Sansar डेली करंट अफेयर्स, 08 March 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 08 March 2019


GS Paper  2 Source: The Hindu

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Topic : Ethanol production gets a leg-up

संदर्भ

हाल ही में भारत सरकार ने 3,355 करोड़ रु. आर्थिक उत्प्रेरण के रूप में विमुक्त किये हैं. इस राशि से चीनी मिलों की इथनॉल बनाने की क्षमता को बढ़ाया जाएगा और इससे उनको गन्ना किसानों को देय बकायों का भुगतान करने में सहायता मिलेगी.

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बैंक ऋण के ब्याज के लिए 2,790 करोड़ रु. मिलों को तथा 565 करोड़ रु. इसी काम के लिए खांड पर आधारित भट्ठियों के लिए स्वीकृत किये हैं.

प्रभाव

  • इस योजना के अंतर्गत बैंक मिलों और भट्ठियों को 15,500 करोड़ रु. कम ब्याज दर के ऋण दे पायेंगे. इससे 268 मिलों को लाभ होगा और वे 300-400 करोड़ लीटर अतिरिक्त इथनॉल का उत्पादन कर सकेंगे.
  • इस निर्णय से एक दूरगामी प्रभाव यह पड़ेगा कि मिल अपने पास उपलब्ध अधिकाई गन्ने को इथनॉल बनाने में प्रयोग करेंगे और इस प्रकार आवश्यकता से अधिक चीनी बनाने कि विवशता नहीं होगी.

लाभ

पेट्रोल में इथनॉल मिलाने के कई लाभ हैं

  • इससे आयात पर निर्भरता में कमी आएगी. विदित हो ऊर्जा खपत करने वाले देशों में चीन और अमेरिका के बाद भारत का तीसरा स्थान है. कच्चे तेल के लिए यह 1% तथा प्राकृतिक गैस के लिए 44.4% निर्यात पर निर्भर है.
  • कृषि क्षेत्र को समर्थन मिलेगा
  • पर्यावरण अनुकूल ईंधन उपलब्ध होगा.
  • प्रदूषण का स्तर कम होगा.
  • किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी.

पृष्ठभूमिः

सरकार ने प्रायोगिक आधार पर 2003 में इथनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम का अनावरण किया था जिसे बाद में 21 राज्यों और 4 केन्द्र शासित प्रदेशों तक बढ़ाया गया ताकि वैकल्पिक तथा पर्यावरण अनुकूल ईंधनों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा सके. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भरता में कमी लाना है और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना है.

सरकार ने 2014 से इथनॉल के सरकारी मूल्य को अधिसूचित किया है. इस निर्णय से पिछले चार वर्षों में इथनॉल की आपूर्ति में अच्छा-ख़ासा सुधार हुआ है. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा वर्ष 2013-14 में 38 करोड़ लीटर इथनॉल की खरीद की गई. यह खरीद 2017-18 में बढ़कर140 करोड़ लीटर हो गई.

गन्ने का उत्पादन लगातार अधिक होने के चलते गन्ने के भाव में कमी आ रही है. फलतः गन्ना कृषकों की बकाया राशि बढ़ रही है क्योंकि मिलों के पास गन्ना किसानों को भुगतान करने की क्षमता कम है. सरकार ने गन्ना किसानों की बकाया राशि में कमी लाने के लिए कई निर्णय लिए हैं.

विदित हो कि C-Heavy शीरा से तैयार की जाने वाली इथनॉल की तुलना में B-Heavy शीरे को अपनाने से गन्ना रस की आवश्यक मात्रा में 20 % की कमी आती है और इथनॉल की उपलब्धता लगभग 100% बढ़ जाती है. दूसरी ओर गन्ना रस से निर्मित इथनॉल से गन्ने में 100% की कमी आती है और लगभग 600 प्रतिशत इथनॉल की उपलब्धता बढ़ जाती है.

एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम

  • एथनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम को कार्यान्वित करने के लिए भारत सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों के द्वारा होने वाली एथनॉल की खरीद की प्रक्रिया निर्धारित की है.
  • इस योजना के तहत एथनॉल की खरीद अच्छे दामों पर की जायेगी जिससे सम्बंधित मिल गन्ना किसानों के बकायों का भुगतान करने में सक्षम हो जायेंगे.
  • C heavy खांड़ (गुड़ का एक रूप) से बनने वाले एथनॉल का दाम ऊँचा होने तथा B heavy खांड़ एवं गन्ने के रस से उत्पन्न एथनॉल की खरीद की सुविधा के कारण EBP कार्यक्रम के तहत एथेनॉल की उपलब्धता बहुत बढ़ने की संभावना है.
  • पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के कई लाभ हैं.
  • इससे बाहर से पेट्रोल मंगाने की आवश्यकता में कमी तो आएगी ही, साथ ही इससे किसानों को आर्थिक लाभ भी होगा.
  • यह ईंधन पर्यावरण की दृष्टि से भी अनुकूल है क्योंकि इससे कम प्रदूषण होता है.

GS Paper  2 Source: The Hindu

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Topic : Regional Air Connectivity- UDAN

संदर्भ

आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने राज्य सरकारों, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airports Authority of India – AAI), सिविल एन्क्लेवों, केन्द्रीय लोक प्रक्षेत्र उपक्रमों, हेलिपेडों और वाटर एयरड्रोमों की उन पट्टियों के कायाकल्प और विकास की स्वीकृति दी है जहाँ या तो विमान नहीं उड़ते या कम उड़ते हैं. कायाकल्प का यह काम क्षेत्रीय सम्पर्क योजना (Regional Connectivity Scheme – RCS) – उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) – के तत्त्वावधान में किया जाएगा.

भूमिका

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने मार्च 2017 में योजना के अनावरण के समय से अभी तक 38 हवाई अड्डे बनाए हैं जिनका कम अथवा शून्य प्रयोग हुआ है. 77 काम में नहीं आये हवाई अड्डों, 21 कम काम में आये हवाई अड्डों, 10 वाटर ड्रोमों और 31 हेलिपेडों के लिए 750 यात्रा मार्ग निर्धारित कर दिए गये हैं.

उड़ान योजना क्या है?

UDAN भारत सरकार की एक मूर्धन्य योजना है जिसका अनावरण अप्रैल, 2017 में किया गया था. यह योजना जून, 2016 में लागू राष्ट्रीय नागर विमानन नीति (National Civil Aviation Policy – NCAP) का एक प्रमुख अवयव है. UDAN क्षेत्रीय विमानन बाजार को विकसित करने के लिए एक नवोन्मेषी योजना (innovative scheme) है. यह योजना बाजार तंत्र पर आधारित है जिसके अंतर्गत वायुयान सेवादाताओं के द्वारा सीटों के लिए सब्सिडी हेतु बोली लगाई जाएगी. यह योजना इस प्रकार की अभी तक की पहली योजना है जो आर्थिक रूप से आम नागरिकों के लिए व्यवहार्य और लाभदायक है. इससे विश्व स्तर पर क्षेत्रीय मार्गों पर सस्ती उड़ानें भरी जा सकेंगी.

उड़ान योजना के लाभ

  • इस योजना के द्वारा नागरिकों को वायुयात्रा की कनेक्टिविटी मिलेगी
  • यह सभी हितधारकों के लिए एक स्पर्द्धा की स्थिति प्रदान करेगा
  • रोजगार के अवसर प्रदान करेगा
  • क्षेत्रीय हवाई संपर्क और बाजार का विस्तार होगा
  • राज्य सरकारों को दूरदराज के क्षेत्रों के विकास, व्यापार और वाणिज्य के विस्तार और पर्यटन की वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा.

