Sansar डेली करंट अफेयर्स, 02 November 2019

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Sansar Daily Current Affairs, 02 November 2019


GS Paper 2 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Welfare schemes for vulnerable sections of the population by the Centre and States and the performance of these schemes; mechanisms, laws, institutions and bodies constituted for the protection and betterment of these vulnerable sections

Topic : All visitors to Meghalaya must first register

संदर्भ

अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और मिजोरम में लागू इनर लाइन परमिट (ILP) की तर्ज पर मेघालय में भी देश के अन्य राज्यों के नागरिकों को प्रवेश करने से पहले अपना पंजीयन कराना होगा. अब कोई भी व्यक्ति जो मेघालय का निवासी नहीं है और राज्य में 24 घंटे से अधिक रहना चाहता है, उसे सरकार को दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.

पृष्ठभूमि

मेघालय निवासी, सुरक्षा और सुरक्षा अधिनियम 2016 (MRSSA) को तत्कालीन कांग्रेस ने MUA-II सरकार द्वारा इनर लाइन परमिट (ILP) के एवज में अवैध आव्रजन की जांच के लिए एक व्यापक तंत्र के हिस्से के रूप में पारित किया था. जब अधिनियम 2016 में पहली बार पारित किया गया था तो केंद्र बिंदु किरायेदारों पर था.

इनर लाइन परमिट

बंगाल पूर्वी-सीमांत नियम 1873 :- इस नियम के अनुसार भारत सरकार को यह अधिकार दिया गया है कि वह नागाओं की नागरिकता, अधिकारों और विशेषाधिकारों की सुरक्षा के लिए बाहरी लोगों को इनर लाइन परमिट निर्गत कर सकता है. विदित हो कि इनर लाइन परमिट भारत सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो भारत के किसी नागरिक को किसी संरक्षित क्षेत्र के भीतर सीमित अवधि के लिए प्रवेश की छूट देटा है.


GS Paper 2 Source: PIB

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UPSC Syllabus : India and its neighbourhood- relations.

Topic : East Asia Summit

संदर्भ

पूर्वी एशियाई शिखर सम्मेलन (EAS) का नवीनतम संस्करण बैंकॉक में आयोजित किया जा रहा है.

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पूर्वी एशियाई शिखर सम्मलेन क्या है?

  • प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला पूर्वी एशियाई शिखर सम्मलेन एक मंच है जिसमें आरम्भ में पूर्वी एशिया, दक्षिण पूर्वी एशिया एवं दक्षिणी एशिया के 16 देश शामिल हुए थे. बाद में सम्मलेन की 2011 में होने वाली बैठक में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर 18 कर दी गई और इसमें रूस और अमेरिका भी शामिल हो गये.
  • इस सम्मलेन की पहली बैठक 14 दिसम्बर, 2005 को मलेशिया के क्वालालम्पुर में हुई थी.
  • पूर्वी एशियाई शिखर सम्मलेन (East Asia Summit) में राजनैतिक सुरक्षागत एवं आर्थिक मामलों में विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग किया जाता है. जिन विषयों में सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है, वे हैं – पर्यावरण, ऊर्जा, शिक्षा, वित्त, वैश्विक स्वास्थ्य के मामले, सर्वव्यापी रोग, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन एवं ASEAN देशों के बीच आपस सम्पर्क.
  • 2017 के नवम्बर में मनीला, फिलीपींस में सम्पन्न बैठक में पूर्वी एशियाई शिखर सम्मलेन ने सामुद्रिक सहयोग को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल कर लिया.

EAS का इतिहास

  • पूर्व-एशिया के देशों का समूह बनाने की अवधारणा सबसे पहले मलेशिया के प्रधानमंत्रीMahathir bin Mohamad ने 1991 में प्रस्तुत की थी. आगे चलकर 2002 में पूर्व एशिया अध्ययन समूह ने एक अंतिम प्रतिवेदन दिया.  यह समूह ASEAN+3 देश (चीन, जापान और द.कोरिया) द्वारा गठित किया गया था. इस समूह ने पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन की अवधारणा को स्वरूप देने की अनुशंसा की थी.
  • जुलाई 26, 2005 को Vientiane में सम्पन्न ASEAN की मंत्रीस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया कि पहले EAS में आसियान, चीन, जापान, द. कोरिया के अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, भारत और न्यूज़ीलैण्ड को शामिल किया जाए. कालांतर में बाली इंडोनेशिया में EAS की छठी बैठक में 19 नवम्बर, 2011 में रूस और अमेरिका को EAS के अन्दर औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Indian Economy and issues relating to planning, mobilization of resources, growth, development and employment.

