Sansar डेली करंट अफेयर्स, 06 April 2021

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Sansar Daily Current Affairs, 06 April 2021


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : NATO

संदर्भ

हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति ने NATO सदस्यों से कहा है कि वे NATO में यूक्रेन को शामिल करने के आवदेन पर शीघ्र विचार करें. ज्ञातव्य है कि यूक्रेन के रूस से लगने वाली सीमा पर रुसी समर्थक अलगाववादी आंदोलन में तेजी आई है और रूस की ओर से भी सैन्य हस्तक्षेप का खतरा बढ़ गया है.

नाटो क्या है?

  • नाटो का पूरा नाम North Atlantic Treaty Organization है अर्थात् उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन है.
  • यह एक अन्तर-सरकारी सैन्य संघ है.
  • इस संधि पर 4 अप्रैल, 1949 को हस्ताक्षर हुए थे.
  • इसका मुख्यालय बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में है.
  • नाटो का सैन्य मुख्यालय बेल्जियम में ही मोंस नामक शहर में है.
  • यह सामूहिक सुरक्षा की एक प्रणाली है जिसमें सभी सदस्य देश इस बात के लिए तैयार होते हैं यदि किसी एक देश पर बाहरी आक्रमण होता है तो उसका प्रतिरोध वे सभी सामूहिक रूप से करेंगे.
  • स्थापना के समय इसका प्रमुख उद्देश्य पश्चिमी यूरोप में सोवियत संघ की साम्यवादी विचारधारा के प्रसार को रोकना था.
  • यह सैन्य गठबंधन सामूहिक रक्षा के सिद्धांत पर काम करता है जिसका तात्पर्य एक या अधिक सदस्यों पर आक्रमण सभी सदस्य देशों पर आक्रमण माना जाता है. (अनुच्छेद 5)
  • नाटो के सदस्य देशों का कुल सैन्य खर्च विश्व के सैन्य खर्च का 70% से अधिक है.
  • वर्तमान में नाटो अफगानिस्तान में ‘गैर-युद्ध मिशन’ का संचालन कर रहा है, जिसके माध्यम से अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों, संस्थानों को प्रशिक्षण, सलाह और सहायता प्रदान करता है.

नाटो के उद्देश्य

राजनैतिक :- नाटो प्रजातांत्रिक मान्यताओं को बढ़ावा देता है. यह सुरक्षा और सैन्य मामलों के समाधान के लिए आपसी सहयोग और परामर्श का एक मंच प्रदान करता है.

सैन्य :- नाटो विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है. यदि किसी विवाद के निपटारे के लिए कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं तो यह अपनी सैन्य का प्रयोग कर कार्रवाई कर सकता है. नाटो की मूल संधि – वाशिंगटन संधि की धारा 5 के प्रावधान के अनुसार ऐसी स्थिति में नाटो के सभी देश मिलकर सैनिक कार्रवाई करते हैं.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Effect of policies and politics of developed and developing countries on India’s interests, Indian diaspora.

Topic : JCPOA

संदर्भ

ऑस्ट्रिया के वियना में ईरान पर अमेरिका द्वारा लगाये गये प्रतिबंधों को हटाने के तरीके एवं ईरान द्वारा फिर से वर्ष 2015 के परमाणु समझौते JCPOA के पालन करने की संभावनाओं पर चर्चा के लिए बैठक आयोजित होने जा रही है. ज्ञातव्य है कि अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन, यूरोपीय शक्तियों और ईरान द्वारा वर्ष 2015 के परमाणु समझौते को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.

कुछ समय पहले ईरान की ओर से कहा गया था कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, पिछले दो वर्षों के दौरान ईरान पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को हटा लेते हैं तो वह स्वतः ही JCPOA के तहत अपनी परमाणु प्रतिबद्धताओं पर वापस लौट आएगा.

JCPOA क्या है?

