Sansar डेली करंट अफेयर्स, 12 December 2020

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Sansar Daily Current Affairs, 12 December 2020


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : India and its neighbourhood- relations.

Topic : India-CLMV Business Conclave

संदर्भ

हाल ही में छठा भारत-सीएलएमवी (कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम) बिजनेस कॉन्क्‍लेव (India-CLMV Business Conclave) आयोजित किया गया. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) ने इस क्षेत्र के प्रमुख प्रतिभागियों के एक केंद्रित समावेशन के साथ क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने क॑ लिए कॉन्क्‍लेव (बैठक) को आयोजित किया.

पृष्ठभूमि

भारत ने CLMV को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) और प्रत्यास्थ आपूर्ति शृंखला पहल (Resilient Supply Chain Initiative) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था.

भारत के लिए CLMV देशों का महत्त्व

  • उत्तर पूर्वी राज्यों से निकटता और आसियान बाजारों तक सुलभ पहुंच.
  • CLMV देशों में खोजे गए कई पुरातात्विक स्थल महत्त्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाते हैं.
  • हाल के वर्षों में CLMV देशों ने आर्थिक वृद्धि की उच्च दर और वृहद आर्थिक स्थिरता प्रदर्शित की है. साथ ही, ये देश प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह के महत्त्वपूर्ण केंद्र बन गए हैं.
  • सस्ता श्रम और खुला व्यापार एवं FDI नीति व्यवस्था भी भारत के लिए महत्त्वपूर्ण अवसर प्रस्तुत करते हैं.

सहयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई पहलें

  • भारत-CLMV बिजनेस कॉन्क्‍लेव और मेकांग गंगा सहयोग पहल (Mekong Ganga Cooperation Initiative)
  • कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए त्रिपक्षीय राजमार्ग और कलादान बहुविध-पारगमन परिवहन परियोजना (Kaladan Multimodal Transit-Transport Project)
  • CLMV क्षेत्र में भारतीय निजी क्षेत्र से निवेश को उत्प्रेरित करने के लिए भारत द्वारा परियोजना विकास कोष (Project Development Fund) की स्थापना.
  • भारत ने विरासत स्थलों के पुनरुद्धार और संरक्षण हेतु कार्य किया है जिनमें शामिल हैं: ता-प्रोम और प्रेह विहार मंदिर (कंबोडिया), वात फूऊ (लाओ पीडीआर), माय सन मंदिर (वियतनाम), आनंद मंदिर (म्यांमार) आदि.

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन

  • ISA (International Solar Alliance) की स्थापना CoP21 पेरिस घोषणा के अनुसार हुई है. 6 दिसम्बर, 2017 को ISA का फ्रेमवर्क समझौता लागू हो गया और इसके साथ ही यह संधि पर आधारित एक अंतर्राष्ट्रीय अंतर-सरकारी संगठन के तौर पर औपचारिक रूप से अस्तित्व में आया.
  • इस संघ का उद्देश्य है सौर ऊर्जा के उत्पादन को बढ़ावा देना जिससे पेट्रोल, डीजल पर निर्भरता कम की जा सके.
  • सौर संघ का प्रधान लक्ष्य विश्व-भर में 1,000 GW सौर ऊर्जा का उत्पादन करना और इसके लिए 2030 तक सौर ऊर्जा में 1,000 बिलियन डॉलर के निवेश का प्रबंध करना है.
  • यह एक अंतर्राष्ट्रीय, अंतर-सरकारी संघ है जो आपसी समझौते पर आधारित है.
  • अब तक 54 देशों ने इसके फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
  • यह 121 ऐसे देशों का संघ है जो सौर प्रकाश की दृष्टि से समृद्ध हैं. 
  • ये देश पूर्ण या आंशिक रूप से कर्क और मकर रेखा के बीच स्थित हैं.
  • इसका मुख्यालय भारत में है और इसका अंतरिम सचिवालय फिलहाल गुरुग्राम में बन रहा है.

FDI क्या है?

