Sansar डेली करंट अफेयर्स, 14 July 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 14 July 2020


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus :  Indian culture will cover the salient aspects of Art Forms, Literature and Architecture from ancient to modern times.   

Topic : Padmanabhaswamy Temple

संदर्भ 

केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के कानूनी विवाद में निर्णय सुनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने पद्मनाभस्वामी मन्दिर के प्रबंधन में त्रावणकोर के राजपरिवार के अधिकार को मान्यता दे दी.

पृष्ठभूमि

  • 1949 में त्रावणकोर और कोचिन के शाही परिवार और भारत सरकार के मध्य अनुबंध के अनुसार श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का प्रशासन ‘त्रावणकोर के शासक’ के पास रहेगा.
  • इसके बाद त्रावणकोर कोचिन हिंदू रिलीजियस इंस्टिट्यूशंस एक्ट के सेक्शन 18(2) के अंतर्गत मंदिर का प्रबंधन त्रावणकोर के शासक के नेतृत्व वाले ट्रस्ट के हाथ में रहा.
  • त्रावणकोर के अंतिम शासक के निधन के बाद केरल सरकार ने उनके भाई उत्राटम तिरुनाल मार्तण्ड वर्मा के नेतृत्व में प्रशासकीय समिति के पास मंदिर का प्रबंधन सौंपा.
  • मंदिर के तहखानों में जमा संपत्ति पर राज परिवार का अधिकार होने का दावा कर मार्तंड वर्मा 2007 में न्यायालय में मामला ले गए थे जिसके उपरान्त भक्तों ने याचिका लगाई कि त्रावणकोर शाही परिवार को मंदिर की संपत्ति के अनुचित प्रयोग की अनुमति न दी जाए.
  • केरल की एक निचली अदालत ने राज परिवार के दावे के विरुद्ध एक निषेध आज्ञा पारित की जिसके बाद यह मामला उच्च न्यायालय चला गया. हाईकोर्ट ने 2011 के फैसले में आदेश पारित किया कि मंदिर के मामलों का प्रबंधन करने के लिए एक बोर्ड का गठन किया जाए जिसके विरुद्ध राज परिवार ने हाईकोर्ट के इस निर्णय के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में त्वरित रूप से याचिका दायर की.

फैसले के प्रमुख निष्कर्ष

  • अपने निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है कि चार हफ्ते में प्रबंधन और सलाहकार समिति का गठन किया जाए और इन समितियों का पीठाधीश हिन्दू होगा.
  • सर्वोच्च न्यायालय ने कहा है मंदिर की सभी संपत्तियों को संरक्षित करने की इन समितियों की जिम्मेदारी होगी.
  • पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखाने (कल्लरा बी) को खोला जाए या नहीं इसका निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने प्रबंधन और सलाहकार समिति पर छोड़ दिया है.

पद्मनाभस्वामी मंदिर

  • पद्मनाभस्वामी मंदिर केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित भगवान श्री विष्णु का प्रसिद्ध मंदिर है. भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल यह ऐतिहासिक मंदिर तिरुवनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है.
  • मान्यता है कि तिरुवनंतपुरम नाम भगवान विष्णु के ‘अनंत’ नामक नाग के नाम पर ही रखा गया है. यहाँ पर भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को ‘पद्मनाभ’ कहा जाता है और इस रूप में विराजित भगवान यहाँ पर पद्मनाभस्वामी के नाम से विख्यात हैं.

स्थापत्य 

  • पद्मनाभस्वामी मंदिर दक्षिण भारतीय वास्तुकला का जबरदस्त उदाहरण है. इसका निर्माण राजा मार्तण्ड द्वारा करवाया गया था.
  • मंदिर के निर्माण में द्रविड़ एवं केरल शैली का मिला-जुला प्रयोग देखा जा सकता है.
  • इस मंदिर का गोपुरम द्रविड़ शैली में बना हुआ है. गोपुरम को कलाकृतियों से सुसज्जित किया गया है.
  • इसका परिसर बहुत विशाल है, जो कि सात मंजिला ऊँचा है.  
  • मंदिर के गर्भगृह में भगवान् विष्णु की विशाल मूर्ति बनी हुई है. इस प्रतिमा में भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन मुद्रा में विराजमान हैं.
  • मंदिर के पास ही एक सरोवर भी है, जो ‘पद्मतीर्थ कुलम’ के नाम से जाना जाता है.