  • यह समझौता, जिसे ईरान परमाणु समझौता के नाम से भी जाना जाता है, ओबामा के कार्यकाल में 2015 में हुआ थी.
  • इरानियन आणविक डील इरान और सुरक्षा परिषद् के 5 स्थाई सदस्य देशों तथा जर्मनी के बीच हुई थी जिसे P5+1 भी कहा जाता है.
  • यह डील ईरान द्वारा चालाये जा रहे आणविक कार्यक्रम को बंद कराने के उद्देश्य से की गई थी.
  • इसमें ईरान ने वादा किया था कि वह कम-से-कम अगले 15 साल तक अणु-बम नहीं बनाएगा और अणु-बम बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं, जैसे समृद्ध यूरेनियम तथा भारी जल के भंडार में भारी कटौती करेगा.
  • समझौते के तहत एक संयुक्त आयोग बनाया गया था जिसमें अमेरिका, इंग्लैंड, रूस, चीन, फ्रांस और जर्मनी के प्रतिनिधि थे. इस आयोग का काम समझौते के अनुपालन पर नज़र रखना था.
  • इस डील के अनुसार ईरान में स्थित आणविक केंद्र अमेरिका आदि देशों की निगरानी में रहेंगे.
  • ईरान इस डील के लिए इसलिए तैयार हो गया था क्योंकि आणविक बम बनाने के प्रयास के कारण कई देशों ने उसपर इतनी आर्थिक पाबंदियाँ लगा दी थीं कि उसकी आर्थिक व्यवस्था चरमरा गई थी.
  • उल्लेखनीय है कि तेल निर्यात पर प्रतिबंध के कारण ईरान को प्रतिवर्ष करोड़ों पौंड का घाटा हो रहा था. साथ ही विदेश में स्थित उसके करोड़ों की संपत्तियाँ भी निष्क्रिय कर दी गई थीं.

अमेरिका समझौते से हटा क्यों था?

अमेरिका का कहना है कि जो समझौता वह दोषपूर्ण है क्योंकि एक तरफ ईरान को करोड़ों डॉलर मिलते हैं तो दूसरी ओर वह हमास और हैजबुल्ला जैसे आतंकी संगठनों को सहायता देना जारी किये हुए है. साथ ही यह समझौता ईरान को बैलिस्टिक मिसाइल बनाने से रोक नहीं पा रहा है. अमेरिका का कहना है कि ईरान अपने आणविक कार्यक्रम के बारे में हमेशा झूठ बोलता आया है.


GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Important International institutions, agencies and fora, their structure, mandate.

Topic : ICC

संदर्भ

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन ने हाल ही में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्प द्वारा अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (International Criminal Court – ICC) के दो शीर्ष अधिकारियों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया गया है. ट्रम्प प्रशासन, अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) द्वारा अफगानिस्तान में की गई कार्रवाईयों के लिए अमरीकियों के विरुद्ध एवं फिलिस्तीनियों के विरुद्ध की गई कारवाईयों के लिए इजरायल पर मुकदमा चलाने पर खुले आम ट्रिब्यूनल के विरुद्ध था.

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC)

  • यह फौजदारी का अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय है जो हेग में स्थित है.
  • अंतर्राष्ट्रीय फौजदारी न्यायालय को 1998 में घोषित रोम कानून (Rome Statute) के द्वारा स्थापित किया गया था.
  • यह संसार का ऐसा पहला अंतर्राष्ट्रीय स्थाई फौजदारी न्यायालय है जो किसी संधि पर आधारित है.
  • इसकी स्थापना अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के विरुद्ध जघन्य और परम चिंतनीय अपराध करने वालों को सजा दिलवाना है.
  • इस न्यायालय का काम है – जनसंहार, युद्ध-अपराध, मानवता के प्रति अपराध तथा आक्रमण के अपराध के आरोपी व्यक्तियों का अपराध तय करना और उनके खिलाफ मुकदमा चलाना.
  • भारत ने अभी तक रोम कानून पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं और इसलिए वह अंतर्राष्ट्रीय फौजदारी न्यायालय सदस्य नहीं है.
  • वैसे तो इस न्यायालय का खर्चा मुख्य रूप से सदस्य देश देते हैं किन्तु इसको अन्य स्रोतों से भी स्वैच्छिक वित्तीय सहायता मिलती है, जैसे – सरकारें, अंतर्राष्ट्रीय संगठन, व्यक्ति, निगम और अन्य इकाइयाँ.