Topic : CMIE report on joblessness

संदर्भ

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) ने भारत में बेरोजगारी पर एक निष्कर्ष जारी की है.

प्रतिवेदन के मुख्य निष्कर्ष

  • भारत की बेरोजगारी दर अक्टूबर माह में तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. पिछले महीने बेरोजगारी दर 8.5 फीसदी रही, जो कि अगस्त 2016 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है.
  • शहरी बेरोजगारी दर 8.9% और ग्रामीण बेरोजगारी दर 8.3% रही.
  • त्रिपुरा और हरियाणा में सबसे अधिक बेरोजगारी दर (20% से भी अधिक) देखी गई.
  • सबसे कम बेरोजगारी दर (1.1%) तमिलनाडु में देखी गई.
  • राजस्थान में सितंबर और अक्टूबर 2019 के बीच बेरोजगारी दर दोगुनी देखी गई.

भारत में बेरोजगारी की स्थिति चिंताजनक कैसे?

  • CMIE का निष्कर्ष नवीनतम सावधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुरूप है जिसमें अनुमान लगाया गया था कि बेरोजगारी की दर जुलाई 2017 से लेकर जून 2018 के बीच 6.1% थी जोकि 45 वर्षों में सबसे निम्न है.
  • बेरोजगारी के साथ-साथ अर्थव्यवस्था में भी ह्रास के लक्षण दिख रहे हैं. कोर सेक्टर के उत्पादन में विगत सितम्बर में सबसे बुरी दिशा देखी गई जैसा कम-से-कम पिछले 14 वर्षों में नहीं हुआ था.
  • अगस्त महीने में औद्योगिक उत्पादन पिछले छह वर्षों की तीव्रतम गति से घटा था.
  • एक शोध में यह अनुमान किया गया है कि 2011-12 और 2017-18 के बीच रोजगार में 2% की गिरावट हुई जिसके फलस्वरूप अभूतपूर्व रूप से 90 लाख नौकरियाँ घटीं. कृषि रोजगार में तो यह गिरावट 11.5% तक रहीं. इसी अवधि में सेवा क्षेत्र में रोजगार 13.4% बढ़ गया. किन्तु विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार 5.7% घट गया.
  • एक ओर जहाँ रोजगार घट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षा और प्रशिक्षण पाकर नौकरी करने के लिए 100 मिलियन लोग तैयार हो चुके हैं.

GS Paper 3 Source: The Hindu

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UPSC Syllabus : Security challenges and their management in border areas.

Topic : AFSPA

संदर्भ

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के बाद केंद्र सरकार अधिकार आ गया है कि वह किसी भी क्षेत्र को अफस्पा (AFSPA) के तहत ‘अशांत’ घोषित कर सकता है. इसके तहत सुरक्षाबलों को किसी भी संदिग्ध के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विशेष अधिकार प्राप्त होता है.

विदित हो कि जम्मू और कश्मीर राज्य विभाजन के बाद केंद्र शासित प्रदेश बन गए हैं. हाल में किये गये इस बदलाव से पहले जिला मजिस्ट्रेटों के माध्यम से राज्य सरकार को अफस्पा के तहत किसी विशेष जिले या थाना क्षेत्र को ‘अशांत’ घोषित करने का अधिकार दिया गया था, जिसमें सुरक्षा बल किसी को भी रोक सकते हैं, उनकी तलाशी ले सकते हैं और यहां तक ​​कि सुरक्षाबलों को गोली चलाने का भी अधिकार है.

AFSPA क्या है?

