Sansar डेली करंट अफेयर्स, 14 June 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 14 June 2021


GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Issues relating to development and management of Social Sector/Services relating to Health, Education, Human Resources.

Topic : Performance Grading Index – PGI

संदर्भ

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री ने प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (Performance Grading Index – PGI) 2019-20 निर्गत करने की स्वीकृति दी.

विदित हो कि 2019 में सरकार ने एक 70-सूत्री प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (Performance Grading Index – PGI) का अनावरण किया था जिसका उद्देश्य प्रत्येक राज्य की विद्यालयी शिक्षा प्रणाली में विद्यमान कमियों का मूल्यांकन करना तथा बच्चों को पढ़ाने से लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के प्रत्येक स्तर पर आवश्यक हस्तक्षेप करते हुए उसमें सुधार लाना है.

PGI क्या है?

  • इस सूचकांक का उद्देश्य राज्यों को यह समझने में सहायता करना है कि वे कहाँ पर पिछड़ रहे हैं और उन्हें यह बतलाना है कि किन आवश्यक क्षेत्रों में हस्तक्षेप करके यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि विद्यालय की शिक्षा प्रणाली प्रत्येक स्तर पर सुदृढ़ रहे.
  • इस विद्यालयी सूचकांक का संकलन भारत सरकार का मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) कर रहा है.
  • सूचकांक में राज्यों का मूल्यांकन 1,000 बिन्दुओं वाली एक ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर किया जाएगा जिसमें प्रत्येक मानदंड के लिए 10-20 बिंदु होंगे.
  • इस सूचकांक में 70 संकेतक इन क्षेत्रों के आधार पर ग्रेडिंग करेंगे – शिक्षकों को पदों में वर्तमान रिक्तियाँ, प्रत्यक्ष भर्ती के पदों की संख्या, विद्यालय का भवन एवं अन्य सुविधाएँ आदि.
  • नीति आयोग PGI के 70 मापदंडों में से 33 मापदंडों को अपनाकर अपने स्तर पर मूल्यांकन करेगा.

माहात्म्य

यह सूचकांक सरकार की उस समग्र चेष्टा के अनुरूप है जिसमें गुणवत्ता में सुधार, शिक्षक-प्रशिक्षण और ज्ञानवर्धन पर बल दिया जा रहा है. यह बतलायेगा कि वे कौन-से आवश्यक क्षेत्र हैं जिनमें हस्तक्षेप करके विद्यालयी शिक्षा को प्रत्येक स्तर पर सुदृढ़ किया जा सकता है.

विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अन्य हालिया कदम

  • राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (National Achievement Survey: NAS), राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) द्वारा आयोजित कक्षा 3, 5, 8 तथा 10 में बच्चों की अधिगम उपलब्धि का आवधिक राष्ट्रीय सर्वेक्षण है.
  • भारत वर्ष 2021 में आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (0£07) द्वारा आयोजित किए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्र मूल्यांकन कार्यक्रम (Programme for International Students Assessment: PISA) में भी भाग ले रहा है.
  • उच्च गुणवत्ता वाली ई-लर्निंग सामग्री के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग (दीक्षा/DIKSHA) मंच आरंभ किया गया है.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Awareness in the fields of IT, Space, Computers, robotics, nano-technology, bio-technology and issues relating to intellectual property rights.

Topic : CHIME telescope yields unprecedented results

संदर्भ

हाल ही में, ‘कैनेडियन हाइड्रोजन इंटेंसिटी मैपिंग एक्सपेरिमेंट’ (Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment- CHIME) के सहयोग से वैज्ञानिकों ने टेलीस्कोप के पहले FRB कैटलॉग में ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (Fast Radio Bursts – FRBs) का सबसे बड़ा संग्रह एकत्रित किया है.

इसका महत्त्व

रेडियो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में एक ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (FRBs) को देख पाना एक दुर्लभ घटना माना जाता है. रेडियो खगोलविदों ने ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोट’ को सर्वप्रथम वर्ष 2007 में देखा था, इसके बाद, CHIME प्रोजेक्ट से पहले, वैज्ञानिकों द्वारा अपने टेलीस्कोप में लगभग 140 ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (FRBs) को ही देखा जा सका था.

Fast Radio Bursts

फास्ट रेडियो बर्स्ट क्या हैं?