न्यायालय का स्वरूप और मतदान की शक्ति

  • न्यायालय का प्रबंधन और पर्यवेक्षण एक विधायी निकाय द्वारा किया जाता है जिसका नाम असेम्बली ऑफ़ स्टेट्स पार्टीज है जिसमें प्रत्येक देश का एक प्रतिनिधि होता है. इस असेंबली में एक अध्यक्ष और दो उपाध्यक्ष होते हैं जो सदस्यों द्वारा तीन वर्ष के लिए चुने जाते हैं.
  • प्रत्येक देश के पास एक वोट होता है. प्रयास किया जाता है कि जो भी निर्णय हो वह सर्वसहमति से हो. यदि सर्वसहमति नहीं होती है तभी मतदान होता है.

GS Paper 2 Source : The Hindu

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections.

Topic : PMMY

संदर्भ

सरकार की ओर से जारी हालिया आँकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के शुभारंभ के बाद से 14.96 लाख करोड़ रुपये की धनराशि के 28.68 करोड़ से अधिक के ऋण स्वीकृत किए गए हैं.

मुद्रा योजना क्या है?

  • मुद्रा योजना का पूरा नाम प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) है. इसका आरम्भ अप्रैल, 2015 में हुआ था. इस योजना का उद्देश्य छोटे-छोटे ऋणार्थियों को जमानत-मुक्त ऋण देना है.
  • इस योजना के लिए सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई पूँजी 20,000 करोड़ रु. है. इसके तहत छोटे-छोटे व्यवसायियों को 50,000 रु. से लेकर 10 लाख रु. तक का कर्ज दिया जाता है.
  • गैर-कृषि गतिविधियों के लिए 10 लाख रु. तक का मुद्रा ऋण दिया जाता है. ये गतिविधियाँ हैं – दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन आदि.
  • मुद्रा योजना की एक अनूठी विशेषता यह है कि इसमें एक मुद्रा कार्ड भी दिया जाता है जिसके माध्यम से ATM और कार्ड मशीन से वांछित कार्यपूँजी निकाली जा सकती है.
  • मुद्रा योजना के ऋणों को इन तीन भागों में बाँटा गया है –
  1. शिशु (50,000 रु. तक)
  2. किशोर (50,001 रु. से 5 लाख रु. तक)
  3. तरुण (500,001 रु. से 10,00,000 रु. तक)

अन्य तथ्य

  • ऋण का औसत आकार लगभग 52,000 रु है. 88% ऋण “शिशु श्रेणी” के हैं.
  • लगभग 51 प्रतिशत ऋण अनुसुचित जाति/अनुसूचित जनजाति/ अन्य पिछड़े वर्गों को दिए गए हैं.
  • वित्त वर्ष 2020-21 में 4.20 करोड़ पीएमएमवाई ऋण स्वीकृत किए गए और 2.66 लाख करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए.
  • इसके अतिरिक्त PMMY ने 2015 से 2018 तक 1.12 करोड़ शुद्ध अतिरिक्त रोजगार सृजन में सहायता की है.

Prelims Vishesh

Wolf–Rayet stars or WR stars :-

  • भारतीय खगोलविदों ने एक दुर्लभ सुपरनोवा विस्फोट की निगरानी की, जिससे एक वुल्फ-रेएट तारे या डब्ल्यूआर तारे (Wolf–Rayet stars or WR stars) के बारे में पता लगा है. यह तारा सबसे गर्म तारों में से एक है.
  • दुर्लभ वुल्फ-रेएट तारे सूर्य से लगभग एक हजार गुना अधिक प्रकाशमान होते हैं. ये तारे सबसे गर्म तारों में से एक हैं.
  • वुल्फ-रेएट तारे, आकार में बहुत बड़े तारे हैं. वुल्फ-रेएट तारों के बाह्य हिस्से में हाइड्रोजन विद्यमान है जो हिलीयम और अन्य तत्वों के साथ जुड़ी है.

Ecercise La Perouse :-

  • फ्रांसीसी नौसेना, रॉयल ऑस्ट्रेलियन नेवी, जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स और यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के जहाजों तथा विमानों के साथ समुद्र में एक बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास में भारत भी शामिल हुआ.
  • इस अभ्यास में भारतीय नौसेना द्वारा भाग लेना मैत्रीपूर्ण नौसेनाओं के साथ साझा मूल्यों को प्रदर्शित करता है. साथ ही, समुद्र की स्वतंत्रता और एक खुले, समावेशी हिंद-प्रशांत व एक नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति उसकी प्रतिबद्धता सुनिश्चित करता है.

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