ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के बारे में जानकारी

Sansar LochanEnvironment and Biodiversity, PollutionLeave a Comment

पिछले कुछ दिनों से दिल्‍ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के लगातार बढ़ते स्तर को देखते हुए अंतरिम उपाय के रूप में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने वायु प्रदूषण पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (Graded Response Action Plan – GRAP) के स्टेज-1 अंतर्गत उपायों को लागू करने की घोषणा की है। 

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management – CAQM) ने GRAP के संचालन के लिए एक उप-समिति का गठन किया है। ज्ञातव्य है कि नई दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता स्थिति बुधवार को “Poor” श्रेणी में बनी रही।

graded response action plan GrAP

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के विषय में

यह विशेषकर दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण के चिंताजनक स्तर से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा तैयार प्लान है।

इसके तहत प्रदूषण के प्रत्येक स्तर के लिए एक निश्चित प्रतिक्रिया निर्धारित की गई है, ये निम्न प्रकार है:

  • वायु गुणवत्ता Moderate to Poor (AQI: 201-300) होने पर सड़कों की सफाई, ईट के भट्टों, उद्योगों को निर्देश जारी किए जाते हैं।
  • Very Poor (AQI: 301-400) होने पर डीजल जनरेटरों पर रोक लगा दी जाती है, पार्किंग फ़ीस में बढ़ोतरी की जाती है तथा बस, पेट्रो की संख्या में वृद्धि की जाती है।
  • वायु गुणक्ता Severe (AQI: 401-450) हो जाने पर पत्थर तोड़ने वाले, ईटे भट्टों को बंद कर दिया जाता है तथा सडकों की नियमित सफाई की जाती है।
  • Severe to Emergency (AQI: 450 से अधिक) की स्थिति में दिल्ली में ट्रकों की एंट्री पर रोक लगा दी जाती है, निर्माण कार्यों को रोक दिया जाता है, ऑड-ईवन जैसे कार्यक्रम लागू कर दिए जाते हैं तथा स्कूलों में अवकाश की घोषणा की जाती है।

नए बदलाव

  1. इस वर्ष AQI को और अधिक बिगड़ने से रोकने के प्रयास स्टेज – 2, 3 और 4 से पहले ही पूर्वानुमानों के आधार पर लागू कर दिए जायेंगे.
  2. ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पुराने संस्करण को केवल PM 2.5 और PM10 की सांद्रता के आधार पर लागू किया जाता था। इस वर्ष, AQI के आधार पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) लागू किया जा रहा है, जो अन्य प्रदूषकों को भी ध्यान में रखता है, जैसे ओजोन, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड.
  3. जब AQI के ‘Severe’ श्रेणी में पहुंचने की संभावना हो, तो NCR क्षेत्रों में राज्य सरकारें BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर स्टेज -3 के तहत प्रतिबंध लगा सकती हैं।
  4. AQI के ‘Severe’ श्रेणी में पहुँचने पर, GRAP BS-VI वाहनों और आपातकालीन या आवश्यक सेवाओं के लिए चलने वालों को छोड़कर, दिल्‍ली की सीमा से लगे दिल्‍ली और NCR जिलों में चार पहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
  5. निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध (रेलवे, राष्ट्रीय सुरक्षा की परियोजनाओं, अस्पतालों, मेट्रो सेवाओं और राजमार्ग, सड़कों जैसी सार्वजनिक परियोजनाओं को छोड़कर) ‘Severe’ श्रेणी के तहत ही लगा दिया जाएगा, जबकि पहले निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध सिर्फ ‘Severe+’ श्रेणी में लागू किया जाता था।
  6. Severe+ श्रेणी के तहत, राज्य सरकारें अतिरिक्त आपातकालीन उपायों पर विचार कर सकती हैं, जैसे- स्कूलों को बंद करना, वाहनों को ऑड-ईवन आधार पर चलाना, और सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी कार्यालयों को 50% की ताकत पर काम करने की अनुमति देने तथा शेष से वर्क फ्रॉम होम करवाने का निर्णय लेना।
  7. संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) में जनता द्वारा पालन के लिए उपायों का एक सेट भी है – “Poor” श्रेणी में वाहन के इंजनों को ट्यून रखना, पीयूसी प्रमाणपत्रों को अपडेट करना सुनिश्चित करना और लाल बत्ती पर वाहन के इंजन को बंद करना शामिल है।
  8. ‘Severe’ श्रेणी के तहत, यह सुझाव दिया जाता है कि नागरिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और अपने ऑटोमोबाइल में एयर फिल्टर को बदलें। ‘Severe+’ श्रेणी के तहत, यदि संभव हो तो वर्क फ्रॉम होम की सिफारिश की जाती है, और हीटिंग के लिए कोयले और लकड़ी का उपयोग नहीं किया जाता है।
  9. ‘Severe+’ श्रेणी के तहत, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) पुरानी बीमारियों वाले लोगों और बच्चों और बुजुर्गों को बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह देता है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के बारे में

  1. इसकी स्थापना पिछले वर्ष ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन हेतु आयोग अध्यादेश’ 2020 के तहत की गई थी।
  2. यह एक स्थायी निकाय है और इसमें 20 से अधिक सदस्य होते हैं। अध्यक्षता भारत सरकार के सचिव अथवा राज्य सरकार के मुख्य सचिव के रैंक के अधिकारी द्वारा की जाती है।
  3. यह केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे निकायों का अधिक्रमण (Supersede) करता है।
  4. इस आयोग का वायु प्रदूषण से संबंधित मामलों में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के क्षेत्रों सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) पर विशेष अधिकार क्षेत्र है, तथा यह संबंधित राज्य सरकारों तथा CPCB, IMD और ISRO के साथ कार्य करता है।

Tags: ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP), UPSC notes.

Click here for Enviornment Notes in Hindi

Read them too :
[related_posts_by_tax]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.