Sansar डेली करंट अफेयर्स, 13 August 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 13 August 2020


GS Paper 1 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Major crops cropping patterns in various parts of the country.

Topic : India ranks first in number of organic farmers, 9th in area; Sikkim becomes first fully organic state

संदर्भ

पिछले कुछ समय में भारत ने जैविक कृषि की दिशा में सराहणीय प्रयास किए हैं.

भारत में जैविक खेती से सम्बंधित महत्त्वपूर्ण आँकड़े

  • भारत जैविक किसानों की कुल संख्या के मामले में ‘पहले स्थान’ है और जैविक कृषि के अंतर्गत कुल रकबे की दृष्टि से विश्व में नौवें स्‍थान पर है.
  • सिक्किम पूरी तरह से जैविक बनने वाला विश्व का पहला राज्य बन गया है.
  • भारत से जैविक निर्यात मुख्‍यत: अलसी के बीज, तिल, सोयाबीन, चाय, औषधीय पौधों, चावल और दालों का होता रहा है जो वर्ष 2018-19 में हुए 5151 करोड़ रुपये के कुल जैविक निर्यात में लगभग 50% की उल्‍लेखनीय वृद्धि करने में बहुत ही मददगार सिद्ध हुए थे.

जैविक कृषि क्या है?

  • जैविक कृषि एक ऐसी प्रणाली है जिसमें संश्लेषित आगतों (जैसे- उर्वरक, कीटनाशक, हार्मोन, पोषक पदार्थ आदि) का उपयोग पूरी तरह समाप्त न करके सीमित कर दिया जाता है.
  • यह फसल चक्र, फसलों के अवशेष, पशुओं के गोबर, ऑफ-फार्म जैविक अपशिष्ट और पोषक तत्वों के संग्रहण एवं फसल संरक्षण की जैविक प्रणाली का प्रयोग करता है.
  • इस प्रकार यह एक समग्र उत्पादन प्रबंधन प्रणाली है जो कृषि-पारिस्थितिक तंत्र सहित जैव विविधता, जैविक चक्र और मृदा जैविक सक्रियता में वृद्धि एवं सुधार करती है.

जैविक कृषि के सिद्धांत

  • स्वास्थ्य का सिद्धांत: इसे सतत रूप से मृदा, पौधे, पशुओं और मनुष्य के स्वास्थ्य को अविभाज्य रूप से बनाए रखना चाहिए और इनका उन्नयन करना चाहिए.
  • पारिस्थितिकी सिद्धांत: इसे जीवित पारिस्थितिकी तंत्र एवं पारिस्थितिकी चक्र के आधार पर कार्य करना चाहिए तथा सतत रूप से उनका अनुसरण करना चाहिए और उन्हें बनाए रखने में सहायता करनी चाहिए.
  • निष्पक्षता का सिद्वांत: उन संबंधों के आधार पर इसका निर्माण किया जाना चाहिए जो सामान्य वातावरण और जीवन के अवसरों के संबंध में निष्कक्षत्रा सुनिश्चित करते हैं.
  • देखभाल का सिद्धांत: वर्तमान और भावी पीढ़ियों तथा पर्यावरण के स्वास्थ्य और कल्याण की सुरक्षा के लिए एहतियाती और जिम्मेदार तरीके से इसका प्रबंधन किया जाना चाहिए.

जैविक कृषि की आवश्यकता

  • बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए कृषि उत्पादन को स्थाई बनाने तथा सतत रूप से इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.
  • उच्च आगत (इनपुट) उपयोग के साथ ‘हरित क्रांति’ एक स्थिरता पर पहुंच गई है तथा अब यह निरंतर ह्रासमान लाभांश की ओर बढ़ रही है.
  • जीवन और संपत्ति के अस्तित्व के लिए एक प्राकृतिक संतुलन को हर कीमत पर बनाए रखना होगा.
  • जीवाश्म ईंधन से उत्पन्न होने वाले कृषि रसायन अनवीकरणीय होते हैं और उनकी उपलब्धता में कमी से भविष्य में इसकी लागत में अत्यधिक वृद्धि हो सकती है.