चुने गए एयरलाइन ऑपरेटरों को सामान्य जहाज़ों में न्यूनतम 9 और अधिकतम 40 उड़ान सीटें रियायती दरों पर देनी होंगी तथा हेलीकाप्टरों में न्यूनतम 5 और अधिकतम 13 सीटों का प्रावधान करना होगा. सामान्य जहाज़ों और हेलिकोप्टरों में क्रमशः लगभग एक घंटे और आधे घंटे की यात्रा के लिए आरक्षित सीटों का अधिकतम किराया 2, 500 रु. तय किया गया है.


GS Paper  2 Source: The Hindu

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Topic : Atal Innovation Mission (AIM)

संदर्भ

केन्द्रीय मंत्रिपरिषद् ने अटल नवाचार मिशन (AIM) को आगे चलाये रखने को स्वीकृति प्रदान कर दी है.

अटल नवाचार मिशन क्या है?

  • यह मिशन भारत सरकार की प्रमुख पहल है जिसका प्रयोजन देश में नवाचार एवं उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है.
  • इस मिशन का कार्य देश के अन्दर नवाचार के वातावरण पर दृष्टि रखने के लिए एक बहु-आयामी अवसरंचना का निर्माण करना है जिससे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से नवाचार पारिस्थितिकी तन्त्र में क्रान्ति लाई जा सके.

अटल नवाचार मिशन के दो प्रमुख कार्य

स्वरोजगार और प्रतिभा के उपयोग के द्वारा उद्यमिता को बढ़ावा देना. इसके लिए नवाचार करने वाले को सफल उद्यमी बनाने के निमित्त सहायता और मन्त्रणा दोनों दी जायेगी. इसका उद्देश्य विश्व-स्तरीय नवाचार नाभिक केन्द्रों की स्थापना करना है. इसके अतिरिक्त इसका लक्ष्य ग्रैंड चैलेन्जों, स्टार्ट-अप व्यवसायों और अन्य स्व-रोजगार गतिविधियों के माध्यम से मुख्य रूप से तकनीक पर आधारित क्षेत्रों के लिए एक मंच प्रदान करना है.

प्रभाव

  • इस मिशन ने कई बड़े-बड़े और प्रगतिशील पहलें शुरू की हैं, जैसे – अटल टिकरिंग लैब (ATL) और अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC).
  • अटल नवाचार मिशन की तकनीकी सहायता से भारत सरकार के कई मंत्रालयों और विभागों ने नवाचार से सम्बद्ध गतिविधियाँ आरम्भ की हैं.
  • अटल टिकरिंग लैब कार्यक्रम के अंतर्गत 2020 तक 10,000 से अधिक विद्यालय ऐसी प्रयोगशालाएँ स्थापित करने जा रहे हैं.
  • देश-भर में 100 से अधिक अटल इनक्यूबेशन सेंटर भी बन रहे हैं जिनके माध्यम से पहले पाँच वर्षों में कम से कम 50-60 स्टार्ट-अपों को सहारा दिया जाएगा.
  • अपने आविष्कारों को उत्पाद में बदलने के लिए 100 से अधिक नवाचारियों को इस मिशन के अंतर्गत कुछ न कुछ सहयोग मिलने की सम्भावना है.
  • प्रत्येक चौथे वर्ष एक-एक इनक्यूबेटर तकनीकी नवाचार पर आधारित 50-60 स्टार्ट-अपों को सम्पोषित करेगा.
  • नवाचार पर आधारित नए-नए स्टार्ट-अप खुलने से रोजगार में व्यापक वृद्धि होने की संभावना है.

GS Paper  2 Source: PIB

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Topic : International Finance Corporation (IFC)

संदर्भ

भारतीय ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालियापन बोर्ड ( Insolvency and Bankruptcy Board) ने अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (International Finance CorporationIFC) के साथ सहयोग का एक समझौता किया है. इसका उद्देश्य भारत की ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालियापन संहिता, 2016 के कारगर कार्यान्वयन हेतु सम्बंधित पेशेवरों और एजेंसियों की क्षमता में वृद्धि करता है.

IFC क्या है?

  • अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम एक अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्था है जो विकासशील देशों में निजी प्रक्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए निवेश, परामर्श और संपदा प्रबंधन की सेवाएँ प्रदान करता है.
  • यह संस्था विश्व बैंक समूह का एक सदस्य है और इसका मुख्यालय अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में है.
  • इसकी स्थापना 1956 में विश्व बैंक समूह के निजी प्रक्षेत्र शाखा के रूप में हुई थी. इसका काम पूर्ण रूप से लाभ मात्र के उद्देश्य से उन वाणिज्यिक परियोजनाओं में पैसा लगाकर आर्थिक विकास को आगे ले जाना था जिनसे गरीबी घटाई जा सकती थी और विकास बढ़ाया जा सकता था.
  • वैसे तो इस निगम का स्वामित्व और प्रशासन इसके सदस्य देशों के पास होता है, परन्तु इसके पास कार्यकारी नेतृत्व और स्टाफ भी होते हैं जो इसके सामान्य कार्यों के संचालन के उत्तरदायी होते हैं.

कार्य

  • यह भाँति-भाँति के ऋण और वित्तीय सेवाएँ देता है और कम्पनियों को जोखिम को झेलने में समर्थ बनाता है, परन्तु यह प्रबंधन में भागीदारी करने से बचता है.
  • यह निगम कंपनियों को निर्णय लेने तथा इन निर्णयों के पर्यावरण और समाज पर होने वाले प्रभावों के आकलन के विषय में परामर्श भी देता है.
  • यह सरकारों को अवसरंचना बनाने और भागीदारियाँ करने के विषय में परामर्श देकर निजी प्रक्षेत्र के विकास में सहयोग भी करता है.

GS Paper  3 Source: PIB

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Topic : Flood Management and Border Areas Programme (FMBAP)

संदर्भ

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूरे देश में बाढ़ प्रबंधन कार्यों और वर्ष 2017-18 से 2019-20 के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित नदी प्रबंधन गतिविधियों और कार्यों के लिए बाढ़ प्रबंधन और सीमा क्षेत्र कार्यक्रम (FMBAP) को मंजूरी दी है. इस कार्यक्रम का परिव्यय 3342.00 करोड़ रुपये है.

लाभ

  • FMBAP योजना प्रभावी बाढ़ प्रबंधन भू-क्षरण नियंत्रण और समुद्र क्षरण रोकथाम के लिए पूरे देश में लागू की जाएगी.
  • यह प्रस्ताव देश में बाढ़ और भू-क्षरण से शहरों, गांव, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, संचार जुड़ाव, कृषि क्षेत्रों, बुनियादी ढांचा आदि को बचाने में मदद करेगा. जलग्रहण उपचार कार्यों से नदियों में तलछट भार को कम करने में सहायता मिलेगी.

वित्त पोषण पद्धति

  • सामान्य श्रेणी के राज्यों में किए जाने वाले कार्यों के लिए वित्त प्रबंधन घटक के वित्त पोषण की पद्धति केंद्र और राज्य के 50-50% अनुपात में जारी रहेगी.
  • पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण पद्धति 70% (केंद्र) और 30% (राज्य) के अनुपात में जारी रहेगी.
  • आरएमबीए घटक पड़ोसी देशों के साथ सीमा सीमावर्ती क्षेत्रों में गतिविधियों के लिए निर्दिष्ट होने और द्विपक्षीय कार्य प्रणाली के अनुरूप होने से परियोजनाएं/ कार्य 100% अनुदान सहायता/ केंद्रीय सहायता के रूप में वित्त पोषित होंगे.

