Sansar डेली करंट अफेयर्स, 04 April 2019

Sansar LochanSansar DCALeave a Comment

Print Friendly, PDF & Email

Sansar Daily Current Affairs, 04 April 2019


GS Paper  2 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Centre for Cellular & Molecular Biology (CCMB)

संदर्भ

कोशीय एवं आणविक जीव वैज्ञानिक केंद्र (CCMB) के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे नए अन्जाइम का पता लगाया है जो बैक्टीरिया के कोष-भित्तियों को तोड़ने में सहायक है और इस प्रकार यह अन्जाइम बैक्टीरिया विरोधी प्रतिरोध की रोकथाम के लिए नई दवा तैयार करने में सहायक हो सकता है.

शोधकर्ताओं को पता चला है कि यदि सीजर्स अन्जाइम को काम करने से रोक दिया जाए तो सूक्ष्म जीवाणुओं को नष्ट करने की नई-नई विधियों का पता लगाया जा सकता है और इस प्रकार बैक्टीरिया प्रतिरोधी दवाओं की बाढ़ आ सकती है.

दूसरे जीवाणुओं में भी वैसा ही अन्जाइम  कोष विभाजन का काम करता है क्योंकि जीवाणुओं की वृद्धि और विभाजन के लिए कोष भित्ति परमावश्यक है.

महत्त्व

नए अन्जाइम के पता लगने से जीवाणु विरोधी प्रतिरोध को रोकने के लिए वर्तमान जीवाणु विरोधी दवाओं के माध्यम से दवा शरीर में पहुँचाने का मार्ग खुल गया है. अब सूक्ष्म जीवाणु को नष्ट करने के लिए नए-नए तरीके निकाले जा सकते हैं और नए प्रकार की जीवाणु विरोधी दवाओं का अम्बार लग सकता है.

कोशीय एवं आणविक जीव वैज्ञानिक केंद्र (CCMB) क्या है?

  • कोशीय एवं आणविक जीव वैज्ञानिक केंद्र (CCMB) एक जाना-माना सौर संगठन है जो आधुनिक जीव विज्ञान के नवीनतम क्षेत्रों में उच्च कोटि का मूलभूत अनुसंधान एवं परीक्षण मुहैया कराता है.
  • यह संस्थान जीव विज्ञान की कई शाखाओं के लिए नई और आधुनिक तकनीकों के निमित्त केंद्रीकृत राष्ट्रीय सुविधा प्रदान करता है.
  • आरम्भ में 1 अप्रैल, 1977 में इसकी स्थापना तत्कालीन क्षेत्रीय अनुसंधान प्रयोगशाला (वर्तमान में भारतीय रासायनिक तकनीक संस्थान IICT), हैदराबाद के जैव रसायन विभाग के अंतर्गत एक अर्धस्वयात्त केंद्र के रूप में हुई थी.
  • यह संस्था हैदराबाद में स्थित है और यह वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् के तत्त्वाधान में संचालित होती है.
  • UNESCO के वैश्विक, आणविक एवं कोषीय जीव विज्ञान नेटवर्क की ओर से इसे सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की पदवी मिली हुई है.

GS Paper  3 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : NIIF

संदर्भ

“Roadis नामक संसार-भर में परिवहन से सम्बंधित अवसंरचना के लिए काम करने वाली निजी निवेशक कम्पनी ने राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (NIIF) के साथ मिलकर एक मंच बनाया है जिसके माध्यम से भारत में सड़क योजनाओं में पैसा लगाया जाएगा. यह मंच 2 बिलियन डॉलर तक का निवेश किया जाएगा जिसका उद्देश्य देश में बड़ी-बड़ी सड़कों का जाल बिछाना होगा.

NIIF क्या है?