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : Indian Coast Guard Offshore Patrol Vessel ‘Sarthak’ launched

संदर्भ

भारतीय तटरक्षक बल के लिए पाँच अपतटीय गश्ती जहाजों (OPV) की श्रृंखला के चौथे अपतटीय गश्ती जहाज ‘सार्थक’ का शुभारम्भ किया गया.

सार्थक

  • अपतटीय गश्ती जहाज ‘सार्थक’ को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ के दृष्टिकोण के अनुरूप मैसर्स गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है.
  • यह जहाज अत्याधुनिक नेविगेशन और संचार उपकरण, सेंसर और मशीनरी से सुसज्जित है. इसे दो इंजन वाले एक हेलीकॉप्टर, उच्च गति वाली चार नावों और स्विफ्ट बोर्डिंग और तलाशी एवं बचाव ऑपरेशन के लिए एक हवा वाली नाव को चढ़ाने और इन्हें ले जाने के अनुरूप विकसित किया गया है.
  • इस जहाज की लंबाई 105 मीटर है और यह लगभग 2350 टन जल विस्थापित करता है. 9100 किलोवाट के दो डीजल इंजन वाले इस जहाज की गति 26 समुद्री मील (नॉट) है.
  • यह जहाज समुद्र में तेल रिसाव प्रदूषण प्रतिक्रिया करने के लिए सीमित प्रदूषण प्रतिक्रिया उपकरण ले जाने में भी सक्षम है.
  • जहाज को राष्ट्र के समुद्री हितों की सुरक्षा के लिए अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ) निगरानी, तटीय सुरक्षा और तट रक्षक चार्टर में निहित अन्य कर्तव्यों के लिए बड़े पैमाने पर तैनात किया जाएगा.

अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (EEZ)

  • यह किसी देश की आधार रेखा से 200 नोटिकल मील तक का समुद्री क्षेत्र होता है.
  • यहाँ वह देश वैज्ञानिक अनुसंधान, संसाधनों का दोहन, द्वीप का निर्माण करने के लिए स्वतंत्र होता है.
  • कोई दूसरा देश इस क्षेत्र में कोई आर्थिक क्रिया नहीं कर सकता है, परन्तु परिवहन के लिए उपयोग कर सकता है.
  • भारत के पास लगभग 2.37 मिलियन वर्ग किमी का एक अनन्‍य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) है, जिसमें भारत को सभी सजीव और निर्जीव संसाधनों का उपयोग करने का विशेष कानूनी अधिकार प्राप्‍त है.

प्रीलिम्स बूस्टर

 

स्थलीय मत्स्य पालन

स्थलीय मत्स्य पालन भारत के मत्स्य पालन क्षेत्र का एक महत्त्वपूर्ण भाग है. 1950 में इन स्थलीय जलस्रोतों से 192 हजार टन मछलियाँ मारी गई थीं जबकि 2007 में 781,846 टन मछलियों का शिकार हुआ था. मीठे जल के जिन संसाधनों से भारत में मछलियों को मारा जाता है, वे हैं –

  • नदियाँ एवं नहरें (197,024 km).
  • जलाशय (3.15 million hectares).
  • तालाब और पोखरें (235 million hectares).
  • ऑक्सबो झीलों एवं अवरुद्ध जल (1.3 million hectares).
  • हल्के खारे जलाशय (1.24 million hectares)
  • नदी के मुहाने (0.29 million hectares).

GS Paper 2 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Statutory, regulatory and various quasi-judicial bodies.

Topic : Price Monitoring and Resource Unit – PMRU

संदर्भ

रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषध विभाग के राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के तत्वावधान में कर्नाटक में मूल्य निर्धारण एवं संसाधन (Price Monitoring and Resource Unit – PMRU) स्थापित की गयी है.

मूल्य निर्धारण एवं संसाधन इकाई क्या है?