प्रीलिम्स बूस्टर

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक परियोजना का उद्घाटन किया है जिसके अन्दर के केरल के तीन प्रमुख तीर्थस्थलों के लिए एक आध्यात्मिक परिपथ (spiritual circuit) बनाया जाएगा. ये तीर्थस्थल हैं – श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर, अरणमूल और सबरीमला.

  • इनमें श्रीपद्मनाभस्वामी मंदिर विशेष महत्त्व है क्योंकि यह भगवान् विष्णु के 108 दिव्यदेशमों में एक माना जाता है.
  • यह परियोजना पर्यटन मंत्रालय की स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत कार्यान्वित की जायेगी.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus :  Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.  

Topic : Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana

संदर्भ 

केन्द्रीय वित्त एवं कारपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.

केन्द्रीय वित्त मंत्री ने बैठक में इस योजना के तहत बीमा के दावों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए राज्यों द्वारा प्रीमियम सब्सिडी जारी करने की जरूरत पर भी जोर दिया.

प्रधान मन्त्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

अप्रैल 2016 में भारत सरकार ने पुरानी बीमा योजनाओं, जैसे – राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना, मौसम आधारित फसल बीमा योजना और संशोधित राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना को वापस लेते हुए एक नई योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का आरम्भ किया था.

  • इस बीमा योजना के अंतर्गत किसानों को खरीफ फसलों के लिए 2% और रबी फसलों के लिए 1.5% प्रीमियम देना होता है.
  • वार्षिक नकदी और बाग़वानी फसलों के लिए प्रीमियम की दर 5% होती है.
  • जिन किसानों ने बैंकों से ऋण लिया है उनके लिए यह योजना अनिवार्य है और जिन्होंने नहीं लिया है, उनके लिए यह वैकल्पिक है.

उद्देश्य

  • अप्रत्याशित कारणों से फसल की क्षति के शिकार किसानों को आर्थिक सहारा देना.
  • किसानों की आय को बनाए रखना जिससे कि वे खेती करना नहीं छोड़ें.
  • किसानों को अभिनव एवं आधुनिक कृषि प्रचलन अपनाने के लिए उत्साहित करना.
  • कृषि प्रक्षेत्र में ऋण के प्रवाह को सुनिश्चित करना जिससे खाद्य सुरक्षा, फसलों की विविधता, उत्पादन में वृद्धि और कृषि क्षेत्र में प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा मिले और उत्पादन के जोखिमों से किसान सुरक्षित हो सके.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus :  Related to Health and Government Policies & Interventions.

Topic : Drug parks and Medical Device Parks

संदर्भ 

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने बताया है कि फार्मास्युटिकल विभाग ऐसे दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दे रहा है जो देश में आगामी तीन विस्तृत दवा पार्कों और चार चिकित्सा उपकरण पार्कों के लिए तटस्थ रूप से जगह चयन करने के लिए आधार तैयार करेगा.

पृष्ठभूमि

  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने महत्त्वपूर्ण एपीआई/ केएसएम और चिकित्सा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए 12 मार्च, 2020 को तीन विस्तृत दवा पार्कों और चार चिकित्सा उपकरण पार्कों के विकास के लिए एक योजना को मंजूरी दी थी
  • इसके अतिरिक्त भारत सरकार ने देश-भर में महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामग्री / ड्रग इंटरमीडिएट्स एवं एपीआई और चिकित्सा उपकरणों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की है. इन योजनाओं पर लगभग 13,760 करोड़ रुपये का वित्तीय भार पड़ेगा.
  • विस्तृत दवा पार्क को बढ़ावा देने की योजना से लगभग 46,400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त थोक दवाओं का उत्पादन होगा और चिकित्सा उपकरण पार्क की योजना से लगभग 68,437 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन में वृद्धि होगी.
  • इन योजनाओं के परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसरों का सृजन भी होगा.