विशेषताएँ

  • FMBAP योजना को बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम (एफएमपी) और नदी प्रबंधन गतिविधियों और सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित कार्य (आरएमबीए) नामक दो जारी 12वीं योजना की जारी दो स्कीमों के घटकों को आपस में विलय करके तैयार किया गया है.
  • इस योजना का उद्देश्य संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक प्रयासों के अधिकतम संयोग और संबंधित क्षेत्रों में राज्य/ केंद्र सरकार के अधिकारियों की क्षमताओं को बढ़ाकर महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बाढ़ से उचित सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकारों की मदद करना है.
  • इस योजना के अंतर्गत कार्यों से भू-क्षरण और बाढ़ के प्रकोप से बहुमूल्य भूमि की रक्षा होगी और सीमा के साथ-साथ शांति बनाए रखने में भी मदद मिलेगी.
  • इस योजना का उद्देश्य एफएमपी के तहत पहले से ही मंजूर चल रही परियोजनाओं को पूरा करना है.
  • यह योजना पन-मौसम संबंधी पर्यवेक्षणों और पड़ोसी देशों के साथ साझा नदियों में बाढ़ के पूर्वानुमान करने में भी मदद करेगी.
  • इस योजना में पड़ोसी देशों के साथ साझा नदियों पर जल संसाधन परियोजनाओं जैसे नेपाल में पंचकेश्वर बहु उद्देशीय परियोजना, सप्ता कोसी-सनकोसी परियोजनाओं के बारे में सर्वेक्षण और जांच पड़ताल तथा डीपीआर आदि को तैयार करना शामिल है. इससे दोनों देशों को लाभ होगा.

GS Paper  3 Source: PIB

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Topic : Measures to promote Hydro Power Sector

संदर्भ

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पनबिजली प्रक्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कुछ पहलों की स्वीकृति प्रदान की है. ये पहल हैं –

  • बड़ी-बड़ी पनबिजली योजनाओं को अब अक्षय ऊर्जा स्रोत के रूप में घोषित किया जाएगा. विदित हो कि वर्तमान में केवल 25MW से कम उत्पादन करने वाली पनबिजली परियोजनाओं को अक्षय ऊर्जा की श्रेणी में रखा गया है.
  • गैर-सौर अक्षय क्रय दायित्व के अंतर्गत अब पनबिजली परियोजनाओं को एक अलग इकाई माना जाएगा.
  • पनबिजली परियोजनाओं के लक्ष्य ऊर्जा मंत्रालय अधिसूचित करेगा और ऐसा करते समय भविष्य की योजना के फलस्वरूप उत्पन्न अतिरिक्त क्षमता को ध्यान में रखा जायेगा.
  • पनबिजली परियोजनाओं को चलाने के लिए टैरिफ की नीति और विनियमों में आवश्यक संशोधन किये जाएँगे.
  • परियोजना की अवधि को 40 वर्ष तक बढ़ाकर, ऋण वापसी की अवधि को 18 वर्ष तक बढ़ाकर तथा 2% एस्कलेटिंग टैरिफ लगाकर ऊर्जा उत्पादक टैरिफ में लचीलापन ला सकेंगे.
  • पनबिजली परियोजनाओं के लिए बाढ़ से सम्बंधित अवयव को आर्थिक सहयोग देने के लिए सरकार इकाईगत आधार पर बजटीय व्यवस्था करेगी.
  • सड़क और पुल बनाने के लिए 200MW तक की परियोजनाओं के लिए प्रति मेगावाट डेढ़ करोड़ रु. तथा 200MW से ऊपर की परियोजनाओं के लिए एक करोड़ रु. प्रति मेगावाट मुहैया कराये जाएँगे.

भारत में पनबिजली की संभावनाएँ

  • भारत को पनबिजली के लिए आवश्यक संसाधनों का वरदान मिला हुआ है. इस मामले में विश्व-भर में उसका पाँचवाँ स्थान है.
  • भारत के पास क्षमता है कि वह 1,45,320MW पनबिजली उत्पन्न कर सकता है. परन्तु अभी तक मात्र 45,400MW ही उत्पन्न होता है.
  • पिछले 10 वर्षों में पनबिजली परियोजनाओं से उत्पन्न बिजली में मात्र 10,000MW की ही वृद्धि हुई है.
  • वर्तमान में पनबिजली प्रक्षेत्र एक चुनौती भरे समय से गुजर रहा है क्योंकि समस्त परिवार की ऊर्जा में पनबिजली से आने वाली ऊर्जा का अंश 1960 के दशक के 36% से घटकर 2018-19 में 13% के आस-पास रह गया है.