  • FRB रेडियो तरंगों के चमकदार विस्फोट होते हैं (रेडियो तरंगें बदलते चुंबकीय क्षेत्रों के साथ खगोलीय पिंडों द्वारा उत्पन्न की जा सकती हैं) जिनकी अवधि मिलीसेकंड-स्केल में होती है, जिसके कारण उनका पता लगाना और आकाश में उनकी स्थिति निर्धारित करना मुश्किल होता है.
  • इसे पहली बार वर्ष 2007 में खोजा गया था.
  • इनका एक परिभाषित लक्षण इनका फैलाव (बिखरना या पृथक्करण) है. इनके विस्फोट से रेडियो तरंगों का एक स्पेक्ट्रम उत्पन्न होता है और जैसे ही तरंगें पदार्थ के माध्यम से यात्रा करती हैं, ये उच्च रेडियो आवृत्तियों पर विस्फोट के साथ फैलती हैं, जो पहले की तुलना में दूरबीनों पर कम आवृत्तियों में आती हैं. कई अनुप्रयोगों में विशेष रूप से बड़ी दूरी पर फैलाव के परिणामस्वरूप सिग्नल में गिरावट हो सकती है.
  • यह फैलाव शोधकर्त्ताओं को दो महत्त्वपूर्ण चीजों के बारे में जानने की अनुमति देता है. वे परोक्ष रूप से निर्धारित कर सकते हैं कि चीजें कितनी दूर हैं.

CHIME परियोजना

  • यह एक नया रेडियो टेलीस्कोप है जिसमें कोई गतियुक्त भाग नहीं होता है. मूल रूप से ब्रह्मांड में सबसे प्रचुर तत्त्व हाइड्रोजन को देखने योग्य ब्रह्मांड का मानचित्रण करने के लिये इसकी कल्पना की गई थी, इस असामान्य दूरबीन को उच्च मानचित्रण गति हेतु अनुकूलित किया गया है.
  • CHIME परियोजना में, ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय, मैकगिल विश्वविद्यालय, टोरंटो विश्वविद्यालय और कनाडाई राष्ट्रीय अनुसंधान परिषद की ‘डोमिनियन रेडियो एस्ट्रोफिजिकल ऑब्जर्वेटरी’ की भागीदारी है.
  • जैसे ही पृथ्वी घूमती है, टेलीस्कोप को आकाश के आधे भाग से प्रतिदिन रेडियो सिग्नल मिलते हैं.

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Conservation related issues.

Topic : Heritage Trees

संदर्भ

महाराष्ट्र मंत्रिमंडल द्वारा 10 जून, 2021 को ‘धरोहर वृक्ष’ (heritage trees) की अवधारणा के लिए ‘महाराष्ट्र (शहरी क्षेत्र) वृक्ष सुरक्षा और संरक्षण अधिनियम, 1975’ में संशोधन को मंजूरी दी गई.

‘धरोहर वृक्ष’ (heritage trees)

  • प्रस्तावित संशोधन के अंतर्गत 50 वर्ष या उससे अधिक की अनुमानित आयु वाले वृक्ष को धरोहर वृक्ष के रूप में परिभाषित किया जाएगा. यह विशिष्ट प्रजातियों से संबंधित हो सकता है, जिसे समय-समय पर अधिसूचित किया जाएगा.
  • राज्य जलवायु परिवर्तन विभाग (अधिनियम कार्यान्वयन एजेंसी) धरोहर वृक्ष को परिभाषित करने में आयु के अलावा, एक पेड़ की दुर्लभता, उसके वानस्पतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक महत्व पर भी विचार करेगा.
  • स्थानीय वृक्ष प्राधिकरण को धरोहर वृक्षों की गिनती के साथ-साथ हर पांच साल में वृक्षों की गणना सुनिश्चित करनी होगी.
  • संशोधन के अनुसार यदि किसी पार्टी (संगठन) द्वारा धरोहर वृक्षों को गिराया जाता है तो क्षतिपूर्ति के तौर पर उसे धरोहर वृक्ष की आयु के बराबर पेड़ लगाने होंगे तथा सात साल तक वृक्षों के अस्तित्व को सुनिश्चित करना होगा.

वृक्ष प्राधिकरण

  1. प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, स्थानीय नगर निकायों और परिषदों में ‘वृक्ष प्राधिकरण’ (Tree Authority) का गठन किया जाएगा, जो वृक्षों के संरक्षण के संबंध में सभी निर्णय लेगा.
  2. यह प्राधिकरण, हेरिटेज वृक्षों की गिनती के साथ-साथ, हर पांच साल में सभी वृक्षों की गणना भी सुनिश्चित करेगा.
  3. वृक्ष प्राधिकरण को “शहरी क्षेत्रों में वृक्षावरण बढ़ाने और मौजूदा वृक्षों की सुरक्षा करने” का कार्य सौंपा गया है.