चिकित्सा उपकरण पार्क से लाभ

  • इनमें विश्वस्तरीय चिकित्सा उत्पादों का निर्माण किया जाएगा जिससे वह स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए वहनीय कीमत पर उपलब्ध होंगे.
  • इससे विदेशों से दवाओं की निर्भरता में कमी आयेगी.

मुख्य तथ्य

  1. राज्यों की सहायता से भारत में 3 बल्क ड्रग पार्कों को विकसित करने का निर्णय लिया गया है.
  2. प्रत्येक बल्क ड्रग पार्क के लिए भारत सरकार राज्यों को अधिकतम 1,000 करोड़ रु. की धनराशि वित्तीय सहायता के रूप में प्रदान करेगी.
  3. पार्कों में कई साझा सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जैसे – घोलक संयंत्र, आसवन संयंत्र, बिजली और भाप संयंत्र, साझा उत्सर्जन शोधन संयंत्र आदि.
  4. इस योजना के लिए अगले पाँच वर्षों के दौरान 3,000 करोड़ रु. की धनराशि को स्वीकृति दी जायेगी.

उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना

  1. चिह्नित 53 अति महत्त्वपूर्ण बल्क ड्रग के योग्य निर्माताओं को अगले 6 वर्षों के दौरान सहायता दी जाएगी जो उत्पादन वृद्धि पर आधारित होगी और इसके लिए2019 -20 को आधार वर्ष माना जाएगा.
  2. 53 चिह्नित बल्क ड्रग में से 26 खमीर आधारित बल्क ड्रग हैं और 27 रसायन संश्लेषण पर आधारित बल्क ड्रग हैं.
  3. खमीर आधारित बल्क ड्रग के लिए छूट की दर 20% (विक्रय में वृद्धि के आधार पर) तथा रसायन संश्लेषण पर आधारित बल्क ड्रग के लिए 10% होगी.
  4. अगले आठ वर्षों के लिए 6,940 करोड़ रु. की धनराशि को स्वीकृति दी गई है.
  5. योजना का उद्देश्य अति महत्वपूर्ण केएसएम/औषधि मध्य सामग्री और एजीआई में बड़े निवेश को आकर्षित करने के माध्यम से घरेलू निर्माण/उत्पादन को बढ़ावा देना है. इससे केएसएम/औषधि मध्य सामग्री और एपीआई उत्पादन में अन्य देशों पर भारत की निर्भरता में कमी आएगी.

प्रभाव

  • बल्क ड्रग पार्कों को प्रोत्साहन मिलेगा. इस योजना से देश में बल्क ड्रग के उत्पादन लागत तथा बल्क ड्रग के लिए अन्य देशों पर निर्भरता में कमी आएगी.
  • 3 बल्क ड्रग पार्क की इस योजना के अंतर्गत प्राप्त वित्तीय सहायता से साझा अवसंरचना सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा.
  • इससे देश में उत्पादन लागत में कमी आएगी और बल्क ड्रग के लिए अन्य देशों पर निर्भरता भी कम होगी.

ऐसा कदम क्यों उठाया गया?

चीन में कोरोना वायरस फैलने के बाद भारत में बल्क ड्रग की किल्लत की आशंका जाहिर की जाने लगी थी. चीन से सप्लाई चेन बाधित होने के बाद सरकार बल्क ड्रग के मामले में चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए गंभीरता से सोचने लगी. नीति आयोग के नेतृत्व में इस निर्भरता को कम करने लिए नीति लाने की योजना बनाई जिसके तहत सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ बैठक कर प्रोत्साहन पैकेज को अंतिम रूप दिया गया.