  • सरल शब्दों में कहा जाए तो AFSPA वह अधिनियम है जो सैन्य बलों को उपद्रवग्रस्त क्षेत्रों में विधि-व्यवस्था बनाने के लिए शक्ति प्रदान करता है.
  • इसके अनुसार सैन्य बल को यह अधिकार होता है कि किसी क्षेत्र में वह पाँच या उससे अधिक लोगों के जमावड़े को प्रतिबंधित कर सकता है.
  • इसके अतिरिक्त वह बल का प्रयोग कर सकता है अथवा समुचित चेतवानी के बाद गोली भी चला सकता है यदि उसको लगे कि कोई व्यक्ति विधि का उल्लंघन कर रहा है.
  • यदि सैन्य बल को लगे कि किसी व्यक्ति की गतिविधियाँ संदेहास्पद हैं तो वह उस व्यक्ति को बिना वारंट के गिरफ्तार कर सकता है.
  • सेना किसी भी घर में घुसकर बिना वारंट के तलाशी ले सकती है और आग्नेयास्त्र रखने पर रोक लगा सकती है. यदि कोई व्यक्ति गिरफ्तार होता है अथवा कस्टडी में लिया जाता है तो सेना उसे निकटतम पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी को गिरफ्तारी की परिस्थितियों का विवरण देते हुए सौंप सकती है.

पृष्ठभूमि

सैन्य बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम 1958 में पारित हुआ था और उसको समूचे तत्कालीन असम राज्य और मणिपुर संघीय क्षेत्र पर लागू किया गया था. कालांतर में जब फरवरी 20, 1987 को असम के विभाजन के उपरान्त अरुणाचल प्रदेश का सृजन हुआ तो यह विवादित अधिनियम वहाँ स्वतः लागू हो गया. आगे चलकर मेघालय, मिजोरम और नागालैंड राज्य अस्तित्व में आये तो इस अधिनियम को थोड़- बहुत संशोधित करते हुए इन राज्यों पर भी लागू कर दिया गया.

“उपद्रवग्रस्त क्षेत्र” किसे कहते हैं?

उपद्रवग्रस्त क्षेत्र उस क्षेत्र को कहते हैं जिसको AFSPA के अनुभाग 3 के अंतर्गत इस रूप में अधिसूचित किया जाता है. किसी क्षेत्र के उपद्रवग्रस्त घोषित होने के कारण अनेक हो सकते हैं, जैसे – धार्मिक, नस्ली, भाषाई, जातीय, सामुदायिक, क्षेत्रीय.

केंद्र सरकार अथवा सम्बंधित राज्य के राज्यपाल अथवा सम्बंधित संघीय क्षेत्र के प्रशासक राज्य अथवा सनघीय क्षेत्र के सम्पूर्ण भाग अथवा एक भाग को उपद्रवग्रस्त क्षेत्र घोषित कर सकते हैं. इसके लिए शासकीय राजपत्र में अधिसूचना निकाली जाती है.

फिलहाल इनर लाइन परमिट की आवश्यकता भारतीय नागरिकों को तब होती है जब वह इनतीन राज्यों प्रवेश करना चाहते हैं – अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड. इस विधेयक के पास हो जाने पर मणिपुर में भी यह परमिट लागू हो गया है. वर्तमान में यह परमिटमात्र यात्रा के लिए निर्गत होते हैं. इसमें यह प्रावधान है कि ऐसे यात्री सम्बंधित राज्य में भूसंपदा नहीं खरीद सकेंगे.

वर्तमान में यह परमिटमात्र यात्रा के लिए निर्गत होते हैं. इसमें यह प्रावधान है कि ऐसे यात्री सम्बंधित राज्य में भूसंपदा नहीं खरीद सकेंगे.


GS Paper 4 Source: The Hindu

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Topic : WhatsApp hacking and issues related

संदर्भ

फेसबुक के स्वामित्व वाले प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप ने कहा है कि भारत में आम चुनाव के दौरान पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं पर निगरानी के लिए इजरायल के स्पाइवेयर पेगासस का उपयोग किया गया.

पृष्ठभूमि

वर्ष 2012 के बाद एनएसओ ग्रुप ने ‘पेगासस’ को किसी फोन में इंस्टॉल करने के कई तरीकों की खोज की. पहले एक मैसेज के जरिये ललचाता हुआ सा लिंक स्मार्टफोन यूजर्स के पास पहुँचता था. जब यूजर उस लिंक को क्लिक करता था, तब वायरस स्मार्टफोन में ऑटोमेटिक इंस्टॉल हो जाता था. लेकिन इस वर्ष की शुरुआत तक एनएसओ ने बेहद खतरनाक तरीका खोज लिया. अब केवल एक मिस्ड कॉल द्वारा स्पाइवेयर ‘पेगासस’ सक्रिय हो जाता है.