  • FDI का का पूरा नाम है – Foreign Direct Investment.
  • सरल शब्दों में कहें तो प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी विदेश की कोई कंपनी भारत की किसी कंपनी में सीधे पैसा लगा दे. जैसे वॉलमार्ट ने हाल ही में फ्लिपकार्ट में पैसा लगाया है तो यह एक सीधा विदेशी निवेश है. भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें विदेशी कंपनियां भारत में पैसा नहीं लगा सकती हैं.

भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश

  • भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को दो अलग-अलग मार्गों के माध्यम से अनुमति दी जाती है- पहला, स्वचालित (Automatic) और दूसरा, सरकारी अनुमोदन के माध्यम से.
  • स्वचालित मार्ग में विदेशी संस्थाओं को निवेश करने के लिये सरकार की पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता नहीं है.
  • हालाँकि उन्हें निर्धारित समयावधि में निवेश की मात्रा के बारे में भारतीय रिज़र्व बैंकको सूचित करना होता है.
  • विशिष्ट क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश सरकारी अनुमोदन के माध्यम से होता है.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : India and its neighbourhood- relations.

Topic : India, Iran and Uzbekistan to hold their first trilateral meeting on joint use of the strategic Chabahar port

संदर्भ

चाबहार बंदरगाह के संयुक्त उपयोग के तरीकों और क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने पर चर्चा के लिए भारत , ईरान और उज़्बेकिस्तान के बीच डिजिटल स्तर पर त्रिपक्षीय बैठक आयोजित किया गया. इस बैठक में तीनों देश ने कोरोनावायरस महामारी के दौरान मानवीय सहायता पहुंचाने में चाबहार बंदरगाह द्वारा निभाई गई प्रशंसनीय भूमिका का उल्लेख किया.

पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने 24 दिसंबर 2018 को चाबहार त्रिपक्षीय समझौता बैठक के दौरान ईरान में शाहिद बेहिश्ती बन्दरगाह, चाबहार के एक भाग के प्रचालन का दायित्व ग्रहण कर लिया था. चाबहार स्थित भारतीय एसपीवी – इंडिया पोर्ट्स ग्लोबल चाबहार फ्री जोन (आईपीजीसीएफजेड) के कार्यालय का भारत, ईरान और अफगानिस्तान के शिष्टमंडलों के प्रमुखों ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया था . टर्मिनल एरिया, कार्गो हैंडलिंग इक्विप्मेंट और कार्यालय की इमारत को वास्तविक रूप से नियंत्रण में लेने का कार्य 29 दिसंबर 2018 को पूरा हुआ था.

भारत ने चाबहार बन्दरगाह के बारे में ईरान के साथ 2003 के आसपास बातचीत शुरू की थी, लेकिन इसे महत्त्वपूर्ण बल 2014 की आखिरी छिमाही में मिला, जिसके परिणामस्वरूप चाबहार बंदरगाह के विकास के लिए मई 2015 में दोनों देशों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए. इस एमओयू को चाबहार बंदरगाह को उपकरणों से लैस करने और उसका प्रचालन करने के लिए 10 साल के औपचारिक समझौते में परिवर्तित किया गया, जिसे 23 मई 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईरान यात्रा के दौरान कार्यरूप प्रदान किया गया. उक्त समझौते को कार्यशील बनाने की राह में चुनौतियां थीं, इसलिए ईरान के राष्ट्रपति डॉ. हसन रुहानी की फरवरी 2018 की भारत यात्रा के दौरान एक अंतरिम अवधि के समझौते की आधारशिला रखी गई. इसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच 6 मई 2018 को औपचारिक अल्पावधि समझौते पर हस्ताक्षर किए गए.