बल्क ड्रग को लेकर अभी की स्थिति

बल्क ड्रग निर्माताओं के मुताबिक भारत बल्क ड्रग के मामले में 65 फीसद चीन पर निर्भर करता है. 10 फीसद आपूर्ति अन्य देशों से होती है तो 25 फीसद बल्क ड्रग का उत्पादन घरेलू स्तर पर होता है. फार्मा उद्यमियों के अनुसार सरकार के प्रोत्साहन पैकेज से घरेलू स्तर पर बल्क ड्रग के उत्पादन में कम से कम 15 फीसद तक की बढ़ोतरी हो सकती है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

मात्रा के आधार पर भारतीय दवा उद्योग विश्व की तीसरी सबसे बड़ा उद्योग है. इस उपलब्धि के बाद भी भारत मौलिक कच्ची सामग्री (जैसे दवाओं के उत्पादन में उपयोग किये जानेवाले बल्क ड्रग) के लिए आयात पर निर्भर है. कुछ विशेष बल्क ड्रग के मामले में आयात पर निर्भरता 80 से 100 प्रतिशत तक है.

नागरिकों को किफायती स्वास्थ्य देखभाल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए दवाओं की निरंतर आपूर्ति जरूरी है. आपूर्ति में अवरोध से दवा सुरक्षा पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है जो देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ा हुआ है. बल्क ड्रग के निर्माण में आत्म-निर्भर होना बहुत आवश्यक है.

चीन का बल्क ड्रग भारत के मुकाबले 20-25 फीसद तक सस्ता है. सरकार की मदद से लागत में कमी आने पर घरेलू निर्माता चीन का मुकाबला कर सकेंगे.


GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus :  Science and Technology.     

Topic : Major push for ‘Digital India’ as Google to invest $10 Billion in India

संदर्भ 

हाल ही में गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुन्दर पिचई ने भारत के डिजिटल क्षेत्र को मजबूत करने हेतु $10 बिलियन के निवेश की घोषणा की है. इससे भारत में सरकार के डिजिटल अभियान कार्यक्रम को बल मिलेगा.

गूगल के निवेश से जुड़े अन्य तथ्य

  • भारत यद्यपि डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में बेहतर प्रयास कर रहा है परन्तु अभी भी यह पूर्ण क्षमता का उपयोग करने में असफल है. यह अनुमान है कि 2025 तक भारत 1 ट्रिलियन डिजिटल अर्थव्यवस्था का देश बने अतः गूगल ने भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के उद्देश्य से भारतीय डिजिटल फण्ड में $10 बिलियन इंफ्यूज करने की बात की है.
  • गूगल के यह निवेश निम्न क्षेत्रो में सहयोग करेगा :-
  1. सभी भारतीयों को उनकी भाषा में आसान तथा वहनीय सूचना की पहुंच
  2. भारतीयों तक उनकी आवश्यकता अनुसार सेवा तथा नए उत्पादों को पहुंचना
  3. डिजिटल ट्रांसफोर्मशन तथा नवीन तकनीकियों के माध्यम से बिजिनेस में सहायता
  4. कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सहायता से स्वास्थ्य, शिक्षा , कृषि में बढ़ोत्तरी

डिजिटल भारत के बारे में

  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम का उद्देश्य देश को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में परिणत करना है. यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) द्वारा परिकल्पित किया गया है.
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम परिवर्तनकारी प्रकृति का है जो यह सुनिश्चित करेगा की सरकारी सेवाएँ इलेक्ट्रॉनिक रूप से नागरिकों के लिए उपलब्ध हैं.

डिजिटल इंडिया का कार्य-क्षेत्र

  • भारत को एक ज्ञान भविष्य के लिए तैयार करना
  • परिवर्तन को साकार करने के लिए महसूस करना – आई टी (इंडियन टैलेंट) + आई टी (इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी =आइ टी (इंडिया टुमौरो)
  • परिवर्तन को सक्षम करने के लिए प्रौद्योगिकी को केंद्रीय बनाना
  • एक शीर्ष कार्यक्रम बनना जो कई विभागों तक पहुंचे
  • यह  एक बड़ी संख्या में विचारों और सोंचों को एक एकल और व्यापक दृष्टि में पिरोता है जिससे उनमें से प्रत्येक को एक बड़े लक्ष्य के हिस्से के रूप में देखा जा सके. इस कार्यक्रम का प्रत्येक अंश अपने आप में पूर्ण है साथ ही वह एक बड़ी तस्वीर का हिस्सा है. एक साथ जोड़ने पर यह समग्रता में मिशन को परिवर्तनकारी बना देता है.
  • डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में कई विद्यमान योजनाओं को पुनर्गठित और पुनर्केंद्रित एवं एक सुगठित ढंग से लागू किया जाएगा. डिजिटल इंडिया के रूप में कार्यक्रमों की आम ब्रांडिंग, उनके परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डालता है.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Challenges to internal security through communication networks, role of media and social networking sites in internal security challenges.

