सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना | Central Vista Redevelopment Project in Hindi

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नरेंद्र मोदी ने 8 सितंबर को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना (Central Vista Project) के अंतर्गत विकसित “Central Vista Avenue” का उद्घाटन किया। इस दौरान सरकार ने एवेन्यू में शामिल “राज पथ” का भी नाम बदलकर “कर्तव्य पथ” कर दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण भी किया।

शापूर जी पलोनजी समूह (जिसकी स्थापना साइरस मिस्त्री, जिनकी हाल ही में एक कार दुर्घटना में मृत्यु हो गई, उनके पिताजी ने की थी) ने लगभग 477 करोड़ की अनुमानित लागत से “सेंट्रल विस्टा एवेन्यू” का कायाकल्प किया है। 

central vista small pic

सेंट्रल विस्टा के बारे में जानकारी

  1. सेंट्रल विस्टा नई दिल्‍ली में स्थित भारत का केंद्रीय प्रशासनिक क्षेत्र है।
  2. औपनिवेशिक युग के दौरान, प्रमुख ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने सेंट्रल विस्टा कॉम्प्लेक्स को डिजाइन किया था।
  3. इसका उद्धाटन 1931 में हुआ था और इसमें राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक और रिकॉर्ड कार्यालय (जिसे बाद में राष्ट्रीय अभिलेखागार के रूप में नामित किया गया था),  इंडिया गेट स्मारक और राजपथ के दोनों ओर नागरिक उद्यान शामिल थे.

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना क्या है?

  1. सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना की कल्पना सितम्बर 2019 में की गई थी. इस पूरे प्रोजेक्ट को आगामी 6 वर्षों तक पूरा किया जाना था.
  2. आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (MoHUA) सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का प्रस्तावक है.
  3. महत्त्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुरर्विकास परियोजना, राष्ट्रपति भवन से इंडिया गेट तक लुटियंस दिल्ली में तीन किलोमीटर तक विस्तृत है।
  4. परियोजना में नया त्रिकोणीय संसद भवन, संसद सदस्यों के लिए कक्ष, सेंट्रल विस्टा एवेन्यू, सामान्य केंद्रीय सचिवालय के 10 भवन, केंद्रीय सम्मेलन केंद्र, राष्ट्रीय अभिलेखागार के लिए अतिरिक्त भवन, कला भवन के लिए नया इंदिरा गांधी राष्ट्रीय केंद्र शामिल है।
  5. सुरक्षा अधिकारियों के लिए सुविधाएं और उपराष्ट्रपति, प्रधान मंत्री के लिए आधिकारिक आवास, प्रधान मंत्री कार्यालय के साथ कार्यकारी एन्क्लेव, कैबिनेट सचिवालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय, उत्तर और दक्षिण ब्लॉक में राष्ट्रीय संग्रहालय का स्थानांतरण आदि इस प्रोजेक्ट के हिस्सा हैं।
  6. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (Central Public Works Department, Government of India – CPWD) के अनुसार, नया संसद भवन, हाउस्त एस्टेट के प्लॉट नंबर 118 पर बन रहा है। यह अक्टूबर 2022 तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जायेगा।
  7. केन्द्रीय सचिवालय के 10 भवनों का निर्माण वर्ष 2024 तक पूरा होगा. वर्तमान नोर्थ और साउथ ब्लॉक को संग्रहालयों में बदल दिया जाएगा।
  8. सरकार के अनुसार इस परियोजना से CPWD को दिए जाने वाले 1,000 करोड़ के किराये की बचत होगी, साथ ही इसे औपनिवेशिक शासन की निशानियों से भारत के कार्यकारी और विधायी संस्थानों को छुटकारा दिलाने के प्रयास्त के रूप में भी देखा जा रहा है।

इस परियोजना से जुड़े रोचक तथ्य

  1. इस बिल्डिंग को बनाने के लिए राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा से बलुआ पत्थर और जैसलमेर के लाखा गाँव के ग्रेनाइट पत्थर का उपयोग किया गया है.
  2. लकड़ी नागपुर से खरीदी गई है और लकड़ी की वास्तुकला की जिम्मेदारी मुंबई, महाराष्ट्र के कारीगरों और शिल्पकारों को सौंपी गई थी.
  3. नए संसद भवन में भदोही, उत्तर प्रदेश से हाथ से बुने हुए कालीन होंगे. विदित हो कि भदोही को ‘कालीन शहर’ भी कहते हैं.

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