  • यह दवा मूल्य की निगरानी के लिये स्थापित एक पंजीकृत सोसायटी है और संबंधित राज्यों के राज्य औषधि नियंत्रक (State Drug Controller) के प्रत्यक्ष नियंत्रण एवं पर्यवेक्षक के अंतर्गत कार्य करेगी.
  • इस पंजीकृत सोसायटी का अध्यक्ष राज्य के स्वास्थ्य सचिव होंगे तथा सहयोगी सचिव औषध नियंत्रक (Drugs Controller) होंगे.
  • इसके अन्य सदस्यों में एक राज्य सरकार का प्रतिनिधि, निजी दवा कंपनियों के प्रतिनिधि तथा उपभोक्ता अधिकार संरक्षण मंचों के लोग सम्मिलित किये जाएंगे.
  • इस इकाई को राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा अपने आवर्ती एवं गैर-आवर्ती खर्चों के लिये वित्त पोषित किया जाएगा.

मूल्य निर्धारण एवं संसाधन इकाई के कार्य

  • सस्ती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता एवं पहुँच सुनिश्चित करने में राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) और राज्य औषधि नियंत्रक की सहायता करना.
  • सभी के लिये दवाओं की उपलब्धता एवं सामर्थ्य सुनिश्चित करने हेतु शिक्षा एवं संचार (Education & Communication- IEC) गतिविधियाँ के साथ-साथ सेमिनार का आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं अन्य जानकारी उपलब्ध करना.
  • दवाओं के नमूने एकत्र करके दवाओं से संबंधित डेटा एकत्र करना एवं उसका विश्लेषण करना और औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (Drug Price Control Order- DPCO) के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई करने के लिये दवाओं की उपलब्धता एवं अधिक मूल्य निर्धारण संबंधी रिपोर्ट निर्मित करना.

राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण

  • राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (National Pharmaceutical Pricing Authority) का गठन 29 अगस्त, 1997 को औषध विभाग (डीओपी), रसायन और उर्वरक मंत्रालय के एक संलग्न कार्यालय के रूप में किया गया था.
  • यह दवाओं के मूल्य निर्धारण और सस्ती कीमतों पर दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र नियामक के रूप में कार्य करता है.
  • राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण का मुख्यालय दिल्ली में है.

GS Paper 3 Source : PIB

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UPSC Syllabus : Indigenization of technology and developing new technology.

Topic : Naval Innovation and Indigenization Organization – NIIO

संदर्भ

हाल ही में भारत सरकार के रक्षा मंत्री ने नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (Naval Innovation and Indigenization Organization-NIIO) का शुभारंभ किया.

नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (NIIO)

  • नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन को आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत प्रारम्भ किया गया है. यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार और स्वदेशीकरण को भी प्रोत्साहन देगा.
  • यह संगठन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थाओं और उद्योगों को भी प्रोत्साहित करेगा.
  • नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (NIIO), एक त्रिस्तरीय संगठन है. नौसेना प्रौद्योगिकी त्वरण परिषद् (एन-टीएसी), NIIO के प्रमुख उद्देश्यों (नवाचार और स्वदेशीकरण) को लागू करेगी.
  • राष्ट्रीय रक्षा अधिग्रहण नीति, 2020 (डीएपी 20) के ड्राफ्ट में नौसेना नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन (NIIO) के गठन की परिकल्पना की गई है.
  • हालाँकि भारतीय नौसेना के पास पूर्व से ही एक स्वदेशी निदेशालय (DoI) है किन्तु NIIO, स्वदेशीकरण पहलों के साथ-साथ नवाचार पर ध्यान केंद्रित करेगा.

समझौता ज्ञापन (MoU)

NIIO के शुभारंभ के दौरान भारतीय नौसेना ने निम्नलिखित संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए –

  1. उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA)
  2. रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय (आरएसयू), गुजरात
  3. मेकर विलेज (Maker Village), कोच्चि
  4. भारतीय रक्षा निर्माताओं का समाज (Society of Indian Defense Manufacturers -SIDM).