Topic : NATGRID

संदर्भ 

हाल ही में ‘नेशनल इंटेलिजेंस ग्रिड’ (National Intelligence Grid- NATGRID) द्वारा ‘राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो’ (National Crime Records Bureau- NCRB) के साथ ‘प्रथम सूचना रिपोर्ट’ (First Information Reports-FIR) तथा चोरी के वाहनों पर केंद्रीकृत ऑनलाइन डेटाबेस तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिये एक समझौते पर हस्ताक्षर किये गए हैं.

मुख्य तथ्य

  • NATGRID  ‘वन-स्टॉप डेस्टिनेशन’ (One-Stop Destination)  के माध्यम से सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियों से डेटाबेस/सूचनाओं को एकत्र कर उनका उपयोग करने तथा बैंकिंग और टेलीफोन विवरण से संबंधित डेटाबेस/सूचनाओं तक पहुँचने सुनिश्चित करने के लिये एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म विकसित करने में मदद करेगा.
  • यह समझौता NATGRID को ‘अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम’(Crime and Criminal Tracking Network and Systems- CCTNS) के माध्यम से डेटाबेस/सूचना तक पहुँच प्रदान करने वाला एक ऐसा मंच है जो लगभग 14,000 पुलिस स्टेशनों को आपस में जोड़ता है.
  • सभी राज्य पुलिस स्टेशनों को ‘अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम’(Crime and Criminal Tracking Networks and Systems- CCTNS) में ‘प्रथम सूचना रिपोर्ट’ (First Information Reports-FIR) दर्ज करना अनिवार्य होगा.
  • इस समझौते के माध्यम से NATGRID द्वारा संदिग्ध के विवरण के बारे में जानकारी जैसे-पिता का नाम, टेलीफोन नंबर और अन्य विवरण को प्राप्त किया जा सकेगा.
  • NATGRID खुफिया और जांच एजेंसियों के बीच एक कड़ी के रूप में कार्य करेगा.
  • इस परियोजना को 31 दिसंबर, 2020 तक क्रियान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

NATGRID क्या है?

  • यह एक आतंकविरोधी कार्यक्रम है जो मुंबई में 26 नवम्बर, 2008 को हुए आतंकवादी आक्रमण के उपरान्त तैयार किया गया था.
  • संदिग्ध आतंकियों पर नजर रखने और आतंकी आक्रमणों को रोकने के लिए NATGRID बिग डाटा और एनेलिटिक्स जैसी तकनीकों का उपयोग करते हुए विभिन्न गुप्त सूचना और प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त डाटा की विशाल मात्रा का अध्ययन और विश्लेषण करता है.
  • NATGRID डाटा उपलब्ध कराने वाले संगठनों और उपयोगकर्ताओं के बीच विभिन्न चरणों में सम्पर्क स्थापित करेगा.
  • NATGRID एक वैधानिक ढाँचा भी बना रहा है जिसका उपयोग विधि प्रवर्तन एजेंसियाँ करेंगी.

NATGRID का महत्त्व

  • NATGRID का महत्त्व ऐसे समझा जा सकता है कि यदि यह नहीं होता तो पुलिस को सूचना उगाहने के लिए कठोर और दमनात्मक कार्रवाई का ही भरोसा रह जाता.
  • जब कभी कोई आतंकी घटना होती है तो पुलिस लोगों की पकड़-धकड़ करने लगती है. इनमें से कई निर्दोष होते हैं. यदि कोई ऐसी प्रणाली हो जिसमें संधान और पहचान की व्यवस्था हो तो मानव अधिकार के उल्लंघन के ऐसे मामले कम बनेंगे.
  • NATGRID गुप्त सूचना ब्यूरो को संदिग्ध इतिहास वाले व्यक्तियों पर नजर रखने में सहायता पहुँचाता है.

