आणविक चुम्बकीय प्रतिध्वनि (Nuclear Magnetic Resonance) – NMR in Hindi

Sansar LochanScience Tech1 Comment

हैदराबाद के CSIR-भारतीय रसायन प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-Indian Institute of Chemical Technology – CSIR-IICT) ने पिछले दिनों घोषित किया कि उस संस्थान में उपलब्ध आणविक चुम्बकीय प्रतिध्वनि / नाभिकीय चुम्बकीय अनुनाद (Nuclear Magnetic Resonance – NMR) परीक्षण की सुविधा को अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US Food and Drug Administration – USFDA) ने निरीक्षण के उपरान्त “कोई टिपण्णी नहीं/ no observations” ऐसा मंतव्य दिया है अर्थात् उसे परीक्षण में उत्तीर्ण कर दिया है.

पृष्ठभूमि

इसी वर्ष अगस्त 21-22 को USFDA ने CSIR-IICT में स्थित NMR सुविधा का निरीक्षण किया था और पाया था कि वर्तमान वस्तु विनिर्माण प्रथा (Current Good Manufacturing Practice – CGMP) के अनुपालन के मामले में वह सुविधा ठीक-ठाक चल रही है. इसलिए USFDA ने उसका वर्गीकरण “कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई / “no action initiated (NAI)” श्रेणी में किया.

NMR क्या है?

NMR एक महत्त्वपूर्ण तकनीक है जिसके द्वारा औषधीय एवं अन्य रासायनिक अणुओं के संरचनात्मक स्वरूप का अनवीक्षण किया जाता है और उसका वर्गीकरण किया जाता है.

Nuclear Magnetic Resonance

इस तकनीक का उपयोग औषधि आदि की गुणवत्ता के नियंत्रण तथा साथ ही उसके नमूने के घटकों और उसकी शुद्धता का पता लगाने में होता है. इस प्रकार यह तकनीक आणविक संरचना को जानने की तकनीक है.

Nuclear Magnetic Resonance कैसे काम करता है?

  1. पहले नमूने को एक चुम्बकीय क्षेत्र में रखा जाता है और फिर NMR सिग्नल उत्पन्न किया जाता है. इसके लिए नमूने पर रेडियो तरंग छोड़े जाते हैं और आणविक चुम्बकीय प्रतिध्वनि उत्पन्न की जाती है जिसका पता संवेदनशील रेडियो संग्राहकों से लगाया जाता है.
  2. सम्बंधित अणु के चारों ओर स्थित आंतरिक चुम्बकीय क्षेत्र प्रतिध्वनि की बारंबारता को परिवर्तित कर देता है और इस प्रकार उस अणु के और उसके अन्य स्वतंत्र सक्रिय समूहों की इलेक्ट्रॉनिक संरचना के विवरण उपलब्ध हो जाते हैं.
  3. अलग-अलग यौगिकों के क्षेत्र अपने-आप में अनूठे और स्वतंत्र लक्षणों वाले होते हैं. इसलिए आधुनिक जैव रसायन (modern organic chemistry) से सम्बंधित अध्ययन में NMR एक अत्यंत सटीक विधा है जिससे एक अणु वाले जैव यौगिकों की पहचान संभव हो जाती है.’

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One Comment on “आणविक चुम्बकीय प्रतिध्वनि (Nuclear Magnetic Resonance) – NMR in Hindi”

  1. I am very grateful to you sir for providing this information and notes to us. I will always be grateful to you.

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