GS Paper 3 Source : Indian Express

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UPSC Syllabus : Awareness in space.

Topic : European Space Agency’s EnVision mission to Venus

संदर्भ

हाल ही में, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (European Space Agency- ESA) द्वारा ‘एनविज़न’ (EnVision) को अपने अगले ‘ऑर्बिटर’ (Orbiter) के रूप में चुने जाने की घोषणा की गई है. इसे 2030 के दशक में किसी भी समय शुक्र ग्रह की यात्रा पर भेजा जाएगा.

‘एनविज़न’

  • इसका उद्देश्य शुक्र ग्रह के वायुमंडल और सतह का अध्ययन करना तथा इसके वायुमंडल में पाई जाने वाली गैसों की निगरानी करना एवं ग्रह की सतही संरचना का विश्लेषण करना है.
  • एनविज़न मिशन शुक्र ग्रह के लिये ESA के नेतृत्व वाले वीनस एक्सप्रेस (2005-2014) नामक दूसरे मिशन का अनुसरण करेगा जो वायुमंडलीय अनुसंधान पर केंद्रित है और ग्रह की सतह पर ज्वालामुखीय हॉटस्पॉट के विषय में पता करेगा.
  • इसे वर्ष 2030 तक लॉन्च किये जाने की संभावना है. इसे एरियन 6 रॉकेट द्वारा लॉन्च किया जाएगा. इस अंतरिक्षयान को शुक्र तक पहुँचने में लगभग 15 महीने लगेंगे और कक्षा की परिक्रमा पूरी करने में 16 महीने और लगेंगे.

शुक्र ग्रह के लिए अन्य मिशन

  1. हाल ही में, नासा द्वारा, शुक्र ग्रह के लिए, डाविंसी प्लस (DAVINCI +) तथा वेरिटास (VERITAS) नामक दो मिशनों का चयन किया गया है.
  2. इससे पहले, ESA के नेतृत्व में ‘वीनस एक्सप्रेस’ (Venus Express) (2005-2014) नामक एक मिशन भेजा गया था. इसका उद्देश्य वायुमंडलीय अनुसंधान करना और ग्रह की सतह पर ज्वालामुखीय हॉटस्पॉट का पता लगाना था.
  3. शुक्र ग्रह के लिए भेजा जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान, सोवियत संघ द्वारा विकसित ‘वेनेरा सीरीज’ (Venera series) का था, इसके बाद नासा के मैगलन (Magellan) मिशन (1990-1994) ने शुक्र ग्रह का अध्ययन किया.
  4. फ़िलहाल, जापान का अकात्सुकी मिशन (Akatsuki mission) अपनी कक्षा से शुक्र ग्रह का अध्ययन कर रहा है.

शुक्र (VENUS) ग्रह के बारे में

  • यह ग्रहों में पृथ्वी के निकटतम (nearest to the earth) है.
  • यह सौरमंडल में सूर्य से दूसरे निकटतम स्थान पर है.
  • यह “शाम का तारा- evening star” और “सुबह का तारा- morning star” के रूप में ज्यादा प्रसिद्ध है.
  • यह सबसे गर्म ग्रह है (hottest planet) —लोग बुध को सबसे गर्म ग्रह मानने की गलती कर देते हैं क्योंकि वह सूर्य के सबसे नजदीक है.
  • यहाँ रात तथा दिन के तापमान (temperature) लगभग समान होते हैं.
  • शुक्र ग्रह के वायुमंडल में 90-95 % CO2 है.
  • इसका कोई उपग्रह (satellite) नहीं है.
  • इसे पृथ्वी की बहन (sister planet of the earth) भी कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी और शुक्र के कई लक्षण (features) एक समान हैं (भार, आकार etc)…
  • यह सूर्य की परिक्रमा 225 दिन में पूरी करता है.
  • इसके चारों और Sulfuric Acid के जमे हुए बादल हैं. 

Prelims Vishesh

Women reservation in Higher Education :-

  • बिहार सरकार ने इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में छात्राओं के लिए एक तिहाई सीटें आरक्षित करने की घोषणा की है.
  • इससे इंजीनियरिंग और चिकित्सा के क्षेत्र में छात्राओं की संख्या में वृद्धि होगी तथा अधिक लड़कियों को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए प्रेरित किया जा सकेगा.
  • सरकार ने एक विधेयक लाने का भी प्रस्ताव प्रस्तुत किया है. यह बिहार में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए इंजीनियरिंग और चिकित्सा विश्वविद्यालयों की स्थापना तथा इन संस्थानों के बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा.

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