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चाबहार बंदरगाह

  • भारत ने ही चाबहार बंदरगाह बनाया है.
  • इसका उद्देश्य है कि चारों तरफ जमीन से घिरे अफगानिस्तान को फारस की खाड़ी (Persian Gulf) तक पहुँचने के लिए एक ऐसा यातायात गलियारा मिले जो पाकिस्तान होकर नहीं गुजरे क्योंकि पाकिस्तान से इसकी अक्सर ठनी रहती है.
  • आशा है कि इस गलियारे के चालू हो जाने से अरबों रुपयों का व्यापार हो सकता है.
  • ईरान का चाबहार बंदरगाह ओमान की खाड़ी पर स्थित उस देश का एकमात्र बन्दरगाह है.
  • चाबहार के बंदरगाह से भारत को मध्य एशिया में व्यापार करने में सुविधा तो होगी ही, अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण गलियारे (International North-South Transport Corridor) तक उसकी पहुँच भी हो जाएगी.
  • चाबहार बंदरगाह चालू होने के बाद भारत में लौह अयस्कचीनी और चावल के आयात में महत्त्वपूर्ण वृद्धि होगी.
  • इसके अतिरिक्त खनिज तेल के आयात की लागत भी बहुत कुछ घट जायेगी.
  • ज्ञातव्य है कि अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण गलियारा ईरान से लेकर रूस तक जाता है और इसमें यह एक भूमि मार्ग है जिसमें समुद्र, रेल, सड़क यातायात का सहारा लिया जायेगा.
  • विदित हो कि चीन ने खाड़ी तक अपनी पहुँच बनाने के लिए पाकिस्तान को ग्वादर नामक बंदरगाह बनाने में मदद की है जिससे उसका क्षेत्र में दबदबा हो जाए.
  • चाबहार बंदरगाह भारत को चीन के इस दबदबे का प्रतिकार करने में सक्षम बनाएगा.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Government policies and interventions for development in various sectors and issues arising out of their design and implementation.

Topic : Online Fantasy Sports Platforms : OFSP

संदर्भ

हाल ही में नीति आयोग ने ऑनलाइन फैंटेसी  स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म (Online Fantasy Sports Platforms : OFSP) के लिए एकल स्व-विनियामक निकाय की अनुशंसा की है.  नीति आयोग ने एक प्रारूप रिपोर्ट के माध्यम से अपनी यह अनुशंसा प्रस्तुत की है, जिसका शीर्षक था “भारत में ऑनलाइन फॉटेसी स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म के एक समान राष्ट्र स्तरीय विनियमन के लिये निर्देशित सिद्धांत”.

पृष्ठभूमि

भारत में OFSP में भाग लेने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या वर्ष 2016 में 2 मिलियन से बढ़कर दिसंबर 2019 में 90 मिलियन हो गई थी. विदित हो कि फैंटेसी  स्पोर्ट्स उद्योग में आगामी कुछ वर्षों में 10,000 करोड़ रूपए से अधिक के प्रत्यक्ष विदेशी निवेशको आकर्षित करने की क्षमता है.

फैंटेसी खेल (Fantasy Sport Gaming) क्या है?

  • फैंटेसी खेल एक कौशल आधारित डिजिटल मनोरंजन मंच है, जिसमें खेल के प्रशंसक विभिन्न खेलो के आगामी मैचों से पहले वास्तविक खिलाड़ियों से बनी अपनी फैंटेसी टीम बनाते हैं. दुसरे शब्दों में फैंटेसी खेल उपयोगकर्ताओं को वास्तविक दुनिया के खिलाड़ियों से मिलकर एक वर्चुअल टीम बनाने और उनके प्रबंधन करने की अनुमति देता हैं.
  • यह व्यापक रूप से क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, बास्केटबॉल और अन्य लोकप्रिय खेलों में खेला जाता है. फैंटेसी खेल सभी प्रकार के ऑनलाइन गेमों से पूरी तरह से अलग हैं क्योंकि इनकी रियल टाइम में किसी ऑनलाइन खिलाड़ी की आवश्यकता नहीं होती. एक फैंटेसी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी को वास्तविक जीवन में खिलाड़ियों के द्वारा मैच में प्रदर्शन के आधार पर अंक अर्जित होता हैं.