  • NIIF लंबित आधारभूत परियोजनाओं हेतु विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए भारत में एक प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है.
  • ज्ञातव्य है कि यह कोष (NIIF) 2015 में भारत सरकार द्वारा 40,000 करोड़ रु. की राशि से देश में अवसंरचनात्मक परियोजनाओं में निवेश करने के लिए गठित की गई थी जिसमें 49% धन सरकार निवेश करेगी और शेष धन तृतीय-पक्ष (third-party) निवेशकों, जैसे – सॉवरेनसंपदा कोष (sovereign wealth funds), बीमा तथा पेंशन कोष, दान इत्यादि से उगाहा जायेगा.
  • यह ऊर्जा, परिवहन, आवास, जल, कचरा निपटान तथा अन्य आधारभूत संरचना से सम्बंधित क्षेत्रों में निवेश करता है.
  • वर्तमान में NIIF तीन अलग-अलग निवेश कोष चला रहा है जो सभी SEBI में वैकल्पिक निवेश फण्ड के रूप में पंजीकृत हैं.

तीन अलग-अलग निवेश कोष

मास्टर कोष :- यह कोष मुख्य रूप से सड़कों, बंदरगाहों, हवाई अड्डों, बिजली कारखानों आदि अवसंरचना के शुद्ध प्रक्षेत्रों में निवेश करता है.

कोषों का कोष :- यह उन कोषों में निवेश करता है जिनको वैसे कोष प्रबंधक संभाल रहे हैं जिन्होंने अवसंरचना एवं सम्बद्ध प्रक्षेत्रों में अच्छा काम किया है. यह कोष जिन प्रक्षेत्रों पर अधिक ध्यान देता है, वे हैं – हरित अवसरंचना, मध्य आय एवं सस्ती आवास योजना, अवसंरचनात्मक सेवाएँ और सम्बद्ध प्रक्षेत्र.

रणनीतिक निवेश कोष :- सेबी में पंजीकृत होने वाला तीसरा निवेश कोष रणनीतिक निवेश कोष कहलाता है और इसे वैकल्पिक निवेश कोष 2 का नाम दिया गया है.


GS Paper  3 Source: PIB

pib_logo

Topic : Advance Pricing Agreements (APAs)

संदर्भ

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने मार्च, 2019 में 18 अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों (एपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें 3 द्विपक्षीय अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (बीएपीए) शामिल हैं. इन एपीए पर हस्ताक्षर किए जाने के साथ ही वित्त वर्ष 2018-19 में सीबीडीटी द्वारा किए गए एपीए की कुल संख्या बढ़कर 52 हो गई है, जिनमें 11 बीएपीए शामिल हैं. सीबीडीटी द्वारा किए गए एपीए की संख्या अब कुल मिलाकर 271 हो गई है, जिनमें अन्य के अलावा 31 बीएपीए शामिल हैं.

advance_pricing_agreement

मार्च, 2019 के दौरान बीएपीए निम्नलिखित साझेदारों के साथ किए गए :-

  • ऑस्ट्रेलिया
  • नीदरलैंड
  • अमेरिका

मार्च, 2019 के दौरान किए गए बीएपीए और एकपक्षीय अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौते (यूएपीए) अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों (सेक्टर) एवं उप-क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिनमें घर्षण-रोधी बियरिंग, जोखिम प्रबंधन सॉल्यूशंस प्लेटफॉर्म, बीपीओ, आईटी/आईटीईएस, एटीएम, औद्योगिक एवं संस्थागत साफ-सफाई एवं स्वच्छता उत्पाद इत्यादि शामिल हैं.

APA क्या है?

APA करदाता और कर प्राधिकारी के बीच में हुआ एक समझौता है जिसमें करदाता द्वारा भविष्य में किये गये अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन का दाम तय करने के लिए स्थानान्तरण मूल्यांकन पद्धति का निर्धारण किया जाता है. इससे करदाता द्वारा की गई अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन से सम्बंधित कर राशि के बारे में निश्चितता पैदा होती है.

APA के प्रकार

APA तीन प्रकार के होते हैं – एकपक्षीय, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय.