Prelims Vishesh

Bhashan Char island :-

  • बांग्लादेश में बंगाल की खाड़ी में 40 किलोमीटर के विस्तार वाला एक द्वीप है जिसे भासन चार अर्थात् चार पिया नाम से जाना जाता है.
  • इसका निर्माण 2006 में हिमालय से आने वाली गाद से हुआ था.
  • इस पर आजकल रोहिंग्या शरणार्थी रहते हैं. पिछले दिनों बांग्लादेश ने आदेश दिया है कि रोहिंग्याओं को यहाँ से तभी निकलने दिया जाएगा जब वे सीधे अपने घर लौटेंगे.
  • विदित हो कि यह स्थलमेघना नदी के मुहाने पर स्थित है जहाँ बाढ़, भूक्षरण और चक्रवात जैसी घटनाएँ होती रहती हैं.

Samadhan se Vikas :-

  • बाह्य विकास प्रभार (External Development Charges – EDC) तथा अवसंरचना विकास प्रभार (Infrastructural Development Charges – IDC) के बहुत दिनों से लंबित बकाये की वसूली के लिए हरियाणा सरकार ने एक ऐककालिक निष्पादन योजना बनाई है जिसे समाधान से विकास नाम दिया गया है.
  • यह योजना केंद्र सरकार की योजना विवाद से विश्वास – 2020 से मिलती-जुलती है.

INDIA GLOBAL WEEK 2020 :-

  • लंदन में स्थित इंडिया इंक नामक मीडिया घराना प्रतिवर्ष एक बड़ा आयोजन करता है जिसमें वैश्विक स्तर पर आशावाद को बढ़ावा दिया जाता है.
  • इस बार इसकी थीम थी – पुनर्जीवन बनो : भारत और एक बेहतर नया संसार / Be The Revival: India and a Better New World.
  • इस आयोजन में व्यवसाय, रणनीति और संस्कृति के अवसरों का पता लगाया जाएगा और COVID-19 के बाद के भविष्य से जुड़ी चुनौतियों के विषय में समझ को बढ़ाया जाएगा एवं सोचे-समझे निर्णयों के विषय में विमर्श किया जाएगा.

National Fish Farmers Day 2020 :-

  • प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी 10 जुलाई को राष्ट्रीय मत्स्य कृषक दिवस मनाया गया.
  • ज्ञातव्य है कि यह दिवस मीठे जल में रहने वाली, शीघ्र पनपने वाली एवं लोकग्राह्य भारत की बड़ी मछलियों में Hypophysation की तकनीक को सफलतापूर्वक प्रदर्शित करने वाले दो वैज्ञानिकों – K. H. Alikunhi और Dr. H.L. Chaudhury – के सम्मान में मनाया जाता है.
  • विदित हो कि भारत कि ये बड़ी मछलियाँ हैं – कतला (Catla catla), रोहू (Labeo rohita) और मृगाल (Cirrhinus mrigala).

India Cycles4Change Challenge :

  • भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले मंत्रालय की स्मार्ट सिटी मिशन की एक पहल के रूप में एक चुनौती प्रारम्भ की गई है जिसका नाम इंडिया साइकल्स4चेंज चैलेंज है.
  • इसके अंतर्गत भारतीय शहरों को पुनश्चक्रण के अनुकूल कार्यक्रमों को तेजी से लागू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और आवश्यक संबल दिया जाएगा.
  • इस चैलेंज में स्मार्ट सिटी मिशन के अन्दर आने वाले शहरों के अतिरिक्त राज्यों/संघीय क्षेत्रों की राजधानियाँ तथा 5 लाख से ऊपर वाले शहर आवेदन दे सकते हैं.

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