मुख्य तथ्य

  • भारत में, OFSP एक अखिल भारतीय आधार पर ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से संचालित होता है, उसका विनियमन विभिन्‍न राज्यवार विनियामक व्यवस्थाओं के अंतर्गत किया जाता है.
  • असम, ओडिशा और तेलंगाना जैसे कुछ राज्यों ने फँटेसी स्पोर्ट्स को अवैध घोषित किया है. दूसरी ओर, नागालैंड ने स्पष्ट रूप से फँटेसी स्पोर्ट्स को कौशल के खेल के रूप में मान्यता दी है भारत में “कौशल के खेल” में दांव (betting) को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है).
  • यह फैटेसी स्पोर्ट्स उपयोगकर्ताओं की रुचि तथा पारदर्शिता, OFSP संचालनकर्त्ताओं की सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता आदि को प्रभावित कर सकता है.
  • फैंटेसी स्पोर्ट्स उद्योग को औपचारिक मान्यता और सिद्धांत-आधारित शासन प्रदान करने से भारतीय OFSP संचालनकर्त्ता नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने, मापक प्राप्त करने तथा एक स्पष्ट एवं सिद्धांत आधारित विनियामक परिवेश में अपने संचालन का विस्तार करने में सक्षम हो जाएंगे.

GS Paper 3 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Infrastructure – Energy

Topic : Petroleum board’s new unified tariff structure – its impact and challenges in implementation

संदर्भ

हाल हे में, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (Petroleum and Natural Gas Regulatory Board– PNGRB) द्वारा 14 प्राकृतिक गैस पाइपलाइनों के लिए एक नई टैरिफ संरचना अधिसूचित की गयी है.

नवीन परिवर्तन

  1. नवीन एकीकृत प्रशुल्क संरचना के अंतर्गत, सिंगल पाइपलाइन नेटवर्क पर, किसी स्रोत से 300 किलोमीटर की दूरी तक, क्रेता को गैस परिवहन के लिए एक निश्चित टैरिफ (प्रशुल्क) तथा 300 किलोमीटर की दूरी से अधिक होने पर निर्धारित अलग टैरिफ का भुगतान करना होगा.
  2. PNGRB के अनुसार- यह स्रोत से अधिक दूरी पर स्थित क्रेताओं के लिए पर्याप्त रूप से सस्ता होगा. इनके लिए, अब तक इस्तेमाल की गई पाइपलाइनों की संख्या और गैस के स्रोत से दूरी के आधार पर प्रशुल्क चुकाना होता था.
  3. इसलिए, गेल (GAIL) नेटवर्क की कई पाइपलाइनों का उपयोग करने वाले क्रेताओं को इस परिवर्तन से काफी लाभ होगा.

PNGRB

  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) की स्थापना पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड अधिनियम, 2006 के अंतर्गत हुई है.
  • इस बोर्ड का काम उपभोक्ताओं और पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों और प्राकृतिक से सम्बन्धित विशिष्ट गतिविधियों में लगे अधिष्ठानों की हितों की रक्षा करना है.
  • बोर्ड का एक लक्ष्य इन उत्पादनों से सम्बन्धित प्रतिस्पर्धात्मक बाजारों को प्रोत्साहन देना भी है.
  • यह बोर्ड पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों एवं प्राकृतिक गैस के शोधन, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण, विपणन एवं विक्रय को विनियमित करता है जिससे कि पूरे देश में इनकी पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके.
  • यह बोर्ड कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन का विनियमन नहीं करता है.

गैस परिवहन कंपनियों पर प्रभाव

  1. चूंकि, टैरिफ में परिवर्तनों से देश के पश्चिमी तट से दूर स्थित उपयोगकर्ताओं के लिए प्राकृतिक गैस अधिक सस्ती हो जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप गैस परिवहन अवसंरचनाओं में निवेश को बढ़ावा मिलेगा.
  2. PNGRB के अनुसार, गैस परिवहन टैरिफ को परिचालन लागत और निवेशित पूंजी पर मानकीय स्तर का ‘उचित लाभ’ प्रदान करने हेतु निर्धारित किया गया है.

