बार-बार मिली असफलता से मैं अपने जीवन से हार गई हूँ. क्या करूँ? [Comment of the Week]

Sansar LochanComment of the Week, Success Mantra20 Comments

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हमारे वेबसाइट की पाठिका रागिनी अग्रवाल ने कुछ दिन पहले मेरे ब्लॉग पर कमेंट किया जो मेरे दिल को छू गया. इसलिए उस कमेंट को मैंने Comment of the Week के लिए चुना. कमेंट कुछ इस तरह था –

सर, मेरा बचपन से IAS बनने का मन था. पर घर में बिल्कुल विपरीत परिस्थिति है. रोज-रोज के झगड़े-कलह से मेरा पढ़ाई से ध्यान भटक जाता है. फिर भी मैं किसी तरह से समय निकाल ही लेती हूँ. पर अन्दर से उत्साह की बहुत कमी हो जाती है. कभी-कभी लगता है कि सब छोड़-छाड़ दूँ. इस नरक जैसे माहौल को स्वर्ग कैसे बनाऊं? क्या यह संभव है? कृपया मेरी मदद करें.”

जिसने भी यह कमेंट किया है, उनकी परिस्थिति को  मैं भली-भाँति समझ सकता हूँ. रागिनी जी और आप सभी को मैं दो कहानियाँ सुनाना चाहूँगा. पुरानी बात है. गिरजाघर के पादरी को स्वर्ग के दूत लेने के लिए पधारे. दूत ने कहा कि पादरी जी, अब आपका समय पूरा हो गया है. आपको हमारे साथ चलना है. बेचारे पादरी साहब क्या करते? स्वर्ग के दूत के साथ चल पड़े. आखिर वे एक ऐसी जगह पहुँचे जहाँ की हवा सुहावनी थी. जल निर्मल था और वातावरण सुगंधमय था. पादरी ने पूछा, यह कौन-सा स्थान है? दूत ने कहा, यह स्वर्ग है. पादरी ने कहा, मेरा एक मित्र है विलियम. वह भी शायद स्वर्ग में ही होगा, क्या मैं उससे मिल सकता हूँ? दूत ने कहा, क्या वह भी कोई पादरी था? पादरी महाशय ने उत्तर दिया “नहीं, वह तो पूरी तरह से नास्तिक था. जैसे वह भगवान् लेने का नाम जानता ही नहीं था.”

“अच्छा-अच्छा, तो आप थॉमस विलियम की बात कर रहे हैं?”

“हाँ-हाँ. वही. थॉमस विलियम!” क्या आप उसे जानते हो? क्या आप मुझे उससे मिलवा सकते हो?

“लेकिन वह तो इस समय नरक में है.” दूत ने कहा. यह सुनकर पादरी का चेहरा उतर गया. पादरी बोले – “मैं उससे पहले ही कहा करता था. लेकिन उसने कभी मेरी बात मानी ही नहीं. आखिर उसे नरक में ही जाना पड़ा.” लेकिन मैं क्या उससे मिल सकता हूँ? हो सकता है नरक में रहते हुए वह मेरी बात समझ जाते. दूत पादरी को नरक में ले गया. वहाँ बड़ी बदबू थी और अँधेरा था. नरक की पाँच सीढ़ियाँ उतरने के बाद अचानक उन्हें खुशबू आई. पाँचवी मंजिल बड़ी ख़ूबसूरत थी. वहाँ के रहने वाले फूलों के हार पहने नाच रहे थे. एकाएक पादरी साहब चिल्लाए “विली, विली, तुमने मुझे पहचाना? मैं पादरी जॉसेफ!” और उन्होंने विली को गले से लगा लिया. पादरी ने कहा, विलियम मुझे तुम्हारे लिए बहुत दुःख है कि नरक में तुम कष्ट उठा रहे हो. विलियम हँस कर बोला, कष्ट? कैसा कष्ट? मेरे चारों ओर तो आनंद ही आनंद है. इस जगह का नाम नरक है तो क्या हुआ? तुम्हारे स्वर्ग से तो अच्छी है. मैं जब यहाँ आया था तो यहाँ के रहने वाले सब लोग काहिल थे, आलसी थे. लेकिन मैं काहिल नहीं था. मैंने इन्हें उठाया, समझाया और फिर फावड़े और कुदाली लेकर, बंजर जमीन को खोदना शुरू किया. उसमें फूलों के बीज डाले और चारों तरफ फूलों की वाटिका बनाई. पादरी साहब, मैं अपने पर भरोसा रखकर अपने हाथों से काम करना चाहता हूँ. जो काम करना जानते हैं वो नरक को भी स्वर्ग बना लेते हैं.

जीवन में श्रम करने से कभी घबराना नहीं चाहिए. जो लोग किसी काम को करने से पहले ही यह मान लेते हैं कि मैं इसे नहीं कर पाऊँगा, वे सफलता की मंजिल से हमेशा दूर रहते हैं. दरअसल इस तरह की सोच वाले व्यक्ति वे होते हैं, जिनका आत्मविश्वास कमजोर होता है. यदि हमारा आत्मविश्वास सुदृढ़ है तो हम बड़े साहस के साथ किसी काम को उठा लेते हैं और उसे पूरा करके ही छोड़ते हैं.

