयोग संयुक्त रूप से एक अटल टिंकरिंग लैब मैराथन आयोजित कर रहे हैं.

मुख्य तथ्य

  • यह एक छह महीने चलने वाला राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम होगा जिसमें इन विषयों में हुए नवाचार का मूल्यांकन होगा – स्वच्छ ऊर्जा, जल संसाधन, अपशिष्ट प्रबंधन, स्वास्थ्य की देखभाल, स्मार्ट गतिशीलता और कृषि-तकनीक.
  • यह मैराथन 18 वर्ष के नीचे के सभी छात्रों के लिए खुली हुई है.
  • जिन 30 नवाचारों को शीर्षस्थ स्थान मिलेगा, उससे सम्बंधित छात्रों को व्यावसायिक एवं उद्यमिता विषयक कौशल सिखाया जाएगा. साथ ही उन्हें बौद्धिक सम्पदा कारगर संवाद, एलिवेटर पिच बनाने आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा.

ATL क्या है?

  • ATLs वे प्रयोगशालाएँ हैं जिनमें 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स, सेंसर टेक्नोलॉजी उपकरण, इन्टरनेट प्रणाली और सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की व्यवस्था होती है.
  • प्रयोगशाला का उद्देश्य है कि बच्चे पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकीय ज्ञान की परिधि से बाहर निकलकर रचनात्मक गतिविधियाँ सम्पन्न करें.
  • अटल इनोवेशन स्कीम मिशन (AIM) का लक्ष्य है देश के 98% अधिक स्मार्ट शहरों में और 93% जिलों में ऐसी प्रयोगशालाएँ तैयार हों.
  • मिशन का स्वप्न है कि देश के 10 लाख बच्चों को भविष्य के innovators के रूप में विकसित किया जाए और 1500 नए स्कूलों में ATL स्थापित करने के इस कदम से इस दिशा में सफलता मिलेगी.
  • कक्षा6 से 10 तक की पढ़ाई देने वाले सरकारी विद्यालयों के अतिरिक्त स्थानीय निकायों अथवा निजी न्यासों/संस्थाओं में भी ये लैब स्थापित किये जाएँगे.
  • ATL स्थापित करने के लिए अटल नवाचार मिशन अनुदान देगा.इस अनुदान में दस लाख रु. की एकमुश्त स्थापना राशि के अतिरिक्त अधिकतम पाँच वर्षों तक प्रयोगशाला के संचालन हेतु दस लाख रु. भी दिए जाएँगे.

अटल नवाचार मिशन क्या है?

  • यह मिशन भारत सरकार की प्रमुख पहल है जिसका प्रयोजन देश में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है.
  • इस मिशन का कार्य देश के अन्दर नवाचार के वातावरण पर दृष्टि रखने के लिए एक बहु-आयामी अवसरंचना का निर्माण करना है जिससे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार पारिस्थितिकी तन्त्र में क्रान्ति लाई जा सके.

अटल नवाचार मिशन के दो प्रमुख कार्य

स्वरोजगार और प्रतिभा के उपयोग के द्वारा उद्यमिता को बढ़ावा देना. इसके लिए नवाचार करने वाले को सफल उद्यमी बनाने के निमित्त सहायता और मन्त्रणा दोनों दी जायेगी.


Prelims Vishesh

“Shishu Suraksha” app launched in Assam :-

  • असम राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (ASCPCR) ने शिशु सुरक्षा नामक एक मोबाइल ऐप तैयार किया है जिसमें असम का कोई भी बाल अधिकारों के उल्लंघन के बारे में शिकायत डाल सकता है.
  • यह शिकायत आते ही राज्य बाल संरक्षण आयोग मामले की जाँच के लिए उचित अधिकारी को भेज देगा.

International Symposium on Lighting (iSoL) :

  • अंतर्राष्ट्रीय स्वचालित तकनीक केंद्र (ICAT) प्रकाश व्यवस्था के ऊपर एक द्विवार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित कर रहा है.
  • इसमें विश्व-भर के वैसे पेशेवर लोग जमा होंगे जो प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से स्वचालित प्रकाश व्यवस्था के काम से जुड़े हुए हैं.

Golden Leaf Award :-

  • 2006 में टोबैको रिपोर्टर नामक अंतर्राष्ट्रीय पत्रिका द्वारा तम्बाकू उद्योग के क्षेत्र में व्यावसायिक उत्कृष्टता एवं मान्यता देने के निमित्त आरम्भ किया गया वार्षिक गोल्डन लीफ अवार्ड इस वर्ष टोबैको बोर्ड को मिला है.
  • टोबैको बोर्ड को फ्लू से उपचारित वर्जिनिया तम्बाकू (Flue-Cured Virginia – FCV) की खेती में हरित पहलें आरम्भ करने हेतु यह पुरस्कार दिया गया है.

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