पेगासस कैसे काम करता है?

किसी की निगरानी करने के लिए पेगासस ऑपरेटर एक खास लिंक तैयार करता है और उपयोगकर्ता से उस पर किसी भी तरह से क्लिक करवाता है. लिंक पर क्लिक करने के बाद ऑपरेटर को उपयोगकर्ता के फोन की सुरक्षा में सेंध लगाने का अधिकार मिल जाता है और वह पेगासस को बिना उपयोगकर्ता की स्वीकृति और जानकारी के उसके फोन में इंस्टाल कर देता है. फोन की सुरक्षा में सेंध लगने और पेगासस इंस्टाल होने के बाद ऑपरेटर लोकप्रिय मोबाइल मेसेजिंग एप्स के सहारे उपयोगकर्ता के पासवर्ड, कॉन्टैक्ट लिस्ट, कैलेंडर इवेंट्स, टेक्स्ट मैसेजेज और लाइव वॉयस कॉल की जानकारी हासिल कर सकता है. इसके साथ ऑपरेटर उपयोगकर्ता की गतिविधि की जानकारी के लिए फोन के कैमरा और माइक्रोफोन को भी ऑन कर सकता है.

विदित हो कि ‘पेगासस’ का प्रयोग कोई आम व्यक्ति नहीं कर सकता. इसे इजराइली ‘एनएसओ’ ने सरकारों के लिए बनाया है.

एनएसओ ग्रुप

एनएसओ एक इजरायली कंपनी है, जो दावा करती है कि इसका एकमात्र मकसद आतंकवाद और अपराध से लड़ने में दुनिया भर की सरकारों को साइबर मामलों में तकनीकी मदद प्रदान करना है.


Prelims Vishesh

National Waterway -2 :-

  • राष्ट्रीय जलमार्ग -2 पर पहली बार जहाज द्वारा सामान की ढुलाई और आवाजाही शुरू हो गई है.
  • 12-15 दिनों की यह समुद्री यात्रा राष्ट्रीय जलमार्ग -1 (गंगा नदी), राष्ट्रीय जलमार्ग-97 (सुंदरबन), भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल (आईबीपी) मार्ग और राष्ट्रीय जलमार्ग-2 (ब्रह्मपुत्र नदी) के बरास्ते एक एकीकृत आईडब्ल्यूटी आवाजाही होगी.
  • ब्रह्मपुत्र नदी में घुबरी से सदिया तक मार्ग को राष्‍ट्रीय जलमार्ग – 2 कहा गया है इस जलमार्ग को वर्ष 1988 में राष्‍ट्रीय जलमार्ग घो‍षित किया गया था इस जलमार्ग की कुल लम्बाई 891 किमी है इस राजमार्ग के महत्त्वपूर्ण वाणिज्यिक केन्‍द्र धुबरी, गोगीघोपा, गुवाहाटी, तेजपुर, निमाती, डिब्रूगढ़, सदिया तथा सायखोवा है.

India International Science Festival (IISF) :-

  • कोलकाता में 5 नवंबर को शुरू हो रहे चार दिवसीय भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करेंगे.
  • भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और विभागों तथा विज्ञान भारती (विभा) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किए जाने वाला यह वार्षिक महोत्सव आठ नवंबर तक चलेगा.
  • इस बार की थीम है – “RISEN India – Research, Innovation, and Science Empowering the Nation”.

National Institute of Ocean Technology (NIOT) :-

  • राष्ट्रीय समुद्र प्रौद्योगिकी संस्थान (NIOT) की स्थापना नवंबर 1993 में भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त सोसाइटी के रूप में की गई थी.
  • NIOT का प्रबंधन शासकीय परिषद द्वारा किया जाता है और निदेशक इस संस्थान के प्रमुख हैं.
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत रासप्रौसं को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय अनन्य क्षेत्र, जो भारत के भूमि क्षेत्र का लगभग दो-तिहाई हिस्सा है, के निर्जीव एवं सजीव संसाधन, के उपयोग से संबंधित विभिन्न प्रौद्योगिकी समस्याओं को सुलझाने के लिए विश्वसनीय देशी तकनीक विकसित करना है.

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