एक और कहानी आपको सुनाता हूँ.

एक बार एक आदमी कहीं जा रहा था. उसने एक गधे से पूछा, “जीवन क्या है?” गधा बोला, “हरी हरी घास चरना और उसमें लोट लगाना ही जीवन है.” वह व्यक्ति आगे बढ़ा और उसने एक भिखारी को देखा. वह भिखारी के पास गया और उसे पूछा, “जीवन क्या है?” भिखारी ने कहा, “बिना श्रम किए अच्छा माल उड़ाने को मिल जाए यही जीवन का असली आनंद है.” वह व्यक्ति अभी कुछ और आगे को चला तो उसे खेत पर काम करता एक किसान मिला. उस व्यक्ति ने किसान से पूछा, “जीवन क्या है?” किसान ने उसकी बात को अनसुना कर दिया, और अपना काम करता रहा. उस व्यक्ति ने किसान के और भी नजदीक जा कर फिर से पूछा, “जीवन क्या है?” किसान ने फावड़ा एक ओर रखा और चिढ़ कर बोला, तुम्हारे पास कोई काम नहीं है क्या? वह व्यक्ति मुंह लटकाए चला गया.

दरअसल, जीवन का अर्थ ही काम है, श्रम है, गति है. जिन्होंने इस रहस्य को नहीं समझा है वे जीवन की सार्थकता को नहीं समझ पाते. जीवन में सफलता और असफलता दोनों का हमें सामना करना पड़ता है. असफलता मिलने का अर्थ यह नहीं है कि हम निराश होकर बैठ जाएँ और दूसरे किसी काम को शुरू करने के पहले ही यह मान लें कि हमें सफलता नहीं मिलेगी. किसी भी समय और किसी भी कार्य में हमें प्रतिस्पर्द्धा (competition) का सामना करता पड़ता है. किसी भी प्रतिस्पर्धा में उसका परिणाम (result) हार या जीत होता है. हार का अर्थ है कि हम में कहीं न कहीं कुछ कमी है. जब हम हारते हैं, असफल होते हैं तो हमें अपनी कमियों को जानने की कोशिश करनी चाहिए. हमें अपनी कमियों पर व्यापक ढंग से सोच विचार करना चाहिए. अपनी कमियों को इस प्रकार खोजने को ही तो अंतर्दृष्टि कहते हैं और अंतर्दृष्टि में हम अपनी गलतियों को सूक्ष्मदर्शी यंत्र की तरह देखने का प्रयत्न करते हैं. यदि हम ऐसा नहीं करते तो हम असफलता के कारणों को नहीं जान पाते. जो लोग सदैव अपनी कमियों को नजरअंदाज करके औरों के दोषों को निहार कर प्रसन्न होते हैं वे कभी न तो अपनी कमियों को जान पाते हैं, और न ही सफलता की मंजिल पहुँच पाते हैं.

यदि आप भी कुछ ऐसा कमेंट करते हैं जो मेरे दिल को छू जाये तो आपके कमेंट को भी हमारे ब्लॉग में जोड़ा जाएगा. Click to read the section >> Comment of The Week

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20 Comments on “बार-बार मिली असफलता से मैं अपने जीवन से हार गई हूँ. क्या करूँ? [Comment of the Week]”

  1. नमस्ते sir..
    Mera naam kundan kumar hai.mai B.A part-2 ka student hoon. Sir meri age 21 ho raha h.Mai garib family se hoon. Mai ias banna cahata hoon aur mujhe history, geography, political science padhne me bahut man lagta hai.par mai english aur math me kamjoor hoon… Mai jab v upsc se relative subject padhta hoon mere bade bhaiya muje force karte h ki bank ka tyari karo.. Kyuki mere bhaiya v banking ka tyari kar raha h.. Isi liye jaldi job lena cahhte hai. Aur ghar ki halat v bahut kharab hai.. To ghar wale v force karte h ki banking ka tyari karo aur jaldi job loo.. Par mujhe banking me man nahi lagta mujhe sirf upsc ki oor hi man lagta hai…aur ghar wale bolte h ki chotta job le lo phir ias exam crack karna.. Mai kya karoon mujhe kuch smhaj nahi aaa raha please sahi marg darshaan dikhaye…. Sir/ maddam…
    Thank u

    1. बहुत बार घरेलू दबाव में आकर लोग गलत निर्णय ले लेते हैं. विवेक से काम लें. वैसे हर मार्ग खोलकर रखना कोई गलत कार्य नहीं है. सिर्फ UPSC- UPSC की रट लगाना कोई बहादुरी नहीं है क्योंकि जमाना बहुत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और कम्पटीशन high है. इसलिए सभी मार्ग को खोल कर रखें. हाँ यदि आपको लगता है कि आपका मैथ्स कमजोर है, आपसे reasoning बिल्कुल नहीं हो पायेगा…तो मेरे अनुसार आपको बैंकिंग या कोई भी math-based परीक्षा का सोचना भी नहीं चाहिए क्योंकि जितनी कड़ी मेहनत आप अपने maths को सुधारने में करोगे …उतनी ही मेहनत आप यदि आप अपने मजबूत पक्ष में दोगे तो आपको मीठा फल मिलेगा.

