चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की भूमिका और कार्य

Sansar LochanDefenceLeave a Comment

सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में नियुक्त किया. ज्ञातव्य है कि जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ थे। उन्होंने 1 जनवरी 2020 को पदभार ग्रहण किया था। उन्हें दिसंबर 2022 तक तीन साल का कार्यकाल देना था परन्तु दुर्भाग्य से, जनरल रावत की दिसंबर 2021 में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई। 

chief of defence staff cds

सीडीएस की अनुपस्थिति में, एक अस्थायी अध्यक्ष चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी की नियुक्ति की जा सकती है। 15 दिसंबर 2021 को, 8 दिसंबर को एक विमान दुर्घटना में तत्कालीन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद, जनरल मनोज मुकुंद नरवाने को अध्यक्ष COSC नियुक्त किया गया था। वह 30 अप्रैल 2022 को अपनी सेवानिवृत्ति तक पद पर बने रहे, जिसके बाद यह पद रिक्त हो गया। चार महीने के बाद, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को 28 सितंबर को सीडीएस और स्थायी अध्यक्ष, सीओएससी नियुक्त किया गया।

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान का परिचय

  1. 18 मई 1961 को जन्मे लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में कमीशन दिया गया था।
  2. वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला और भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून के पूर्व छात्र हैं।
  3. मेजर जनरल के रैंक में, इन्होंने उत्तरी कमान में बारामुला सेक्टर में एक इन्फैंट्री डिवीजन की कमान संभाली थी।
  4. बाद में लेफ्टिनेंट जनरल के रूप में, उन्होंने उत्तर-पूर्व में एक कोर की कमान संभाली और बाद में सितंबर 2019 से पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ बने और 31 मई 2021 को सेवानिवृत्त हो गए।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अथवा रक्षा प्रमुख का पद क्या होता है?

  • रक्षा प्रमुख का पद सेना का वह सबसे ऊँचा पद होता है जिस पर कार्यरत सैनिक अधिकारी सेना के तीनों अंगों का पर्यवेक्षण करता है और उनके कार्यकलाप का समन्वयन करता है.
  • यह सरकार को सैन्य मामलों में सलाह देने के लिए एकल बिंदु सैन्य सलाहकार है।
  • ज्ञातव्य है कि इस पद को सुशोभित करने वाले एक चार तारों (four-star) वाले जनरल होते हैं जो तीनों सेनाध्यक्षों से ऊपर होते हैं।
  • यह तीनों सेनाओं की दीर्घकालिक योजनाओं, प्रशिक्षण प्रणाली और प्रोक्योरमेंट आदि में एकरूपता स्थापित करता है.
  • CDS की नियुक्ति प्रधानमंत्री करते हैं, तथा इस पद पर रहने की आयु सीमा 65 वर्ष होती है।
  • सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी सरकारी पद को धारण करने का पात्र नहीं होता, साथ ही सेवानिवृत्ति के 5 वर्षों बाद तक बिना पूर्व अनुमोदन के किसी भी निजी रोज़गार की अनुमति भी नहीं होती है।

नियुक्ति से जुड़ी शर्तें

  • एक बार CDS नियुक्त हो जाने के पश्चात् वह जनरल सरकार का कोई भी पद धारण नहीं करेगा.
  • वह निजी नौकरी पकड़ सकता है, परन्तु इसके लिए उसे पद छोड़ने के पश्चात् पाँच वर्षों का समय बिताना होगा और नई आजीविका के लिए पूर्व अनुमति लेनी पड़ेगी.

रक्षा प्रमुख की भूमिका और कार्य

रक्षा प्रमुख दीर्घकालिक रक्षा योजना एवं प्रबंधन के विषय में देश की कार्यपालिका को परामर्श देता है. वह कार्यबल, उपस्करों (equipment), रणनीति और संयुक्त सैन्य कार्रवाई पर अपनी सलाह सीधे कार्यकारी प्रमुख अर्थात् प्रधानमन्त्री अथवा राष्ट्रपति आदि को देता है.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पद जब नहीं था तो उससे पहले क्या स्थिति थी?