नये प्रशुल्कों से हानियाँ

  1. प्राकृतिक गैस का लागत कारक के रूप में उपयोग करने वाली कई उर्वरक इकाइयां और बिजली संयंत्र देश के पश्चिमी तट पर LNG टर्मिनल्स के नजदीक स्थापित किये गए है. इनके लिए गैस की कीमतों में काफी वृद्धि हो सकती है.
  2. PNGRB का यह कदम, वर्ष 1952 में सरकार द्वारा शुरू की गई ‘भाड़ा-समकरण’ (freight equalisation) नीति के समान है. इस नीति के अंतर्गत खनिजों के स्रोतों से दूर स्थिति क्षेत्रों तक परिवहन के लिए सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती थी. इस नीति को बाद में रद्द कर दिया गया था.

आगे की चुनौतियाँ

  1. जिन उपभोक्ताओं द्वारा मौजूदा नियमों के अंतर्गत कम कीमतों पर गैस परिवहन के लिए अनुबंध किए जा चुके होंगे, उन के लिए, नए नियमों के अंतर्गत, गैस परिवहन की लागत में काफी महंगी हो जाएगी.
  2. नियमों में बदलाव होने से पाइपलाइन के लिए बोली-प्रक्रिया के विनियमन में उल्लंघन की संभावना हो सकती है.
  3. विनियमन को अधिसूचित करते समय, PNGRB के बोर्ड में किसी लीगल मेंबर की अनुपस्थिति एक कानूनी चुनौती पेश कर सकती है.

मेरी राय – मेंस के लिए

 

प्राकृतिक गैस ही क्यों?

  • प्राकृतिक गैस कोयले और तरल ईंधनों की तुलना में पर्यावरण के लिए अधिक अनुकूल होता है और साथ ही यह अधिक सुरक्षित एवं अधिक सस्ता भी होता है. प्राकृतिक गैस पाइपों के माध्यम से ठीक उसी प्रकार से मुहैया कराई जाती है जैसे नलकों से पानी. इसके लिए रसोई में सिलेंडर रखने की आवश्यकता नहीं होती और इस प्रकार जगह भी बचती है.
  • प्राकृतिक गैस (जैसे CNG) पेट्रोल की तुलना में 60% और डीजल की तुलना में 45% सस्ती होती है. यदि बाजार दाम पर बिकने वाली LPG और PNG से इसकी तुलना की जाये तो प्राकृतिक गैस 40% सस्ती होती है और लगभग सब्सिडी वाले LPG के बराबर होती है.

Prelims Vishesh

Lebanon Reform, Recovery and Reconstruction Framework (3RF) :-

  • यह अगस्त 2020 में बेरूत बंदरगाह पर हुए महाविस्फोट के प्रति एक व्यापक जन-केन्द्रित प्रतिक्रिया का भाग है.
  • इसे 18 माह की अवधि के लिए यूरोपीय संघ, संयुक्त राष्ट्र संघ और विश्व बैंक द्वारा आरंभ किया गया है.
  • 3RF का लक्ष्य बेरूत बंदरगाह पर हुए विस्फोट की अनुक्रिया में लेबनान को तीन केंद्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता करना हैः- जन-केंद्रित पुनर्बहाली; महत्त्वपूर्ण संपत्ति, सेवाओं और अवसंरचना का निर्माण तथा शासन में सुधार करके सरकारी संस्थानों में लोगों के विश्वास का पुनर्सृजन.

UNCTAD Investment Promotion Awards :-

  • संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड / UNCTAD) ने इन्वेस्ट इंडिया- नेशनल इंवेस्टमेंट प्रोमोशन एजेंसी ऑफ इंडिया को वर्ष 2020 के संयुक्त राष्ट्र निवेश प्रोत्साहन पुरस्कार के विजेता के रूप में घोषित किया है.
  • इन्वेस्ट इंडिया, औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के अंतर्गत भारत की राष्ट्रीय निवेश संवर्धन और सुविधा एजेंसी है.
  • अंकटाड पुरस्कार, विश्व की सर्वश्रेष्ठ-पद्धतियों को अपनाने वाली निवेश संवर्धन एजेंसियों की उत्कृष्ट उपलब्धियों की पहचान करता है और उन्हें मान्यता प्रदान करता है.

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