महत्त्व

  • रक्षा अधिग्रहण नीति 2020 के मसौदे में सेना मुख्यालय द्वारा विद्यमान स्रोतों के भीतर एक नवाचार और स्वदेशीकरण संगठन की स्थापना किये जाने की परिकल्पना की गई थी.
  • ज्ञातव्य है कि भारतीय नौसेना के पास पहले से ही एक कार्यशील स्वदेशीकरण निदेशालय (Directorate of Indigenisation – DoI) है और नवसृजित संगठन वर्तमान में जारी स्वदेशीकरण पहलों को और आगे बढ़ाएगा तथा नवाचार पर भी ध्यान केन्द्रित करेगा.

भारतीय नौसेना में स्वदेशीकरण

  • वर्तमान में भारत में छोटी नौकाओं से लेकर विमानवाहक पोत तक सभी आकारों और प्रकारों के 130 से ज्यादा जहाज़ विकसित किये जा रहे हैं.
  • वर्तमान में भारत में हर प्रकार के जहाज़ और पनडुब्बी का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें परमाणु पनडुब्बी भी शामिल हैं.

सैन्य क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर बल

  • गत दिनों रक्षा मंत्रालय ने रक्षा उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 101 वस्तुओं की सूची की घोषणा की है, जिनके आयात पर रक्षा मंत्रालय द्वारा प्रतिबंध लगाया जाएगा.
  • रक्षा मंत्रालय के इस निर्णय का निहितार्थ यह है कि सशस्त्र बल, नौसेना और वायु सेना के लिये इन 101 वस्तुओं के क्रय केवल घरेलू विनिर्माताओं के माध्यम से ही किये जायेंगे.
  • घोषित नियमों के अनुसार, यह घरेलू निर्माता, निजी क्षेत्र से भी हो सकता है और रक्षा क्षेत्र का कोई सार्वजनिक उपक्रम भी हो सकता है.
  • आत्मनिर्भर भारत अभियान संबंधी राहत पैकेज की घोषणा करते हुए मई माह में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र से संबंधित इस प्रकार की सूची बनाने के संकेत दिये थे.
  • इस प्रकार सरकार द्वारा लिये गए हाल ही के कुछ निर्णयों से यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सरकार रक्षा प्रौद्योगिकी के स्वदेशीकरण पर बल दे रही है.

Prelims Vishesh

Places in News- Mediterranean Sea :-

  • तुर्की और ग्रीस के बीच भूमध्य सागर के क्षेत्र में ऊर्जा के संसाधनों पर कब्जे को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. विदित हो कि गत कुछ दिनों से तुर्की का समुद्री तेल खोजी शिप ओरुक रीस ग्रीस के द्वीप कस्तेलोरिज़ो के निकट अनुसंधान गतिविधि को अंजाम दे रहा है. ग्रीस का दावा है कि तुर्की का शिप उसके जलक्षेत्र में ऑपरेट कर रहा है. जबकि, तुर्की ने ग्रीस के दावे को नकारते हुए उस समुद्री हिस्से को अपना बताया है.
  • भूमध्य सागर (Mediterranean sea) पृथ्वी का एक सागर है, जो उत्तरी अफ्रीका, यूरोप, अनातोलिया तथा मध्य पूर्व के बीच स्थित है.
  • इसका क्षेत्रफल लगभग 25 लाख वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के क्षेत्रफल का लगभग तीन-चौथाई है.
  • प्राचीन काल में यूनान, अनातोलिया, कार्थेज, स्पेन, रोम, यरुशलम, अरब तथा मिस्र जैसे प्रदेशों तथा नगरों के बीच स्थित होने की वजह से इसे भूमध्य (धरती के बीच का) सागर कहते थे.
  • यह अटलांटिक महासागर से जिब्राल्टर द्वारा जुड़ा है, जो केवल 14 किलोमीटर चौड़ा एक जलडमरूमध्य है.

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