पनबिजली परियोजनाओं से लाभ

  • भारत में पनबिजली उत्पादन की अपार संभावनाएँ हैं. अतः पनबिजली परियोजनाओं से अधिक से अधिक ऊर्जा का उत्पादन किया जा सकता है.
  • पनबिजली एक पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा है इसलिए प्रदूषण को कम से कम करने में यह सहायक होगी.
  • पनबिजली से जल सुरक्षित होता है तथा इससे न केवल सिंचाई होती है, अपितु बाढ़ को नियंत्रित करने में सहायता भी मिलती है.
  • जहाँ ऐसी परियोजना होती है, वहाँ का समूचे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ जाते हैं और पर्यटन को बढ़ावा मिलता है.
  • पनबिजली के उत्पादन के क्षेत्र अधिकांशतः हिमालय और पूर्वोत्तर में हैं. इसलिए पनबिजली को बढ़ावा देने से इन क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास और यहाँ के लोगों के लिए आजीविका के सृजन में सहायता मिलेगी.
  • इससे परिवहन प्रक्षेत्र और कई अन्य छोटे-छोटे व्यवसायों को प्रोत्साहन मिलेगा.
  • एक ओर जहाँ सौर और पवन ऊर्जा का उत्पादन अस्थिर रहता है वहीं पनबिजली अपेक्षाकृत एक स्थिर ऊर्जा स्रोत है. अतः पनबिजली पर बल देने से 2022 तक 160GW तक की क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी.

Prelims Vishesh

Securities Appellate Tribunal :

  • भारत सरकार ने हाल ही में सिक्यूरिटी अपीलीय पंचाट (SAT) के लिए “तकनीकी सदस्य” का एक नया पद सृजित करने का निर्णय लिया है.
  • ज्ञातव्य है कि SAT एक वैधानिक निकाय है जो SEBI अथवा SEBI Act, 1992 के अंतर्गत अधिनियम में वर्णित न्याय-निर्णय देने वाले अधिकारियों के फैसलों के विरुद्ध अपील सुनता है.

Nari Shakti Puraskar :

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी नारी शक्ति पुरस्कार वितिरित किये हैं.
  • ये पुरस्कार 1999 से महिला सशक्तीकरण का काम करने वाली सुप्रतिष्ठ महिलाओं/संस्थाओं को दिए जाते रहे हैं.
  • इसमें एक लाख रु. नकद और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है.

‘Bolo’ app :

गूगल ने “BOLO नामक एक नया ऐप निकाला है जो प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को हिंदी और अंग्रेजी पढ़ने में सहायता पहुँचायेगा.

India, Russia sign deal on nuclear submarine :

  • भारत ने रूस के साथ 3 बिलियन डॉलर का एक समझौता किया है जिसके अनुसार रूस भारत को 10 वर्ष के लिए आणविक आक्रमण की शक्ति से युक्त पनडुब्बी लीज पर देगा.
  • इस पनडुब्बी का रूसी नाम Akula है जिसे भारतीय नौसेना में चक्र III का नाम दिया जाएगा.

Odisha govt launches boat ambulance for remote villages :-

ओडिशा सरकार ने भीतरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के निकट स्थित सुदूर गाँवों में रहने वालों के लिए एक नौका एम्बुलेंस सेवा का अनावरण किया है.


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3 Comments on “Sansar डेली करंट अफेयर्स, 08 March 2019”

  1. SIR JAISE APNE HME CURRENT AFFAIRS KA MONTHLY BOOK PROVIDE KARAYA HAI KYA AP HME ISI TARAH BAKI SUBJECTS K NOTES BOOK ME PROVIDE KRA SKTE HAI????
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    SATH HI HME TAIYARI K TIPS OR TIME MANAGEMENT K LIYE V GUIDE KARIYE

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