  2. नमस्ते sir..
    Mera naam kundan kumar hai.mai B.A part-2 ka student hoon. Sir meri age 21 ho raha h.Mai garib family se hoon. Mai ias banna cahata hoon aur mujhe history, geography, political science padhne me bahut man lagta hai.par mai english aur math me kamjoor hoon… Mai jab v upsc se relative subject padhta hoon mere bade bhaiya muje force karte h ki bank ka tyari karo.. Kyuki mere bhaiya v banking ka tyari kar raha h.kyuki banking 6 ya 12 month me ache se padh kar job le sakte h par ias ke liye long time tyari karni hogi jiske liye hum logo ke paas utna rupyaa v nahi h. Isi liye jaldi job lena cahhte hai. Aur ghar ki halat v bahut kharab hai.. To ghar wale v force karte h ki banking ka tyari karo aur jaldi job loo.. Par mujhe banking me man nahi lagta mujhe sirf upsc ki oor hi man lagta hai…aur ghar wale bolte h ki chotta job le lo phir ias exam crack karna.. Mai kya karoon mujhe kuch smhaj nahi aaa raha please sahi marg darshaan dikhaye…. Sir/ maddam…
    Thank u

  3. Sir mai jharkhand me rehta hu to kya mujhe UPSC syllabus se tyari karni chahiye ya mere liye koi syllabus bhi hai jaise UP walo ke liye UPPSC hai

    1. UPSC एक स्टेट परीक्षा नहीं है. यह Union परीक्षा है. इसलिए इसका सिलेबस पूरे देश के राज्यों के लिए समान है.

    2. sir may ba 1 year ki student hu mera age 18 h

      mai ias bnna chahti hu sir mai 1bsc ek year kr chuki hu afsos hm 49 prsentej pakr bhi fail ho gye . meri ye asphlta hme todh di h sir

  4. Sir mai jharkhand me rehta hu to mujhe UPSC syllabus se padna chahiye ya mere liye bhi alag syllabus hoga

    1. यदि आप UPSC की परीक्षा देने जा रहे हो तो सभी राज्य के लिए UPSC का सिलेबस एक ही है.

  5. Ragini Ji! Same condition here. I still appreciate your enthusiasm. Meri Family me bhi isi tarah ka maahol h , being just married ek nayi responsibility bhi hai. Main ek private MNC me job karta hu, but sapna mera IAS banne ka hai. mujhe jitna bhi time bilta hai main padne ki koshish karta hu…
    10-11 hours ki job 1-2 hour ka travel, family ko time dena weekend par, itne busy schedule me bhi main chahta hi IAS banu, IAS nhi to kch to acha ban hi jaau.. private field ki job se mujhe bhi satisfaction nahi h.
    Ek baat jarur hai…Last but not the least..
    Sab kuch chhod dene se kya hoga… kuch nahi naa , kuch na kuch to karna hi hoga..
    to prayaas karte rehte hain kabhi to success honge…

    “jahan chaah wahan raah” hoti hai

  6. Inspirative miss Ragnee di aap to kamal ka pushp ho gyi hain , kamal ka pushp bhagwaan ke kitne krib hota hai aap smjh hi skti hain.

  7. मै IAS banana chahta hu sir meri age 21 hai abhi abhi mera bsc complete hua hai .
    mai kitna bhi tyar karu sir mujhe 60 % hi tyar rah jata hai jiski wajah se mai bhut pareshan hu plz sir kuch salah de jisse mai apni apne sapno ko naya aayaam de saku.

    1. सिविल सेवा परीक्षा के लिए डेढ़ साल की तैयारी अति-आवश्यक है. आपका 60% तभी 100% बनेगा जब आप पूरे डेढ़ साल तक तैयारी करोगे. कम समय में अचानक ढेर सारी तैयारी करने पर सिलेबस ख़त्म करना मुश्किल हो जाता है. थोड़ा-थोडा ही पढ़ें पर रोज पढ़ें.

  8. Sir,
    Mai 12th me hu aur mai I.A.S ka tyari krna chahta hu aur mai sub me pcm liya hu physic chemistry math aur mujhe kon se sub pe focus krna hoga bataye sir

    1. ज्यादातर ऐसा देखा जाता है कि PCM वाले General Studies में कमजोर होते हैं, आपके बारे में मुझे पता नहीं. पर फिर भी आप सामान्य अध्ययन को मजबूत करें और NCERT की किताबें पढ़ें – इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र की …

  9. Sir me apne ghar me jb padhti hu then my brother and sister starts to pull my leg they said kitna padhti hai but actually mujhe nhi lgta ki me uss tarike se padhti hu actually ye mujhe encourage nhi krte ki ye kuchh nhi hai or mehnat karni paregi

  10. RAS के लिए एक साल selfstudy के लिए
    RAS silavous के बारे मे
    Books name बताए

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