वैश्विक स्‍वच्‍छ ऊर्जा कार्रवाई मंच 2022

Sansar LochanEnvironment and Biodiversity, PollutionLeave a Comment

हाल ही में भारत वैश्विक स्‍वच्‍छ ऊर्जा कार्रवाई मंच 2022 (Global Clean Energy Action Forum) में भाग लिया. यह संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा आयोजित 13वें स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (Clean Energy Ministerial – CEM) और 7वें मिशन इनोवेशन मंत्रिस्तरीय (Mission Innovation Ministerial) का संयुक्त आयोजन है।

स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (CEM13) और मिशन इनोवेशन (MI-7) का संयुक्त आयोजन अमेरिकी ऊर्जा विभाग और कार्नेगी मेलन विश्वविद्यालय द्वारा किया गया था।

CEM13/MI-7 की थीम रैपिड इनोवेशन एंड डिप्लॉयमेंट है ।

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वैश्विक स्‍वच्‍छ ऊर्जा कार्रवाई मंच 2022

  • ग्लोबल क्लीन एनर्जी एक्शन फोरम 21 से 23 सितंबर तक अमेरिका के पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में आयोजित किया गया था।
  • स्वच्छ ऊर्जा नवाचार के विषय में चर्चा करने के लिए 30 से अधिक देशों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। 

स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (सीईएम) 

  • यह स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी से सम्बंधित नीतियों और कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए एक उच्च स्तरीय वैश्विक मंच है. 
  • CEM स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने में तेजी लाने के लिए दुनिया के सबसे बड़े और अग्रणी देशों, कंपनियों और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के एक समुदाय को एक साथ लाता है।

मिशन नवाचार मंत्रिस्तरीय

  • मिशन इनोवेशन (एमआई) एक वैश्विक पहल है जो स्वच्छ ऊर्जा को सभी के लिए सस्ती, आकर्षक और सुलभ बनाने का प्रयास करता है. इसके लिए अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में नवाचार व निवेश को उत्प्रेरित किया जाता है।
  • यह पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति को गति देगा और नेट जीरो उत्सर्जनतक पहुँचने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
  • MI में कुल 23 देश सदस्य हैं और यूरोपीय आयोग (यूरोपीय संघ की ओर से) भी सम्मिलित है।

👉नोट: भारत 2023 में स्वच्छ ऊर्जा मंत्रिस्तरीय (सीईएम) के 14वें संस्करण की मेजबानी करेगा।

कार्बन न्यूट्रैलिटी (कार्बन तटस्थता)

  • कार्बन न्यूट्रैलिटी या नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का तात्पर्य है कि जितनी कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जित की जाएगी, उतनी ही कार्बन डाईऑक्साइड वातावरण से हटाई जाएगी.
  • इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अर्थव्यवस्था के हर महत्त्वपूर्ण क्षेत्र को इको फ्रेंडली बनाना होता है.
  • विभिन्न देशों को अपनी अर्थव्यवस्था को प्रदूषण फैलाने वाले कोयले और गैस व तेल से चलने वाले बिजली स्टेशनों की जगह, पवन या सौर ऊर्जा फार्म जैसे अक्षय ऊर्जा स्रोतों के ज़रिये सशक्त करना होता है.

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