  • एकपक्षीय APA वह APA है जिसका सम्बन्ध मात्र करदाता और उसके स्थानीय कर प्राधिकारी के साथ ही होता है.
  • द्विपक्षीय APA वह APA है जिसका सम्बन्ध करदाता, विदेश में स्थित में उसके सम्बद्ध प्रतिष्ठान, करदाता जिस देश में हैं वहाँ का कर प्राधिकारी एवं विदेशी प्राधिकारी से होता है.
  • बहुपक्षीय APA वह APA है जिसका सम्बन्ध करदाता, अलग-अलग देशों में करदाता के दो या अधिक प्रतिष्ठानों, वह जहाँ रहता है वहाँ का कर प्राधिकारी और सम्बद्ध प्रतिष्ठानों के कर प्राधिकारी से होता है.

माहात्म्य

सरकार का संकल्प है एक ऐसी कर व्यवस्था बनाई जाए जिसमें शत्रुता का भाव न हो. APA योजना इस संकल्प को दृढ़ता प्रदान करती है. इसलिए इस योजना की देश-विदेश में सराहना हो रही है. वस्तुतः यह योजना स्थानान्तरण मूल्यांकन की जटिल समस्या का समाधान एक उचित और पारदर्शी ढंग से करती है.


GS Paper  3 Source: PIB

pib_logo

Topic : NuGen Mobility Summit 2019

संदर्भ

NuGen गतिशीलता शिखर सम्मेलन, 2019 का आयोजन राष्ट्रीय राजधान क्षेत्र में स्थित मानेसर नामक शहर में नवम्बर के दौरान आयोजित किया जाएगा. इसका आयोजन अंतर्राष्ट्रीय स्वचालित प्रौद्योगिकी केंद्र (ICAT) देश की कई अन्य संस्थाओं के साथ साहचर्य करते हुए करने वाला है.

उद्देश्य : इस सम्मलेन का उद्देश्य नए विचारों और वैश्विक अनुभवों का आदान-प्रदान करना है. साथ ही उन नए-नए आविष्कारों तथा भविष्य की प्रौद्योगिकी के बारे में भी चर्चा होगी जिन्हें शीघ्र से शीघ्र अपनाया जाना चाहिए. इस सम्मलेन में उन्नत स्वचालित तकनीकों के विकास पर भी बल दिया जाएगा जिससे कि हमारा भविष्य अधिक आरामदेह और पर्यावरण अनुकूल हो जाएगा.

माहात्म्य : यह सम्मलेन एक ऐसे मंच के निर्माण में सहायक होगा जिसमें स्वचालित उद्योग के सभी हितधारक उपस्थित होकर तकनीक में विश्व-भर में हो रही प्रगतियों से अवगत हो सकें.

ICAT मानेसर क्या है?

  • ICAT का पूरा नाम है – International Centre for Automotive Technology अर्थात् अंतर्राष्ट्रीय स्वचालित प्रौद्योगिकी केंद्र.
  • यह मानेसर में स्थित है.
  • यह केंद्र भारत सरकार के भारी उद्योग विभाग के अंतर्गत NATRiP कार्यान्वयन सोसाइटी उपभाग के अन्दर आता है.
  • यहाँ सभी प्रकार के वाहनों के परीक्षण, सत्यापन, रूपांकन और समेकीकरण की सुविधा दी जाती है.
  • यह केंद्र स्वचालित वाहन उद्योग को वाहन मूल्यांकन और अवयव निर्माण की आधुनिकतम तकनीकों को अपनाने में सहायता करता है जिससे कि उनकी विश्वसनीयता, टिकाऊपन और वर्तमान तथा भविष्य के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित हो सके.

GS Paper  3 Source: The Hindu

the_hindu_sansar

Topic : Purchasing Managers Index (PMI)

संदर्भ

क्रय प्रबंधक सूचकांक (Purchasing Managers Index – PMI) क्या है?