भारत में रक्षा प्रमुख का कोई पद नहीं था. इसके स्थान पर अध्यक्ष, रक्षा समिति (Chiefs of Staff Committee – CoSC) की व्यवस्था थी. परन्तु इसकी शक्तियाँ नगण्य थीं.

तीनों सेना प्रमुखों में से जो वरिष्ठतम होते हैं उनकी नियुक्ति CDS के रूप में की जाती है. यह नियुक्ति चुने गये अध्यक्ष की सेवा निवृत्ति के साथ-साथ समाप्त हो जाती है.

CDS के पहले क्या व्यवस्था थी?

  • CoSC की व्यवस्था असंतोषजनक मानी गई है क्योंकि इसके अध्यक्ष का पद मात्र आलंकारिक पद है.
  • यह व्यवस्था तीनों सेनाओं को एकात्म बनाने में असफल रही है जिस कारण कुशलता का अभाव देखा गया है और साथ ही महँगी परिसंपत्तियों का दुबारा क्रय भी हुआ है.
  • वस्तुतः CoSC प्रणाली औपनिवेशिक युग की एक विरासत है जिसमें इतने वर्षों में थोड़े-बहुत ही परिवर्तन हुए हैं.
  • समीक्षकों का कहना है कि ऐसा इसलिए हुआ है कि राजनैतिक वर्ग को यह भय है कि यदि रक्षा प्रमुख को सशक्त बनाया गया तो उनके वर्चस्व को आघात पहुँच सकता है.

जब CDS का पद लाया जा रहा था तो इसका भी जमकर विपक्षी पार्टियों द्वारा विरोध किया गया था और ये तर्क गए थे – 

CDS के विरुद्ध तर्क

  • CDS के विषय में अभी तक कोई स्पष्ट कार्ययोजना नहीं बनाई गई है.
  • देश की राजनीतिक व्यवस्था रक्षा विषयों के प्रति उदासीन है, अतः यह CDS की कार्यकुशलता सुनिश्चित कर पाएगी यह संदेहास्पद है.
  • सेना स्वभाव से ही परिवर्तन विरोधी होती है.
  • यदि दूरदृष्टि और समझ के साथ काम नहीं किया गया तो सम्भव है कि CDS एक आलंकारिक पद ही रह जाएगा.

वर्ष 2019 में “सैन्य मामलों के विभाग” (Department of Military Affairs – DMA) को रक्षा मंत्रालय में 5वें विभाग के रूप में गठित किया गया था. इसके सचिव “चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ” होते हैं. वर्तमान में रक्षा सचिव की अध्यक्षता वाले रक्षा विभाग (Department of Defence – DoD) एवं DMA में भूमिकाओं और जिम्मेदारियों का ओवरलैप हो रहा है, सरकार इस प्रणाली में सुधार करने पर विचार कर रही है।

Bullet Points

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)

दर्जा चार सितारा अधिकारी
सदस्य
  • चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी
  • राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद
  • रक्षा अधिग्रहण परिषद
  • रक्षा योजना समिति
  • परमाणु कमान प्राधिकरण
  • रक्षा साइबर एजेंसी
  • रक्षा अंतरिक्ष एजेंसी
रिपोर्ट किन्हें करते हैं? रक्षा मंत्रालय
निवास स्थान कहाँ है? नई दिल्ली
नियुक्त मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति
कार्यालय की अवधि 65 वर्ष की आयु तक तीन वर्ष; इनमें से जो भी पहले आता हो
पहले यह काम कौन देखता था? चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष
गठन 24 दिसंबर 2019
पहले पद धारक जनरल बिपिन रावत

Tags: Chief of Defence Staff, Nuclear Command Authority, Department of Military Affairs, IAS, UPSC. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी, डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स, आईएएस, यूपीएससी.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, भारत पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Read them too :
[related_posts_by_tax]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.