क्रय प्रबंधक सूचकांक (PMI) एक संकेतक है जो निर्माण और सेवा दोनों प्रक्षेत्रों की व्यावसयिक गतिविधि को बताता है. इस सूचकांक के लिए सर्वेक्षण किया जाता है जिसमें क्रय प्रबंधकों से पूछा जाता है कि पिछले एक महीने से कुछ मुख्य व्यावसायिक गतिविधियों में क्या परिवर्तन आया है.

सूचकांक निर्माण एवं सेवा प्रक्षेत्रों के लिए अलग-अलग तैयार किया जाता है और उसके पश्चात् दोनों मिलाकार एक मिश्रित सूचकांक बनता है.

PMI बनाने के लिए क्या किया जाता है?

PMI गुणवत्ता से सम्बंधित कई प्रश्न-श्रृंखलाओं पर आधारित होता है. सैंकड़ों प्रतिष्ठानों के कार्यकारी अधिकारियों से इन प्रश्नों में पूछा जाता है कि वे बताएँ कि उत्पादन, नये आदेशों, व्यावसायिक संभावनाओं और आजीविकाओं जैसे मुख्य संकेतक पिछले महीने से अधिक प्रबल रहे अथवा नहीं. साथ ही उन्हें कहा जाता है कि वे इन संकेतकों के लिए अपनी ओर से रेटिंग दें.

PMI के आँकड़े क्या दर्शाते हैं?

  • PMI में किसी व्यवासायिक गतिविधि का आँकड़ा 50 से ऊपर आता है तो माना जाता है कि इस गतिविधि में विस्तार हुआ है. यदि यह आँकड़ा 50 से नीचे रहता है तो माना जाएगा कि यह गतिविधि पहले से घट गई है.
  • 50 से आँकड़ा जितना ऊपर जायेगा या जितना नीचे आयेगा, उसी हिसाबी से सम्बन्धित गतिविधि में उतना ही विस्तार और उतना ही संकोच माना जाएगा.
  • विस्तार की दर को PMI को पिछले महीने के आँकड़े के साथ तुलना करके भी जाना जा सकता है. यदि यह आँकड़ा पिछले महीने के आँकड़े से ऊँचा है तो समझा जाएगा कि अर्थव्यवस्था तीव्र गति से फ़ैल रही है. यदि यह पिछले महीने से कम रहता है तो पता चलेगा कि अर्थव्यवस्था में वृद्धि निम्न दर से हो रही है.

PMI का महत्त्व

PMI सामान्यतः महीने के आरम्भ में अर्थात् औद्योगिक उत्पादन, निर्माण एवं GDP वृद्धि के विषय में औपचारिक आँकड़ों के आने के बहुत पहले ही प्रकाशित हो जाता है. इसलिए आर्थिक गतिविधि का यह अच्छा पूर्व संकेतक समझा जाता है. PMI द्वारा निर्माण प्रक्षेत्र में वृद्धि के लिए दिए गये आँकड़े को अर्थशास्त्री औद्योगिक उत्पादन का एक अच्छा संकेतक मानते हैं. कई देशों के केन्द्रीय बैंक इस सूचकांक का उपयोग ब्याज की दर के बारे में निर्णय लेते समय करते हैं.

वित्तीय बाजार के लिए PMI का महत्त्व

PMI निगम उपार्जन का भी संकेत देता है और इसलिए इसपर निवेशकों और बौंड बाजारों की भी नज़र रहती है. यदि PMI में इस विषय में अच्छे आँकड़े आये हों तो उसके आधार पर यह अनुमान लगाया जा सकता है कि दो आर्थिक गतिविधियों में से कौन अधिक आकर्षक रहेगी.


Prelims Vishesh

South Korea to launch world’s first 5G networks :-

दक्षिण कोरिया ने अप्रैल 5, 2019 को विश्व के पहले 5G मोबाइल नेटवर्क का अनावरण किया.


Click here to read Sansar Daily Current Affairs – Sansar DCA

Books to buy

Leave a Reply

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.